प्रीति को लिटाने के बाद कुशल उसकी वॉर्डरोब खोलता है और उसमे से एक ब्रा और पैंटी का मॅचिंग सेट निकालता है.
” तू क्यू टेन्षन ले रहा है. मैं…. मैं ये पहन सकती हूँ……” प्रीति ने उठते हुए बोला
” मुझे लगता है कि मुझे तेरी हेल्प करनी चाहिए….” कुशल सीरीयस होते हुए बोलता है.
प्रीति अब बेड से उतर कर खड़ी हो चुकी थी. उसकी चाल मे एक लड़खड़ाहट थी.
” चल अब चुप खड़ी रह और मैं पहनाता हू….” कुशल प्रीति के करीब आता है.
प्रीति एक झटके से अपनी ब्रा पैंटी उससे छीनती है ” तू बस दूर खड़ा होकर देख…..” प्रीति उससे बोलती है.
कुशल वहीं खड़ा होकर देखता है. थोड़ी हो देर मे वो दोनो चीज़े पहन चुकी थी. क्या कयामत लग रही थी वो, ऐसे लग रहा था कि वाकई मे किसी कली से कोई फूल निकला हो.
कुशल उसकी खूबसूरती से पागल हो चुका था और वो आगे बढ़ता है.
” दूर रह प्लीज़….. और काफ़ी देर से हम साथ हैं प्लीज़ तू नीचे का माहौल देख कर आजा…..” प्रीति कुशल को समझाती है.
” उसके बाद…..?” कुशल सवालो भरी निगाहो से पुछ्ता है.
” यार मेरा तो बॅंड बज चुका है….. लेकिन बाते बाद मे पहले नीचे देख कर आ कि क्या सिचुयेशन है……..”
कुशल नीचे चला जाता है.
दूसरी तरफ
हालाँकि आराधना शॉक्ड थी आख़िर कैसा क्या हो गया कि डॅड बाहर चले गये लेकिन फिर भी दिल पर बोझ ना रखते हुए वो आकर बेड पर लेट जाती है.
रूम के सीलिंग की तरफ देखते हुए वो मुस्कुरा रही थी.
” थॅंक यू……..” अपने बूब्स की गहराइयो मे झाँकते हुए वो उन्हे खुद ही थॅंक यू बोलती है क्यूंकी उन्होने पंकज को अट्रॅक्ट करने मे पूरी भूमिका निभाई.
बेड पर सीधा लेटने के बाद उसके बूब्स का क्लीवेज उसे ही खुद ही एग्ज़ाइटेड कर रहा था. लेकिन जैसे वो अभी देल्ही मे नयी थी और उसे ये भी नही पता था पंकज को आने मे कितना टाइम लगेगा तो वो सोचने लगी कि वो क्या करे. फिर उसे याद आया कि क्यू ना सिमरन को फोन किया जाए और वैसे भी आराधना ने उसे बोला था कि वो पहुँचने के बाद फोन करेगी. वो उठ कर अपना फोन उठाती है और मिलाती है
सिमरन – “हाँ बेटा….”
आराधना – “हाँ मम्मा. मैं देल्ही पहुँच चुकी हू……..” आराधना उसके बेटे वाले शब्द का रिप्लाइ करते हुए बोलती है.
सिमरन -” और सुना अभी कहाँ है……?”
आराधना -” अभी तो मैं……. अपने डॅड के बेड पर लेटी हू……..” आराधना बड़े ही सेक्सी अंदाज मे बोलती है.
सिमरन -” इतनी जल्दी बेड पर भी पहुँच गयी…… बहुत फास्ट है यार तू तो….. डॅड कहाँ पर हैं?”
आराधना -” यहाँ नही हैं….. बोल कर गये हैं कि अपनी ईव्निंग ड्रिंक लेने जा रहा हू….मैं उन्ही के रूम मे रुकी हू पर पता नही आज रात क्या होगा…” आराधना सीरीयस होते हुए बोल रही थी.
सिमरन -” ओह्ह यस…. अब तेरा काम हो जाएगा….. पक्का. अकेला रूम, तुझ जैसा हॉट माल रूम मे और उपर से ड्रिंक…… तुझसे देख कर तो नमार्द का भी खड़ा हो जाए और तेरे डॅड तो एक ताकतवर इंसान है….. मेरी रानी तेरी तो फट जाएगी आज रात गारंटी से……” सिमरन उसे और भी एरॉटिक स्टाइल मे समझाती है.
आराधना-” बहुत मेहरबान है मुझपे तू…. क्या बात है क्या कर रही है अभी…..”
सिमरन -” मेरी जान…… अपने वॉशरूम मे हू……. एक हाथ मे बियर है और दूसरे हाथ मे मेरा प्यारा डिल्डो है….. मुआाहह….” सिमरन अपने टॉय डिल्डो को किस करती है
आराधना -” तो…. तो क्या तू…. तू मास्टरबेट कर रही है……..?” आराधना झिझकते हूर पूछती है.
सिमरन -” येस्स्स्स्स्स…..” उसकी आवाज़ ऐसी थी जैसे डिल्डो उसने अपनी चूत मे घुसा लिया हो…….
आराधना -” मस्त गर्ल है यार तू…. लाइफ को एंजाय करती है. क्या साइज़ है तेरे डिल्डो का……” आराधना भी इंट्रेस्टेड होने लगी थी.
सिमरन -” ज़्यादा नही 7 इंच है……” सिमरन तो जैसे हवा मे ही थी.
आराधना -” लेकिन…. तेरा तो बॉय फ्रेंड है ना…. फिर तू डिल्डो क्यू यूज़ करती है…….”
सिमरन -” मेरी जान….. वो मेरी चूत मारने के बाद भी मास्टरबेट कर लेता है तो क्या मैं नही कर सकती……?”
आराधना -” तुझे कैसे पता कि वो मास्टरबेट करता है…….”
सिमरन -” कम ऑन यार बोर मत कर…… हम अक्सर नाइट मे फोन सेक्स भी करते है………..”
आराधना -” फोन सेक्स??? कैसे करते हो………”
सिमरन – ” थोड़ी डर्टी और रोमॅंटिक टॉक…… मैं इधर अपने डिल्डो से मास्टरबेट करती हू और वो उधर अपने कॉक को हिला कर मास्टरबेट करता है…… ऐसे करते है फोन सेक्स…..”
आराधना-” ओह माइ गॉड…… यू आर रियली डर्टी गर्ल…..”
सिमरन -” मेरी जान जितनी डर्टी थिंकिंग तुम अपने पार्ट्नर के लिए रखोगी वो तुम्हे उतना ही सेक्सी कहेगा. नही तो घूँघट करके बैठने से तो इज़्ज़त मिलेगी नही…..”सिमरन की बाते आराधना के सर को घुमा रही थी. वैसे ही वो जिस सिचुयेशन मे थी वो इतनी कामुक थी और दूसरी तरफ सिमरन की ये बाते उसे और पागल कर रही थी.
