दुसरे दिन…
मैं अपने बिस्तर पर पड़ा दीदी को निहार रहा था दीदी की आँखे भी खुली और उन्होंने सीधे मेरे होठो पर अपने होठ रख दिए हमारे दिन की शुरुवात मीठे चुम्मन से हुई,
‘भाई,तेरा बहुत बड़ा लगता है,’सुबह सुबह लिंग में तनाव स्वाभाविक था पर दीदी ने ये मह्दूस कर लिया और मैं झेप गया रात का खुमार उतरने के बार मैं अपने प्राकृतिक स्वभाव में आ गया था शर्मीला लड़का,
‘क्या दीदी आप भी ,वो सुबह बड़ा हो जाता है ना,और इतना बड़ा से क्या मतलब है जितना सबका होता होगा उतना ही तो होगा ना,और आप किसका देख लिए जो तुलना कर रहे हो ,अब झेपने की बरी दीदी की थी
‘चुप कर गंदे मैं किसका देखूंगी पर मेरी फ्रेड्स जो बताई थी उस हिसाब से तो बहुत बड़ा है तेरा,चल अब जल्दी से फ्रेश हो जा जिम जाना है ना तुझे प्यार करने के चक्कर में कही तू हेल्थ से ना खिलवाड़ करना शुरू कर दे,’दीदी हस्ते हुए उठी और अपने रूम की तरफ बाद गयी,मैं भी जल्दी तैयार होक जिम पहुचा आज मैं बहुत खुश था,पता नहीं इतना हल्का महसूस हो रहा था और दिल बेहद खुस था ,पर आज पहली बार मैंने लडकियों के कर्व पर ध्यान देने लगा तभी विक्की और नानू को आते देखा हम हाथ मिलाये और वो दोनों एरोबिक में चले गए मैं भी स्टारेच करने लगा तभी मैंने जो देखा वो देख कर मैं चौक गया साला राहुल आज मुझसे भी पहले पहुचा हुआ है,मैंने देखा वो प्रीति से बात कर रहा है जिसके बारे वो बोलता था की साली पकाती बहुत है,मुझे देखकर राहुल ने आ कर गला मिला और प्रीति ने मुझे हाय कहा ,
‘क्या भाई आज तो कमल हो गया साले ,तू मुझसे पहले आ गया है ,और इससे हसके बात कर रहा है माजरा क्या है,’मेरी बात सुन दोनों के चहरे पर मुस्कान आ गयी
‘हा भाई कमल तो हो ही रहा है आज ,आज पहली बार तुझे किसी लड़की को निहारते देखा है,’मैं झेप गया साले ने मुझे देख लिया था ,आखिर मैं उसके दिल का टुकड़ा था मेरी भावनाए उससे कहा छुपाने वाली थी ,
‘हां भाई पता नहीं क्यों आज दिमाग वह चला गया ऐसे अब हम लोंग जवान हो गए है यार नजर चली गयी तो क्या गलत हो गया ,’
‘अरे वह आज मेरा भाई जवान हो गया वो भी अचानक से क्या बता है ,’हम हसने लगे
‘अब मेरा राजा जवान हो ही गया है तो मेरी जवानी को भी भोग ले ,मेरे कर्व भी देख ले ,ये देख तेरे लिए ही टेटू करा के बैठी हु कब से सब देखते है तेरे सिवा,’प्प्रीति ने घूमकर अपने टेटू देखाए मैं उसकी बातो से हैरान रह गया की इसे क्या हो गया,मैं जनता था की वो मुझे पसंद करती है और मेरे लिए टेटू भी बनवाया है पर मैंने कभी उसे इतना भाव नहीं दिया था,उसकी बात सुनकर राहुल तो हसने लगा और अपने हाथ से उसका सर सहलाने लगा जैसे वो कोई बच्ची हो ,मुझे ये अजीब लगा पर जब मैं बदल रहा था तो हो सकता है राहुल भी बदल रहा हो ,
