जवानी के अंगारे – Update 9
घर पहुँचते-2 अनु इतनी गर्म हो चुकी थी की उसे पता ही नही चला की उसने कब लॉक खोला, कब अपने कपड़े निकाल फेंके और कब वो अपनी गीली चूत में उँगलियाँ डुबोकर उसे मसलने लगी
होश तो उसे तब आया जब उसकी उंगली हमेशा की तरह उसकी झिल्ली से जा टकराई
दर्द और मज़े से मिश्रित एक लहर उसके पूरे जिस्म को लहरा कर निकल गयी
उसने इधर-उधर देखा तो अपने चारों तरफ उसे अपने स्कूल के कपड़े बिखरे दिखाई दिए
बीच ड्रॉयिंग रूम में पड़ी थी फर्श पर वो इस वक़्त
एकदम नंगी
जैसे बगिया से कच्ची कली को तोड़कर फर्श पर सज़ा दिया हो

अपने नंगे जिस्म को अपनी नाज़ुक उंगलियों से सहलाते हुए वो अपने हाथ उपर से नीचे फेर रही थी
उभारों पर हाथ लगता तो उंगलियाँ उपर की तरफ चल पड़ती और चूत पर आता तो गहरी खाई में फिसल जाती
उसकी चूत आज दिन भर की बातें सोचकर इतना रस छोड़ रही थी की उसके हाथो से होता हुआ वो रस उसके पूरे शरीर पर अपनी छाप छोड़ चुका था
जैसे सफेद ब्रेड पर बटर लगा होता है ठीक वैसे ही उसका नशीला जिस्म इस वक़्त अपने ही रस से लिपटकर एक अलग ही चमक में आ गया था
काश कोई होता जो उसके इस बटर को उसके जिस्म से चाट लेता , किसी कुत्ते की तरह
पर अभी तो कोई नही था वहां
इसलिए वो खुद ही चाटने लगी अपने रस को
उंगलिया भरकर वो अपनी चूत का शहद इकट्ठा करके उपर तक लाती और उन्हे चूस लेती

चूसते हुए उसके दिमाग़ में सिर्फ़ और सिर्फ़ संजू का लॅंड ही आ रहा था
एक तो पहली बार उसने लॅंड देखा था और कुछ देर पहले ही देखा था, इसलिए उसे ही सोचकर वो ये सब कर रही थी
एक साथ 3 उंगलियों को चूसते हुए उसे लगा जैसे वो लॅंड ही चूस रही है
काश वो चूस पाती
निशा की तरह
ये साली निशा कितनी खराब है
अपने बाय्फ्रेंड का लॅंड चूस रही थी मेरे सामने
और मुझे पूछा भी नही
उपर से मुझसे वीडियो और बनवा लिया ताकि वो बाद में मज़े ले पाए
इतना भी नही सोचा उस कमीनी ने की मुझ पर क्या बीती होगी तब
और अब
वीडियो ही भेज देती मुझे, उसी को देखकर अभी के लिए कुछ राहत मिल जाती
पर उसने दिया नही
उसे तो मैं अच्छा मज़ा चखाऊँगी इस बात का
पर अभी के लिए उसे कुछ तो चाहिए था, जिससे वो अपनी प्यास बुझा सके..
उसके ठीक पीछे फ्रिज़ था, जिसे देखकर उसके दिमाग़ में एक विचार कोंध गया
वो नागिन की तरह रेंगती हुई फ्रिज़ तक गयी और उसे खोलकर उसने एक खीरा निकाल लिया
ऐसा उसने कई बी एफ में देखा था, पर कभी इस्तेमाल नही किया था
मास्टरबेशन का काम वो आज तक अपनी उंगलियो से ही कर लिया करती थी
पर आज लॅंड का साइज़ देखकर उसे भी लंड चूसने की इच्छा हुई जो खीरे के रूप में पूरी की जा सकती थी
जैसे ही उसने खीरे को अपनी चूत से लगाया उसके मोबाइल की नॉटीफिकेशन बेल बज उठी
कुछ सोचते ही उसकी आँखे चमक उठी और उसने लपक कर मोबाइल उठाया
आशा के अनुरूप मेसेज़ निशा का ही था और उसने अपना वीडियो भेजा था संजू के साथ वाला,
वो बेकार में ही उसे भला बुरा कह रही थी,
उसने तो खुद ही उसे वो वीडियो भेज दिया ताकि खुद के साथ-2 उसकी फ्रेंड भी मज़े ले पाए
एकदम सही मौके पर आया थॉ वो वीडियो
उसने ऑन किया तो क्लोसअप में संजू का काला भूसंड लॅंड स्क्रीन पर लहरा गया
वहां निशा ने लॅंड का टोपा मुँह में डाला और यहां अनु ने खीरा अपनी चूत में
एक आह वहां निकली , एक सिसक यहाँ
दोनो तरफ की आवाज़ एक साथ गूँजी कमरे में
अनु का कच्चा नंगा बदन अपने ही रस की चाशनी से गीले फर्श पर फिसल रहा था
आनंद के मारे वो आँखे बंद करके उस लॅंड रूपी खीरे के मज़े लेना चाहती थी पर वीडियो में असली लॅंड देखना भी ज़रूरी था इसलिए आँखे खुली थी उसकी