आराधना -” सेक्सी गर्ल…. मुझे भी तो आगे हिंट दे कि क्या करू…. मुझे बड़ी बेचैनी हो रही है…..” आराधना अपने हाथ से ही अपने बूब्स को मसलते हुए बोलती है.
सिमरन -” काश मैं लड़का होती तो तेरी बचैनि मिटा देती…… आराधना सच मे ऐसी बॉडी है तेरी की अच्छे अच्छे का पानी निकल जाए…..”
आराधना -” बाते ना बना और जल्दी बता…… अब नेक्स्ट स्टेप क्या है…..”
सिमरन -” मेरी जान अब नेक्स्ट स्टेप तो तेरे डॅड को लेना है. तू बस अपने हुष्ण का दीदार करती रह उनको……”
आराधना-” चल ठीक है फिर मैं तैयारी मे लग जाती हू…… तू लगी रह अपने डिल्डो के साथ…..”
सिमरन -“कभिईीईईईईई…… तू भी ट्राइ कर ना मेरे साथ……… आअहह……. तू मैं और ये……….. तुझ जैसे पार्ट्नर के साथ तो पुच्छ मत…… ओह आरू…… यू आर वेरी हॉट……. आहह…….”
आराधना -” ओये लगता है तुझे बियर चढ़ गयी है……. तू मस्त रह…. ठीक है….. आज रात मेरे लिए बहुत स्पेशल है तो टाइम वेस्ट मत कर…….”
सिमरन – ” अरुउुुउउ……” आराधना को फुच्च फुच्च की आवाज़े भी आ रही थी, वो समझ गयी थी कि वो डिल्डो उसकी चूत मे स्पीड से अंदर बाहर हो रहा है.
आराधना -” चल बाइ…….” और वो फोन डिसकनेक्ट कर देती है लेकिन आज वो एक अलग ही रूप देख लेती है सिमरन का.
लेकिन आज वो इन सब बातो को सोचने के मूड मे नही थी क्यूंकी उसका प्लान खुद के लिए था.
ईव्निंग हो चुकी थी, बस रात और ईव्निंग के बीच का टाइम चल रहा था. आराधना बेड से उठती है और फिर से बाथरूम मे जाती है, सिमरन की बातो से पता नही उसकी चूत भी गीली हो गयी थी. वहाँ बाथरूम मे पेशाब करके वो अपने आप को रिलॅक्स करती है.
अब अपने आप को तैयार करने की सोचती है. बाथरूम से बाहर आकर वो अपने बॅग को खोलती है और एक के बाद एक अपने सारे कपड़ो को देखती है. उसके पास एक से एक एरॉटिक क्लॉत्स थे, वो सभी पर एक नज़र डालती है लेकिन तभी उसकी नज़र सामने चेर पर रखी एक वाइट शर्ट पर पड़ती है.
ये शर्ट पंकज की थी. जो कि वाइट और थोड़ी ट्रॅन्स्परेंट थी, आराधना के माइंड मे आज एक डिफरेंट प्लान आता है.
वो आगे बढ़ती है और उस शर्ट को उठाती है, फिर आगे बढ़कर अपने बॅग मे फिर से कुच्छ ढूँढने लगती है. और बाद मे से ढूँढ कर एक वाइट पैंटी निकालती है. उस पैंटी को अपने हाथ मे लेने के बाद उसके चेहरे पर एक शैतानी मुस्कान थी.
वो शर्ट और पैंटी को लेकर खड़ी होती है और रूम के लास्ट कॉर्नर मे जाकर खड़ी हो जाती है.
सबसे पहले वो अपने उस ब्लू स्ट्रिंग टॉप को उतारती है. नीचे ब्रा नही पहनी थी तो उसके बूब्स आज़ाद थे अभी, खुद आराधना भी अपने बूब्स के साइज़ को देखकर हैरान थी. कितने मस्त लग रहे थे वो दो अनमोल रतन.
अपनी पैंटी को उतारने के बाद वो उस वाइट पैंटी को पहनती है. अभी फिलहाल उसकी पीठ डोर के रूम की तरफ थी. अभी उसकी बॉडी पर बस एक पैंटी थी, उसका प्लान ब्रा पहन ने का भी था लेकिन क्या सोच कर उसने कॅन्सल कर दिया और डाइरेक्ट शर्ट पहन ली. शर्ट की हाइट बस पैंटी से थोड़े नीचे थी.
खुले हुए सिल्की और स्टाइलिश बाल, चिकनी बॉडी, नाइल पैंट लगे सेक्सी हॅंड्ज़, मस्त सुडोल गान्ड…… अपने आप पर प्राउड कर रही थी आराधना.
वो अभी भी अपनी पीठ करके ही खड़ी और मस्ती मे अपने कमर को हिला रही थी. शर्ट को खींच कर उसने थोड़ा सा आगे कर लिया था, शर्ट उसकी पतली सी कमर के अंदर घुस चुकी थी. तभी पीछे से गेट खुलता है
धड़क्क्क…… और पंकज की निगाहे आराधना पर थी.
” ओह्ह सॉरी…….” पंकज ऐसी सिचुयेशन मे आराधना को देख कर बाहर जाने लगता है.
आराधना पीछे मूड कर आश्चर्य से देखती है.
” आइ…. आम सॉरी. मुझे गेट बंद करके चेंज करना चाहिए था. लेकिन अब बाहर क्यू जा रहे है…..” ये बोल कर वो सामने की तरफ घूम जाती है. जो शर्ट उसने फोल्ड करके कमर से बाँधी हुई थी वो भी अब खुल चुकी थी. अब आराधना का फ्रंट पोर्षन पंकज की तरफ था,
पंकज गेट के बाहर जाते जाते रुक जाता है और गेट को अंदर रहते हुए ही बंद करता है. अभी भी उसकी नज़रे आराधना के जिस्म पर ही थी.
” तो क्या ले आए आप….” अपने दुपट्टे को अपनी कमर से लपेट कर बाँधते हुए वो पंकज से पूछती है.
आराधना की पैंटी एक ट्रॅन्स्परेंट दुपट्टे के नीचे थी. कहने को तो आराधना ने इसे ढक लिया था लेकिन दिख अभी भी सब कुच्छ पहले जैसा ही रहा था.
” कुच्छ नही…… बस एक बॉटल ले आया हू अपने लिए… और कुच्छ स्नेक्स हैं…….” पंकज अंदर आते हुए बेड पर सारा सामान रखते हुए बोलता है.
” कैसी लग रही हू मैं आपकी शर्ट मैं…..” आराधना खुशी से अपने आप को घूमाते हुए बोलती है.
” ग्रेट….. ऐसे एक्सपेरिमेंट्स होते रहने चाहिए….” पंकज भी जैसे उसे हिम्मत दे रहा था.