हसने वालो में एक और जुड़ गया मेरे पीछे ही दीदी भी खड़ी हस रही थी,
‘अच्छा तो मेरे भाई को फसा रही है तू,,’दीदी की आवाज सुनते ही प्रीति सजग हो जाती है और मैं और राहुल उन्हें देखकर खुस हो जाते है,
‘क्या दीदी मैं क्या फसौंगी इसे,ये मुझे फसा कर रखा है,और आपके दोनों भाई तो घास भी नहीं डालते सब आपका ही असर है,’प्रीति की बात सुनकर दीदी के चहरे पर स्माइल आ गयी और उन्होंने मेरे और राहुल के सर पर हाथ फेर दिया ,और बड़े प्यार से हमें देखने लगी ,
‘हां मेरे भाई है ना,’दीदी ने धीरे से कहा और उनकी आँखों में थोडा गीलापन उतर आया,राहुल ने आगे बढकर उनके आँखों को चूम लिया और उनकी आँखों में आया पानी उसके मुह में चला गया ,
‘दीदी आप बहुत जल्दी सेंटी हो जाती हो ये क्या है ,’राहुल ने बड़े प्यार से कहा,मैं दि को देख रहा था उनके चहरे पर हमारे लिए अद्भुत प्यार होता था,
‘मुझे अपने भाइयो पर नाज है,मेरे भाई ही मेरी जिंदगी है,और लड़की हु मैं मुझे रोने का पूरा हक़ है समझे,’दीदी ने राहुल को प्यारी सी चपत लगा डी,
हम सब अपने कामो में बिजी हो गए सबसे जादा एक्सरसाइज मुझे करनी होती थी ,आज प्रीति भी मेरे साथ साथ ही चिपकी रही जिसपर मुझे हसी आ रही थी पर मैं अपना काम पुरे ईमानदारी से करता हु खासकर एक्सरसाइज,प्रीति को जब से राहुल ने कहा था की मैं लडकियों के कर्व में धयान दे रहा हु वो मुझे अपने कर्व दिखने में लगी थी,ऐसे उसका शारीर बहुत अच्छा था वो रेगुलर एक्सरसाइज करती थी और साथ थी और कार्डियो और डांस का उसे हमेशा से शौक था,उसके वक्षो पूरी गोलाई से ताने हुए थे और कमर पूरी तरह से सपाट थी उसके एब्स भी अच्छी तरह से दिखाते थे ,बड़े बूब्स सपाट कमर किसे पसंद नहीं आती पर उसका सबसे आकर्षक पहलू था वो था उसका नितंभ,,,जो बहुत ही कसा हुआ था और उसके उभार लोगो को पागल बना देता था,
प्रीति ने मेरे पास आकर मुझे अंगो को एक एक कर कई तरीके से दिखा रही थी आज पहली बार मैं भी उसको निहार रहा था जिससे वो बहुत खुश भी दिख रही थी ..वही दीदी और राहुल कुछ बाते कर रहे थे और थोड़े सीरियस लग रहे थे मेरे लिए ये कोई नयी बात नहीं थी वो दोनों मिलकर कुछ ना कुछ करते ही रहते है और मैं अधिकतर उनके कामो से दूर ही रहता हु,
राहुल मैंने विडिओ देखे और जानते हो उसमे प्रीति के भी विडिओ है,’राहुल नकली आश्चर्य प्रगट किया ,’और अब तुन्हें मेरा एक काम करना होगा,तुम प्रीति को बचपन से जानते हो तुम उससे दोस्ती बढाकर अपने भरोसे में ले लो ,’
