अध्याय 62
पूरा घर सजा था,चारो ओर खुशियो की बारिस हो रही थी,किशन की शादी की रस्मे शुरू हो चुकी थी ,किशन की बारात ठाकुरो के हवेली से निकल कर ततिवारियो के हवेली में जानी थी,गाजे बाजे से बारात निकली ,पूरा परिवार झूम रहा था,
बारात का स्वागत और हँसी ठिठोली में समय बीत रहा था,शादी की रस्मे जोरो पर थी ,अजय ने एक नजर खुसबू को देखा,सचमे ऐसा लग रहा था जैसेकि स्वर्ग से कोई अप्सरा उतर आयी हो ,घाघरे चोली में लिपटी हुई वो हुस्न की मलिका सुमन के साथ जब बाहर निकली तो अजय बस उसे ही देखता रह गया,खुसबू की नजर जब अजय पर पड़ी तो वो भी शर्मा गई ,आज पहली बार था जब अजय खुसबू को इतने प्यार से देख रहा था,
मेहमानों में कुछ खास लोग भी आने शुरू हो गए थे,मुख्यमंत्रि जी डॉ चुतिया के साथ बाते कर रहे थे,विपक्ष के नेता भी साथ ही थे,तभी अजय उनको जॉइन करता है ,
“बधाई हो अजय अब तो तुम भी राजनीति के दंगल में आ गए “
अजय के चहरे में एक कुटिल सी मुस्कान आयी उसे इन सीनियर नेताओ से बहुत कुछ सीखना था ,वो जंहा बाहर एक दूसरे को काटने में लगे होते है वही जब दूसरे वो फुरसत में एक दूसरे से मिलते है तो हँसी ठिठोली में समय बिताते है,इन्हें देखकर कौन कह सकता था की जो दो लोग सामने खड़े थे वो एक दूसरे के राजनीतिक रूप से कट्टर दुश्मन थे ,और अब इनके दुश्मनों में एक नाम अजय का भी था,
“बस आप लोगो की कृपा है अंकल ,आप लोग अगर समाज के लिए कुछ बुनियादी काम करते तो शायद हम जैसे लोगो को राजनीति में आने की जरूरत ही नही पड़ती “
अजय की बात सुनकर डॉ हँसने लगा ,
“मंत्री साहब अब इससे बच कर रहिए गा,कम समय में ही बहुत कुछ सिख लिया इसने “
सभी हँसने लगे .
“अरे भई राजनीति तो इसके खून में है,राजाओं के वंसज है ,और इसके दादा जी, वाह कमाल के राजनेता थे ,ऐसे सच कहा डॉ इसने तो हम दोनो पार्टीयो को डरा ही दिया है ,लेकिन बेटा राजनीति में सिर्फ चुनाव जितना ही काफी नही होता बल्कि सत्ता में आकर ही समझ आएगा की असली मुश्किलें कहा है “
मुख्यमंत्रि बंसल साहब मुस्कुराते हुए बोले ,
“अंकल आप कुर्सी खाली तो कीजिये फिर आप तो है ना हमे मार्गदर्शन देने के लिए ,हम भी सत्ता चला ही लेंगे …”
अजय ने ये बात हस्ते हुए कही और सभी फिर से हँस पड़े
“अब ये पक्का राजनेता बन गया है “
बंसल साहब ने टिप्पणी की ,
तभी बाकी के बुजुर्गों ने दोनो नेताओ को अपने पास बुला लिया ,अब डॉ और अजय ही रह गए थे,
“यार अजय इस बार लगता है की तुम्हारी पार्टी कुछ सीटे तो जीत ही जाएगी लेकिन तुम्हे गठबंधन करना पड़ेगा ,क्यो ना तुम बंसल की पार्टी से ही गठबंधन कर लो ,और साथ ही चुनाव लडो”