सामान रखने के बाद पंकज वॉशरूम मे जाता है शायद अपने हॅंड वाश करने के लिए. जिस दौरान आराधना ने अपनी पैंटी ढुंडी थी उस दौरान उसने अपने बॅग को बुरे तरीके से फैला दिया था, सो नीचे झुक कर उसे फिर से अड्जस्ट करने लगती है.
वॉशरूम के अंदर पंकज जैसे ही एंटर होता है, उसे डिफरेन्स फील होता है. ये आराधना की खुसबु थी जो बाथरूम से आ रही थी, हाथ धोने के दौरान पंकज की निगाह आराधना की ब्रा पर पड़ती है जो कि उसने सूट उतारने के दौरान वहीं छोड़ दी थी.
ये पंकज के लिए एक अलग एक्सपीरियेन्स था. आज तक उसका बाथरूम शेअर् बस उसकी वाइफ के साथ हुआ था, अगर कभी बाथरूम मे अंडरगार्मेंट्स देखे भी होंगे तो सिर्फ़ स्मृति के ही देखे थे वॉशरूम मे.
पंकज का माइंड हुआ कि वो उस ब्रा को टच करे लेकिन शायद उसकी मेचुरिटी ने उसे रोक दिया. वो अपने फेस को वॉश करता है और टवल से क्लीन करते हुए बाहर आ जाता है.
आराधना जैसे झुक कर अपने बॅग के सामान को लगा रही थी तो शर्ट के खुले हुए बटन्स ने उसके बूब्स को फिर से एक बार पंकज के सामने परोस दिया था. टवल से क्लीन करते करते पंकज रुक जाता है क्यूंकी उसे बेदाग, सुडोल, गोल और ठोस चुचियाँ नज़र आ गयी थी. आराधना भी अपनी निगाहे उठा कर पंकज को देखती है, पंकज अपना मूँह खोल कर सिर्फ़ आराधना के बूब्स को देख रहा था.
आराधना ने परवाह ना करते हुए बॅग मे सामान को लगाना जारी रखा. पंकज जैसे तैसे अपना ध्यान वहाँ से हटाता है और फिर से टवल को बाथरूम मे टाँग कर बाहर आ जाता है.
” आराधना तुम माइंड तो नही करोगी अगर मैं ड्रिंक करू…… आक्च्युयली सालो से हॅब्बिट बन गयी है कि थोड़ी सी ड्रिंक करके ही बेहतर नींद आती है.. ” पंकज बेड पर बैठते हुए बोलता है. आराधना फ्लोर पर झुक कर बैठी हुई थी जो कि पंकज से मुश्किल से एक कदम की दूरी पर थी.
” कम ऑन डॅड…. इसमे पुच्छने वाली क्या बात है. मैं इतनी भी नॅरो माइंडेड नही हू……. ” आराधना उसी झुकी हुई पोज़िशन मे रहते हुए बोलती है.
” थॅंक यू बेटा……” और पंकज अपनी शर्ट उतारने लगता है. शर्ट उतारने के बाद अब पंकज अपने बनियान मे था. वॉर्डरोब से वो एक हाफ स्लीव पोलो टीशर्ट निकालता है और उसे पहन लेता है.
दूसरी तरफ आराधना का बॅग भी फिट हो चुका था. और वो उसे उठा कर वॉर्डरोब मे रखने लगती है, पंकज को लगा कि उसे आराधना की हेल्प करनी चाहिए. वो आगे बढ़ता है और आराधना के हाथ से बॅग लेने लगता है. जैसे ही वो बॅग को टच करता है तो दो चीज़े एक साथ हो जाती है – एक तो उसका हाथ आराधना के सॉफ्ट हाथो से टच हो जाता है और दूसरा उसकी एल्बो आराधना के लेफ्ट बूब से टच हो जाती है.
आराधना ने भी हिम्मत से काम लेते हुए अपने आप उसी जगह खड़े रखा. दोनो की नज़रे मिलती है- आराधना की सेक्सी आइज़ पंकज को थोड़ा हिंट देती है लेकिन पंकज चेहरे को दूसरी साइड करते हुए बॅग उठा कर वॉर्डरोब मे रख देता है.
इसके बाद पंकज बिना आराधना की तरफ देखे बेड पे आकर बैठ जाता है. बैठने से पहले एक छोटी सी टेबल को वो बेड के करीब रखता है.
आराधना उस रूम मे रखी चेर पर बैठ जाती है जोकि पंकज के बेड के ठीक सामने थी. पंकज टेबल पर अपनी बॉटल को रखता है और एक ग्लास भी.
” बेटे ज़रा फ्रीज़ से आइस देना…..” पंकज आराधना से बोलता है. आराधना खड़े होकर फ्रीज़ खोलती है और आइस निकाल कर पंकज को दे देती है.
आराधना अब आकर फिर से चेर पर बैठ जाती है. जब वो चेर पर बैठ रही थी तो उसकी वाइट पैंटी विज़िबल थी जोकि आराधना के ट्रॅन्स्परेंट दुपट्टे से धकि हुई थी.
पंकज ग्लास मे एक पेग बनाता और उसमे दो आइस क्यूब डाल कर अपने ग्लास मे पीने लगता है. आराधना इधर उधर घूम रही थी चेर पर बैठे बैठे.
” और सुनाओ आरू बेटा…. कैसा चल रहा है तुम्हारा फॅशन डिज़ाइनिंग का कोर्स……..” पंकज ग्लास का एक और सीप लेते हुए पुछ्ता है.
” एक दम सही चल रहा है डॅड…. आपको तो पता ही है कि फॅशन का तो आज कल बोलबाला है….. ” आराधना ऐसे ही घूमते घूमते रिप्लाइ करती है.
” कह तो सही रही हो तुम लेकिन आज कल का टाइम फॅशन के नाम पर एक्सपोषर है…….” पंकज की निगाहे अब आराधना से मिलती है.
आराधना बड़े स्टाइल मे चेर पर आगे की तरफ होती है और ज़्यादा झूक कर बोलती है -” लेकिन डॅड….. एक्सपोषर ही तो सब पसंद करते है…?” वो चेर पे ऐसे झुकी हुई ही थी कि पंकज शर्ट के अंदर उसके बूब्स को बिल्कुल सॉफ देख सकता है.
पंकज हड़बड़ा सा जाता है. आराधना के बूब्स ऐसे दिख रहे थे जैसे कोई 3डी मूवी चल रही हो.
” आप को भी तो वो सिमरन छोटे कपड़ो मे ही अच्छी लगती है…….” आराधना फ्रिज से ऐसे झुके हुए ही पंकज से फिर से बोलती है.
पंकज अपने पूरे पेग को एक ही बार मे पी जाता है. लेकिन उसने आराधना की बात का जवाब नही दिया. वो अपने ग्लास मे एक और पेग बनाता है, और स्नॅक्स का एक पॅकेट उठा कर आराधना की तरफ फेंकता है.
