UPDATE -24
ये ही सब सोचते हुए मैं सो गया और
दिन बीतने लगे.
दीदी २ तारीख को ही वापस आ गयी.
मेरे दिमाग में टेंशन था की
कहीं रिशू को पता न चल जाये की दीदी वापस आ गयी है
तो मैंने उससे मिलना बिलकुल बंद कर दिया…
जिस दिन मम्मी पापा मामा के घर गए
उसी दिन रात को जब हम सोने जा रहे थे
तब दीदी के बेड पर एक काक्रोच आ गया
और दीदी उछल कर मेरे बिस्तर पर आ गयी.
आह मोनू काक्रोच…
दीदी ने मुझे उनके बेड की तरफ इशारा किया.
मैंने चप्पल फेंक कर उसे मारने की कोशिश की पर
वो उड़ कर मेरे बेड पर आ गया और
दीदी मुझसे आ के लिपट गयी.

दीदी की तनी हुई चूचिया मेरे सीने में गड गई,
दीदी ने ब्रा नहीं पहनी थी.
मैंने अपना हाथ दीदी की कमर पर रख दिया.
क्या फीलिंग थी जो मैं बयान नहीं कर सकता.
अचानक वो कोकरोच दीदी के टीशर्ट पर आकर बैठ गया.
दीदी मुझसे और कस के चिपक गयी.
मैंने भी दीदी को कस के चिपका लिया.

मोनू वो मेरी टीशर्ट में घुस रहा है.
दीदी चिल्लाई. मैंने उसे हाथ मर कर उड़ा दिया
पर दीदी ने ये नहीं देखा और मुझसे चिपकी रही.
मेरा लंड दीदी के चूचियो के स्पर्श से खड़ा होकर
दीदी की चूत पर उनके पैजामे के ऊपर से ठोकर मारने लगा.
जब दीदी को इसका एहसास हुआ तो वो धीरे से पीछे हो गयी.
मैंने कहा की दीदी कोकरोच भाग गया तब
दीदी अलग हो कर वापस अपने बेड पर चली गयी
थोड़ी देर बाद जब दीदी सो गयी तो मैं नीचे आ गया
और बाथरूम में जाकर दीदी की नरम चूचियो को याद करके मुठ मारने लगा.

मुझे रह रह कर रिशू की वो बात याद आ रही थी
की दीदी नंगी होकर एकदम उस ब्लू फिल्म वाली लड़की की तरह दिखेंगी.
येही सोचते सोचते मेरा वीर्य निकला और
सामने टंगे दीदी के सूट पर जा गिरा.

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