चूस तो निशा रही थी लॅंड पर गाड़ी लार अनु के मुँह से निकल रही थी
जो उसके गालों से होती हुई फर्श पर गिर रही थी
उसने अपनी चूत रस से भीगे खीरे को बाहर निकाला और उसे मुँह में डाल लिया
ढेर सारा रस जो खीरे पर लगा था वो मुँह से निकल रही लार से लिपटकर एकसार हो गया
एक गाड़ा और मीठा और दूसरा चिपचिपा और नशीला
दोनो नशीले शरीर से निकले प्राकर्तिक द्रव्य थे, ये वो कीमती शराब थी जिसकी कीमत करोड़ों में थी
किसी लड़के को इस कॉम्बिनेशन वाला जूस पीने को मिल जाए तो वो सबसे खुशनसीब कहलाए
पर अभी तो ये सारा रस व्यर्थ ही जा रहा था
अनु ने मुँह से वो भीगा खीरा निकाला और उसे अपने नन्हे-2 बूब्स पर फेरती हुई , नाभि की गहराई को सहलाती हुई फिर से चूत तक लाई और एक बार फिर उसे अंदर धकेल दिया
मोबाइल में देखते हुए वो निशा के मुँह से अपने हाथ की गति मैच कर रही थी
खीरा मोटा तो था पर छूट इस वक़्त इतनी चिकनी हुई पड़ी थी की उसे उसकी मोटाई का एहसास ही नही हो रहा था
हां , जब वो थोड़ा अंदर खिसककर संकरी दीवार से टकराता तो वो ज़रूर संभल जाती
और जल्द ही निशा को देखते-2 वो अपने चरम पर पहुँच गयी

वो जानती थी की कब निशा के मुँह में वो शहद का गोला फूटेगा
उसी के अनुसार अपनी चूत के दाने को खीरे से खुरचती हुई अनु की चूत ठीक उसी वक़्त झड़ना शुरू हुई जब संजू के लॅंड की पिचकारियों से निशा का चेहरा रंगहीन चाशनी से ढक गया
‘’आआआआआआआआआआआआआआआआअहह ओह गोद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड………. सन्ननन्ज़ज़ज्जुउुुुुुुुुुुुुुुउउ य्ाआआआआआअरर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर मुझेईईईईईईईई भी चाहिइईईईईईईईई ……… ये लॅंड …………………………. मुझे भी चुस्वा दे ना………………… आआआहह’’
पता नही क्या-2 बड़बडाए जा रही थी वो
निशा के मुँह के बाद उसकी छातियों पर भी संजू ने चित्रकारी की और अनु ने उसकी देखा देखी अपने देसी घी में डूबे खीरे को बाहर निकालकर अपने छाती पर लगे लच्छे परांठों पर चोपड़ दिया
और उसे अपने खड़े निप्पल्स पर रगड़ते-2 कब वो नींद की आग़ोश में पहुँच गयी, उसे भी पता नही चला..
आज की इस हस्तमैथुन क्रिया ने उसके शरीर को तोड़ कर रख दिया था,
जैसे पहली चुदाई के बाद होता है ठीक वैसा
ओर्गास्म के बाद भी वो उलटी लेती हुई अपनी चूत से रिस रही आखरी बूंदो को अपनी उँगलियों से मसल कर आनंद का मज़ा ले रही थी