” क्या आज…… आज तूने….. ब्रा नही पहनी है………..” पंकज थोड़ा सा झिझकते हुए आराधना से पुछ्ता है. शायद शराब का असर पंकज पर हो रहा था.
आराधना अपने आप को सीधा करते हुए चेर पर पीछे हो जाती है.
” नॉटी हो गये है डॅडी आप…..” आराधना स्माइल करते हुए बोलती है, उसका इशारा शायद इसी तरफ था कि पंकज उसकी शर्ट के अंदर झाँक रहा था.
” नही….. नही… कुच्छ ग़लत मत समझ. मैं तो बस बाथरूम मे गया तो वहाँ तुम्हारी ब्रा देखी तो इसीलये पुच्छ रहा था…” पंकज फिर से अपने पेग का एक और सीप लेते हुए बोलता है.
” तो आपको कैसे पता कि मैने अभी कोई ब्रा नही पहनी…… हाआँ…. हो सकता है कि मैने वो उतार कर दूसरी पहन ली हो……..” आराधान फिर से स्माइल करते हुए पूछती है.
” मुझे पता है कि तुमने ब्रा नही पहनी है….. इतना एक्सपीरियेन्स तो है मुझे….” पंकज भी अब एक स्माइल के साथ आराधना के बूब्स की तरफ देखते हुए बोलता है.
” यू आर रियली नॉटी………” और ये बोलकर वो हंसते हंसते चेर से खड़ी हो जाती है. अब उसकी नंगी टांगे भी पंकज के सामने थी. वो पंकज की तरफ देखते देखते वॉर्डरोब की तरफ फिर से बढ़ती है और वॉर्डरोब से अपने बॅग से मेक अप किट निकालती है. वॉर्डरोब मे खड़े होने के टाइम आराधना की गान्ड पंकज की तरफ थी. वो इसी सिचुयेशन मे पीछे मूड कर देखती है और पंकज को अपनी गान्ड को घूरते हुए देख कर स्माइल करती है.
अब वो ड्रेसिंग टेबल के करीब जाकर एक लिपस्टिक लगाने लगती है. इस लिपस्टिक का कलर थोड़ा लाइट चॉक्लेट टाइप था.
” रात मे कहाँ जाने की तैयारी हो रही है………” पंकज आराधना से पुछ्ता है.
” कल कॉलेज मे एक स्माल मेक अप सेशन है तो उसकी ही प्रॅक्टीस कर रही हू……..” आराधना पंकज को ऐसे ही चलाते हुए बोलती है.
” वैसे इस शेड मे कैसी लग रही हू मैं….. ” आराधना अपने चॉकलॅटी लिप्स को पंकज की तरफ दिखाते हुए बोलती है.
” सच बताऊ……” पंकज स्माइल करते हुए बोलता है.
” प्लीज़ सच ही बताएए….” आराधना रिक्वेस्ट करती है.
” एक दम सेक्सी……” पंकज भी अब अपनी बाउंडेशन खोलता जा रहा था.
सेक्सी शब्द सुनकर आराधना शरमा जाती है. और फिर से ड्रेसिंग टेबल की तरफ फेस कर लेती है.
पंकज अपना एक और पेग ख़तम कर चुका था.
आराधना अपनी आइज़ पर मास्कारा लगा रही थी. पंकज की निगाहे बस आराधना की गान्ड पर थी और आराधना सॉफ सॉफ ये मिरर मे देख सकती है.
” आऐईयईई……” आराधना अपने आँख लार हाथ रखते हुए चिल्लती है.
” क्या हुआ बेटा….” पंकज सीरीयस होते हुए बोलता है.
आराधना अपनी एक आँख पर हाथ रखते हुए पंकज की तरफ आकर बेड पर चढ़ जाती है.
” डॅड…. देखना शायद आँख मे कुच्छ गिर गया है…….” आराधना बहुत जल्दी ही अपनी आँख को पंकज की आँखो के करीब ले जाती है. आराधना अभी पंकज के बहुत करीब थी.
चॉकलॅटी लिप्स और बूब्स तो जैसे बिल्कुल बाहर ही थे क्यूंकी शर्ट के उपर के बटन खुले हुए थे और शर्ट भी ट्रॅन्स्परेंट थी.
पंकज अपने हाथ को आगे बढ़ा कर आराधना की आँख खोलता है. लेकिन उसे उसने कुच्छ नही दिखाई देता. आराधना अभी पंकज के दोनो साइड अपने हाथ टिका कर डॉगी स्टाइल मे थी.
जब पंकज उसकी आँख चेक कर रहा था कि तभी आराधना का हाथ बेड पर फिसल जाता है
” आअहह……..” और वो पंकज के सीने के उपर गिर पड़ती है.
पंकज का सीना और आराधना का सीना टकरा गया था. पंकज भी आराधना के गिरने से थोडा सा नीचे हो गया था.
अब आराधना उठने के लिए पंकज की बॉडी का सहारा लेती है. वो अपना हाथ जहाँ रखती है उफफफफफफफफफफफफफफ्फ़, उसका हाथ पंकज के लंड पर जाता है.
पंकज एक बार को हड़बड़ा जाता है लेकिन फिर भी अपनी बॉडी को मूव नही करता. आराधना का हाथ पीछे की साइड था तो वो समझ नही पाई थी कि आक्च्युयली उसका हाथ है कहाँ पर. तो वो उस जगह को समझने के लिए हाथ दबाती है और सेकेंड मे ही उसे समझ आ जाता है कि वो लंड है. आप जान कर वो उस पर अच्छे से हाथ फिराते हुए खड़ी हो जाती है.
” सॉरी डॅड…….” आराधना उसकी आँखो मे देखती हुई बोलती है
दोनो की आँखे टकराती है. आराधना तेज तेज साँसे ले रही थी और उसकी छाती उपर नीचे हो रही थी.
” कैसा लगा तुम्हे………..?” पंकज सीरीयस होते हुए आराधना से पुछ्ता है.
आराधना तो जैसे शॉक्ड हो गयी. उसको आइडिया नही था कि पंकज ऐसी बात पुच्छ लेगा.
” ठि….. ठि…ठीक है. बस साइज़ कुच्छ ज़्यादा है……….” आराधना भी थोड़ा सा झिझकते हुए बताती है
” हा हा हा हा….. मैं तो शर्ट पुच्छ रहा हू कि पहन कर कैसा लगा तुम्हे……..” पंकज ये बात बोलकर हँसने लगता है.
” आप बहुत खराब हो……. जाओ मैं बात नही करती…..” और आराधना बेड से उतरने लगती है.
तभी पंकज उसका हाथ पकड़ लेता है.
” छोड़िए ना……..” आराधना का चेहरा लाल हो जाता है और वो बिना किसी बॉडी आक्टिविटी के वो बोलती है.
पंकज बेड से उतर कर आराधना के ठीक पीछे आकर खड़ा हो जाता है. बिना कुच्छ बोले वो अपने लिप्स आराधना की नेक पर रख देता है.
” आअहह…………. ऊहह…” आराधना की आँखे बंद हो जाती है. पंकज ने उसे प्यार करना शुरू कर दिया था.
अब पंकज अपना एक हाथ आग ले जाकर शर्ट के बटन खोलने लगता है. बटन खोलते टाइम भी पंकज के हाथ आराधना के बूब्स को टच कर रहे थे जिससे आराधना की साँसे और तेज चल रही थी.
शर्ट अब आगे से पूरी खुल चुकी थी. अब एक झटके के साथ आराधना को अपनी तरफ घुमाता है. आराधना के नंगे बूब्स अब पंकज के सामने विज़िबल थे और आराधना की आँखे बंद थी.
पंकज एक झटके के साथ अपने होंठ आराधना के चॉकलॅटी लिप्स से जोड़ देता है और उन्हे पूरी ताक़त से चूसना शुरू कर देता है.
आराधान भी पूरी ताक़त के साथ पंकज के होठ चूस रही थी. आराधना के नंगे बूब्स अब पंकज की छाती मे घुसे जा रहे थे लेकिन पंकज ने अभी टीशर्ट पहनी हुई थी.
आराधना किस्सिंग को कंटिन्यू रखते हुए अपने दोनो हाथो से अपनी शर्ट को उतारने लगती है. वो बहुत तेज़ी के साथ ये काम करती है.
अपनी शर्ट उतारने के बाद वो पंकज की टीशर्ट को नीचे से पकड़ती है और उपर उठा लेती है. एक पल के लिए दोनो के लिप्स अलग होते है और टीशर्ट बाहर और फिर से दोनो के लिप्स चिपक जाते है.
पंकज ऐसे लिप्स को चूस रहा था जैसे की आराधना के लिप्स से कोई रस निकल रहा हो. आराधना फिर से अपना हाथ नीचे ले जाती है और उसके बनियान को पकड़ कर ठीक उसी तरीके से उतार देती है जैसे की उसने टीशर्ट उतारी थी.
अब दोनो छातिया नंगी थी. जब आराधना के बूब्स पंकज की छाती से टकरा रहे थे तो ऐसा लग रहा था कि रूम मे चिंगारियाँ उठ रही हो. दोनो के सीने एक दूसरे मे समा जाने को तैयार थे.
आराधना की कपड़े उतारने की पहल से पंकज भी काफ़ी एग्ज़ाइटेड हो चुका था. किस्सिंग के दौरान ही आराधना अपना हाथ नीचे ले जाती है और उसके लंड को पॅंट के उपर से पकड़ कर दबाने लगती है. वो पत्थर बन चुका था.
आराधना अपने हाथ को लंड से हटाकर नीचे अपनी पैंटी पर ले जाती है और एक सेकेंड को किस्सिंग से हटकर उस वाइट पैंटी को उतार कर अपने पीछे फेंक देती है. आराधना ऐसे पेश आ रही थी जैसे कि कपड़ो से तो कोई दुश्मनी हो.
अब वो धीरे धीरे पंकज की आँखो मे देखते हुए उसे पीछे ले जाती है और वॉर्डरोब से टिका देती है. वो पंकज की बेल्ट खोलती है और उसकी जीन्स को नीचे कर देती है. नीचे करते ही उसके लंड का भयानक रूप उसके अंडरवेर मे था.
अब अंडर वेर को भी नीचे करके आराधना घुटनो के बल पंकज के सामने बैठ जाती है. अंडरवेर अलग होने के बाद दोनो बिल्कुल नंगे थे.
आराधना घुटनो के बल पंकज के सामने बैठी हुई थी और पंकज खड़ा हुआ था. पंकज का खड़ा और तना हुआ लंड आराधना के मूँह के बहुत करीब था. पंकज की आँखो मे देखते देखते ही अपने लिप्स को आराधना पंकज के लंड पर लगा देती है और उसे चूसने लगती है. आज आराधना का कॉन्फिडेन्स गजब का था. पंकज का तो बुरा हाल हो गया जैसे ही उसके लंड पर आराधना के लिप्स पड़ते है
” ओह माइ गॉड…….. यू आर……… सो सेक्सी आरू…………………” पंकज की आँखे बंद हो चुकी थी. आराधना बड़े ही मस्त अंदाज मे उसका लंड चूस रही थी
” ओह……… लाइकीयीईयीई…….. दट ओन्ली…………. सूपर गर्ल…………………”
आराधना अपने होठ तेज़ी से आगे पीछे कर रही थी. पंकज का एग्ज़ाइट्मेंट सातवे आसमान पर था. बला की खूबसूरत लग रही थी आज आराधना भी, उसके सिल्की बाल बार बार उसके चेहरे पर आ रहे थे जोकि वो अपने हाथ से पीछे कर रही थी.
” अरुउउउ….. यू र्र्र्र्ररर ग्रेट…….. ओह……….. आअहह……. म्*म्म्ममममह” पंकज की आवाज़ से पूरा रूम गूँज रहा था.
पंकज अपना दोनो हाथ से आराधना का सर पकड़ कर खुद भी हिलने लगता है.
” आहह………. यू……… सेक्शययययययययी”
पंकज इशारे मे आराधना को रुकने को बोलता है. शायद वो कुच्छ ज़्यादा ही एग्ज़ाइटेड हो चुका था.
आराधना अपने मूँह से पंकज के लंड को बाहर निकालती है. वो अभी भी घुटनो के बल बैठी हुई थी जबकि पंकज आगे बढ़ कर उसी चेर पे जाकर बैठ जाता है जिस पर पहले आराधना बैठी थी.
वो चेर पे जैसे ही बैठता है तो उसका लंड ऐसे आसमान छुने की तैयारी कर रहा था. वो अपने दोनो हाथ पर थूक लगाता है और उसे लंड पर मसलता है.
आराधना उसका इशारा समझ चुकी थी. आराधना भी खड़ी होती है और पंकज की तरफ चल देती है. वो समझ चुकी थी कि पंकज उसे अपने उपर चाहता है, आराधना शुवर नही थी कि फर्स्ट टाइम सेक्स के लिए क्या वो पोज़िशन सही है लेकिन चूत की आग मे वो जले जा रही थी और ज़्यादा इंतेज़ार नही कर सकती थी.
वो भी उस चेर पर जाकर उसके दोनो साइड टाँग करके खड़ी हो जाती है. अब पंकज के ठीक सामने आराधना थी और आराधना की चूत के ठीक नीचे पंकज का लंड था. आराधना एक हाथ से चेर पकड़ती है और दूसरे हाथ पे थूक लगा कर वो भी अपनी चूत पर ले जाकर मसलने लगती है. उसकी चूत वैसे ही बहुत गीली हो चुकी थी.