‘अरे दीदी वो तो अभी भी मेरे भरोसे में है,’राहुल ने मुस्कुरा के कहा,
‘नहीं भाई अभी वो और किसी के भरोसे में है तुम नहीं जानते उसे कैसी लत लगी हुई है ,मैं तो तुम्हारे सामने बोल भी नहीं पाऊँगी ,उसे इन सबसे दूर करना होगा भाई,’
‘दीदी क्या परमिंदर के अलावा भी कोई था जो उसके साथ था ,’मुझे लगा दीदी विक्की और नानू का नाम लेगी लेकिन,’नहीं भाई परमिंदर ही था और अब हमें बस उस दवाई का तोड़ ढूँढना है जो परमिंदर ने लडकियों को दिया था,उसके लिए मुझे थोड़ी प्रीति की मदत चाहिए पर वो मेरे बातो को सीरियस नहीं लेगी तुम्हे उसे अपने भरोसे में लेकर मेरे पास लाना होगा जिससे मैं उससे बात कर सकू,’
दीदी क्यों विक्की और नानू को बचा रही थी ये राहुल के समझ में नहीं आया,
लेकिन दीदी मन में सोचती है,’क्या करू भाई मैं तुझे हर चीज नहीं बता सकती,मैं नहीं चाहती मेरे भाइयो पर किसी का साया भी पड़े मुझे ये सब खुद ही निपटाना होगा,’
इधर प्रीति के लटके झटके बढ़ रहे थे और मुझे परेशानी होने लगी ‘अरे यार तू किसी और को अपने दिखा ना ये सब अब मुझे चैन से एक्सरसाइज तो करने दे ,प्रीति मुह बनाते हुए बहा से जाने को हुई तभी नानू आ करके अरे वह प्रीति बड़ी सेक्सी लग रही हो उनके आँख मिले और दोनों मुस्कुरा दिए जिसे मैंने टोटल इग्नोर कर दिया ,
‘जिसे लगना चाहिए उसे तो मैं कभी भी सेक्सी नहीं लगती ‘प्रीति ने मेरी ओर देखा और चली गयी,’भाई तू भी कभी किसी लड़की को घास डाल दिया कर ,’मैंने नानू को देखा आज उसकी बातो पर मैं गुस्सा नहीं हुआ और बेंच प्रेश करने लगा,,..
14.
डॉ चुतिया का क्लिनिक राहुल की लेपी से डॉ बहुत देर से कुछ देख रहे थे,राहुल मेरी को घुर घुर के देख रहा था क्योकि उसने बहुत ही छोटा स्कर्ट पहना था और उसके गोल गोल मोटे जंघा साफ दिखाई दे रहे थे और राहुल को उत्तेजित कर रहे थे,जिसे मेरी भी समझ गयी थी और वो जानबूझ के अपने निताम्भो को मटकाकर उनका प्रदर्शन कर रही थी उनके कसाव स्कर्ट के छोटे होने के कारन साफ़ दिखाई दे रहे थे,राहुल अपने तने हुए लिंग को सम्हालने की कोसीसी में था जिसे देखकर मेरी के चहरे पर मुस्कान आ जाती है,इधर चुतिया बहुर ही गंभीर दिख रहे थे वो बारी बारी से सभी लडकियों के विडिओ देख रहे थे और उन्होंने हेडफोन लगाया हुआ था ताकि बाकि के दो जन आवाजे ना सुन सके ,वो सभी के मनोविज्ञानिक पक्षों को गंभीरता से देख और लिख रहे थे,राहुल बोर सा हो गया था और वो उठाकर टॉयलेट की तरफ बढ़ा जो की डॉ के केबिन के बहार था जैसे वो अंदर घुसा थोड़ी देर में ही मेरी भी अंदर आ गयी ,उसे देख कर राहुल चौक तो गया पर खुश भी हो गया की चलो टाइम पास तो हो जायेगा,
