कुशल का अब अपने आप पर क़ाबू नहीं रहा और वो प्रिया मेम के सिर पर हाथ रखकर उसके मुँह को ऊपर किया और अपने होंठ उसके होंठ से चिपका दिया, प्रिया मेम आऽऽऽऽह कर उठी,
कुशल उसे और ज़ोर से जकड़ के उसके होंठ और गाल चूमने लगा, प्रिया मेम अब भी विरोध कर रही थी, तभी कुशल ने उसकी छातियों पर अपना मुँह घुसेडा और उनको मैक्सी के ऊपर से ही चूमने लगा,
प्रिया मेम: उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ धीरे दबाओ ना दुखता है,
अब कुशल जोश में आकर उसकी एक चूचि को ब्लाउस के अंदर हाथ डालकर निकाल लिया और उसे दोनों हाथों से दबाने लगा, वो बोला: आऽऽऽऽऽह क्या मस्त चूची है आंटी आपकी, , मैं हमेशा चाहता था कि ऐसी बड़ी बड़ी चूची दबाऊँ और चूसूँ, अब वो उसकी चूची चूसने लगा, निपल में जीभ भी रगड़ने लगा,
अब प्रिया मेम चिल्लाई: आऽऽऽऽऽऽह मरीइइइइइइइ , उइइइइइइ ,
कुशल अब दूसरी चूची भी ब्लाउस से बाहर निकाला और उसे भी दबाया और चूसा, प्रिया मेम उसकी जाँघ दबाए जा रही थी, कुशल ने मस्ती में आकर उसका हाथ अपने तंबू पर रख दिया, प्रिया मेम ने भी बिना देर किए उसे मूठ्ठी में भर लिया और उसको दबाने लगी, अब कुछ बचा नहीं था छिपाने को,
प्रिया मेम: आऽऽऽऽऽह मजा आ रहा है मेरी जान
प्रिया मेम बिस्तर पर पीठ के बल लेटीं थी और उसकी चूचियाँ अब मैक्सी के बाहर थी और उनपर कुशल का गीला थूक लगा हुआ था ,
जिसे कुशल चूसने लगा, कुशल के हाथ अब उसकी चूचियों पर आ गए थे , वो बोला: आऽऽऽऽऽह आंटी कितने सॉफ़्ट और वो अब अपनी क़मीज़ उतारा और फिर बेल्ट खोला और पैंट भी उतार दिया , चड्डी में से उसके लौड़े का उभार देख कर प्रिया मेम की बुर गीली होने लगी, उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़ क्या मस्त हथियार है – वो सोची, चड्डी में सामने का हिस्सा थोड़ा सा गीला हुए जा रहा था उसके प्रीकम से,
अब वो उसके ऊपर आया और उसके होंठ चूसने लगा, प्रिया मेम भी अब उसका साथ देने लगी, कुशल ने अपनी जीभ उसके मुँह में डाली और प्रिया मेम उसको चूसने लगी, फिर कुशल ने अपना मुँह हटाया और खोल दिया अनुभवी प्रिया मेम ने अपनी जीभ उसके मुँफ़र्म है आपके दूध, म्म्म्म्म्म चूसने में बहुत मज़ा आ रहा है, फिर वो उसकी चूचि चूसते हुए उनको दबाने लगा,
प्रिया मेम: आऽऽऽऽऽह बेएएएएएएटा क्या माआऽर ही डालेगाआऽऽ, बहुत मज़ाआऽऽऽऽऽऽ आऽऽऽऽ रहाआऽऽऽऽ है, उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़ ,
कुशल अब नीचे आया और उसके चिकने पेट को चूमा और नाभि में जीभ डालकर चाटने लगा,
प्रिया मेम: उइइइइइइ माँआऽऽऽऽऽ क्याआऽऽऽऽ कर रहे हो, उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ ,
अब कुशल और नीचे खिसका और उसने पूरी मैक्सी को खोल दिया, अब सिर्फ एक पेटीकोट ही बचा था उसके शरीर पर, प्रिया मेम ने अपनी क़मर उठाकर उसको मैक्सी निकालने में उसकी मदद की, पेटिकोट में वो बहुत मस्त दिख रही थी, अब उसने उसकी नाभि को जीभ से चाटा और पेटिकोट का नाड़ा खोला और उसको नीचे करने लगा, प्रिया मेम ने भी पूरी बेशर्मी से अपनी क़मर उठाकर उसे निकालने में पूरी मदद की, वो आज पैंटी नहीं पहनी थी, उसकी जाँघें चिपकी हुईं थीं ,उसकी बुर का थोड़ा सा ऊपरी हिस्सा ही दिखाई दे रहा था, वो उसकी जाँघों को सहलाने लगा और फिर उसकी पेड़ू को सहलाया, प्रिया मेम हम्म कर उठी, अब उसने जाँघों को फैलाया और प्रिया मेम ने इसमे भी सहयोग किया,अब मदमस्त जाँघों के बीच कचौरी की तरह फूली हुई बुर और उसकी फाँक की ग़हरी लकीर साफ़ दिखाई पड़ रही थी और उसके लौड़े ने और प्रीकम छोड़ दिया ,
कुशल अब उसकी जाँघों को चूमने लगा और फिर उसकी बुर को भी नाक डालकर सूँघा वो बोला: आंटी आऽऽऽह क्या मस्त गंध है आपकी बुर की, वो उसे सहलाता रहा,फिर वो उसकी फाँकों को फैलाया और वहाँ के गुलाबी हिस्से को देखा और उसमें जीभ डाला और उसे जीभ से मानो चोदने लगा, प्रिया मेम: आऽऽऽऽऽऽऽह कर उठी,
अब वो उसे चाटने लगा, प्रिया मेम की सिसकियाँ निकलने लगी, अब उसने उसकी जाँघों को और ऊपर उठाया और उसकी गाँड़ के छेद को देखकर मस्ती से ऊँगली से सहलाया और एक ऊँगली अंदर किया , उसने देखा कि ऊँगली आसानी से अंदर चली गयी, वो अब दो ऊँगली डाला और वो भी आराम से चली गयीं, वो बोला: आंटी जी आपकी गाँड़ बहुत मस्त है और खुली हुई है, क्या अंकल गाँड़ भी मारते थे ?
प्रिया मेम: आऽऽऽंह अच्छा लग रहा है बेटा, हाँ मारते थे,
कुशल : आंटी आपके चूतर तो मुझे भी बहुत पसंद हैं , वो उनको चूमकर बोला और फिर जीभ से गाँड़ भी कुरेदने लगा, प्रिया मेम: आऽऽऽऽऽहाह ,
कुशल मुँह उठाकर बोला: आंटी आज आपकी मारूँगा दूसरे राउंड में ठीक है ना?