पंकज के इशारे के बाद आराधना खुद लंड पकड़ कर अपनी चूत पे लगाती है.
अब वो मिज़ाइल जैसा लंड आराधना की चूत पर था. पंकज आगे बढ़ कर आराधना के बूब्स को अपने मूँह मे भर लेता है और आराधना के कंधे पकड़ कर उसे दबा देता है.
ककककरररर्र्र्र्र्ररर………. साउंड के साथ लंड का सुपाडा अंदर जाता है और आराधना की चूत का मूँह खुल जाता है.
“आआआआआआआआआआआआआआईयईईईईईईईईईईईईई……….” अगर कोई इस साउंड को सुनता तो यही कहता कि रेप हो रहा है. लेकिन नही दर असल आराधना थोड़ा सा ओवर कॉन्फिडेंट हो गयी थी और भूल गयी थी कि लंड का साइज़ क्या होता है.
आराधना की पूरी बॉडी जाम हो गयी थी. और शायद उसके माइंड ने भी काम करना बंद कर दिया था, ऐसी थी पंकज के लंड की मार.
उसके लंड का सुपाडा ही अंदर गया था कि आराधना की चूत तो जैसे फॅट चुकी थी. शुपाडे के अंदर जाने की आवाज़ ही ऐसी थी जैसे कोई बेलून ब्लास्ट हो गया हो. आराधना की गर्दन अभी पंकज के चेहरे के पास थी, पंकज एक एक्सपीरियेन्स्ड मॅन था लेकिन आराधना एक कच्ची कली थी.
एक बार चिल्लाने के बाद अभी तक आराधना की कोई आवाज़ नही निकली थी और ना ही उसकी बॉडी का कोई मूव्मेंट था. कुच्छ ही सेकेंड्स बीते होंगे कि पंकज को अपनी थाइस पर लिक्विड फील होने लगा, उसको समझते देर नही लगी कि आराधना की चूत फट चुकी है.
” आरू……….?” पंकज ऐसे ही चेर बैठे बैठे आवाज़ देता है लेकिन आराधना का कोई रेस्पॉन्स नही था.
पंकज चेर पर थोड़ा सा चेहरा पीछे ले जाकर आराधना को देखने की कोशिश करता है लेकिन आराधना का चेहरा उसे दिखाई नही दिया.
पंकज फिर से आराधना को आवाज़ देता है -” आरू…… क्या हुआ……..”. जब अब की बार आवाज़ नही आती तो पंकज समझ चुका था कि कुच्छ इश्यू है.
वो एक झटके मे आराधना को थोड़ा सा उपर करके अपना लंड उसकी चूत से निकालता है. आराधना का सपोर्ट ना होने की वजह से पंकज को बहुत मेहनत करनी पड़ गयी थी. लंड भी उसकी चूत से ऐसे बाहर आया जैसे पता नही कितनी टाइट चूत हो उसकी.
लंड बाहर निकालने के बाद पंकज चेर से खड़ा होता है और उसी जगह पर पंकज आराधना को अपने कंधो पर उठाता है और थोड़ी ही देर मे उसे वहाँ बेड पर लिटा देता है. पंकज की हार्टबीट जैसे कभी भी रुक सकती है क्यूंकी वो इस केस मे किसी डॉक्टर की हेल्प भी नही ले सकता है नही तो लेने के देने पड़ सकते थे.
आराधना को लिटाने के बाद वो उसके चेहरे को हिलाता है ” आरू…… बेटा आरू…..” लेकिन वो नही बोलती है और शायद वो बेहोश हो चुकी थी.
पंकज नीचे होकर उसकी टांगे फैला कर देखता है तो चूत पर ब्लड के धब्बे थे लेकिन वैसे चूत नॉर्मल दिख रही थी. उसको अहसास हो चुका था कि शायद पोज़िशन ग़लत थी और झटका ज़्यादा तेज लग गया.
पंकज को एसी रूम मे पसीने आने लगे थे. समझ नही आ रहा था कि क्या करे…..
वो भाग कर बाथरूम मे जाता है और मग मे पानी लेकर आता है…
पानी की कुच्छ बूंदे वो आराधना के चेहरे पर गिरता है और फिर से उसका चेहरा हिला कर देखता है.
” थॅंक गॉड…..” पंकज एग्ज़ाइट्मेंट मे बोलता है क्यूंकी उसे आराधना की आँखे खुलती हुई दिख जाती है.
आराधना अपनी आँखे खोलने के बाद अपने डॅड की तरफ देखती है और ब्लंकेट की तरफ इशारा करती है क्यूंकी अभी भी वो बिना कपड़े के ही थी. पंकज उसे ब्लंकेट पकड़ा देता है और वो उसे ओढ़ लेती है.
” तू ठीक तो है ना…….?” पंकज फिर से आराधना से पुछ्ता है
” हाँ….. बस वहाँ बहुत दर्द हो रहा है……….” आराधना का इशारा अपनी चूत की तरफ था.
” वो मैने….. अभी देखा वहाँ पर……. वहाँ… वहाँ सब सही है बस शायद मैने…….” पंकज सेंटेन्स पूरा नही कर पाता
” मैने क्या डॅडी….?” आराधना थोड़ी हिम्मत जुटा कर अपने डॅड से पूछती है.
” वो आरू…. आरू… फर्स्ट टाइम के लिए वो स्ट्रोक ग़लत था…… मुझे ऐसा नही करना चाहिए था.” पंकज अपनी निगाहे नीचे करते हुए कहता है.
आराधना अभी लेटी हुई थी और वो धीरे बेड पर बैठ जाती है और अपने डॅड को हग करती है. ” डॅड आपकी कोई ग़लती नही है….. शायद मैं ही कमजोर रह गयी नही तो लड़की के साथ तो ये होना ही होता है…. ” आराधना भी पंकज को करेज देते हुए बोलती है.
आराधना अभी भी बिना कपड़ो के थी और फिर से उसकी छाती, पंकज की न्यूड छाती से टकरा रही थी. पंकज के हाथ फिर से आराधना की पीठ पर पहुँच जाते है.
तभी आराधना की निगाहे पंकज के लंड पर पड़ती है….
” हा हा हा हा…….. इसे क्या हुआ….. ये तो ऐसे हो गया जैसे गुब्बारे से हवा निकल गयी…….” आराधना पंकज के लंड को पकड़ते हुए बोलती है. वो हैरान थी कि कहाँ लोहे जैसा लंड और अब वो ठंडा होकर कैसा लग रहा था. ते देख कर उसकी हँसी छूट गयी थी.
” वो…. वो टेन्षन मे ये ऐसा ही हो जाता है….” पंकज उसे एक्सप्लेन करता है लेकिन आराधना को हंसता हुआ देखकर वो हॅपी भी था.
“टेन्षन…???? कैसी टेन्षन डॅड……..” आराधना पंकज की आँखो मे देखते हुए बोलती है.