‘क्या हेंडसम बहुत घुर रहे थे मुझे क्या पसंद आ गया मेरे अंदर,’
‘आपके अंदर तो सभी कुछ अच्छा ही होगा मेडम ,एक बार दिखाइए तो क्या है आपके अंदर.’राहुल ने मेरी के वक्षो को देखते हुए कहा,मेरी के चहरे पर मुस्कान आ गयी ,
‘सही कहते है डॉ तू डेड साना है,’कहते हुए मेरी ने उसका हाथ पकड़कर अपने वक्षो में रख दिया ,मेरी के इतने बड़े थे की राहुल ने दोनों हाथो से एक ही वक्ष को पकड़ पाया और उसे चुसना दबाना शुरू कर दिया,मेरी के आह निकलने लगे पर राहुल का असली इंटरेस्ट तो उसकी जंघा थी,उसने अपने हाथो से उसे छूना सुरु किया और उसकी कोमलता को महसूस करने लगा,
‘वाह क्या चीज है ,मजा आ गया,’उसने अपने हाथो को ऊपर ले जाने लगा जहा से जंघा की शुरुवात होती है ,राहुल के मन में तब एक बड़ा लड्डू फूटा जब उसे अहसास हुआ की मेरी ने अंदर कुछ भी नहीं पहना है,धीरे धीरे किये इस वार से मेरी भी विचलित हो गयी और अपना हाथ बड़ा कर उसने राहुल के हाथो के ऊपर रख दिया
‘आह मेरे हेंडसम ,बस कर नहीं तो कुछ करने का मन हो जायेगा,’
राहुल का हाथ मेरे की योनी पर था जो पूरी तरह से गीली थी और राहुल उसमे उंगली डालना चाह रहा था पर मेरी अपने हाथो से उसका विरोध करने लगी ,और उसके हाथो को वह से हटाने लगी,
‘अरे मन हो जायेगा तो होने दो ना ,खेल लेते है ये खेल भी,’राहुल उत्तेजित हो चूका था उसने अपनी जिप खोल के अपने लिंग को बहार निकला,लेकिन जैसे ही मेरी को ये अहसास हुआ वो राहुल के चहरे को पकड़ के ऊपर कर दि ,
‘नहीं रे मेरे हेंडसम ये सब नहीं,मुझे भरने का आधिकार बार दो लोगो के पास है इतना मजा कर लिया ना बस इतने में खुश रह,’कहते हुए वो जाने लगी ,
‘दो लोग कौन एक तो डॉ हो गए और दूसरा,’मेर पलटी
‘दूसरा मेरा पति ‘मेरी मुकुराते हुए वापस आई राहुल के होठो में अपने होठो को भरकर किस किया और चली गयी,राहुल बेचारा ठगा सा देखता रहा लेकिन फिर अपनी उंगलियों को सुंघाकर ही खुश हो गया,
डॉ चुतिया ने लेपी बंद कर अपने सिट पर आँखे बंद कर बैठे थे,राहुल और मेरी उन्हें देखे जा रहे थे की वो कुछ कहेंगे,थोड़ी देर बाद उन्होंने आँखे खोली,
‘हम्म्म मुझे तो कोई बड़ी गड़बड़ लग रही है इतनी पावरफूल इंजेक्शन परमिंदर या विक्की नानू के पास आया कहा से,लडकियों का विहेबियर देख के लगता है की सिंपल और अच्छी लडकियों को भी इससे बिगाड़ा जा सकता है,और जितना जादा उनके साथ सेक्स होता है वो उतनी ही उतावली हो जाती है,अगले बार के लिए और तुमने नेहा वाला फोल्डर देखा,?’
