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अब रवि ने अपनी बेटी की चूत में थूक दिया और अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर सेट कर दिया. उसने उसकी गांड को थामा और अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया.

उसकी गांड को पकड़े हुए वो उसकी चूत चुदाई करने लगा. रश्मि की चूचियां आगे पीछे होने लगीं. रवि ने रश्मि के बालों को पकड़ लिया और दोगुनी ताकत से अपनी बेटी की चूत चोदने लगा. ऐसा लग रहा था कि वो उसके रंडीपने की सजा उसको दे रहा था.

रमेश भी ये देख कर खुश हो रहा था कि कैसे रवि अपनी ही बेटी की चूत को फाड़ने में लगा हुआ है. थोड़ी देर चोदने के बाद रवि ने अपना लंड उसकी चूत से निकाल लिया.

अब रमेश बेड पर आकर लेट गया. उसका लंड अभी सोया हुआ था. रश्मि ने बिना कहे ही रमेश के लंड को मुंह में भर लिया और चूसने लगी. पांच मिनट तक लंड चूसने के बाद रमेश का लंड एक बार फिर से टाइट होने लगा.

जब पूरा लंड तन गया तो रश्मि ने उसके लंड को हाथ में पकड़ा और उसकी सख्ती को जांच कर अपनी टांगों को उसकी जांघों के ऊपर फैलाती हुई चूत को उसके लंड पर सेट करके बैठने लगी.

बैठते हुए रश्मि ने रमेश के लंड को अपनी चूत में उतार लिया और उसके लंड पर कूदने लगी. इधर रवि ने अब फिर से अपनी बेटी के मुंह में लंड पेल दिया. रश्मि रमेश के लंड से चुदते हुए रवि के लंड को चूसने लगी.

दोनों मर्दों के मुंह से निकलने वाली सिसकारियों से होटल का रूम गूंज उठा. कुछ देर तक ऐसे ही चुदाई और चुसाई चलती रही. उसके बाद रश्मि उठ गयी.

अब वो बेड पर करवट लेकर लेट गयी. रमेश भी उसकी ओर घूम गया. रमेश का लंड रश्मि की चूत की ओर था. रश्मि ने रमेश के होंठों पर अपने होंठ रख दिये और उसकी लार को खींचते हुए उसके होंठों का रसपान करने लगी.

ये नजारा देख कर रवि भी रश्मि के पीछे आ गया. वो रश्मि की पीठ की ओर अपना मुंह करके लेट गया. उसने अपने लंड को उसकी नर्म नर्म गोरी गांड की दरार में घुसा लिया और उसकी चूचियों को भींचते हुए उसकी गर्दन पर किस करने लगा.

रश्मि दोनों के बीच में आ गयी थी. आगे से रमेश का लंड उसकी चूत में टकरा रहा था और पीछे से उसके बाप रवि का लंड उसकी गांड में घुसने के लिए मुंह मार रहा था.

जब रमेश और रवि से रुका न गया तो रमेश ने आगे से अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया. फिर रवि ने भी पीछे से रश्मि की गांड में लौड़ा पेल दिया. दोनों धक्के लगाने लगे और रश्मि मदहोश होने लगी.

वो कभी रमेश के होंठों को तो कभी उसकी गर्दन को और कभी उसकी छाती को चूमती. फिर कभी पीछे मुड़कर रवि के होंठों को चूस कर फिर से रमेश के होंठों को चूसने लगती.

दो दो लंड लेते हुए रश्मि पांच मिनट से ज्यादा नहीं टिक पायी और उसकी चूत के गर्म गर्म पानी ने रमेश के लंड को भिगो दिया. अब रमेश का लंड पच-पच करता हुआ उसकी चूत में चोदने लगा.

रवि भी इस आवाज से और ज्यादा जोश में आ गया. वो रश्मि की गांड को फाड़ने लगा. कुछ ही देर में वो दोनों झड़ने के कगार पर पहुंच गये. रवि जोर जोर से उसकी चूचियों को मसलने लगा और उसके निप्पलों को काटने लगा.

इधर रमेश ने उसकी गांड को भींचना शुरू कर दिया. उसके हाथ पर कभी कभी रवि का लंड भी लग जाता था. दोनों रेल के इंजन की तरह आगे और पीछे से रश्मि की चूत और गांड को पेल रहे थे.

फिर दोनों जोर जोर से चीखते हुए झड़ने लगे- आह्हह … ओहह … हाहाहह … आहह्ह्ह … याह्हह … हम्म … हुह … करते हुए दोनों ने ही रश्मि के दोनों छेदों को आगे और पीछे से भर दिया.

उसके बाद तीनों थक कर लेट गये. किसी को होश नहीं रहा. आधे घंटे तक वो पड़े रहे.

उसके बाद रमेश ने फिर से रश्मि की चूत को उंगली से कुरेदना शुरू कर दिया. अब रवि भी शरारत करते हुए अपनी बेटी की गांड के छेद पर उंगली फिराने लगा.

रश्मि की गांड दुख रही थी. फिर भी वो बाप की उंगली का मजा गांड में ले रही थी. थोड़ी देर तीनों एक दूसरे के जिस्मों को सहलाते चाटते रहे और तीनों ही फिर से गर्म हो गये.

रवि उठा और उसने रश्मि के हाथ को खींच कर रश्मि को अपने साथ उठा लिया. उसने रश्मि को दीवार के सहारे लगा लिया और अपना लंड उसके हाथ में दिया. हाथ में लंड आते ही रश्मि उसकी मुठ मारने लगी. रवि उसके होंठों को पीने लगा.

ये देख कर रमेश से रहा न गया. वो उठ कर उन दोनों के पास गया. तब तक रवि ने आगे से रश्मि की चूत में अपना लंड दे दिया था. वो उसकी चूत को चोदने लगा. अब रमेश को जगह नहीं मिल रही थी.

फिर उसने रश्मि को आगे की ओर लाते हुए रमेश को दीवार की तरफ कर दिया. अब रवि की पीठ दीवार से सट गयी और रश्मि का मुंह रवि की तरफ हो गया. पीछे से रमेश ने रश्मि की गांड पर लंड लगा दिया और उसको अंदर घुसाने की कोशिश करने लगा.

रमेश ने रश्मि को गांड थोड़ी ऊपर उठाने के लिए कहा. रश्मि ने वैसा ही किया और उसकी गांड अब रमेश के लंड के निशाने पर आ गयी. रमेश ने झटके से उसकी गांड में लंड घुसा दिया और उससे चिपक गया.

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