Paap Punya – Update 57 | (Incest + Adultery) Story

Paap Punya - Incest Adultery Sex Story by Rashili Chut
Reading Mode

UPDATE – 57

मैंने न में सर हिला दिया. दीदी को अब जोर से

बोली तुम दोनों बहुत गंदे हो और

तुमने मुझे भी गन्दा कर दिया.

ये कहकर वो उठने की कोशिश करने लगी तो मनीष बोला

आओ मेरी जान. हम तुम्हें बाथरूम तक ले चलते हैं.

वहाँ हम अपने हाथों से तुम्हारी चूत को साफ करेंगे ओके..

फिर मनीष ने उनको गोद में ले लिया और

दीदी उसके साथ बाथरूम में चली गई.

 मैं भी उसके पीछे गया.

मनीष ने उनको शावर के नीचे बिठा दिया था

और उन पर पेशाब करने लगा.

रश्मि दीदी बोली क्या कर रहे हो मनीष.

तो उसने कहा तुम्हे नहला रहा हूँ.

मैंने कहा यार क्या कर रहे हो.

जल्दी से दीदी को साफ़ करो.

अभी तो कायदे से चोदना है दीदी को. दिल नहीं भरा.

तब मनीष ने शावर खोला और

दीदी को आराम से नीचे बैठा कर

 गर्म पानी से चूत साफ करने लगा.

दीदी: आह.. आराम से.. दुखता है..

 तुम लोगो के डंडे छोटे सही पर मोटे तो है.

कितनी बेदर्दी से मेरी छोटी सी चूत में घुसा

 दिए तुम दोनों ने. सूखी ले ली मेरी.

मनीष: अरे रश्मि.. तेरी चूत तो ऐसी थी कि

 उंगली जाने से भी दर्द करती.

अब लौड़ा गया है.. तो थोड़ा तो दु:खेगा ही..

र तुझे अबकी बार ज़्यादा मज़ा आएगा.. देख लेना..

अब उसको क्या पता की दीदी पता नहीं

कितना चुदवा चुकी है और वो भी रिशू के हलब्बी लंड से

और उसके अलावा किसी और

 से भी चुदवाया हो तो मुझे पता नहीं.

रश्मि दीदी ने भी हमारे लौड़े को पानी से साफ किया

 और प्यार से उसको सहलाने लग गई.

काफ़ी देर तक हम लोग एक-दूसरे को साफ करते रहे

और नहाते रहे. फिर हमारे लौड़े दुबारा खड़े हो गए थे.

 ये देख कर दीदी बोली तुम दोनों का मन भी नहीं भरा

और मेरा भी नहीं पर इस बार कुछ मेरा भी ख्याल रखना.

मनीष: अरे तेरी जवानी तो ऐसी है..

कि लंड अपने आप इसे सलामी देने लगता है.

पहली बार तो सब जल्दबाज़ी में हुआ तो ठीक से

मैं तुम्हारे इन रसीले होंठों का मज़ा नहीं ले पाया.

 इन कच्चे आमों का रस नहीं पी पाया..

अब सुकून से इनको चूस कर मज़ा लूँगा.

तेरी महकती चूत को चाट कर उसकी सूजन कम करूँगा.

मनीष की बातों से दीदी भी अब उत्तेज़ित होने लगी थी.

वो बोली तो मैंने भी कहाँ मज़ा लिया.

 चलो बेडरूम में चलो और मनीष ने फिर से

दीदी को गोद में उठाया और हम वापस बेडरूम में आ गए

बेडरूम में आते ही मनीष ने दीदी को पलंग पर लिटा दिया

और ६९ की पोजीशन में आकर

 उनकी चूत के होठों को कुरेदने लगा.

अब रश्मि दीदी के लिए भी खुद को संभालना मुश्किल हो

चला था और वो भी खुल कर चुदाई के मूड में आ गई

और मेरे लंड को चाटने लगी. उन्हें दिक्कत न हो तो

 मैं भी सर दूसरी तरफ करके लेट गया

 और मनीष को देखने लगा.

क्योंकि दीदी की चूत मनीष के मुंह के सामने थी

तो उसने पहले उसे चूमा और कुछ देर में ही उसने

उसे अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया.

शुरू-2 में तो वो सिर्फ अपनी जीभ की नोक को

 दीदी की चूत से छुआ रहा था लेकिन फिर

 उसने रश्मि दीदी की चूत से आने वाली खुशबू से

सुध-बुध खोकर दीदी की गुलाबी-इत्र सी महकती

हुई चूत को पूरी तरह से चाटना शुरू कर दिया

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply