हलाला बेटे के साथ – Update 8 | Incest Story

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हलाला बेटे के साथ – Update 8

फिर सुबह हुई तो अम्मी रोज की तरह अपना काम करने लगी और दीदी और फिजा अपने काम और  स्कूल को मगर मै आज कालेज नही गया क्योंकि मेरी छुट्टी थी

बुआ- भाभी चाय नाश्ता तैयार हो गया हो तो लेकर आ जाओ

मामी- हा बस हो गया ला रहे है

अम्मी मामी से – देख शाहिद उठा की नही

मामी – आप ही जाकर देख लो

अम्मी- ठीक है

फिर  अम्मी मेरे कमरे मे आई और उठाने लगी

शाहिद उठ सुबह के 9 बज गए है छुट्टी है तो क्या पूरे दिन सोऊगा

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मै उठा तो देखा अम्मी खडी थी

मै  – बस अम्मी उठ गया आप ठीक तो हो न

अम्मी- हम्म्म्म ठीक हू

मै- ऐसे ही रहो जो भी होगा हम मिलकर देख लेंगे

अम्मी- हा बेटा

मै – नाश्ता तैयार हो गया है

अम्मी- हा आजा कर ले तैयार होकर

फिर मै नहाने चला गया और अम्मी अपने काम करने थोड़ी देर बाद मै नहा कर बाहर आ गया और सबके साथ नाशता कर लिया

दादी  – फरहान थोड़ी देर में मौलवी साहब आते होगे

डेड – जी अम्मी

फिर सब बात कर ही रहे थे की मौलवी और  उनके साथी आ गए

दादी- सलाम मौलवी साहब

मौलवी- सलाम

नाना- आइए बैठिए

मौलवी- तो क्या फैसला किया है आप लोगों ने कोई मिला

दादी- जी मिल गया है मौलवी साहब

मौलवी- तो कौन है जो इसके लिए तैयार हो गया है और भरोसेमंद भी है वो भी इतनी जल्दी

दादी- जी मेरा पोता शाहिद करेगा मुस्कान से शादी

दादी- हा क्या कोई परेशानी है

मौलवी- नही ठीक है पक्का न

दादी- नही मौलवी साहब अब मेरा पोता ही हमारे घर को बचाएंगे

मौलवी- शाहिद बेटा तुम जानते हो न की शादी के बाद मुस्कान तुम्हारी बीबी हो जाएगी और  तुम  दोनों को एक शौहर बेगम की तरह पूरे तरह से रहना होगा

मै – जी

मौलवी  – मतलब ये है की तुम दोनों को सब कुछ बांटना होगा शारिरीक तौर  पर भी बरना शादी मुक्कमल नही होगी

दादी  – हमे पता है

मौलवी- फरहान और  मुस्कान तुम्हें मंजूर है न

डेड- जी मौलवी साहब

अम्मी  – हम्म्म्म

मौलवी- तो ठीक है शादी तीन दिन बाद जुम्मा के दिन होगी आपको पूरे रस्म के साथ शादी करानी होगी और  सारे समाज को बुलाने होगा और शादी के बाद कम से कम एक महीना इन्हें शौहर बेगम की तरह रहना होगा और  सारे खुश एक दूसरे को देने होगे फिर शाहिद तलाक दे देगा तो फरहान और मुस्कान की शादी करवा दी जाएगी

दादी- ठीक है मौलवी साहब

मौलवी- तो शादी की तैयारी करो और  सबको बुलावा भिजवा दो

फिर मौलवी चले गए और नाना – मुबारक हो रिहाना जी

दादी- आपको भी अब वक्त कम है बोलो क्या करना है

मामा- सबसे पहले कार्ड छपवा देते है

नाना- हा ठीक है तुम  कार्ड छपने के बटवा दो

दादी- हुमा तू बाकी घर की सजावट और  मेहमान देख ले

बुआ- जी अम्मी

मै – यह सब क्या हो रहा है थोडा सादगी से कर लेते है न

दादी- बेटा कितनी भी सादगी से करे मगर तैयारी तो करना ही पडेगा न

डेड- हा बेटा पूरी रस्मे निभाना पडेगी

अम्मी- हा बेटा यह जरूरी है

मै – ठीक है जैसा आपकी मर्जी

फिर सब तैयारी मे लग गए

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