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UPDATE – 41

कुछ देर तक इसी तरह अपने जिस्म को

आईने में निहारने के बाद दीदी बाथरुम में चली गयी.

मुझे लगा की अब मैं घर से बाहर निकल जाता हूँ

पर बाथरुम में पहुंच कर दीदी ने दरवाजा ही बंद नहीं किया

और शावर चालू करके अपने शरीर की सफ़ाई करने लगी.

दोनों जिस्मों के गुत्थम गुत्था होने से पैदा होने वाला पसीना

और रिशू के वीर्य ने दीदी के शरीर को चिपचिपा बना दिया था

 और चुदाई के दौरान हुई कसरत ने उनको काफ़ी थका दिया था

. लेकिन पानी की बौछार शरीर में लगने से उन्हें काफ़ी राहत महसूस हुई

और ताजगी का अह्सास उसके शरीर में

नवीन उर्जा का संचार करने लगा.

लगभग १० मीनट तक नहाने के बाद

 रश्मि दीदी पूरी तरह ताजगी महसूस करने लगी

और अब उन्होंने शावर बंद किया और

तौलिया लपेटे नंगी ही वापस कमरे में आ गई.

अब दीदी को रिशू से शर्म जैसी कोई बात नहीं थी.

इधर रिशू भी लगभग हलकी नींद पूरी करने के बाद जाग चुका था

 और काफ़ी तरोतजा मह्सूस कर रहा था.

 उसने अपनी आंखे खोली और पलंग पर ही पड़ा रहा.

दीदी को बिस्तर पर ना पा कर उस्की निगाहें रश्मि को खोजने लगी.

 नहाने के कारण रश्मि दीदी के बदन में

 एक अलग ही चमक दिखाई दे रही थी और

 उसका गोरा बदन नंगा होने के वजह से और

भी मादक लग रहा था.

दीदी नहा कर कमरे में नंगी खड़ी थी

उसका एक पैर स्टूल पर था और

 दूसरा पैर जमीन था और वो अब अपने पैरों को पोछ रही थी.

 उसके बाल खुले हुए थे और

उसकी कमर तक लटक रहे थे.

अपनी खूबसूरत हसीना के चिकने नंगे बदन को देख कर

 रिशू के लंड़ में फ़िर हरकत होने लगी.

दीदी की बड़ी बड़ी नंगी गांड़, मोटी जांघ और

किसी पर्वत की तरह विशाल लटकते हुए स्तन को देख

 रिशू का लंड फ़िर अपने अकार में आने लगा और

 फ़िर से रश्मि की चूत में जाने के लिये मचलने लगा.

वो तुरंत हरकत में आता है और पलंग से खड़ा हो जाता है.

उसका लंड़ अब फ़िर से बूरी तरह से कड़क हो चुका था

और वो उसी अवस्था में रश्मि के पीछे जा कर खड़ा हो जाता है

और उसके बदन को पीछे से कामुक नजरों से घूरने लगता है.

दीदी इस बात से बेखबर थी की रिशू जाग चुका है

और उनके एकदम पिछे आ कर खड़ा है,

 वो अपनी ही धुन में थी और

पूरी तन्मयता से अपने नंगे बदन को पोछे जा रही थी.

 वो ये सोच रही थी की अब कपड़े पहनने चाहिए क्योंकि

कभी भी मोनू वापस आ सकता है

उसे क्या पता की उसका भाई उसकी ये धमाकेदार चुदाई लाइव देख चूका है

लेकिन रिशू तो सोचता है की दीदी को चोदने के लिए

उसे मेरी परमिशन थी इसी लिए उसे कोई भी जल्दी नहीं थी.

 उसे तो कुछ और ही मंजूर था.

कुछ क्षणों तक रश्मि दीदी के नंगे बदन को घूरने के बाद

 रिशू ने उनको पीछे से पकड़ लिया और

अपना लंड़ दीदी की नंगी गांड़ की दरारों मे जोर से दबा दिया

और उसने अपने दोनों हाथों को आगे कर के

फिर से दीदी की चून्चियो पर हमला बोल दिया.

अचानक इस तरह पकडे जाने से दीदी चौंक गयी.

 वो पीछे मुड़ कर देखने की कोशिश करती है

लेकिन रिशू ने उसे इतनी जोर से पिछे से भींच कर रखा था

 कि वो पलट नहीं पाती तो दीदी अपनी गर्दन थोड़ी

 उपर उठा कर पिछे खड़े रिशू की तरफ़ करके कहती है

“अरे ये क्या! छोड़ो मुझे, कभी भी मोनू वापस आ सकता है

और तुम हो कि फ़िर शुरु हो गये.

अभी मन नहीं भरा क्या? छोड़ो मुझे प्लीज.

रिशू जानता है की मैं कही छिपा हुआ सब देख रहा हूँ

इसीलिए उस पर दीदी की इन बातों का कोई असर नहीं हुआ

 और उसने दीदी को और भी जोर से को पकड़ लिया.

अब उसने दीदी की गांड पर अपने लंड़ का दबाव और

भी बढ़ा दिया और उनकी दोनों चून्चियो को और

भी ज्यादा जोरों से मसलने लगा फिर रिशू ने अपना लंड़

 धीरे धीरे दीदी की गांड़ मे उपर निचे रगड़ने शुरू कर दिया.

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