एक तो जंगल में निशा का खेल देखने के चक्कर में वो पहले से ही लेट आई थी, उपर से एक्सट्रा टाइम लेकर आज जो खेल उसने घर पर खेला था, शाम कब हो गयी उसे पता ही नहीं चला
और तब टाइम हो गया अनु की मॉम शेफाली के घर आने का
शेफाली जब दरवाजे तक पहुँची तो हेंडल घूमते ही दरवाजा खुलता चला गया
वो बुदबुदाती हुई अंदर दाखिल हो गयी की कितनी लापरवाह है ये लड़की भी, दरवाजा भी लॉक करके नही रखती अंदर से
अब उसे क्या पता था की वो दरवाजा तो क्या, खुद को खोले बैठी है अंदर
अंदर पहुँचते ही उसे सामने फर्श पर जो नज़ारा दिखा, उसकी आँखे फटी की फटी रह गयी
स्कूल के फेले कपड़ो के बीच उसकी फूल सी बेटी पूरी नंगी होकर लेटी थी
माहौल में एक अजीब सा सोंधापन था
अनु के एक हाथ में खीरा और दूसरे में मोबाइल था
शेफाली को समझते देर नही लगी की वहां क्या चल रहा था
एक पल के लिए तो उसे बहुत गुस्सा आया पर अगले ही पल उसने खुद को अपनी बेटी की जगह रख कर देखा
वो भी इस उम्र से गुजर चुकी थी
ऐसी उम्र में तो वो चुद चुकी थी , जिस उम्र में उसकी बेटी शायद मास्टरबेट करना सीख रही थी
वो जानती थी की उसकी बेटी अभी उन पछड़ो से दूर है, वरना उसकी पारखी नज़र एक बार में ही पकड़ लेती की उसने सैक्स करना स्टार्ट कर दिया है
लेकिन ये लापरवाही भी तो सही नही है ना
पर देखो तो ज़रा
कितनी मासूम लग रही है
और सैक्सी भी
वॉव
ऐसा नशीला बदन तो उसका भी नही था
एकदम पर्फेक्ट बूब्स
पतली कमर
और थोड़ा फेला हुआ नितंब वाला हिस्सा
चिकनी और कसी हुई चूत
और सबसे ख़ास बात उसका क्यूट सा फेस
ऐसी हालत में कोई लड़का अगर इसे देख ले तो पेंट में ही झड़ जाए
अपने प्रॉडक्ट पर नाज़ हो रहा था उसे

और साथ ही साथ उसके नंगे बदन को देखकर उसके शरीर में चींटियां भी रेंग रही थी
काश वो भी अपने कपड़े उतारकर उसके साथ फर्श पर लेट पाती
अपनी बेटी के नंगे जिस्म को अपनी बाहों में लेकर उसे प्यार कर पाती
पर अगले ही पल उसने इस ख्याल को अपने दिमाग़ से छिटक कर निकाल फेंका
और एक जोरदार आवाज़ लगाकर उसने अनु को उसकी गहरी नींद से जगाया
अनु ने जब मोंम की आवाज़ सुनी तो हड़बड़ाकर आँखे खोली
पहले तो उसे कोई बुरा सपना लगा, क्योंकि जिस हालत में वो थी , वो पकड़े जाना नही चाहती थी
मॉम इतनी जल्दी कैसे आ गयी, दरवाजा किसने खोला
पर जब उसने घड़ी का टाइम देखा और खुद उसे अपना दरवाजा बंद ना करना आया तो उसके पसीने छूट गये
शेफाली : “अब बैठी -2 क्या घूर रही है अनु, चलो खड़े हो जाओ और ये सब सॉफ करो”
इतना कहकर शेफाली अपने रूम में चली गयी
अनु ने अपना सिर पीट लिया
वो इस हालत मे पकड़ी जाएगी उसने सोचा भी नही था
वो जल्दी से उठी, अपने कपड़े समेट कर रूम में रखे, खीरा डस्टबिन में फेंका
एक शॉर्ट और टी शर्ट पहनी और पोछा लेकर ड्रॉयिंग रूम का फर्श सॉफ किया
कुछ ही देर में उसने सब ठीक कर दिया
पर वो जानती थी की सब पहले जैसा नही है
मॉम भले ही उसे नॉर्मल दिख रही थी, आज से पहले उसने ऐसी कोई हरकत नही की थी जिससे उसकी मॉम को उसपर कोई शक होता
पर आज के काँड ने तो उसे मॉम की नज़रों के सामने गिरा दिया था
वो मॉम से कैसे नज़रें मिलाएगी, वो नही जानती थी
पर मिलानी तो पड़ेंगी ही ना
उनके अलावा कोई नही था उसका
इसलिए धड़कते दिल से वो मॉम के कमरे की तरफ चल दी उनसे माफी माँगने
पर वो नही जानती थी की आज उस कमरे में क्या होने वाला है
