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UPDATE -11

फिर कुछ दिन नार्मल थे कुछ खास नहीं हुआ.

 फिर हमारा रिजल्ट आ गया और

 मैं फर्स्ट डिविसन पास हो गया था

और इस बार रिशू भी पास हो गया था.

 लगता था मेरी नक़ल करने का उसको फायदा हुआ था.

 कुछ दिनों बाद मैं रिशू के साथ कॉलेज में एडमिशन के लिए फॉर्म लेने गया था

 पर उस दिन कोई छुट्टी थी

इसीलिए मैं जल्दी लौट आया.

जब मैं घर पंहुचा तो मम्मी कहीं जा रही थी.

मोनू: मम्मी कहा जा रही हो.

मम्मी: शर्मा आंटी के घर.

उनके साथ मुझे मार्किट जाना है.

 शाम तक आ जाऊंगी.

तू जल्दी कैसे आ गया.

मोनू: कॉलेज में छुट्टी हो गयी थी. क्या घर में कोई नहीं है.

मम्मी: नहीं रश्मि है.

तेरी कामिनी आंटी भी आई है.

दोनों ऊपर रूम में है.

उन्होंने डोर लॉक कर दिया है.

ये बोल के मम्मी ने चाभी मुझे दी

और चली गयी.

मैं लॉक खोल के घर के अन्दर आया तो

मुझे हसने की बड़ी तेज़ आवाज़ आई.

मैं धीरे से ऊपर चला गया.

ऊपर कमरे के अन्दर दोनों बेड पर बैठे थे

और किसी बात पर हस रहे थे.

 मैंने सोचा छुप कर इनकी बाते सुनता हूँ.

क्यों ये इतना हस रहे है.

जैसे की आप जानते है की कामिनी रिशू की माँ है.

पास के मोहल्ले में रहती है.

 उम्र यही कोई ३८. उनका भी रूप रंग कुछ कम नहीं था.

देख कर लगता नहीं था

की दो बच्चो की माँ है.

लगता है जब वो १९-२० साल की रही होगी

 तभी रिशू पैदा हो गया होगा

और रिक्की (रिशू की छोटी बहन) उसके ३ साल बाद.

रिशू के पापा किसी बड़ी सरकारी नौकरी में है

और आजकल उनकी पोस्टिंग दिल्ली में है

 पर महीने में एक दो बार घर आ ही जाते है.

वो काफी दिन बाद आज हमारे घर आई थी.

कमरे का दरवाजा हल्का सा खुला था

तो मै अन्दर देखते हुए उनकी बाते सुनने लगा.

कामिनी: अरे उसका बहुत लम्बा है.

दीदी: सच में? कितना लम्बा?

कामिनी: तेरी कभी ठुकाई हुई है?

दीदी: ठुकाई! कहाँ पर?

यहाँ पर,

कामिनी आंटी मुस्कुराई

और उन्होंने दीदी की चूत पर हाथ रख कर कहा.

 मैंने मन में सोचा साला माँ बेटा दोनों परम हरामी है.

दीदी को अपनी इज्जत पर अचानक हुए इस हमले से शाक लग गया.

उन्होंने आंटी का हाथ हटाते हुए कहा

दीदी: क्या करती हो आंटी.

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