Ek Lambi Pariwarik Chudai Ki Kahani – Update 16

Ek Lambi Pariwarik Chudai Ki Kahani - Long Incest Story
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कुशल उसकी तरफ मुड़ता है और एक गहरी मुस्कान के साथ कहता है -” सोचूँगा….”

प्रीति को तो जैसे काटो तो खून नही – ” तू मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकता है……” प्रीति उससे रिक्वेस्ट करती है.

लेकिन कुशल को तो पता नही क्या भूत सवार था. वो उसे अपनी पीठ से हटाता है और सीधा रूम से बाहर.

प्रीति ने हिम्मत तो नही हारी लेकिन वो समझ गयी कि उसको सज़ा अपने पिच्छले करमो की मिल रही है. लेकिन उसके इरादे पक्के थे. फिलहाल वो अपना गेट बंद करती है.

कुशल सीधा नीचे आता है. जैसा कि आपने देखा कि वहाँ स्मृति एक रेड ट्रॅन्स्परेंट नाइटी मे बैठी थी. कुशल नीचे आकर अपनी मा को इस सेक्सी स्टाइल मे बैठे हुए देखता है –

” उफफफफ्फ़…. मोम कहाँ बिजलिया गिरा रही हो. यू लुक्स वेरी सेक्सी….” कुशल अपनी मा के सामने बैठते हुए बोलता है.

स्मृति -” तुझसे मतलब…..” और वो वैसे ही बैठ कर अपनी विस्की के पेग को पीए जा रही थी.

कुशल -” मोम ऐसी नाइटी तो मैने पहले कभी नही देखी. आप ऐसी नाइटी पहना करो ना हमेशा….”

स्मृति -” आज सारे कपड़े धोने को वॉशिंग मशीन मे डाले है. बहुत दिनो से नही धोए थे तो बस यही बची हुई थी तो पहन ली.”

कुशल -” क्या सारी ब्रा भी धो दी है क्या आपने….?” कुशल अपनी माँ के ट्रॅन्स्परेंट बूब्स की तरफ देखते हुए बोलता है

स्मृति -” नाइट मे मुझे ब्रा पहन ना पसंद नही है……..”. कुशल को ऐसे रिप्लाइ की उम्मीद नही थी. आज स्मृति ने जिस तरीके से रिप्लाइ किया उससे तो कुशल भी उसकी हिम्मत मान गया

कुशल -” नाइट मे पैंटी पहन ना कैसा लगता है……?” कुशल फिर से एक क्वेस्चन करता है स्मृति से…..

स्मृति -” मुझे……. पैंटी पहन ना भी पसंद नही है.” इस बार स्मृति ने अपनी एक टाँग उठा कर दूसरी टाँग पे इस स्टाइल मे रखी कि कुशल को उसकी थाइस के अंदर तक का खाली नज़ारा दिख गया. लेकिन चूत दिखाई नही दी वहाँ तो बस अंधेरा सा दिखाई दिया.

कुशल का तो जैसे गला सूख जाता है और वो अपने अंदर थूक गटक ता है. कुशल बात को टालते हुए पुछ्ता है –

” मोम, पापा दिखाई नही दे रहे है?” कुशल अंजान बनते हुए पुछ्ता है जैसे उसे कुच्छ पता ही नही है

स्मृति -” बाहर है गार्डेन मे अभी आ रहे है…..” स्मृति भी कुशल से झूठ बोलती है

कुशल -” मोम…. लेकिन प्रीति तो बता रही थी कि पापा देल्ही गये है?””

स्मृति -” तो फिर ज़्यादा स्मार्ट क्यू बन रहा है. हाँ वो गये है देल्ही 15 दिनो के लिए…..”

कुशल ( मुस्कुराते हुए)- ” तो आपका गुज़ारा कैसे होगा इतने दिन…..”

स्मृति – ” मुझे तेरी ये बकवास बिल्कुल पसंद नही……” और स्मृति उठ कर अपने रूम की तरफ जाने लगती है

कुशल उठ कर उसका हाथ पकड़ लेता है. स्मृति उसे गुस्से मे ऐसे देखती है जैसे उसे खा जाएगी.

” देख कुशल….. मेरा हाथ छोड़….” स्मृति उसे समझाती है

” मोम…… ऐसा मौका बार बार नही आएगा. ऐसे गोलडेन चान्स हमेशा नही मिलते है. आपके इस संगमरमरी बदन का मज़ा एक बार फिर से चखा दो…..”. कुशल स्मृति का हाथ खींच उसे अपने सीने से लगा देता है

अब स्मृति की पीठ कुशल के सीने से चिपकी हुई थी.
” कुशल….. कुत्ते…. छोड़ मुझे….. अभी तेरे डॅड को फोन मिलाती हू……. आअह…. छोड़ मुझे…..” स्मृति छॅट्पाटा रही थी

” रात को सोता हू या सुबह जागता हू…. बस एक वोही चूत दिखाई देती है. इस चूत के लिए तो चाहे मुझे पोलीस के हवाले कर दो…….” कुशल अपना एक हाथ उसकी थाइस से उपर करता हुआ उसकी गान्ड पे ले जाता है.

स्मृति मे जितनी ताक़त थी उतनी ताक़त से वो छूटने की कोशिश कर रही थी लेकिन कुशल की ताक़त के सामने वो मजबूर थी.