प्रिया मेम: आऽऽऽह मार लेना बेटा आऽऽऽऽह अब बुर तो मार पहले हाय्य्य्य्य्य्य्य, बहुत खुजा रही है,
कुशल अब उसने उसकी क्लिट को जीभ से छेड़ा तो वो उछल पड़ी और उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ करके उसके मुँह को हटाई और बोली: वहाँ हमला किया तो एक मिनट में ठंडी पड़ जाऊँगी झड़कर,
कुशल मुस्कुराते हुए उठा और आकर उसके बग़ल में लेटा और उसकी चूचियाँ दबाकर चूसने लगा, अब प्रिया मेम भी उठी और उसके ऊपर आ कर उसके निपल्ज़ को दाँत और जीभ से छेड़कर उसे मस्त कर दी फिर नीचे जाकर उसके पेट और नाभि को चूमते हुए उसकी चड्डी तक पहुँची, उसने वहाँ नाक रखी और प्रीकम को सूँघा और फिर उसकी जीभ से चाटकर मस्ती में आकर बोली: आऽऽऽंब तुम्हारी गंध भी बहुत मस्ती ले आने वाली है बेटा, अब वो उसकी चड्डी निकाली और उसका लौड़ा देखकर बोली: आऽऽऽऽहहहह क्या मस्त हथियार है उगफफ कौन ना पागल हो जाए इसको देखकर, म्म्म्म्म्म्म, कहकर वो उसको पूरी लम्बाई में चुमी और चाटी, फिर उसके एक एक बॉल को भी चूम और चाट कर मस्ती से बोली: उम्म्म्म्म्म्म बहुत मस्त है ये , पुच पुच करके उसको चुमी, अब वो अपनी जीभ लेज़ाकर उसके लौड़े के सुराख़ को चाटी और प्रीकम को खा गयी और फिर अब वो उसके सुपाडे को मुँह में लेकर चूसने लगी,
कुशल अब मस्ती में आकर बड़बड़ाया: आऽऽऽऽऽऽह आंटी आऽऽऽऽऽहहह क्या चूसती हो आऽऽऽऽऽप, वाआऽऽऽऽऽऽऽहहह,
प्रिया मेम अब उसको डीप थ्रोट दे रही थी, कुशल अब कमर उछालकर अपना लौड़ा उसके मुँह को नीचे से चोदने लगा, प्रिया मेम अब मज़े से उसको चूसे जा रही थी,
अब प्रिया मेम उठी और आकर उसके ऊपर बैठी और उसके होंठ चूसने लगी, वो भी उसकी बड़ी बड़ी छातियाँ दबाने लगा, अब वो अपनी कमर उठाई और उसके लौड़े को पकड़कर अपनी बुर के मुँह पर रखी और नीचे दबाकर अपनी बुर में उसको अंदर करते हुए उइइइइइइइ कहकर अपनी कमर को पूरा दबा दी और लौड़े को जड़ तक अपने अंदर कर लिया, अब वो अपनी कमर उछालकर उसे चोदने लगी, कुशल भी नीचे से धक्के मारकर ह्म्म्म्म्म्म कहते हुए मस्तीसे उसका साथ देने लगा,
प्रिया मेम : आऽऽऽऽऽहहह बेएएएएएटा आऽऽऽऽऽऽऽह फाऽऽऽऽऽड़ दोओओओओओओओ मेरीइइइइइइइइ बुर,
कुशल : ह्म्म्म्म्म्म आंटी क्या मज़ा आ रहा है, प्रिया मेम की कमर हिले जा रही थी, फिर वो बोली: बेटा अब मैं थक गयी हूँ, तुम ऊपर आ जाओ,
कुशल उसको अपनी बाहों में भरकर उसे लिए हुए ही पलट गया और ख़ुद ऊपर आ गया, अब वो उसकी टाँगों को अपने कंधे पर रखकर बुरी तरह से चोदने लगा , अब तो कमरा प्रिया मेम की आऽऽऽऽऽह उइइइइइइइ ऊम ऊम ऊम की आवाज़ों से भर गया, पलंग की चरमराहट अब अपनी चरम सीमा पर था जो बुरी तरह से हिल रहा था,
प्रिया मेम सोची कि जवान लड़के की चुदाई अलग ही होती है, उफफफफ क्या ताक़त है इस लड़के में, फिर वो चिल्ला कर उइइइइइइइइइ मॉआऽऽऽऽ कहकर झड़ने लगी, कुशल भी ह्म्म्म्म्म कहकर झड़ने लगा, अब वो आकर उसकी बग़ल में लेट गया, अब वो प्रिया मेम के गाल चूमकर बोला: आंटी आपको पता नहीं है कि आपने आज मुझे कितना मजा दिया है
कुशल ने प्रिया मेम को लुढ़का कर पेट के बल लिटाया और वो उसके मस्त चूतरों को सहलाया और दबाया , फिर वो उनको चूमने लगा, अब प्रिया मेम ख़ुद ही चौपाया बन गयी और अपनी गाँड़ बाहर कर उसे चोदने का मानो आमंत्रण दी, प्रिया मेम बोली: बेटा थोड़ा सा क्रीम लगा ले, और डाल दे, सच बहुत खुजा रही है,
कुशल मस्त होकर क्रीम लेकर उसकी गाँड़ में और अपने लौड़े पर लगाया और उसके चूतरों को फैलाया और अपने लौड़े को उसके छेद में लगाकर धक्का दिया, अब लौड़ा उसकी गाँड़ में धँसता चला गया, प्रिया मेम आऽऽऽहहह मरीइइइइइइइ चिल्लाई,
कुशल अब मस्ती में आकर उसकी गाँड़ मारने लगा, उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़ क्या मज़ाआऽऽऽ आऽऽऽऽ रहाआऽऽऽऽऽ है, वो अब पिस्टन की तरह आगे पीछे होकर उसकी गाँड़ मार रहा था प्रिया मेम की चीख़ें निकल रही थी, कुशल हाथ नीचे कर के उसकी चूचियाँ दबाए जा रहा था , जल्दी ही प्रिया मेम भी आऽऽऽंहहह करके अपनी बुर की क्लिट मसलने लगी, फिर उसने कुशल का हाथ पकड़ा और उसे अपनी क्लिट में रगड़ने लगी, कुशल अब ख़ुद उसकी क्लिट रगड़ने लगा और गाँड़ में धक्के भी मारता रहा, जल्दी ही दोनों चिल्ला कर झड़ने लगे,
वो हँसती हुई अपनी मैक्सी उतार दी और उसका भरा हुआ जिस्म ब्रा और पैंटी में देखकर वो मस्त हो गया, अब प्रिया मेम भी उसकी छाती को चूमकर उसके निपल्ज़ को जीभ से चाटी और नीचे उसके पेट और नाभि को चाटते हुए उसकी चड्डी को सूँघने लगी,
उसकी चड्डी में लगे प्रीकम को उसने जीभ से चाटा और फिर उसकी चड्डी निकाल कर उसके बड़े लंड को प्यार से सहलाकर चूमने लगी, उसने चमड़ी पीछे करके उसका सुपाड़ा बाहर निकाला और उसको चाटते लगी
कुशल को लगा कि वो अभी ही झड़ जाएगा , सो उसने उसे अपने ऊपर खींचकर उसके होंठ चूसे और ब्रा का हुक खोलकर उसकी ब्रा निकाल दिया, अब उसके नंगे मोटे दूध को वो पागलों की तरह दबाने और चूसने लगा,
फिर उसका हाथ उसकी पैंटी के अंदर गया और उसके चूतरों को वह मसलने लगा, कितने गोल बड़े नरम चूतर थे , उसकी आह निकल गई,के पेशाब के छेद को चाटने लगी, फिर उसने पूरा सुपाड़ा ही मुँह में ले लिया और मज़े से चूसने लगी,
अब उसने प्रिया मेम को बोल: आंटी मेरी सवारी कीजिए ना,
प्रिया मेम हँसते हुए उसके ऊपर आ गई और अपनी पैंटी उतारकर उसके ऊपर बैठकर उसका लंड पकड़कर अपनी बुर के छेद में लगाकर अंदर कर लिया और फिर एक ही धक्के में वो पूरा लंड निगल गई, उसके मुँह से हाय्य्य्य्य निकली और बोली: हाऊयय्यय क्या मस्त मोटा लंड है तेरा,
कुशल : हय्य आंटी आपकी फुद्दी तो बड़ी ही टाइट है कसम से,
प्रिया मेम : आह आह ह्म्म्मम्म इतने सालो से चूदी नही हूँ ना इसिलए, पर अब तो मैं रोज़ चुदुंगी इस लंड से, बोल चोदेगा न मुझे,
कुशल – “हय्य मेम मैं तो बचपन से आपको चोदने के सपने देख रहा रहा हूँ, अब तो मैं रोज़ आपकी बुर की चुदाई करूँगा पक्का”
प्रिया मेम भी मस्ती से उसके लंड पर उछलकर चुदायी करते हुए बोली: आह बेटा क्या चोद रहा है, तू तो पक्का चुदक्कड है रे हरामी आह हाय्य्य्य्य्य , और वो ज़ोर से चोदते हुए बोली: फाड़ दे अपनी आंटी की बुर आऽऽझहह क्या लंड है रे तेरा हाय्य्य्य्य्य्य मैं गईंइइइइइइइइ, और वो झड़ने लगी, कुशल भी नीचे से धक्का मारतेहुए बोला: आंटी आह तेरीइइइइइइइइइइइ बुर बड़ी गरम है , ले मेरा माऽऽऽऽऽऽऽल्ल्ल्ल्ल लेएएएएएएएएए , और वो भी झड़ गया,
कुशल और प्रिया मेम बेड पर लेट कर मस्ती से नंगे सोये पड़े थे, कुशल का वीर्य प्रिया मेम की चुत की गहराइयों से निकल कर अब उसकी जांघों से होता हुआ बेडशीट पर गिरने लगा था, प्रिया मेम तो मस्ती में आकर खुद ही अपने सन्तरो को दबाये जा रही थी
प्रिया मेम –“वाह मेरे राजा, तूने तो आज सच में बरसो की प्यास बुझा दी मेरी, तेरा एहसान मैं कैसे चुकाउंगी”
कुशल –“बस आप इसी तरह हमेशा अपनी ये प्यारी सी चुत और गांड मुझे देते रहना, मुझे तो और कुछ नही चाहिए” कुशल अपने मुरझाये से लंड पर हाथ फिराते हुए बोला
प्रिया मेम –“अरे ये भी कहने की बात है क्या भला, अब तो मेरे जिस्म पर तेरा और तेरे इस लंड का पूरा पूरा हक़ है, तू जब चाहे इसका मजा ले सकता है, वैसे एक बात पुछु”
कुशल –“हाँ, बोलिए ना आंटी”
प्रिया मेम –“तेरे चोदने के जबरदस्त तरीके से लगता है तूने पहले भी किसी की मारी है”
कुशल –“आप तो अन्तर्यामी हो मैडम, हाँ मैंने पहले भी चुत मारी हुई है, और गांड भी मार चूका हूँ”
प्रिया मेम –“कौन है वो खुशनसीब, बताना जरा”
कुशल –“सॉरी मेम, मैं आपको बताना तो चाहता हूँ, पर शायद अभी सही वक्त नही है, पर आप चिंता मत कीजिये, वक्त आने पर मैं सबसे पहले आपको ही बताऊंगा, ये प्रॉमिस है मेरा”
प्रिया मेम –“चलो ठीक है, पर अपना प्रॉमिस याद रखना, भूल ना जाना”
कुशल –“जरुर मेम”
प्रिया मेम –“मेरा अच्छा बच्चा”
कुशल –“वैसे मेम, क्या मैं आपसे कुछ पुछ सकता हूँ, आप बुरा तो नही मानेगी”
प्रिया मेम –“हाँ हाँ पूछो ना, अब भला तुमसे क्या छुपाना, तूने तो सब कुछ देख लिया है मेरा”
कुशल –“मेम, आपने अपने पति के अलावा और किस किस का लंड लिया है”
प्रिया मेम –“सच कहूँ, तो मेरे पति के अलावा ये पहला लंड है जो मेरी चुत में गया है”
कुशल –“वाह, मेम मैं तो सच में धन्य हो गया ये सुनकर, ये देखिये मेरा लंड आपकी बात सुनकर दोबारा खड़ा हो गया है”
प्रिया मेम –“हट बदमाश, ये तो हमेशा खड़ा रहता है, पर अभी नही, अब करण के आने का वक्त हो चला है”
कुशल –“क्या मेम, आपने तो पूरा मजा ही खराब कर दिया, अच्छा मेम आपने अंकल के अलावा किस किस का लंड देखा है बिलकुल करीब से”
प्रिया मेम –“तेरा…..और….और……”
कुशल –“और किसका मेम”
प्रिया मेम –“और क….क्र…करण का…..”
कुशल –“क्या….कब…कैसे……..”
प्रिया मेम –“अरे कैसे क्या, वो एक दिन मैं गलती से बाथरूम में सीधा घुस गयी, तो अंदर करण अपने लंड पर हाथ कसके जोर जोर से मुठ मारे जा रहा था, तभी अचानक मैंने देख लिया, बस और किसी का नही देखा तुम दोनों के अलावा”
कुशल –“वैसे मेम, करण का लंड कैसा लगा आपको, मतलब कितना बड़ा है”
प्रिया मेम –“ये कैसी बाते करवा रहा है तू मुझसे, भला कोई माँ अपने बेटे के लंड के बारे में बात करती है क्या” प्रिया बोल तो रही थी पर उसे इन बातो से अजीब सी उत्तेज़ना महसूस हो रही थी, और ये चीज़ कुशल भी जानता था क्यूंकि वो तो खुद कई बार अपनी मोम को चोद चूका था
कुशल –“मेम, प्लीज़ बताइए ना, कैसा लगा आपको करण का लंड, कितना बड़ा था?”
प्रिया मेम –“हय्य…..तू…भी ना……सच में बहुत ही प्यारा लंड था रे उसका…..हा लम्बाई में तुझसे छोटा था पर अपने बाप से तो बड़ा ही था…..हाँ और मोटा तो तेरे ही बराबर का था रे……..”
कुशल –“आपको पसंद आया ना मेम अपने बेटे का लंड” कुशल प्रिया मेम को गरम किये जा रहा था
प्रिया मेम –“हय्य…बहुत पसंद है रे…पर क्या करूं …वो तो मेरा बेटा है……”
कुशल –“तो मैं भी तो आपके बेटे जैसा ही हूँ, अगर मैं आपको चोद सकता हूँ तो वो क्यूँ नही…वैसे भी मेम आपको पता है क्या कि करण को भी मेरी तरह बड़ी उम्र की ओरते ही अच्छी लगती है”
प्रिया मेम –“सच्ची……” प्रिया की आँखों में एक अजीब सी चमक आ गयी थी
कुशल –“और नही तो क्या मेम, उसे तो आप मतलब आपकी उमर की औरतें ही पसंद आती है ज्यादा”
प्रिया मेम –“हय्य…..पर मैं तो उसकी माँ हूँ ना, क्या वो मेरे बारे में भी ऐसा ही सोचता है” प्रिया की उत्तेजना अब पल प्रतिपल बढती ही जा रही थी
कुशल –“हो सकता है मेम, क्या आपने कभी उसे आपको घूरते हुए या, आपकी गांड या बूब्स की तरफ देखते हुए पकड़ा है”
प्रिया मेम –“अरे हाँ, ये तो मैंने कई बार नोटिस किया है कि जब भी मैं झुकती हूँ, झाड़ू वैगरह लगाने के लिए तो मुझे ऐसा लगता है मानो करण मेरे ब्लाउज के अंदर झाँकने की कोशिश करता है, और मेरे पीछे मुड़ते ही शायद मेरी गांड भी ताड़ता है”
कुशल –“इसका मतलब साफ है मेम, कि करण आपकी चुदाई करना चाहता है”
ये सुनकर तो प्रिया की उत्तेजना आसमान तक चढ़ गयी, उसने तुरंत कुशल के लंड को अपने हाथो से पकड़ा और पलक झपकते ही उसे अपने मुंह में ले लिया
कुशल के लंड को ऐसी गर्माहट मिलने की ही देर थी कि वो फिर से अपनी ओकात में आने लगा, कुशल अब जोर लगाकर प्रिया मेम के सर को पकड़ा और अपने लंड को उसके मुंह में जोरदार तरीके से अंदर बाहर करने लगा
थोड़ी देर तक ऐसे ही प्रिया मेम के मुंह को चोदने के बाद कुशल ने प्रिया मेम को पकड़ा और उसे सीधा लेटा दिया और खुद उसके दोनों टांगो के बिच आ गया
फिर एक सेकंड में उसने अपने तने हुए लंड को पकड़ा और सीधा निशाना लगाकर प्रिया मेम की चुत में पेल दिया , और फिर बस ताबड़तोड़ धक्के पेलने शुरू कर दिए
कुशल (धक्के लगाते हुए ) –“प्रिया मेम…. हय्य्य्य…….ये सोचो कि आपकी फुद्दी मैं नही बल्कि आपका बेटा करण मार रहा है”
प्रिया मेम –“ उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह श्ह्ह्ह्ह्ह
गलपप्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प
आराम्म्म्ममममम सीईई अहह
उःन्ह्ंहंहंहंह्न
बेटेयाआया नहियीईईईई अन्न्णणन् उःन्णणणन् मुझे छोड़ दीईईई
श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
उफफफफफफफ्फ़
आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह खा जाओ मेरी चूत पूरी पी जाओ ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह करण मेरे राजा बेटा और जोर से चोदो आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अपनी मोम की चुत आह आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह,
हाऽऽऽऽऽऽऽयय्यय मजाऽऽऽऽऽ आऽऽऽऽऽऽ रहाऽऽऽऽऽ है”
फिर कुशल ने प्रिया मेम को अपनी गोद में खींच कर उसकी टांगों को अपनी गोद के दोनों ओर किया और प्रिया मेम ने भी अपनी गाँड़ उठाकर अपनी बुर के मुँह में कुशल के टनटनाते लौड़े को रखा और धीरे से उस पर बैठने लगी, अब प्रिया मेम ने पूरा नीचे होकर कुशल का का मोटा लौड़ा अपनी बुर में निगल लिया
कुशल ने उसके दोनों चूतरों को पकड़ा और उसकी कमर को उछालकर अपने लौड़े पर दबाकर चुदाई करने लगा, प्रिया मेम भी हाऽऽऽऽय करके अपनी गाँड़ उछालकर उसके लौड़े पर ऊपर नीचे हो रही थी, कुशल ने अपनी एक ऊँगली में थूक लगाया और उसकी गाँड़ में डाल दिया, वो आऽऽऽऽऽऽह कर उठी और भी ज़ोर ज़ोर से चुदाई करने लगी, उसकी टाइट बुर में उसका मोटा लौड़ा जैसे फँस सा रहा था, कुशल ने महसूस किया कि बेटे के नाम से ही प्रिया मेम और भी ज्यादा मस्ती में आकर चुदाई करने लगी है,
कुशल सोच रहा था कि सच में प्रिया मेम की फुद्दी बहुत टाइट थी, कुशल भी अब मस्ती से नीचे से धक्के मारने लगा और इधर प्रिया मेम की सिसकारियाँ निकलने लगीं,
कुशल –“मम्मी कैसा लग रहा है अपने बेटे के लंड से चुद कर”
प्रिया मेम –“हय्य्यय्य….मजा आ रहा है करण बेटा, बस ऐसे ही चोद अपनी मम्मी को, कब से प्यासी है तेरी मम्मी पर तू तो देखता ही नही, हय्य्य …..आज तेरे लंड से चुदकर मैं तो निहाल ही हो गयी हूँ रे….हाययय…आह्ह्ह्ह….और जोर से………..चोद दे मुझे करण बेटा…….चोद अपनी चुद्दक्क्ड मम्मी को…”
कुशल –“हाँ….मम्मी……अब तो मैं तुझे रोज़ ऐसे ही चोदुंगा…बोल चुदेगी अपने बेटे से…..रोज़”
प्रिया मेम –“हाँ चुदुंगी…….रोज़ चुदुंगी….सुबह शाम रात….जब तू चाहेगा तेरी मम्मी चूत लेकर हाज़िर हो जाएगी……बस तू ऐसे ही चोदना मुझे…..मेरे बेटे…”
कुशल को ये देखकर मजा आ रहा था कि आखिर प्रिया मेम अपने बेटे से चुदने के लिए राज़ी तो हुई, अब बस करण के मन की परख करनी थी उसे कि करण क्या अपनी मम्मी को चोदने के लिए तैयार है, अगर ऐसा हुआ तो वो दोनों मिलकर प्रिया मेम की चुत और गांड साथ मारेंगे
ये सोचते ही कुशल के लंड ने प्रिया मेम की चुत के अंदर ही एक और ठुमकी ली, और अब कुशल के धक्को की रफ्तार और ताकत और भी ज्यादा तेज़ हो गये
प्रिया मेम से ये धक्के बर्दास्त ना हुए और कुछ ही मिनटों में वो आह्ह्ह्हह्ह्म मेरे बेटे चोद दे मुझे …….इइइइइइइइइइइइ आऽऽऽऽऽऽऽऽऽ करके जोरदार तरीके से झड़ने लगी
कुशल भी अपना लौड़ा उछालकर उसकी बुर में झड़ गया, अब प्रिया मेम जब उसके लौड़े के ऊपर से उठी तो उसकी जाँघों से उसका और कुशल का काम रस बह रहा था,
अब कुशल और प्रिया मेम बेड पर लेट कर सुस्ताने लगे
कुशल –“तो मेम, आखिर कार आपने मान ही लिया कि आप अपने बेटे से चुदना चाहती है,क्यों?”
प्रिया मेम –“ह्म्म्म…..तू बड़ा ही शैतान है रे….आखिर कार मेरे मुंह से निकलवा ही लिया सब कुछ…..मुझे तो लगता है कि तूने अपनी मोम को भी नही छोड़ा होगा, देखा नही कैसे मुझे मम्मी मम्मी बोल कर मस्ती से चोद दिया”
कुशल –“सच कहूँ तो मेम, मुझे तो अपनी मोम भी बड़ी पसंद है, अगर मोका मिला तो मैं तो उन्हें भी चोद दूंगा” कुशल ने आधा ही सच प्रिया मेम को बताया, वो सोच रहा था कि एक बार करण प्रिया मेम को चोद ले उसके बाद ही बताना सही रहेगा
प्रिया मेम –“सच में तू बड़ा ही हरामी है रे, पर तेरा लंड सच में बड़ा मस्त है, एक बार अपनी मोम को दिखा दे, फिर देखना वो भी सारा दिन इसे अपनी चुत में लेने के लिए तडपेगी”
कुशल –“कोशिश जारी है मेम”
प्रिया मेम-“सही है बेटा लगा रह, पर एक बार अपनी मोम की चुत मिलने के बाद मुझे मत भूल जाना”
कुशल –“अरे मेम भूल तो आप जाओगी एक बार करण का लंड अपनी चूत में लेने के बाद, फिर तो बस वो और आप दिन रात दंगल करोगे बेड पर…हा हा हा…”
प्रिया मेम –“काश तेरा कहना सच हो जाये पर मुझे तो ये नामुमकिन लगता है”
कुशल –“अरे मेम, आप चिंता क्यूँ करती है, मैं करण को अपने आप सम्भाल लूँगा, देखना कुछ ही दिनों में उसका लंड आपकी फुद्दी की गहराइयों में जा चूका होगा, पर मुझे उसका क्या इनाम मिलेगा”
प्रिया मेम –“अरे मैं तुझे और क्या दूँ, मैंने तो अपना पूरा जिस्म ही तुझे सोंप दिया पगले, चल तू ही बता क्या चाहता है, मैं प्रॉमिस करती हूँ कि तू जो मांगेगा मैं पूरा करूंगी चाहे तू कभी भी अपना इनाम मांग लेना, पर …”
कुशल –“पर क्या….”
प्रिया मेम –“पर तुझे भी अपना वादा पूरा करना होगा”
कुशल –“कोनसा वादा” कुशल मजाक करते हुए बोला
प्रिया मेम –“अरे करण और मेरा….”
कुशल –“क्या करण और आपका क्या…..” कुशल मुस्कुराते हुआ बोला
प्रिया मेम –“तू मेरे साथ मजाक मत कर, तू सब जानता है ….” प्रिया शर्माती हुई बोली
कुशल –“अरे मेम आप बताओ ना प्लीज़, मुझे आपके मुंह से सुनना है”
प्रिया मेम –“क्या कुशल, प्लीज़…..मुझे शर्म आती है…..तू सब जानता है” ये कहकर प्रिया मेम ने अपने सर को कुशल की बाँहों में डाल लिया
कुशल –“प्लीज़ मेम बता दो न एक बार”
प्रिया मेम –“लगता है तू मुझे आज पूरा बेशर्म बना कर ही छोड़ेगा, तो सुन, प्लीज़ मेरा और मेरे बेटे का टांका भिड़ा दे, कुछ ऐसा चक्कर चला कि उसका लंड मेरी चुत को नसीब हो जाये…..अब खुश…अब तो करेगा न पूरी मेरी शर्त”
कुशल –“हम्म्म्म…आप चिंता मत करो आंटी…अब तो मैं कुछ भी करके आपकी इस प्यारी सी चुत का मिलन आपके बेटे के लंड से करवा कर ही दम लूँगा” ये कहकर कुशल ने अपनी एक ऊँगली प्रिया मेम की चुत में डाल दी
कुशल की इस हरकत से प्रिया मेम चिहुंक उठी, पर बोली
प्रिया मेम –“अब नही कुशल, करण आने वाला ही होगा…”
कुशल को भी प्रिया मेम की बात सही लगी,
थोड़ी देर बाद उन दोनों ने अपने कपड़े पहने और बाहर आकर नार्मल तरीके से बैठ गये क्यूंकि उन्हें पता था कि अब करण के आने का समय हो चूका है और तभी कुछ देर में डोर बेल बजी
प्रिया मेम ने जाकर दरवाज़ा खोला तो गेट पर करण खड़ा था
प्रिया मेम –“अरे करण बेटा, आओ, बड़ी देर लगा दी आने में तुमने”
करण –“वो मोम, रस्ते में ट्रैफिक में फंस गया था, इसलिए आने में थोड़ी देर हो गयी”
प्रिया मेम –“चल अब अंदर आ, देखता नही बारिश में कितना भीग गया है, अंदर चलकर कपड़े चेंज कर ले, तेरा फ्रेंड कुशल भी आया है तुझसे मिलने”
करण फटाफट घर के अंदर आ गया, वहां हॉल में कुशल सोफे पर बैठा हुआ था, उसे देखते ही करण बड़ा खुश हुआ
करण –“अरे कुशल, यार बड़े दिनों बाद याद आई मेरी, वरना तू तो छुट्टियों में मुझे भूल ही गया था बिलकुल”
कुशल –“भाई, याद तो तूने भी नही किया, न कोई फ़ोन ना कोई कोई मेसेज, मैं कम से कम मिलने तो आ गया तुझसे”
करण –“अच्छा, चल मेरे कमरे में चलते है, वहां बहुत सी बाते करनी है तेरे साथ”
ये कहकर करण कुशल को अपने कमरे की तरफ लेकर चल पड़ा, आगे करण और पीछे कुशल
कुशल ने पीछे मुडकर देखा तो प्रिया मेम उसकी तरफ बड़ी ही नशीली आँखों से देख रही थी, और उन्होंने आँखे मटका कर कुशल को इशारा किया, कुशल ने भी अपनी जीभ होटों पर फिरा दी,
फिर प्रिया मेम किचन में चली गयी, और कुशल करण कमरे में आ गये और अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया
करण –“साले कमीने, इतने दिन बाद याद आई है तुझे मेरी, कहाँ रंडी चोदने में बिजी था साले”
कुशल –“अबे चूतिये, मैं तो तुझसे मिलने आ तो गया, तू बता तू किधर मुंह मारने में व्यस्त था जो मेरी याद ही नही आई”
करण –“अरे भाई, ऐसी कोई बात नही, मैं तो बस यूँ ही टाइम पास कर रहा हूँ, जब से स्कूल की छुट्टियाँ पड़ी है, बहनचोद टाइम ही नही कटता मेरा तो, तू बता साले, कोई लोंडिया मिल गयी या अभी भी अपना हाथ जगन्नाथ, हा हा हा……”
कुशल –“भाई, अभी भी अपना आसरा तो हाथो का ही है, पर सपने में लोंडिया जरुर चोद लेता हूँ…हा हा हा….”
करण- अबे किसे चोद दिया सपने में, कही अपनी माँ को तो ही नही चोद दिया हा हा……” करण ठहाके लगाते हुए बोला, उन दोनों की दोस्ती इतनी गहरी थी कि वो किसी भी प्रकार की बात एक दुसरे को बोल देते थे
कुशल- साले मेरी माँ का तो पता नही पर एक बार तो मैंने सपने मे तेरे घर में आकर अपना लंड खूब तबीयत से हिलाया था
करण- “किसको सोच कर?”
कुशल- तेरी मोम को सोच कर और किसको
करण- लगता है आज तू सुबह से ही किसी की चूत के दर्शन करके आया है जो सुबह से ही तुझे चूत दिखाई दे रही है
कुशल- सॉरी यार बुरा मत मानना मै तो मज़ाक कर रहा था
करण- अबे तेरी बात का बुरा मान कर मैं कर भी क्या लूँगा, तेरा कोई भरोसा नही है, तू मेरी मोम को ढंग से देख लेगा ना तो उसे भी चोदने के बारे मे सोचने लग जाएगा, आख़िर हरामी जो ठहरा
कुशल- “नही यार, तेरी मोम तो बूढ़ी हो गई होगी, उसकी चूत मार कर क्या मजा आएगा” कुशल करण के मन की बात जानना चाहता था, इसलिए जानबुझकर ऐसी बाते कर रहा था,
करण- “अबे साले, तूने अगर मेरी मोम को देखा होता तो ऐसी बात नही करता”
कुशल- “अच्छा तो क्या तेरी मोम अभी तक जवान है”
करण- “तू बैठ मैं पहले अपनी सिगरेट लेकर आता हूँ, फिर आराम से बैठ कर बाते करेगे, आज मेरा लंड भी सुबह से परेशान कर रहा है”
कुशल- “क्यो तुझे तेरी मोम की गदराई फूली हुई चूत याद आ गई क्या…हा हा हा” कुशल हँसते हुए बोला
करण- “अबे तू एक बार अगर मेरी मोम की मस्त चूत और मोटी गान्ड देख लेगा ना तो पागल हो जाएगा कसम से”
कुशल- “अबे दिखा चाहे ना दिखा, तू अपने मुँह से ही बता दे, मुझे तो उसमे ही मज़ा आ जाएगा, और साले तेरा लंड तो पेंट के अंदर ही खड़ा हो रहा है साले”
करण- “अरे यार क्या बताऊ, तूने आते ही मेरी मोम की फूली हुई चूत की बात करके मेरा लंड खड़ा कर दिया है”
कुशल- “क्या तेरी मोम की चूत इतनी ज़्यादा मस्त और फूली हुई है, तूने देखी है क्या कभी”
करण- “ हाँ यार अब तुझसे क्या छुपाऊ, दरअसल मैंने हमारे बाथरूम के दरवाजे में छोटा सा छेद कर रखा है, इसलिए कई बार उन्हें नहाते हुए देखता हूँ छुप छुप कर, हाय…मेरी मोम की चूत देख कर तो बुड्ढे का लंड भी झटके मारने लगे, क्या गदराई चूत है उनकी और उनकी मोटी गान्ड देख कर तो तू खड़े-खड़े ही उनकी गान्ड मे अपना लंड फांसने को तैयार हो जाए” करण ने अपने लंड पर हाथ मसलते हुए कहा
कुशल- “क्या सच में में तेरी मोम की गांड मोटी और गदरायी है” कुशल को समझ आ गया था कि जल्द ही वो अब करण का लंड प्रिया मेम की चुत में डालने में सफल हो जाएगा क्यूंकि आग तो दोनों तरफ बराबर लगी हुई थी
करण- “अरे अगर तू मेरी मोम को पूरी नंगी देख लेगा ना तो तेरे लंड से खड़े-खड़े ही पानी निकल जाएगा, मेरी मोम की गदराई जवानी उसकी मोटी गान्ड और उसकी मोटी-मोटी चिकनी जांघे, हाय मैं तो अपने लंड को अपनी मोम को पूरी नंगी सोच कर ही हिलाता हूँ, ऐसी जबरदस्त गान्ड और ऐसी फूली हुई चूत मैंने आज तक नही देखी”
अब कुशल उसको क्या बोलता, वो तो अभी कुछ देर पहले ही उस मस्त चूत और गांड की सवारी करके आया है
कुशल- “अच्छा ये बता तेरी मोम की उमर कितनी है”
करण- “अरे यार कम से कम 45 की होगी, पर उसकी गदराई जवानी आज भी इतनी कसी हुई है, उसके भारी-भारी चुतड तो तेरे दोनो हाथो मे भी नही समा सकते और एक दम गोरी गान्ड है उसकी और उसकी चुत उफ्फ्फ्फ़ क्या बताऊ, आज भी वो अपनी चुत के बाल जब साफ कर लेती है तो उसकी चुत इतनी गोरी और इतनी फूली हुई नज़र आती है कि दिल करता है की अपनी मोम की चूत मे अपना मुँह रख कर अपने मुँह से उसकी फूली हुई चूत को दबाता ही रहू, उसकी गदराई जंघे देख कर तो मैं पागल हो जाता हूँ, इतनी चिकनी और इतनी मोटी-मोटी गदराई जंघे है कि अपने दोनो हाथो मे भर-भर कर दबोचने मे मज़ा आ जाए, उसके दूध इतने मोटे-मोटे और कसे हुए है कि क्या बताऊ यार”
कुशल -अच्छा करण प्रिया मेम कोनसी पेंटी पहनती है, बता न यार”
