UPDATE – 55
मुझे पता था की दीदी बहुत बड़ी चुद्दकड़ बन गयी है
पर फिर भी मुझे डर लग रहा था पर मनीष के
ऊपर तो दीदी की जवानी को पीने का नशा चढ़ा था
तो उसने आगे बढ़कर दीदी नाइटी को ऊपर खिसका दिया.
दीदी की संगमरमर जैसी सफ़ेद जांघे देख कर
मेरे लंड से जैसे पानी ही निकल गया.
दीदी ने गुलाबी रंग की फ्लावर प्रिंट की पैंटी पहिनी थी.
मनीष ने वही स्टडी टेबल पर राखी एक केंची उठाई
और दीदी की पैंटी को दोनों तरफ से धीरे धीरे काट दिया.
दीदी ने कोई हरकत नहीं की.
अब रश्मि दीदी की गुलाबी चूत हमारी आँखों के सामने थी.
दीदी की चूत को इतने पास से देख कर ऐ
सी कमरे में भी मेरा बदन गर्मी से जलने लगा.
रश्मि दीदी की चूत पाव रोटी की तरह फूली हुई थी
और उस पर बहुत हलके से काले बाल थे.
दीदी को शेव किये १-२ दिन ही हुए होंगे.
फिर मनीष ने धीरे से नाइटी को भी बीच से काट दिया.
दीदी ने वाइट कलर की ब्रा पहनी थी और
उनका चिकना पेट, नाभि, चूत अब हमारे सामने नंगा था.
अब मनीष से कण्ट्रोल नहीं हुआ और
उसने ब्रा के ऊपर से ही रश्मि दीदी की चूची को दबा दिया.
दीदी फ़ौरन जाग गयी और
अपनी हालत और हम दोनों को कमरे में देख कर शॉक हो गयी.
उन्होंने मनीष को धक्का दिया और
बेड से खड़ी को कर गुस्से से बोली की ये क्या कर रहे हो
तुम मनीष और मोनू तुम खड़े हो कर देख रहे हो
. मैं तुम्हारी बड़ी बेहेन हूँ.
मुझे समझ में नहीं आया की क्या कहू पर
तभी मनीष बोला रश्मि आज हम एक नया अटूट
रिश्ता बनायेगे जो की दुनिया का सबसे पुराना रिश्ता है.
आदमी और औरत के जिस्म का रिश्ता.
रश्मि: बकवास बंद करो और दोनों रूम से बाहर निकल जाओ.
मनीष: अब हम कहीं नहीं जायेंगे.
आज हमें कोई रोक नहीं सकता.
रश्मि: तुम चाहते क्या हो मनीष.
मनीष: तुम्हे चोदना चाहते है बेहना.
रश्मि: पागल हो गए हो क्या. अगर तुमने कुछ किया
तो कल मौसा जी से कहके तुम्हे घर से निकलवा दूँगी
और मोनू तुम कुछ तो करो क्या पुतले की तरह खड़े हो.
मनीष: कल तुम्हे जो करना है तुम करना
पर आज की रात हमारी है. और सुन मोनू
अब हम पीछे नहीं हट सकते.
जब हम इसको एक बार चुदाई का मज़ा देंगे
तब रोज खुद टांगे खोल कर हमें बुलाएगी.
चल पकड़ इसे जब तक मैं अपने कपडे उतारता हूँ.

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.