UPDATE -25
मुठ मार कर मैं ड्राइंग रूम में आकर बैठ गया.
मैं सोचने लगा क्या सच में दीदी रिशू को सेक्स करने देंगी.
वो कई बार मुझसे बोल चुकी थी की
रिशू उन्हें ठीक लड़का नहीं लगता और
मैं उससे दोस्ती न रखू. वो तो रिशू को बिलकुल भाव नहीं देंगी
पर रिशू तो उन्हें चोदने के लिए मरा जा रहा है.
पर मैं भी तो कामिनी और रिक्की को चोदना चाहता हूँ.
जब मैं उसकी माँ चोदना चाहता हूँ तो
वो मेरी बहन चोदने की क्यों नहीं सोच सकता.
पर सोचने से क्या होता है
रश्मि दीदी कामिनी आंटी की तरह चालू नहीं है.
फिर मैं अपने बेड पर आकर लेट गया.
सामने दीदी सो रही थी.
मेरा मन इसी कशमकश में था की मैं क्या करू.
जब भी मैं दीदी और रिशू के बारे में सोचता
मेरे अन्दर एक सिहरन दौड़ जाती पर क्या दीदी रिशू का साथ देंगी.
मुझे याद आ गया सलमान,
जब मुझे लगा की दीदी चुदवा लेंगी
तब भी दीदी ने उसको कुछ करने नहीं दिया.
पर दीदी को दुसरे आदमी के साथ देखने से मेरे अन्दर जो फीलिंग आती थी
वो मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता.
फिर मुझे रिशू का लंड याद आ गया.
कितना बड़ा और मोटा.
जब उसका लंड सख्त होकर दीदी की कुवारी चूत का मंथन करेगा
तो कैसा लगेगा.
पर दीदी उसे हाथ नहीं रखने देगी.
ये ही सब सोचते सोचते मुझे कब नींद आ गयी.
मुझे पता ही नहीं चला. सुबह जब मैं उठा तो
मैंने सोचा की मैं एक बार रिशू को समझाने की कोशिश करके देखता हूँ.
करीब ९ बजे मैंने रिशू का नंबर डायल किया.
दो बार बेल बजी और रिक्की ने फ़ोन उठाया…
हेलो रिशू है. मैं मोनू बोल रहा हूँ. मैंने पुछा
एक मिनट होल्ड करना. रिक्की बोली.
१ मिनट बाद रिशू ने फ़ोन उठाया और
बिना कुछ सुने ही बोला, मैं १० बजे तक आ जाऊँगा.
अरे सुनो तो जल्दी मत करो. मैंने बोला
पर मेरी बात सुनने से पहले ही उसने फ़ोन काट दिया था.
उसको लगा होगा की घर पर दीदी अकेली है
इसी लिए मैंने फ़ोन किया है.
मैंने फिर से फ़ोन लगाया. फिर रिक्की ने उठाया
और कहा भैया तो आपसे बात करके बाहर निकल गए.
अब मैं परेशान हो गया.
तब तक दीदी की आवाज़ आई.
किस्से बात कर रहा था. कही जा रहा है क्या.
अब मैं उन्हें क्या बताता. दीदी वो रिशू आने के लिए बोल रहा था.
उसकी एक बुक मेरे पास आ है वो ही लेने आ रहा है.
मैं बात संभालता हुआ बोला.
मोनू मैंने पहले भी तुमसे कहा है वो लड़का ठीक नहीं है
फिर तूने उसे घर क्यों बुलाया. दीदी बोली.
नहीं नहीं दीदी रिशू दिल का अच्छा लड़का है.
बस पढाई में थोडा कमज़ोर होने की वजह से एक दो बार फेल हो गया
वरना ऐसी उसमे कोई ख़राब बात नहीं है. मैंने जवाब दिया.
कुछ भी हो उसको जल्दी से चलता कर देना.
बोल कर दीदी किचन में चली गयी.
इधर दीदी को रिशू में कोई इंटरेस्ट नहीं है
और उधर वो ऐसे आ रहा है जैसे की
दीदी टाँगे फैलाये चूत पसारे उसके लंड का इंतज़ार कर रही है.
मुझे अब उसके ऊपर गुस्सा भी आ रहा था की
बिना मेरी बात सुने वो मेरे घर आने के लिए निकल पड़ा.
पता नहीं आगे क्या होगा.

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