नेहा का नाम सुनकर राहुल का चहरा उतर जाता है,और वो नजरे नीची कर ना में जवाब देता है,
‘यार जो हो गया उसे बदला तो नहीं जा सकता ना,तुम उसे अपनी दीदी मानते हो और एक सगी बहन से जादा और दुनिया में सब से जादा प्यार तुम आकाश और नेहा से करते हो ,तुम्हारे लिए ये देखना बहुत मुस्किल होगा मैं ये बात जनता हु,और तुम देखना चाहो या ना देखो ये तुम्हारा पर्सोनल बाते है तो मैं तुम्हे देखने के लिए या नहीं देखने के लिए फ़ोर्स नहीं करूँगा ,लेकिन नेहा वाला केस बाकियों से अलग है,आयशा की किस्मत अच्छी थी की उसे इंजेक्शन नहीं लगाया गया पर नेहा की किस्मत उतनी अच्छी नहीं थी,लेकिन नेहा ने हो काम किया है वो काबिले तारीफ है,वो अपने सेक्स को कण्ट्रोल कर पा रही है ये ही बहुत बड़ी उपलब्धि है,खैर उसे भी प्रोब्लम्स होती होंगी पर तुम भाई हो उसके ऐसी बाते तुम्हे तो नहीं बता सकती ना ,इस इंजेक्शन से लडकिया बहुत जल्दी वासना के आगोस में आ जाती है जो की किसी भी लड़की के लिए कभी सही होता क्योकि कई लड़के उन्हें छेड़ते रहते है,और यहाँ तो ऐसा हो रहा है की सिर्फ एक बार इंजेक्शन देने पर लडकिय सेक्स के लिए पागल सी हो जा रही है,और उसके बाद थोडा सा भी किसी लड़के के छूने पर भी उनकी वासना जाग जाती है जिसे सम्हालना बहुत मुस्किल है और एक बार सेक्स करने पर दूसरी बार और भी जल्दी वासना के गिरफ्त में आ जाती है,इसलिए शायद उन लडकियों के विडिओ कम है जो सीधी सधी थी पहले से लिकिन पिंकी जैसी लडकिय तो निम्फोमेनिक (सेक्स एडिक्ट) ही बन गयी,,पता नहीं बेचारियो का क्या हाल होता होगा मुझे तो सोच के भी दुःख होता है,की ये साले लड़के सिर्फ अपने थोड़े से मजे के लिए लडकियों को जिंदगी भर की सजा दे गए,’डॉ का चहरा दुःख से भर गया मेरी अपना हाथ उनके सर पर रखकर सहलाती है,राहुल कुछ सोच में पड़ा होता है,
‘डॉ आप भी तो लडकियों के मामले में कमीने है पर आप ऐसा क्यों कह रहे है की बेचारी लडकिय क्या आप के पास ये दवाई होती तो आप उसका युस किसी ऐसी लड़की को फ़साने में नहीं करते जो आपको पसंद आ गयी हो और वो आपको भाव नहीं दे रही हो,’डॉ के चहरे पर मुस्कान आ गयी
‘राहुल लडकियों से फ्लर्ट करना और उनके साथ संबध बनाना तो प्राकृतिक चीजे है लड़के लडकियों को तरफ तो आकर्षित होंगे ही लडकिय भी होती है ,पर किसी को दर्द पहुचना ,किसी की भावनाओ से खेलना,किसी के साथ जबरदस्ती करना रुग्न मानसिकता का प्रतिक होता है,तुम एक लड़की को घुर सकते हो और वो तुम्हे स्माइल कर सकती है या गुस्सा दिखा सकती है उसकी मर्जी है पर अगर तुम ये चाहो की वो अपना गुस्सा ना दिखाए तो ये तो गलत है ना,लडकिय भी तो इन्सान ही है ना तो क्यों उनपर इतना जुल्म होता है,,कोई लड़का चलती गाड़ी में उन्हें छेड़ देता है,कोई उनके अंगो को मसल देता है ये सभी मानसिक रूप से बीमार लोग है ,हा अगर लड़की तुम्हे नजरो से ही आमंत्रित करती है अपने हाव भाव से बताती है की वो भी तुम्हे पसंद करती है, तुम्हारा विरोध नहीं कर रही और उसका गुस्सा झुटा है तब कोई प्रोब्लम नहीं है लेकिन तुम किसी के साथ जबरदस्ती कर रहे हो तो वो तो गलत है ना,’राहुल को बात कुछ कुछ समझ आ गयी थी ,
‘लेकिन कैसे पता चलेगा की लड़की इंट्रेस्टेड है की नहीं ,’
‘बहुत सिंपल है बस महसूस करो बाते समझ में आने लगती है,तुम उन्हें देख के समझ जाओगे जैसे वो समझ जाती है,लडकिय दिमाग से नहीं दिल से जीती है इसलिए उनमे कुछ खास शक्तिया होती है वो आसानी से लोगो के सिग्नल्स को भाप जाती है,पर पुरुष सोचता बहुत है इसलिए वासना से भर जाता है और उसका स्वभाव ही आक्रामक होता है,इसलिए जरुरी है की सोचना कम करो और चीजो को महसूस करो,’….
