UPDATE – 73
आंटी दीदी को चूमते हुए बोली: बता तो सही.. कैसे हुआ यह सब?
दीदी ने आंटी को सब कहानी बताई और आंटी दीदी के बदन से खेलती रही. हम्म्म तो तेरे हरामी भाई ने ही रिशू को मौका दिया तेरी सील खोलने का.
फिर दीदी के चेहरे को अपने दोनों हाथों में लेकर आंटी बोली- रश्मि… सच बताना…तू आज यहाँ मुझसे मिलने आई है या रिशू से.
दीदी- जी आंटी.. वो मैंने सोचा की जब सब सो जायेंगे तो मैं रिशू से….
आंटी आहिस्ता आहिस्ता दीदी की चूत को सहलाते हुए बोली: अरे पहले बोलना था न तो अब तक तेरा काम करवा देती. मुझसे बात मत छुपाया कर मेरी रानी….
दीदी: आंटी आपको इस बात पर कोई गुस्सा नहीं आया कि रिशू ने मेरे साथ सेक्स किया है और पहली बार तो लगभग जबरदस्ती ही किया था.
आंटी मुस्कुराई और दीदी के होंठों को चूम कर बोली: मेरी प्यारी रश्मि… रिशू न होता तो कोई और होता… चूत है तो चुदेगी भी… रिशू भी जवान लड़का है… मुझे क्यों ऐतराज़ होगा.
यह कहते हुए आंटी सरक़ कर दीदी की दोनों टाँगों के दरम्यान में आ गई और उनकी प्यारी सी चूत को चूमने लगी.
‘हायय.. रश्मि… दिल कर रहा है कि तेरी इस चूत को चूम-चूम कर लाल कर दूँ.. जिसमें पहली-पहली बार मेरे बेटे का लंड गया है और जिस चूत को रिशू ने फाड़ा है.. तुझे एक कुँवारी कली से खिलाकर फूल बना दिया है.’
आंटी बातें सुन कर दीदी गरम होने लगी और उनका चेहरा लाल होने लगा. उनकी चूत से हल्का-हल्का रसीला सा पानी टपकना शुरू हो गया.
आंटी ने अपनी ज़ुबान की नोक से दीदी की चूत से बह रहे रस को छुआ और फिर आंटी ने मजे से उसे चाट लिया. अब आंटी ने फिर से अपनी एक उंगली को आहिस्ता-आहिस्ता दीदी की चूत के अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया. उनकी उंगली दीदी की चूत के अन्दर उसके चिकने पानी की वजह से बहुत आराम से फिसल रही थी.

