UPDATE – 13
दीदी की चूचिया भी अब
उत्तेजना के कारण एक दम कड़क हो गयी थी.
उनका शेप एकदम आम की तरह था.
आंटी ने मस्ती में दीदी की चुचियो को जोर से दबाया.
रश्मि: अंकल तो ज्यादातर दिल्ली में रहते है तो आप
कामिनी: शर्मा मत…
पूछ न की किस्से चुद्वाती हूँ…
चुदाई का नाम सुनते ही दीदी के बदन में एक झुरझुरी दौड़ गयी
और उनकी चूत पनियाने लगी
दीदी: बताइए न
कामिनी: अरे हमारी गली में कोने में एक दुकान है
न फोटोकॉपी की.
वहां एक लड़का बैठता है राजू.
उसी से चुद्वाती हूँ आज कल.
साला बहुत लाइन देता था मुझे.
बहुत मस्त चोदता है. किसी से कहना नहीं.
और कामिनी आंटी ने अपना हाथ दीदी की चूत पर रख दिया
और सहलाने लगी.

दीदी ने आँख बंद कर ली और पुछा,
कितना लम्बा है उसका?
दीदी की ये बात सुनते ही
कामिनी आंटी के चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी
और बोली पूरे गधे के जितना ८ इंच का
और उन्होंने अपनी मुठी में दीदी की चूत को भर लिया.
दीदी के मुह से सिसकारी निकल गयी.
कामिनी: तुझे बताऊ वो मुझे कैसे चोदता है.
आंटी ने दीदी को खड़ा करके घोड़ी बना दिया

और उनका बदन निहारने लगी.
दीदी घोड़ी बनी इतनी सेक्सी लग रही थी
की मेरा मन कर रहा था
अभी अन्दर जाकर अपना लंड उनके पीछे पेल दूं.
घोडी बनना रश्मि दीदी को भी रोमांचित कर रहा था
और उनके निप्पल खड़े होने लगे थे.
आंटी मन में खुश हो रही थी की
उन्होंने रश्मि दीदी को अपने जाल में फंसा लिया है…
आंटी अब अपनी चूत को सहला रही थी
तो मुझे लगा की दीदी का बदन मर्द के साथ साथ औरतो को भी बहुत लुभाता है.

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