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उस रात रिया एक बार फिर से होटल जा पहुंची.
रवि ने दरवाजा खोला और बोला- आ गयी रंडी!
रिया- सेठ बुलाये और रंडी न आये, ऐसा कैसे हो सकता है?

वो दोनों अंदर गये और साथ में बैठ गये.
रवि- बता क्या पीयेगी?
रिया- वही कल वाला।
रवि- क्या? लंड का जूस?

हंसते हुए रिया बोली- वो तो मैं पीऊंगी ही, मगर उसके अलावा एक बीयर ही पिला दो.
रवि ने दो गिलास में बीयर डाल ली. एक रिया को दिया और दूसरा खुद ले लिया.

रिया बोली- क्यों सेठ, आज अकेले ही, वो दूसरे वाला सेठ नहीं आया?
रवि- हाँ पता नहीं, उसे बोला तो बहुत था मगर वह माना ही नहीं।
रिया- जाने दो सेठ, आज हम दोनों ही मस्ती करेंगे।

उठ कर रिया ने अपना टॉप उतार दिया और जीन्स खोलते हुए बोली- आज मैंने नयी ब्रा और पैंटी पहनी है. कहीं तुम्हें भी ब्रा और पैंटी इकट्ठा करने का शौक तो नहीं है?
रवि- नहीं, ये शौक केवल रमेश का ही है. मैं तो सिर्फ रंडियां कलेक्ट करता हूं.
दोनों हंसने लगे।

रिया ने अपना जीन्स और टॉप खोल लिया और उधर रवि भी अपने सारे कपड़े खोल कर नंगा हो गया।
तभी रवि रिया के पास गया और उसके बालों से उसे आगे को खींच कर उसके होंठों पर अपने होंठ लगा दिये.

दोनों एक दूसरे के होंठों का रस पीने लगे. अम्म … मच … पुच … अम्म … आह्ह. करके दोनों एक दूसरे के होंठों को खाने लगे.

थोड़ी देर चूमने के बाद रवि ने रिया को अलग किया और उसकी ब्रा का हुक खोल दिया. उसकी चूचियों को नंगी करके वो उसके बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगा.

उसकी चूचियों को पीते हुए रवि ने रिया की पैंटी को खींच दिया और उसे बेड पर झुका लिया. रिया ने अपने दोनों हाथों से अपनी गांड को चौड़ी करके अपनी गांड के छेद को रवि के सामने कर दिया और रवि कुत्ते की तरह उसकी गांड को चाटने लगा.

वो कभी उसकी गांड को चाट रहा था तो कभी उसकी चूत को चाट रहा था.

रिया भी मजे में सिसकारियां लेने लगी- आह्ह … सेठ … आह्ह … आआ … आउम्म … आह्हा..स्स.. आह्ह।
कुछ देर ऐसे ही चाटने के बाद रवि उठा और अपने लंड पर थूक लगाने लगा. उसने लंड को चिकना किया और थोड़ा थूक रिया की गांड पर भी लगा दिया.

उसने लंड को सेट किया और एक धक्के से रिया की गांड में लंड फंसा दिया.
रिया दर्द से कराह उठी और बोली- आह्ह.. आईई… सेठ, सीधे गांड में ही घुसा दिया? बताया भी नहीं।

रवि- साली बोलना क्या है? तुझे तो इसकी आदत है।

रवि उसकी गांड को पेलने लगा और कुछ देर तक उसकी गांड को चोदने के बाद उसने लंड को बाहर निकाल लिया. रिया उठी और रवि की तरफ घूम कर उसने उसके लंड को मुंह में भर लिया और चूसने लगी.

दो मिनट तक लंड का स्वाद रिया को देने के बाद रवि ने उसे बेड पर खींच लिया और खुद भी नीचे लेट गया. रिया ने अपनी गांड के छेद को रवि के लंड पर सेट किया और धीरे धीरे पूरा लंड अपनी गांड में समा लिया.

रिया ने पूरा लंड लेकर उसके लंड पर उछलना शुरू कर दिया और सिसकारियां लेते हुए अपनी गांड चुदाई करवाने लगी- आह्ह … ओअह … अआआ … हह … उम्म … मजा आ रहा है … सेठ. क्या लंड है तेरा सेठ … पूरा अंदर तक ठंडक कर रहा है..आह्ह … चोदते रहो.

रवि भी नीचे से धक्के लगाते हुए सिसकार रहा था- हां साली रंडी … तेरी गांड को चोद कर मेरा लंड बहुत खुश हो रहा है. आह्ह तेरी गांड इतनी मस्त है कि इसको चोदता ही रहूं. आह्ह … फक यू … आह्ह चुद साली रंडी … फाड़ दूंगा तेरी गांड के छेद को मैं. आह्हह और चुद साली… आह्ह चुदती रह!

ऐसे ही चोदते रहने के बाद रवि झड़ने के करीब पहुंच गया. वो एकदम से उठा और उसने रिया को नीचे लिटा कर उसके मुंह में लंड दे दिया और धक्के लगाने लगा.
दो पल बाद ही उसके लंड से वीर्य निकल कर रिया के मुंह में भर गया. जिसे रिया पी गयी.

रिया- क्या से ठ… बहुत ही टेस्टी है तेरा वीर्य।
रवि- तुझे पसंद आया?
रिया- अरे ऐसा माल किसे पसंद नहीं आएगा? क्या तेरी बीवी को पसंद नहीं है?

रवि- अरे उसे तो बहुत पसंद है, साली बार-बार माँगती है।
रिया- सेठ तो बोल, तेरी बेटी जैसी इस रिया को चोद कर कैसा लगा?
रवि- अरे यह भी कोई पूछने वाली बात है?

रिया- तो सेठ जब भी यहाँ आना तो मुझे जरूर याद करना।
रवि- तुझे भूल पाउँगा तब ना … तुझे तो मैं हमेशा ही याद रखूंगा.

उस रात रवि ने चार बार रिया की चूत और गांड मारी. उसके बाद दोनों एक दूसरे से लिपट कर सो गये.

सुबह रिया घर पहुंची और उसने डोरबेल बजाई.
दरवाजा खुला तो सामने रमेश खड़ा हुआ था और रिया को देख कर बोला- आ गयी रंडी, अपनी गांड चुदवा कर!

रिया मचलते हुए बोली- डैड, बड़ा ही ज़ालिम दोस्त है आपका. सारी रात रगड़ रगड़ कर गांड मारी है मेरी. अभी भी दुख रही है. तुम देखोगे?
रमेश- साली रंडी।
रिया हँसते हुए अंदर आई और अपनी गांड हिलाते हुए अपने रूम में चली गयी.

झल्लाकर रमेश ने कहा- साली रंडी, अगर तुझे अपनी पर्सनल रांड नहीं बनाया तो मैं तेरा बाप नहीं।
रमेश ने उसी वक्त रवि को फ़ोन लगाया.

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