कुशल ने अपना एक हाथ स्मृति की पैंटी तक पहुँचाया और फटक से एक हाथ अंदर घुसा दिया. अब उसका हाथ स्मृति की मखमली गान्ड पर था.

” कामीने छोड़ मुझे……… तेरा वो हाल करूँगी कि या करेगा तू……” स्मृति से जितना हो रहा था उतना वो कर रही थी छूटने के लिए

” कैसी मा हो तुम, बच्चा पैदा किया और आज जब उसका लंड फड़फदा रहा है तो नखरे दिखा रही हो…..” कुशल भी उसे जवाब देता है.

” आहह………” कुशल अपनी एक उंगली स्मृति की गान्ड मे घुसा देता है जिससे कि स्मृति की चीख निकल जाती है

” कुशल मैं तुझसे रिक्वेस्ट करती हू…. मुझे छोड़ दे… जल्दी ही तेरी शादी बहुत सुंदर लड़की से करा दूँगी………” स्मृति कुशल को बहला फुसला रही थी लेकिन कुशल अपनी उंगली स्मृति की गान्ड मे चलाए जा रहा था…..

” शादी?…… मोम चूत की कमी नही है लेकिन आपके जैसी कहाँ. वैसे भी आज कल की लड़कियो मे वो नज़ाकत नही है जो आप मे है.” कुशल तो जैसे दीवाना हुआ जा रहा था

स्मृति को समझ आने लगा था कि उसे ताक़त के ज़रिए नही समझाया जा सकता. स्मृति को अहसास हो गया था कि वो अपने पापा की गैर मोजूदगी का पूरा फ़ायदा उठाएगा.

” कुशल मैं तेरे जज़्बात समझ सकती हू लेकिन ये सही जगह नही है. प्लीज़ छोड़ मुझे……”

कुशल -” मोम, अब तो 15 रात आपके बेडरूम मे ही गुज़ारुँगा….. हर दिन आपका रस पीना है.” कुशल अपनी मा को पूरी तरीके से गिरफ़्त मे ले चुका था

स्मृति -” सुन ये जगह सही नही है. तू मेरे साथ बेड रूम मे चल….” स्मृति रिक्वेस्ट करती है, लेकिन स्मृति के दिमाग़ मे भी कुच्छ और ही चल रहा था.

कुशल -” मोम….. मैं तो कब से तड़प रहा हू आपके बेड रूम मे जाने के लिए. लेकिन प्लीज़ कोई धोखा मत देना….”

स्मृति -” तू अपना हाथ बाहर निकाल…. और बेड रूम मे चल… प्लीज़….” स्मृति फिर से रिक्वेस्ट करती है

जैसे तैसे कुशल अपने हाथ बाहर निकालता है. स्मृति अपना हाथ कुशल के हाथो मे देकर वो धीरे धीरे बेड रूम की तरफ बढ़ती है. बीच बीच मे वो मूड कर कुशल को एक अच्छी सी स्माइल भी दे रही थी.

कुशल को तो जैसे आज स्वर्ग मिल गया हो. स्मृति बेड रूम मे घुसती है और उसे अपने सीने के करीब खींच कर बोलती है -” अब बता तुझे क्या चाहिए……?” स्मृति उसकी आँखो मे झाँकते हुए बोलती है.

कुशल -” चूत…. वो भी डेली. आइ लव यू मोम. यू आर वेरी सेक्सी…….”. कुशल अपनी मोम को हग कर लेता है

स्मृति -” यू आर वेरी हॉट ऑल्सो… पर बेटा मैं एक शादीशुदा औरत हू. जिस चीज़ को तू माँग रहा है वहाँ तेरे डॅड का हक है. आज मैं तुझे वो मज़ा दूँगी जो तुझे कभी नही मिला होगा….”. स्मृति धीरे धीरे नीचे की तरफ बैठ जाती है.

कुशल समझ चुका था कि उसका लंड स्मृति के मूँह मे जाने वाला है. कुशल ने भी टाइम ना लगाते हुए अपने जीन्स शॉर्ट को उतार देता है

स्मृति -” ये मेरा फ़र्ज़ है कि सब कुच्छ मैं उतारू……..” स्मृति एक बार फिर से खड़ी होकर उसकी स्लीवलेस टीशर्ट को भी उतार देती है.

अब कुशल बिल्कुल नंगा है. स्मृति का बेडरूम ग्राउंड फ्लोर पर किचन के बराबर मे था. स्मृति नीचे बैठती है है और अपने मस्त लिप्स कुशल के लंड पे रख देती है.

” ओह मोम यू आर ग्रेट…….. सक मी ब्यूटिफुल…….. आआअहह….” स्मृति के रूम मे एक सकिंग सेशन स्टार्ट हो जाता है.

ईव्निंग से लेटे लेटे आराधना का सर अब दर्द करने लगा है. उसकी आँखो के आस पास का एरिया भी थोड़ा मोटा सा हो गया था जैसे स्वेल्लिंग आ गयी हो. वो खड़ी होती है कि कहीं बीमार ना पड़ जाए. अपने बाथरूम मे जाती है और अपने फेस को देखती है. अपने फेस को अच्छे से वॉश करने के बाद वो उसे टवल से पोंछती है.

उसको कुच्छ भी समझ नही आ रहा था. लेकिन वो फिर भी फ़ैसला करती है कि हेल्त के साथ कॉंप्रमाइज़ करने से कुच्छ नही होगा. वो नीचे आने का फ़ैसला करती है ताकि वहाँ पे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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