राहुल और मैं स्कूल से अपने घर आते है ,हमें जोर की भूख लगी थी तो हम किचन में चले जाते है,मेरी मम्मी कही दिखाई नहीं दे रही थी शायद वो पड़ोस वाली आंटी के घर गयी होंगी जैसा वो हमेसा जाती थी ,हम किचन में ही बैठकर रोटिय खाने लगे की हमें जोर से हँसाने की आवाजे आने लगी हमें देखा की ये तो दीदी की आवाज है,
”साला दीदी को क्या हो गया जो रावन जैसे हस रही है,’राहुल ने कहा,
‘पता नहीं कुछ मूवी देख रही होगी और क्या,’तभी उनके साथ किसी और लड़की के हसने की भी आवाजे आने लगी ,हमें समझ आ गया की कोई सहेली आई होगी ,हम नाश्ता कर मेरे रूम की और जाने लगे ,की दीदी को आभास हो गया की हम लोग आ गए गई उन्होंने आवाज डी,
‘राहुल ,आकास मेरे रूम में आओ,’हम दोनों थके से थे हम बेमन से उनके रूम में पहुचे वहा दीदी के साथ दो और लडकिय बैठी थी ,एक को मैं पहचानता था ये भावना थी जो हमें उस दिन केंटिन में मिली थी और दूसरी लड़की अनजान थी पर उसकी ख़ूबसूरती को मैं देखता रह गया और उसमे खो सा गया इतनी खूबसूरत इतनी प्यारी कोई कैसे हो सकती है,इतनी प्यारी तो सिर्फ मेरी दीदी ही है,मैं उसके गोर रंग और चहरे के तेज को देख रहा था,उसका चहरा इतना तेजस्वी था जैसे पूरी पवित्रता उसमे ही उतर आई हो ,हमरे आते ही दीदी ने हमारा इंटो कराया
‘इनसे मिलो ये है मेरे भाई ,मेरे जिगर के टुकडे राहुल और आकाश ,और ये है मेरी प्यारी सहेलिय,भावना इससे तो तुम मिल चुके हो ,और (मेरे दिल की धड़कन जैसे थम सी गयी उस हसीना का नाम सुनने के लिए )आयशा,”
आयशा अच्छा ये वही लड़की है जिसने इतनी बहादुरी दिखाई थी ,आकाश बेटा ये तो तेरे लिए परफेक्ट है इसमें दीदी के से गुण है, मैंने अपने आप से कहा,राहुल भावना को देखे जा रहा था ,और भावना राहुल को देखकर शर्मा रही थी जैसे वो उसकी कुछ हो ,वही आयशा ने मुझे सिर्फ हल्लो कहा और राहुल की तरफ मुड गयी ,
‘मैं इन्हें कैसे भूल सकती हु यही तो है जिन्होंने मेरी इतनी मदद की है,और इनके कारन ही तो हमारी इज्जत आज बची हुई है वरना….’कहते कहते आयशा चुप हो गयी दीदी ने उसे गले लगाया,’छोड़ ना पुरानी बातो को ‘साला राहुल तो हीरो बन गया था,भावना उसे देख कर मुस्का रही थी आयशा उसकी तरीफ कर रही थी और मैं ,मुझे तो ऐसा लग रहा था जैसे मैं हु ही नहीं,
‘आपने जो बहद्दुरी का काम किया वो तो तारीफ के काबिल है,’मैंने अपने को प्रस्तुत करने के उद्देश्य से कहा,
