दूसरे दिन सभी लोग शहर की ओर निकल पड़े निधि अजय और विजय के साथ एक गाड़ी में कुछ लठैत भी थे, अजय सोनल और रानी को सरप्राइस देना चाहता था इसलिए सीधे घर न जाकर वह एक होटल में रुक गए, निधि ने शहर में pab के बारे में बहुत सुन रखा था, उसने अजय और विजय से एक डिस्को में चलने की इजाजत मांगी अजय को उसको इनकार करते भी ना बना, दिन भर के थके होने के कारण wo सो गए और शाम को तैयार होकर पास के ही एक डिस्को में चले गए, निधि एक जींस टॉप पहनी थी जिसमें उसका शरीर बहुत ही आकर्षक लग रहा था,
इधर सोनाला रानी अपने कुछ दोस्तों के साथ एक डिस्को में बैठी हुई इंजॉय कर रही थी, उसकी एक दोस्त किसी लड़के को बड़े देर से घूरे जा रही थी, सोनल ने उसे देखते ही उसकी नजर का पीछा किया कोई 6 फुट 2 इंच का लंबा चौड़ा गबरु जवान लड़का जो पीछे से बहुत ही हैंडसम लग रहा था सोनल समझ गई की खुशबू उसी लड़के को देख रही है, उसने खुशबू को कोहनी मारते हुए कहा,
“ क्या बात है मेरी जान तू तो कभी किसी लड़के को भाव भी नहीं देती और आज घूरे जा रही है,”
“ क्या करूं यार लगता है उस लड़के से मुझे प्यार हो गया इतना हैंडसम असली मर्द लग रहा है,” सोनल ने उसका चेहरा देखना चाहा पर नाकामयाब हुई, कुछ ही देर में एक हट्टा-कट्टा भारी भरकम शरीर का लड़का बार के काउंटर पर जोर से गिरा वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान उसकी तरफ ही चला गया, सोनल और रानी मुंह खोल कर उन्हें देख रहे थे, वही खुशबू एक सम्मोहित निगाह से उस लड़के को देख रही थी जिसने उस भारी भरकम लड़के को बार के काउंटर पर पटक दीया था, wo wahi लड़का था जिसे खुशबू इतनी देर से घूरे जा रही थी, अनायास ही सोनल और रानी के मुंह से निकला “भैया….”
डिस्को में आते ही निधि अपनी मस्ती में झूमने लगी वही अजय और विजय पास ही बार में बैठे चुस्कियां लेने लगे, तभी किसी लड़के ने आकर निधि को छेड़ना शुरू कर दिया जिसे देख अजय का खून खौल गया, अजय ने सीधा जाकर उस लड़के को उठाकर बार के काउंटर में पटक दिया, पास खड़े कुछ और लड़के जो कि उनके ग्रुप के थे वहां आ गए लेकिन अजय और विजय के सामने कौन टिक सकता था, उनकी ताकत के आगे सभी छोटे लग रहे थे, जब तक लड़ाई खत्म हुई निधि ने सोनल और रानी को देख लिया था वह दौड़ कर उनके पास गई और उनसे लिपट गई, जैसे उसे कोई फर्क ही नहीं पड़ता हो कि उनके भाई लड़ रहे हैं, वह जानती थी कि अजय और विजय को हराना किसी के बस की बात नहीं..
दोनों ने मिलकर सबकी हड्डियां तोड़ दी वहां खड़े सोनल के दोस्त जिनमें कुछ लड़कियां और कुछ लड़के थे आंखें फाड़े उन्हें देख रहे थे, अजय और विजय भी अब उनके पास आ गए थे.. सोनल और रानी दौड़ कर उनसे लिपट गए, सोनल को अजय का कपड़ा देख कर समझ आ गया यह वही लड़का है जिसे खुशबू ghur रही थी,
“ भैया आप लोग यहां” सोनल ने अजय से लिपटते हुए पूछा,
“ हां बहन रेणुका की शादी है और हम तुझे सरप्राइज देना चाहते थे इसलिए पहले घर नहीं आए लेकिन तुम तो यही मिल गई”
“ भैया मुझे आपको किसी से मिलाना है,” सोनल अजय और विजय को अपने दोस्तों के पास ले गई और सब से मिलवाया खुशबू अभी भी अजय को घूर रही थी, सोनम ने हल्के से उसे कोहनी मारी थोड़ी देर बाद सब जाने को हुए, तो खुशबू ने सोनल को थोड़ी देर के लिए अपने पास रोक लिए,
“ यार तेरे भैया तो बहुत हैंडसम है, मैं तो लगता है उनकी दीवानी हो जाऊंगी क्या नाम है तेरे भाई लोगों ka,”
“ जिनकी तो दीवानी हो रही है वह अजय है अजय ठाकुर और छोटे भैया विजय विजय ठाकुर, चल अब जा रही हूं देर हो रही है भैया राह देख रहे होंगे,तू भी चल ना हमारे साथ ”खुशबु कुछ सोचते हुए ना में सर हिलाया , सोनल तो वहां से चले गई पर दोनों का नाम सुनते ही खुशबू की आंखों में पानी आ गया उसकी आंखें लाल हो गई जैसे खून उतर आया हो, खुशबू बस उनको जाते हुए देखने लगी और सोचने लगी, जिंदगी में पहली बार किसी से प्यार हुआ कोई लड़का पसंद आया किसी को दिल दिया मोहब्बत की उसे अपना बनाना चाहा पर किसे, अपनी बुआ के लड़के को उस लड़के को जिसके खून के प्यासे मेरे घरवाले है, उस लड़के को जिस के परिवार ने मेरे मां-बाप को रुलाया, जिसके पिता ने मेरे चाचा को मारा खुशबू रोती हुई और अपने आंखों में पानी की धार लेते hui वहीं बैठ गई…………….

