Paap Punya – Update 12 | (Incest + Adultery) Story

Paap Punya - Incest Adultery Sex Story by Rashili Chut
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UPDATE -12

कामिनी: अरे तो डरती बहुत है.

आज पहली बार तो अकेले मिली है.

अपने दिल की बात नहीं बताएगी अपनी दोस्त को.

या तू मुझे अपना दोस्त मानती ही नहीं?

रश्मि: नहीं ऐसी बात नहीं है.

आप तो मेरी बेस्ट फ्रेंड हो.

कामिनी: तो खुल के बात कर न.

मेरे अलावा तो कोई सुनने वाला नहीं है.

 जब मैं तेरी उम्र की थी तो

सारे मोहल्ले के लडको को अपनी उंगलियों पर नचाती थी.

अरे भरी जवानी ऐसे मत बर्बाद कर रश्मि.

अच्छा अपना फिगर तो बता.

रश्मि: जी ३४-२६-३६

कामिनी: वाह वाह. तुझे मेरा फिगर पता है.

रश्मि: जी नहीं और मुझे जानना भी नहीं है.

कामिनी: अरे तू डरती क्यों है,

मैं तेरी दोस्त ही नहीं बड़ी बेहन भी हूँ.

मुझसे बाते शेयर नहीं करेगी तो किससे करेगी.

तेरे इन मम्मों को किसी ने दबा दबा कर इनका रस पिया है.

आंटी ने अपने दोनों हाथ दीदी की छातियो पर रख दिए.

अपने खजाने की रक्षा करने के लिए उठते

दीदी के हाथो को आंटी ने पकड़ लिया.

कामिनी: अरे मुझसे क्यों शर्माती है.

 बता न. अब ये मत बोलना की तूने

इन्हें अभी तक मसल्वाया नहीं है.

दीदी कसमसा कर चुप हो गयी.

आंटी ने दीदी के दोनों हाथ अपने एक हाथ से पकडे

और दुसरे हाथ से वो दीदी की चुचिया सहलाने लगी.

कामिनी: चल कोई बात नहीं.

मैं तो हूँ न तेरी हेल्प करने के लिए.

आंटी दीदी की चूचियो को धीरे धीरे मसलने लगी.

दीदी का गोरा चेहरा मस्ती में लाल हो गया.

 मुझे आंटी के हरकते देख कर

थोडा अजीब लग रहा था पर

दीदी पर चडी मस्ती की लहर ने उनके टागो के बीच

 छिपी उनकी चूत में खलबली मचा दी

और उन्होंने अपना एक हाथ अपनी चूत पर रख लिया.

 दीदी की आंखे मस्ती में बंद होने लगी

और वो कापती आवाज़ में बोली

आंटी बस करो. कुछ हो रहा है.

पर आंटी ने दीदी की बात पर कोई ध्यान नहीं दिया

और दीदी के दोनों हाथ उठा कर

अपने खरबूजो के साइज़ वाली चुचियो पर रख लिए.

कामिनी: दबा इन्हें

रश्मि: ये कितने बड़े और नरम है

कामिनी: अरे इन पर ही आदमी मरता है.

 औरत का पिछवाडा और

चुचिया ही मर्दों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है.

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