‘हुम्म थैंक्स,और राहुल जी आप कैसे है,’इसकी माँ का ये क्या हुआ जहा मैं कभी लडकियों को भाव नहीं देता था ये लडकिय मुझे भाव नहीं दे रही थी,मैं थोडा मायूस हुआ,आयशा राहुल पर जादा इंट्रेस्टेड लग रही थी ,मुझे इस बात का कभी दुःख नहीं होता पर मैं उससे बात करने को बेचैन था ,आज तक पहली बार ऐसा था की मैं किसी लड़की से बात करने को बेचैन था,मैंने निराश होके दीदी की तरफ देखा शायद वो मुझे देख रही हो और अपने भाई के मन की बात जान ले ,पर मैं निराश हो गया वो भी उनलोगों के साथ बिजी थी और मैं पहली बार भीड़ में अकेला सा महसूस किया जबकि मेरे लिए ये हमेसा की बात थी की मैं दीदी के दोस्तों के बीच चुप ही रहता था,और राहुल ही बात करता था पर मैं आज अटेंशन चाहता था इसलिए दुखी था,मैं जा भी नहीं सकता था क्योकि मैं जाना भी नहीं चाहता था ,मैं थोडा बेचैन होने के बाद आयशा के चहरे को देखने लगा ,हरे कलर की सलवार में वो कमल की लग रही थी वो बड़ी ही मासूम सी दिख रही थी पर एक आत्मविश्वास और संकल्प का तेज उसके चहरे पर दिख रहा था,कानो में बलिया जब हवा से लहराती थी तो मेरा दिल भी उसके साथ लहराने लगता ,उसके होठो का गुलाबीपन क्या मादकता थी ,वो बोल रही थी और मैं उनके किसी साचे में ढले हुए से मोती से चमकीले दांतों को देख रहा था ,बात करने पर उसके गुलाब की पंखुडियो से होठ जब चलते तो मेरा दिल भी झूम उठता,उसकी आँखे हे भगवान बड़ी बड़ी हिरनी जैसी जीतनी चंचलता उसके आँखों में थी उतनी ही गहराई भी थी सफ़ेद आँखों पर काली पुतलियो का चलना .और उसका पलक झपकाना ,फिर होठो पर एक मुस्कान आई और मैं फिर दिवाना हो गया उसके गाल लगता था की छू लू तो गंदे हो जायेंगे ,बालो को अपने उंगलियों में घुमाती और लट बनती फिर नजरे झुकाती फिर उठाती,उसकी प्यारी बाते उसकी मीठी आवाज,उसके काले बाल जो उसके कमर तक थे,मैं बस खोया सा उसे देख रहा था जब तक की मुझे किसी ने झकझोरा नहीं,
‘आकाश आकाश ,अबे तुझे क्या हुआ आकाश ,’राहुल मुझे झकझोर रहा था ,फिर पानी के छीटे मैं होश में आया ‘हा हा हा क्या हुआ क्या हुआ ‘कमरे में सभी हस रहे थे ,सिवाय एक शख्स के वो थी आयशा,..वो मुझे गुस्से से घुर रही थी,मैं बुरी तरह से झेप गया और नजर झुका ली ,मैंने नजर उठाके जब दीदी को देखा तो उन्होंने मुझे नजरो से इशारा कर दिया और मैं शर्माता हुआ वहा से भाग गया…जाते जाते मैंने फिर से मुड़कर देखा आयशा अब भी गुस्से से मुझे देख रही थी जैसे मुझे खा ही जाएगी,

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.