UPDATE – 10
अब दीदी के चुतड पूरे नंगे हो चुके थे.
एक दम सफ़ेद.
एक भी दाग नहीं
जैसे ब्लू फिल्म वाली लड़कियों के होते है
एक दम गोल और सुडौल…
उभरे बाहर की तरफ निकलते हुए
दीदी के चुतड देख कर मेरी तो जैसे सांस ही रुक गयी.
दीदी की चूत तो मुझे नहीं दिख रही थी
पर फिर भी मुझे लगा मैंने जन्नत देख ली है.
सलमान ने बिना वक्त ख़राब किये
अपना मुह दीदी के चूतरो में घुसा दिया
और उन्हें चाटने लगा.
जैसे ही उसकी खुरदुरी जीभ दीदी के गांड के छेद पर पहुची
दीदी के मुह से एक सिसकारी निकल गयी…
… अः आह ह्ह्ह इस्स माँ अहह.
दीदी के लिए ये नया अनुभव रहा होगा.
सलमान की जीभ
दीदी के पिछवाड़े की दरार से होकर उनकी चूत तक जा रही थी
और दीदी मदहोश होकर अपने चुतड पीछे की तरफ धकेल रही थी.
दीदी की कुवारी गांड
और चूत चाट चाट कर सलमान जोश से भर गया.
दीदी अब फिर से उसके काबू में थी.
अब उसने अपना तन हुआ ६ इंच का लौड़ा दीदी को झुका के उनकी चूत के मुह पे रखा.
मैंने सोचा
अब तो मैं भी दीदी को चुदने से नहीं बचा सकता.
और मैं अपना लौड़ा जोर से हिलाने लगा
फच फच करते हुए मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया.

ऐसा ओर्गास्म मुझे कभी नहीं हुआ था
मेरी आंखे बंद हो गयी
और मेरी टागे कापने लगी थी.
]
तभी अचानक फटाक की आवाज़ हुई
और मैं फिर से अन्दर झाकने लगा.
मैंने देखा की सलमान जमीन पर पड़ा था
और दीदी के हाथ में एक टूटी हुई बोतल थी
जो शायद दीदी
ने सलमान के सर पर फोड़ दी थी.
दीदी फटाफट अपनी पेंटी
और पैजामा पहनने लगी.
सलमान बिलकुल हिल नहीं रहा था.
अब मैं भी घबरा गया था और
मैं भी घर के दरवाजे की तरफ भगा.
जैसे ही मैं वहां पंहुचा दीदी दरवाजा खोल कर बाहर आ गयी
और बोली मोनू चल यहाँ से.
इसका सर्वे पूरा हो गया.
अरे रश्मि तुम्हारा दिन कैसा रहा आज.
पापा ने खाना खाते हुए दीदी से पुछा.
हम सब डाइनिंग टेबल पर बैठे थ.
जी ठीक था. दीदी ने जवाब दिया.
तुम कुछ परेशान लग रही हो.
मम्मी ने पुछा
और तुम्हारी गर्दन पर ये निशान कैसा है.
दीदी तो मनो सुन्न पड गयी
जी वो लगता है किसी कीड़े ने काट लिया.
जहा हम आज गए थे
काफी गंदगी है वहां.दीदी बात बनाते हुए बोली.
भाई सुना है की मोनू ने आज बड़ी मदद की
अपनी बड़ी बहन की. पापा मुस्कराते हुए बोले.
मैंने मन में सोचा … हां बहुत मदद की मैंने…
उस शराबी को अपनी जवान बहन थाली में परोस कर दे दी.
बलात्कार होते होते बचा था आज दीदी का…
दीदी भी खाना खाते हुए मुझे देख रही थी
की मेरा क्या जवाब होगा.
जब से हम लौटे थे उन्होंने मुझसे कुछ बात नहीं की थी.
पर मै मुसकरा के बात टाल गया.
दीदी खाना खा कर ऊपर चली गयी.
थोड़ी देर बाद मैं भी सोने ऊपर पहुच गया.
दीदी अभी जाग रही थी.
दीदी: मोनू एक बात पुछु… सच सच बताना.
रूम की लाइट बंद थी और ११ बजे होंगे. मुझे लगा दीदी क्या पूछेंगी.
मोनू: हाँ दीदी पूछो.
दीदी: तू कब वापस आया था वहां लौट के.
मोनू: जब तुमने दरवाजा खोला था तभी. क्यों?
दीदी: तूने इतनी देर क्यों लगा दी और तेरे पास कोल्ड ड्रिंक भी तो नहीं थी.
मोनू: दीदी मैं काफी दुकानों पर गया था, कुछ बंद थी और बाकी लोगो के पास बोतल ठंडी नहीं थी. इसीलिए वापस आने में देर हो गयी. और तुम बोली चलो तो वापस आ गया तुम्हारे साथ. उस आदमी के १०० रुपये मेरे पास रह गए. कल वापस करने जाना होगा.
दीदी के इस सवाल से मैं घबरा तो गया था पर बात बना कर बोला. दीदी को विश्वास हो गया की मुझे वो सब नहीं पता जो वहां हुआ था. दीदी बोली मैंने उसको १०० रूपये वापस कर दिए थे. तुम्हे वहां जाने की जरूरत नहीं है.
मैंने कहा ठीक है वो पैसे मैं आपको दे दूंगा. दीदी ने कहा नहीं, वो तू ही रख ले आज तूने मेरी बड़ी मदद की है ना. मुझे लगा दीदी ताना दे रही है या सच में कह रही है. खैर मैं दीदी के नंगे चूतरो को याद करते करते सो गया.

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