करण- “अरे वो तो अपनी भारी गान्ड के उपर इतनी छोटी सी पेंटी पहनती है कि उसकी पेंटी तो उसकी मोटी गदराई गान्ड की दरार मे ही फस जाती है और उसके भारी-भारी चुतडो के पाट पूरे नंगे ही नज़र आते है, और तो और जब मेरी मोम की चूत उसकी गुलाबी पेंटी मे कस जाती है तब भी मेरी मोम की चूत पेंटी के उपर से भी इतनी फूली हुई नज़र आती है कि अपने हाथो के पूरे पंजो से पकड़ कर दबोचने पर भी मेरी मोम की फूली हुई चूत पकड़ मे ना आए”
कुशल- अच्छा करण जब तेरी मोम अपनी मोटी गदराई जाँघो को फैला लेती है, तब उसकी चूत कैसी नज़र आती है”
करण- “सबसे बड़ी बात तो यह है कि मेरी मोम हमेशा अपनी चूत के बाल साफ करके उसे एक दम चिकना रखती है और जब वह अपनी मोटी-मोटी गदराई जाँघो को फैला लेती है तो उसका चूत पूरा भोसड़ा नज़र आने लगती है, उसकी चूत की फूली हुई मोटी-मोटी फांके बहुत ही गदराई हुई लगती है और जब वह घोड़ी बन कर खड़ी होती है तो उसकी फूली हुई गदराई फांके बहुत ही खूबसूरत लगती है,
ऐसा लगता है जैसे पीछे से उसकी मस्तानी फूली हुई चूत की मोटी-मोटी फांको को फैलाकर अपनी मोम की चूत को खूब कस-कस कर चाट लू, मेरी मोम की चूत और मोटी गान्ड को जब से देखा है मैं तो पागल हो गया हूँ यार, मेरा लंड दिन रात अपनी मोम की चूत और गान्ड चोदने के लिए तड़पता रहता है, मैं तो दिन रात अपनी मोम को अपनी कल्पना मे नंगी करके खूब कस-कस कर चोदता हू और यह फील करता हूँ कि कैसे मेरी मोम अपने नंगे बदन को मुझसे चिपका-चिपका कर मुझसे अपनी चूत और गान्ड मराएगी, जब मैं अपनी मोम को अपने सपनो मे पूरी नंगी करके खूब कस-कस कर चोदता हूँ ना तो मुझे बहुत मज़ा आता है और मैं तबीयत से
झड़ता हूँ”
कुशल- “करण पर यार प्रिया मेम थोड़ी सी मोटी नही है क्या” कुशल करण के दिल और लंड को आग को और भी ज्यादा भड़का रहा था
करण- “अबे साले ,तू उसे मोटी नही गदराई गांड बोल, उनका गुदाज उभरा हुआ पेट उसकी गहरी नाभि, उसके भारी-भारी मोटे-मोटे चुतड, उसकी गदराई चिकनी और खूब मोटी जंघे और सबसे खूबसूरत चिकनी फूली हुई चूत, उफ्फ कुशल मेरे भाई मैं तो अभी ही झड़ जाऊंगा…हय्य्य….भले ही मेरी मोम थोड़ी भारी बदन की है लेकिन उसे चोदने मे मज़ा आ जाए, उसे जब पूरी नंगी करके उसके नंगे गदराए बदन पर चढ़ कर उसे चोदो तो मज़ा आ जाए, तू पिछली बार कह रहा था ना कि करण तेरी फॅंटेसी क्या है तू किसको नंगी सोच कर अपने लंड को सहलाता है, तू किसकी चूत को अपनी कल्पना मे चोद-चोद कर झाड़ता है, तो दोस्त वह मेरी मोम है जिसको अपने कल्पना मे मे कई बार चोद चुका हू”[
कुशल- “यार करण जब तू अपनी मोम की मोटी-मोटी गदराई गान्ड देखता है तो तुझे कैसा फील होता है”
करण- “मुझे लगता है की पीछे से जाकर उसकी मोटी गान्ड मे अपना लंड फसा कर इस कदर अपनी मोम की मोटी और गदराई गान्ड मारू की वह मस्त हो जाए, मेरी मोम की गान्ड है भी इतनी मोटी और गदराई हुई की उसे खूब कस-कस कर अपने मोटे लंड से चोदना पड़े तब जाकर उसे कुछ मज़ा आएगा, तू सोच कुशल मेरी उस समय क्या हालत होती होगी जब मे अपने घर जाता हू और मेरी मोम दिन भर के स्कूल के बाद मेरे सामने अपनी मोटी-मोटी गान्ड मटकाती हुई घूमती है, तब तो दोस्त ऐसा लगता है कि अभी अपनी मोम की साडी उठा कर उसकी मोटी गान्ड मे अपना लंड फसा कर खूब कस-कस कर अपनी मोम की मोटे-मोटे चुतडो को चोद दू, मेरा तो लंड दिन भर उसकी गदराई जवानी, मोटे-मोटे फैले हुए चुतड और फूली हुई चूत को देख-देख कर खड़ा रहता है, उपर से अपनी छोटी सी पेंटी भी मेरे सामने ही बाथरूम मे टांग देती है तब बस यही कल्पना करता हू कि यह छोटी सी पेंटी मेरी मोम की मोटी गान्ड और फूली हुई चूत से कैसे कसी रहती होगी”
कुशल- “फिर तो करण तेरा मन अपनी मोम को पूरी नंगी करके खूब कस-कस कर चोदने का करता होगा?”
करण- “हा यार ऐसा लगता है कि दिन रात अपनी मोम को नंगी करके चोदता ही रहू”
कुशल- “पर तूने अपनी मोम को पहली बार पूरी नंगी कब देखा था?”
