UPDATE – 40
रिशू मुझे जो सुनाना चाहता था वो सुना दिया.
अब वो दीदी को और परेशान नहीं करता
और उसको चूमने लगा.
दरअसल वो ये भी चाहता था कि तन के साथ
रश्मि दीदी उसके साथ मन से भी खुल जाय तो
उसे चोदने में और भी मजा आयेगा.
उसने फ़िर से अपने धक्के तेज कर दिए और
रश्मि की बुर में अपना लंड़ पेलने लगा.
कुछ देर तक रिशू का लंड़ अपनी बुर में लेने के बाद
अचानक दीदी जोर से रिशू को पकड़ लेती है
फ़िर एकदम से निढाल पड़ जाती है और
अपने दोनों हाथों को सर के उपर ले जा कर ढीला छोड़ देती है
और अपना सर एक तरफ़ लुड़का देती है.
वो तीसरी बार झड गयी थी पर
उसकी आंखो में आंसू की बुंदे टपक जाती है.
शायद आज मन भर के चुदने की अपनी इच्छा पूरी होने से
खुशी के मारे दीदी की आंखों से आंसू निकल आये.
रिशू भी दीदी को देख कर समझ जाता है की
अब ये झड़ चुकी है. कुछ ही क्षणों मे दीदी रिशू से कहने लगती है
प्लीज अब बस करो छोड़ दो मुझे.
पहली बार रिशू भी आधे घंटे में झड गया था
पर पहली बार दीदी को चोदने के बाद
जब वो किचेन में पानी पीने गया था तब
उसने सेक्स को बढ़ाने वाली गोली खा ली थी.
उसी गोली ने रिशू को शैतान बना दिया था
. रिशू का लंड दर्द होने लगा था पर वो
झड़ने का नाम नहीं ले रहा था और दीदी ३ बार झड चुकी थी.
रिशू ने दीदी को अनसुना करते हुआ
उनको जोर से भींच कर अपने धक्के तेज कर दिए
और दीदी को और तेजी से चोदने लगा.
दीदी को अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था.
उनमे अब दम नहीं बचा था बस वो
पड़े पड़े अआह ऊओह्हह्ह की आवाजे निकल रही थी.
करीब १० मिनट के बाद आखिर रिशू को लगा की
उसका लंड कभी भी वीर्य बाहर निकाल सकता है.
ये एहसास होते ही तुरंत उसने अपना लंड़ दीदी की
चूत से बाहर निकाल लिया और
लंड दीदी के मुह में डाल दिया.
दीदी ने न चाहते हुए भी उसका लंड अपने मुह में ले लिया
क्योंकि अब उनमे बोलने की ताकत भी नहीं बची थी.
रिशू ने दीदी के मुह में ही वीर्य की पिचकारी छोड़ दी.
पूरी तरह झड़ने के बाद रिशू ने अपना लंड दीदी के मुह से बाहर निकाला
. उसका लंड अभी भी पूरी तरह नहीं बैठा था.
उसका वीर्य पीकर दीदी का मुह खारा हो गया था.
उनको अजीब सा लग रहा था.
थोडा वीर्य दीदी के होठों से निकल कर
उनके गालो पर बह गया था.
रिशू ने मुस्कुराते हुए दीदी का हाथ पकड़ कर
अपना लंड़ उनके हाथ में रख दिया.
उसके लंड ने फिर एक झटका खाया.
फिर रिशू रश्मि दीदी के बगल में लेट गया
और उनके नंगे बदन से लिपट गया.
१५ मीनट तक दोनों उसी तरह से पलंग पर पड़े रहे.
शायद दोनो ही इस लंबी चुदाई के बाद बूरी तरह से थक चुके थे.
मुझे लगा की दीदी की पहली चुदाई तो यूँही थी
पर ये दूसरी चुदाई काफी धमाकेदार हुई और
इसमें दीदी भी काफी एन्जॉय कर रही थी.
पहली बार तो दीदी बेमन से चुदी थी पर
मर्द के कड़क लंड़ की ताकत का उन्हें इस बार
ही अहसास हुआ था और
शायद आज की इस चुदाई के बाद दीदी को
मर्द शब्द का अर्थ भी समझ में आ गया होगा.
१५-२० मीनट के बाद दीदी के शरीर में थोड़ी हरकत हुई
शायद उनके मुह में रिशू के वीर्य के स्वाद ने
उन्हें उठने पर मजबूर कर दिया.
वो थोड़ा खड़ी होने का प्रयास किया लेकिन
रिशू का दांयां पैर उनकी जांघो पर पड़ा हुआ था
और उसका एक हाथ में दीदी की चूंची थी
और रिशू ऐसे ही सो गया था.
दीदी ने पहले रिशू के हाथ को अपने स्तन से हटाया
और फ़िर उठ कर बैठ गई फ़िर उसने
उसकी जांघों को अपने उपर से हटाया
और पलंग से उठ खड़ी हुई.
रश्मि दीदी पूरी तरह से नंगी थी और
चुदाई के बाद बला की खूबसूरत लग रही थी.
बाहर की तरफ़ निकली हुई उसकी गोल गोल उभारों वाली उसकी गांड़
और बड़े बड़े विशाल स्तन उसे बेहद कामुक बना रहे थे.
वो वैसे ही नंगी चलती हुई बाथरुम की तरफ़ जाने लगी
. मैं फिर से सोफे के पीछे चला गया.
अचानक दीदी की नज़र ड्राइंग रूम के कोने में रखी ड़्रेसिंग टेबल पर पड़ी
और उसमें अपनी छाया देख कर दीदी रुक गयी.
दीदी शीशे के थोड़ा करीब गयी और
अपने नंगे जिस्म को निहारने लगी.
अपने नंगे जिस्म को देखते हुए कभी तो वो शर्मा जाती’
और कभी गौरव और अहंकार से उसका मन भर जाता
कि मेंरे इसी जिस्म को पाने के लिये
लोग इतना ललायित रहते है.
अपने जिस्म पर घमंड़ करना हर स्त्री का स्वभाव होता है
और उसे भोगने की इच्छा करना हर पुरुष का.
औरत इस बात से अन्जान होती है कि
आदमी का लक्ष्य तो औरत के जिस्म में बसी उसकी चूत होती है
फ़िर शरीर चाहे वो किसी रश्मि का हो या
किसी चारू, रुची या अमृता का.

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