” नही…. वो… वो… तू बेहोश हो गयी थी ना….” पंकज सीरीयस होते बोलता है.
” हा हा हा हा हा……. वेरी क्यूट……. मैं बेहोश हो गयी तो ये ऐसा गया…. अच्छा है. अगर ये ऐसा ही रहे तो अच्छा है. जब ये ऐसाआआआ बड़ा हो जाता है ना तो समझो……” आराधना इशारे मे अपने दोनो हाथो को फेला कर बोलती है.
” नही बेटा….. ये टेन्षन मे कभी काम नही करता…. इसके लिए टेन्षन फ्री रहना ज़रूरी है…..” पंकज फिर से एक्सप्लेन करता है और वो हॅपी भी था कि चलो आराधना हॅपी है.
” ओह्ह्ह…. तो ये टेन्षन मे है….. नॉटी नॉटी….” और प्यार से अपना हाथ वो पंकज के लंड पर फिराने लगती है. लेकिन वो काफ़ी एग्ज़ाइटेड थी लंड के मुरझाए हुए रूप को देख कर और उसे बहुत प्यार आ रहा था उस पर.
लेकिन अगले ही पल वो फिर से आकर लेने लगता है….
“ओह…. डॅड….. क्या टेन्षन ख़तम हो रही है क्या जो ये………” आराधना का इशारा था कि लंड खड़ा होता जा रहा था.
” तू छोड़ इसे और ये बता कि तू सही फील कर रही है अब…..” पंकज खड़ा हो जाता है और आराधना के हाथ से उसका लंड भी अलग हो जाता है.
” मैं पहले भी सही थी और अभी सही हू…… आप टेन्षन ना ले…. वैसे लग तो रहा है कि टेन्षन कम हो रही है…….. हे हे हे हे” आराधना फिर से पंकज की लंड की तरफ देखते हुए बोलती है.
” तो अब…. अब वहाँ सही फील हो रहा है….?” पंकज थोड़ा झिझक तो रहा था लेकिन फिर भी पुच्छ ही लेता है…..
” मैं तो फिट हू एक दम….. लेकिन अगर …… अगर……. अगर आप देखना चाहे तो देख सकते हैं कि वहाँ सब सही है या नही……” आराधना अभी बहुत खिल खिला रही थी लेकिन इस बात के लिए वो थोड़ा हिचकिचाई.
पंकज एक केरिंग पर्सन था तो उसने ब्लंकेट को थोड़ा सा उपर किया. अब आराधना की न्यूड थाइस उसके सामने थी जो कि एक दूसरे से मिली हुई थी.
पंकज एक टाँग को पकड़ कर थोड़ा सा अलग करता है लेकिन फिर भी इतना स्पेस नही बनता कि वो क्लियर देख पाए कि चूत कैसी है अभी.
” वो….ज़रा…..थोड़ा सा……” पंकज इशारा करता है आराधना को कि प्लीज़ थोड़ा सा टाँगो को फैलाओ ताकि वो देख पाए कि क्या सिचुयेशन है.
उफफफफफफफफ्फ़…. आराधना ने अपनी दोनो टांगे ऐसे फैलाई कि कोई भी पागल हो जाए. उसकी चूत बिल्कुल क्लीन थी, और अपनी केपॅसिटी के हिसाब से वो पूरी टांगे फैला चुकी थी. चूत के अंदर तक का हिस्सा अब पंकज देख सकता था. आराधना की निगाहे बस पंकज पे ही थी कि उसका क्या रेस्पॉन्स होगा.
लेकिन रेस्पॉन्स पंकज से नही बल्कि उसके लंड से पता चल रहा था जोकि फिर से तन कर खड़ा हो रहा था.
आराधना ये देख कर मूँह छिपा कर हँसने लगती है…..
” क्या हुआ आरू…..?” पंकज आराधना से पुछ्ता है.
” नही….. ये आपका वो………” फिर से आराधना अपने दोनो हाथ को खोल कर बताती है कि कैसे उसका साइज़ बढ़ रहा है.
” आरू… वो…. दर असल यहाँ देखने के बाद ये थोड़ा…….” पंकज का इशारा आराधना की चूत की तरफ था.
” तो सब ठीक तो है ना…… यहाँ पर…….” बड़े ही सेक्सी अंदाज़ मे अपना एक हाथ वो अपनी चूत पे ले जाती है और एक फिंगर को अंदर डाल कर पंकज से पुछ्ने लगती है.
” सब सही ही लग रहा है……. देखने मे तो……” पंकज उसकी चूत की तरफ देखते हुए बोलता है
” क्या आपको बस देखने से ही पता चल गया………” आराधना का इशारा कुच्छ और ही था.
पंकज अपना एक हाथ आगे बढ़ाता है और उसकी चूत पे रख देता है. वो एक दम चिकनी थी, वैसे भी आराधना सफाई का पूरा ख्याल रखती थी.
” आअहह……” आराधना के मूँह से सिसकारी निकल जाती है और साथ ही उसकी चूत से रस भी आने लगता है.
आराधना को देख कर नही लग रहा था कि वो डरी हुई या घबरा रही थी बल्कि वो तो अपनी दोनो टाँगो को अच्छे से खोल कर बैठी थी.
श्र्र्ररर……….. पंकज अपनी एक उंगली आराधना की चूत मे घुसा देता है.
” उफफफफफ्फ़……….म्*म्म्मममह…….” आराधना की आँखे फिर से बंद हो गयी थी.
” कुच्छ दुखन तो नही है………..” पंकज अपनी एक उंगली अंदर बाहर करते हुए पुछ्ता है.
” दुखन….. तो अब कम हो रही है……… ऊऊऊऊऊऊहझह………..”. आराधना तो लगभग मस्त हो चुकी थी.
इधर पंकज की उंगलियो पर धीरे धीरे आराधना की चूत का रस बढ़ता जा रहा था.
” ओह…… म्*म्म्ममममह……लव मी………….” आराधना अपनी चूत को हिलाने लगी थी अब.
पंकज भी अब झुक चुका था अब….. उस को जो चीज़ अभी तक रोक रही थी वो सिर्फ़ रीलेशन था लेकिन अब चूत का इतना ओपन व्यू मिलने से पंकज भी भटक रहा था.
आराधना की कामुक सिसकियाँ उसे पागल कर रही थी.
पंकज ने टाइम ना लगाते हुए अब अपने होंठ उसकी चूत पे रख दिए………….
“आअहह……म्*म्म्ममह……..” आराधना तेज़ी से अपनी चूत को हिला रही थी.
पंकज अपने एक्सपीरियेन्स का फ़ायदा उठाते हुए अपनी जीभ को अच्छी तरह से उसकी चूत मे घुमा रहा था. लंड के सुपाडे ने चूत को थोड़ा खोल भी दिया था.
” आहह……….दद्द्द्द्द्द्द्दद्ड…….लव मी………लव मी……….” आराधना बहुत ही ज़्यादा मचल रही थी अब. इतनी तो वो कभी नही मचलि थी.