करण- “अरे एक दिन मैं अपने रूम मे लेटा हुआ था तभी मुझे प्यास लगी और मैं किचन की ओर पानी लेने गया तो देखा की मोम का रूम अंदर से बंद था, मैं सोचने लगा कि मोम दिन मे ही रूम लॉक करके क्या कर रही तब मैंने दरवाजे के के की होल से अंदर देखा ,जैसे ही अंदर झाँक कर देखा मेरे तो होश उड गये,
कुशल- क्यो ऐसा क्या देख लिया तूने
करण- अरे मेने देखा मेरी मोम पूरी नंगी खड़ी होकर अपनी चूत के बाल साफ कर रही थी, उसकी मोटी और गदराई जवान फूली हुई चूत और मोटी-मोटी गान्ड देख कर मे तो पागल हो गया और मेरा लंड अपनी मोम की नंगी मदमस्त जवानी को देख कर खड़ा हो गया, वह अपनी चूत के एक-एक बाल को बड़े प्यार से साफ कर रही थी और उसकी चूत से जैसे-जैसे बाल साफ हो रहे थे उसकी गोरी चूत और ज़्यादा फूली हुई नज़र आने लगी, उसकी फूली हुई चूत के मोटी-मोटी फूली हुई फांके और उसकी चूत का कटाव साफ नज़र आ रहा था और उसके पेडू और गदराए पेट के उठाव ने मुझे पागल कर दिया था, जब वह थोड़ा घूम गई तो उसकी गदराई मोटी गान्ड देख कर तो मेरा दिल करने लगा कि अभी जाकर अपनी मोम की गदराई उठी हुई मोटी गान्ड मे अपने लंड को कस कर पेल दू, जब मेरी मोम के चूत के बाल पूरे साफ हो गये तो वह अपनी फूली हुई गदराई चूत को अपने हाथ से सहलाते हुए बचे हुए बालो को ढूँढने लगी, उसकी चूत के फूले हुए हिस्से को देख कर मेरे मुँह मे पानी आ गया और मुझे ऐसा लगने लगा कि काश ऐसी फूली हुई चूत को चूमने का मोका मिल जाए तो ऐसी रसीली चूत को रात भर नंगी करके चाटूं
कुशल- “आगे बता फिर क्या हुआ” कुशल गर्म होते हुए बोला
करण- “फिर उस दिन मेने अपनी मोम की नंगी गदराई जवानी को ध्यान करते हुए, उसकी फूली हुई चूत और मोटी गान्ड को कस-कस कर चोदने की कल्पना करते हुए तबीयत से मूठ मारी और तू यकीन नही करेगा अपनी मोम को पूरी नंगी करके चोदने की कल्पना करके जब मेने अपना लंड हिलाया तो मुझे उस दिन सबसे ज़्यादा मज़ा आया, उस दिन के बाद मे अपनी मोम को पूरी नंगी देखने के मोके ढूढ़ने लगा और मेने फिर उसे कभी बाथरूम मे कभी उसके रूम मे कई बार नंगी देखा और अपनी मोम को पूरी नंगी करके चोदने का सोच-सोच के खूब लंड हिलाया,
कुशल- “कभी तूने अपनी मोम को चोदने की कोशिश नही की”
करण- “नही यार मेरी मोम बहुत सख़्त है, इसलिए मेरी कभी हिम्मत ही नही पड़ी, हाँ किसी ना किसी बहाने से कभी अपनी मोम की मोटी गान्ड कभी उसके मोटे-मोटे दूध, और कभी उसकी गदराई जाँघो को ज़रूर छू कर मज़ा लिया है पर चोदने का कभी मोका नही मिला और ना ही मेरी कभी हिम्मत ही पड़ी,
कुशल- “अबे यह बात तू मुझे पहले बता देता तो मैं कुछ ना कुछ आइडिया तो तुझे ज़रूर दे देता कि कैसे बात आगे बढे”
करण- “रहने दे यार, तेरे आइडिया मुझे किसी भी दिन मरवा देंगे, मैं तो अपनी मोम को चोदने की कल्पना करके लंड हिलाकर ही खुस हो लेता हू, मुझे कोई रिस्क नही लेना है”
कुशल- “खैर जैसी तेरी मर्ज़ी पर तूने अपनी मोम की चूत और गान्ड को जब से देखा होगा तब से तुझे भारी बदन वाली औरतो को ही चोदने का मन करता होगा”
करण- “अरे मुझे तो अपनी मोम को ही चोदने का मन करता है लेकिन क्या करू, अपनी मोम की चूत मारने के लिए गान्ड मे दम भी तो होना चाहिए, अपनी मोम को फसा कर चोदना कोई मज़ाक तो नही है”
कुशल- “तू ठीक कहता है, लेकिन अगर तू कोशिश करता तो शायद सफल भी हो जाता, क्योकी औरतो को भी मोटे-मोटे लंड की बहुत चाह होती है, तूने अपना मोटा लोडा अपनी मोम को दिखा दिया होता तो शायद वह भी तेरी और ध्यान देने लगती”
करण- “तू कहता तो ठीक है पर ऐसी स्थिति भी तो बनना चाहिए कि मैं यह सब कर सकता”
कुशल- “अरे यार ज़यादा कुछ नही तो अपनी मोम की फूली हुई चूत को एक बार सोते हुए ही अपनी मुट्ठी मे भर के तो देखता तुझे नही मालूम ऐसी गदराई औरतो की चूत को अपनी मुट्ठी मे भर कर मसल्ने मे कितना मज़ा आता है”
करण- “अरे डियर अपनी मोम की चूत को तो मैं कई बार जब वह गहरी नींद मे होती थी तब अपनी मुट्ठी मे भर कर दबोचने क्या, एक बार तो उसकी साडी सोते हुए पूरी उपर हो गई थी और उसने पेंटी भी नही पहनी हुई थी और शायद झाँट के बाल भी उसने एक दिन पहले ही बनाए थे, तब तू बात नही मानेगा मेने अपनी मोम की फूली हुई चूत पर अपने मुँह को रख कर जब उसकी गदराई मुलायम चूत को चूमा तो मेरा लंड अपना पेंट फाड़ कर बाहर आने को तड़प उठा, अपनी मोम की फूली हुई चूत की मादक गान्ड ने मुझको पागल कर दिया था, मुझसे रहा नही गया और जब मेने हिम्मत करके अपनी मोम की फूली हुई चूत की मोटी-मोटी गदराई फांको को अलग करने की कोशिश की वह एक दम से करवट ले कर लेट गई और मेरी तो गान्ड ही फॅट गई लेकिन किस्मत से मे बच गया तब से ज़्यादा कुछ नही करता हू, जब भी देखता हू कि वह गहरी नींद मे है तब कभी उसकी मोटी गान्ड को सहला लेता हू या फिर उसकी गदराई फूली हुई चूत पर अपना हाथ फेर लेता हू और फिर जाकर मूठ मार लेता हू”
कुशल- “हाय तुझे तो बड़ा मज़ा आया होगा प्रिया मेम की फूली हुई चुत को अपने हाथो मे भर कर दबोचने मे”
करण- “हा यार ऐसा मज़ा तो आदमी को पागल कर देता है”
कुशल –“चिंता मत कर मेरे भाई, हर कुत्ते का दिन आता है, तेरा भी आएगा, जरुर कभी ना कभी तू प्रिया मेम की फूली हुई चुत में अपना लंड डाल पायेगा”
करण –“तेरे मुंह में घी शक्कर मेरे भाई”
कुशल –“अच्छा, यार अब मैं चलता हूँ, घर पर कुछ काम भी है, बाय”
करण –“ओके, बाय, जल्दी वापस आना”
करण फिर अपने कमरे के बाथरूम में घुस गया और कुशल उसके कमरे से बाहर आ गया, बाहर प्रिया मेम सोफे पर बैठी टीवी देख रही थी, कुशल उसके पास गया और उनको अपनी बाँहों में लेते हुए मस्त किस करने लगा,
प्रिया मेम –“क्या कर रहे हो मेरे राजा, अभी करण घर पर है”
कुशल –“आपको एक खुसखबरी देनी है”
प्रिया मेम –“क्या”
कुशल –“अगर मेरा प्लान कामयाब हुआ तो जल्द से जल्द आपके बेटे का लंड आपकी मस्त चुत में फिट होगा”
प्रिया मेम –“सच्ची….काश ऐसा ही हो”
कुशल –“चलो ठीक है मेम अब मैं घर जाता हूँ, घर वाले वेट कर रहे होंगे, बाय मेम”
प्रिया मेम –“बाय मेरे राजा, जल्दी आना वापस, मैं और मेरी निगोड़ी चुत तुम्हारा इंतज़ार करेगी”
फिर कुशल वापस अपने घर के लिए निकल गया

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