“नही डॉ साहब गठबंधन का मतलब होगा की हमे उनके सामने झुकना पड़ेगा ,चुनाव तो हम अकेले ही लड़ेंगे कम से कम हमे हमारी ताकत का अंदाजा तो लग ही जाएगा ,और चुनाव आयोग को पार्टी की रूपरेखा भी भेज दी है कुछ ही दिनों में चुनाव चिन्ह और पार्टी का नाम भी डिसाइड हो जाएगा ,2-4 सीट ही मिले लेकिन अपने दम पर मिले तभी काम की है ,उसके बाद देखेंगे अगर गठबंधन का मौका मिला तो दोनो पार्टीयो में जो हमारे एजेंडे पर काम करने को तैयार होगा उसका ही साथ देंगे “
डॉ अजय की समझ से बहुत खुस दिख रहे थे,
“लेकिन अगर तुम बंसल की पार्टी से अभी गठबंधन करोगे तो 10 से 12 सीटे तुम्हे मिल सकती है “
“लेकिन बंसल अंकल इतनी सीटे हमे क्यो देंगे ,मेरे ख्याल से 4-5 सीट देने को ही तैयार होंगे “
“बंसल अक्लमंद आदमी है वो अगर 10 सीट भी तुम्हे दे देगा तो उसका कोई नुकसान नही होगा ,तुम्हारे इलाके से तो उसका जितना अभी लगभग नामुमकिन है ,4 सीटे तो तुम्हे आराम से केशरगढ़ क्षेत्र से मिल ही जाएंगी ,लेकिन बाकियों ने मुकाबला तो बंसल और तुम्हारे बीच का ही होगा ,इससे उसकी 20-25 सीटो पर बुरा असर पड़ सकता है ,यहाँ सिर्फ जितना ही इम्पोर्टेन्ट नही होता ,बहुमत भी तो चाहिए और अगर उन सीटो में तुम्हारे झगड़े से अगर दूसरी पार्टी को फायदा पहुचा तो सीधे से बंसल के बहुमत को नुकसान होगा ,ऐसे भी 10 सालो से ये मुख्यमंत्रि है इसका इसबार जितना बड़ा ही मुश्किल लग रहा है ,जनता भी इससे पक चुकी है ऐसे में कोई नई पार्टी जिसके समर्थक उसके ही लोग हो ,बंसल के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती है ,वो तो चाहेगा की तुम उसके साथ आकर चुनाव लड़ो ,और निधि या धनुष को कोई मंत्रालय भी दे dega …….
अजय सोच में पड़ गया लेकिन उसने बहुत ही जल्दी फैसला भी कर लिया ,
“नही डॉ कम सीट ही मिले लेकिन चुनाव तो अकेले ही लड़ेंगे ,उसके बाद अगर सरकार को गठबंधन की जरूरत पड़ी तो डील कर लेंगे ,4 सीट के साथ भी मैं अपने भाई बहन को मंत्री बना सकता हु ,क्योकि आखरी बहुमत तो हमारे होने से ही होगा ,मुझे ये असंका है की इस बार बहुतमत किसी को नही मिलेगा ,और हम गेम चेंजर हो जाएंगे “
डॉ अजय की बात सुनकर हँसने लगता है ,
“ठीक है ठीक है लेकिन जेम चेंजर बनने के लिए कम से कम 10 सीटे होनी चाहिए ,मेहनत शुरू कर दो 20 सीटे चुन लो जिनमे तुम्हारे जितने की संभावना सबसे ज्यादा हो ,जंहा तुम्हारा रुतबा हो या तुम्हारा व्यपार फैला हो ,इनमें से 10 भी तुम्हारे हाथ लगे तो तुम जेम चेंजर हो जाओगे ,फिर तुम्हारे बिना कोई भी सरकार नही बना पायेगा …”
अजय डॉ एक दूसरे की बातो से सहमत होते है,तभी कोई डॉ को बुलाने आ जाता है …………….