चूत के भंगूर को वो चाटने मे लगा हुआ था और नीचे उंगली का भी काम कर रही थी. डबल इंपॅक्ट हो रहा था चूत पे.
” खा जाओ ईसीईईई…….. आाआऐययईईई……म्*म्मह” अपने दोनो हाथो से आराधना ने पंकज के बाल पकड़ लिए थे जोकि उन्हे नोचने को तैयार हो रही थी.
” फकक्क्क्क्क्क्क्क्क मी…………………”
आराधना अब बहुत तेज चिल्ला रही थी. सच मे अपने वाइल्ड रूप मे आ चुकी थी वो. ल्यूब्रिकेशन के लिए पंकज उसकी चूत को बहुत गीला कर चुका था.
पंकज अब उसकी चूत से हट ता है लेकिन आराधना अभी भी छटपटा रही थी.
पंकज आराधना के कॉन्फिडेन्स को चेक करना चाहता था लेकिन वो कुच्छ सुन मे के मूड मे नही थी.
” प्लीज़ डॅड……… मत तडपाओ………..आअहह…………फकक्क्क्क्क्क्क्क मी प्लीज़………….”
पंकज अब इस सिचुयेशन को अवाय्ड नही करना चाहता था.
पंकज ने एक बार फिर से अपने लंड पे ढेर सारा थूक लगाया और अपने घुटने मोड़ कर आराधना की चूत के सामने आ गया. चूत लंड का एक झटका पहले ही खा चुकी थी और उसके होठ खुले हुए थे.
अपनी लंड के मिज़ाइल जैसे सुपाडे को वो फिर से आराधना की चूत पे लगाता है और आराम से पुश करता है….
फुचह……. कुच्छ ऐसा ही साउंड आता है और लंड सरक कर थोड़ा सा अंदर चला जाता है.
” आहह……..” आराधना की बॉडी का मूव्मेंट थोड़ा सा कम हुआ क्यूंकी लंड का असर फिर से उसकी चूत पर हुआ.
पंकज थोड़ा सा झुकता है और आराधना के मोटे मोटे बूब्स को किस करने लगता है.
” सक देम……… ऐसे दद्द्द्दद्ड…… यू आर माइ मन्न्न्न्न……………”
सकिंग के दौरान ही आराम से थोड़ा सा और पुश करता है और लंड लगभग आधा अंदर चला जाता है.
” आईईईईई……इसस्शह…” रूम मे ऐसा साउंड आ रहा था जैसे कोई लो वाय्स मे विज़ल बजा रहा हो.
लंड बिल्कुल उसकी चूत मे फँस चुका था. आराधना पंकज को अपने बूब्स से खींचती है और अपने होठ उससे जोड़ देती है.
म्*म्मह…..” पंकज भी उसके रसीले होंठो का रस्पान करने लगता है. आराधना उसके होंठो पे कुच्छ ज़्यादा ही प्रेशर बना कर चूस रही थी.
खचह………. इस साउंड के आते ही आराधना के होठ पंकज से अलग हो जाते है क्यूंकी अब लंड अब अंदर तक जगह बना चुका था. पंकज सीध खड़ा होता है तो उसे दिखाई देता है कि बेड शीट खून मे सन चुकी थी लेकिन सेम ओल्ड स्टाइल की वो आराधना को नर्वस नही करना चाहता था.
पंकज अपना लंड बाहर खींचता है और फिर धीरे से अंदर पुश करता है. उसकी चूत के रस की वजह से अब ज़्यादा परेशानी नही हो रही थी. कुच्छ ही देर मे पंकज थोड़ी सी स्पीड पकड़ चुका था.
” आअहह….. आहह……. आहहह… फुक्ककककक मईए……… आइ लाइक यू……….. लव मी……….” आराधना मस्त हो रही थी और बीच बीच मे पंकज के होंठो को भी चूस लेती थी.
पंकज भी दना दन लगा हुआ था. फुच्च फुच्च फुच साउंड तेज़ी से आ रहा था. चूत का पानी, ब्लड मिलकर एक अलग ही ल्यूब्रिकेशन पैदा कर रहे थे.
” आऐईयईईई…… आअहह…… आहहह…..म्*म्म्मममह……..आऐईयईईईईईईई…..ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ज……..” पंकज धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था और आराधना अपनी आँखो से उसे इन्वाइट कर रही थी कि और चोद मुझे.
“फास्ट प्लीज़…… आहह……. एसस्स्स्स्स्सस्स…. प्लीज़ फक्क्क्क मी……..” आराधना अपनी मस्ती के आलम मे चूर हो चुकी थी लेकिन पंकज अभी भी ख्याल कर रहा था कि आराधना कुँवारी है.
पंकज अपनी स्पीड को बढ़ाता है और तेज़ी से धक्के लगाने लगता है. आराधना की सेक्सी आइज़ अब और भी शाइनी हो चुकी थी.
” आहह…… डॅड…………….म्*म्म्ममममममममममह………………आहह………आअहह……..” आराधना अपने हाथ आगे बढ़ाती और पंकज की गर्दन मे डाल कर उसे नीचे को झुकाती है.
“आहह…………….. डेडड्डड्डड्डड्ड……….” आराधना के हाथ कस गये थे और उसके नेल्स पंकज की गर्दन के आस पास लगने लगे थे.
” …..अहह….अहह” आराधना की चूत झटके लेती है और पंकज को अहसास हो जाता है कि वोंझड़ गयी है.
लेकिन पंकज अभी भी स्पीड के साथ लगा हुआ था. फुचह फुच फुचह फुचह……… चूत और लंड के मिलन के साउंड अभी भी आ रहे थे.
” ओह…….. आरू…….” ये पंकज के मूँह से पहला साउंड था.
” आहह……आहह” पंकज तेज़ी से लगा हुआ था. आराधना की टाइट चूत असर कर रही थी.
” आरुउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउ…………” इस साउंड के साथ पंकज अपना लंड बाहर निकालता है और सारा वीर्य बेड शीट पर उडेल देता है.
पंकज की पूरी बॉडी टाइट हो चुकी थी.
आराधना हैरान थी उस पिचकारी से क्यूंकी वो बहुत ही स्पीड से वीर्य को बाहर निकल रहा था.
वो एक प्यारी सी स्माइल के साथ पंकज की तरफ देखती है.
वीर्य निकलते ही पंकज सीधा खड़ा होता है और सीधा वॉशरूम मे घुस जाता है. आराधना उसके बिहेवियर से फिर से एक बार शोकेड हो जाती है.
कुच्छ मिनिट होते है लेकिन पंकज अभी अंदर ही था. आराधना वहीं पे लेटे हुए आवाज़ देती है.
” डॅड….. डॅड….?”
पंकज -” आरू…. तुम आराम करो मे एक बाथ लेकर आ रहा हू……….
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