हलाला बेटे के साथ – Update 4 | Incest Story

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हलाला बेटे के साथ – Update 4

रात के 12 बज गए  तो अम्मी बहुत गुस्से में थी

मै – अम्मी आप शांत हो जाओ और डेड पर गुस्सा मत करना

फिजा- हा अम्मी डेड कही फस गए होंगे वरना लेट नही होते कोई जरूरी काम आ गया होगा

अम्मी- कितना भी जरूरी काम हो कोई अपनी सालगिरह पर लेट होता है आने दो बताती हू

जन्नत दादी से ये लोग क्यू नही जा रहे सब तो चले गए है

वो इन दोनों को दुआ देकर ही जाएंगे

इतने मे डेड आ गए

आपा – कहा रह गए थे डेड सारे मेहमान चले गए और अम्मी तो बहुत  गुस्सा है

डेड- बेटा वो मीटिंग मे बस गया था इतने मे अम्मी डेड को अंदर लेकर गई और कमरे मे जाकर

अम्मी- कहा रह गए थे सिरे मेहमानों के सामने कितना शर्मिंदा होना पडा जानते हो कितना बुरा लग रहा था

मम्मी तेज तेज गुस्से मे बोल रही थी

डेड- धीरे बोलो वैसे ही मेरा दिमाग खराब है साला काम ही नही हुआ ऊपर से तुम सर खा रही हो

अम्मी- मै सर खा रही हू शादी की सालगिरह थी और तुम ऐसा ओह्ह रहे हो

डेड  – क्या सालगिरह लगा रखी है काश शादी ही नही किया होता

अम्मी- अच्छा होता कम से कम इतना शर्मिंदा तो नही होना पडता

दोनों की आवाज बाहर तक आ रही थी तो दादी आपा से जा जाकर देख वो लडकी क्यू रहे है

आपा – नही मै नही जाऊँगी दोनों बहुत गुस्से में है आप चली जाओ

मौलवी- रिहाना बेगम ये क्या हो रहा है जल्दी से उन्हें बाहर बुलाओ ताकी दुआ करके हम भी जाए

दादी- जी मौलवी साहब

अंदर अम्मी और डेड की लडाई बढती ही जा रही थी इतने मे डेड का पारा बहुत ऊपर चला गया और

डेड  – मुस्कान चुप हो जाओ बरना

अम्मी- बरना क्या  तुमने आज हद कर दी सारी बोलना तो दूर उल्टा लड रहे हो

डेड- बहुत हो गया दिल तो कर रहा है की  तलाक दे दू अभी

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अम्मी- बस यही धमकी दे सकते हो और  कुछ नही मै भी देखती हू कैसे देते हो हिम्मत है

डेड – हिम्मत  तो ये लो तलाक तलाक तलाक

अम्मी  – ऐसे बोलने से कुछ नही होता है मै आपको और  अपने परिवार को ऐसे थोड़ी न बरबाद होने दूंगी

बाहर मौलवी और दादी ने यह सुन लिया

दादी- या यह क्या कर दिया मेरे बेटे ने अब क्या होगा

मौलवी- अब तो तलाक हो गया है

इतने मे अम्मी और डेड बाहर आ गए बाहर सब शांत थे सन्नाटा था

डेड – क्या हुआ तुमलोग शांत क्यू हो द

दादी- तूने ये क्या किया सब बरबाद कर दिया अपने बच्चो का तो सोच लेता

डेड  – क्या किया मैंने देखो अम्मी मेरा पहले ही दिमाग खराब है और खराब मत करो

मौलवी- तुमने अभी गुस्से में अपनी बेगम को तलाक दे दिया है

डेड- अरे वो गुस्से मे निकल गया ऐसे थोड़ी न तलाक हो जाता है

मौलवी- हो जाता नही हो गया है और अब यह तुम्हारी बीबी नही है

अम्मी- यह क्या कह रहे है आप वो सब गुस्से मे था

मौलवी- कुछ भी हो मगर यह हो गया है और अब तुम दोनों मिया बीबी नही रहे

डेड – यह सब बकबास है

मौलवी- यह सच है और तुम्हे यह मानना ही पडेगा वरना

अम्मी- अरे यह सब हम नही मानते

मौलवी- रिहाना बेगम समझा दो इन्हें बरना आपके परिवार का बहिष्कार किया जाएगा और आपकी बेटियो का कही रिश्ता नही होगा और आप लोगों को समाज में पूर्णतः निकाला कर दिया जाएगा फिर कोई आपसे कोई भी रिश्ता या बात नही करेगा

दादी- मौलवी साहब रहम करिए और  कोई रास्ता बताइए जिससे हमारा परिवार बच जाए

उनकी बात  सुनकर डेड भी अब थोडा डर गए की अगर ऐसा हुआ तो मेरे बच्चों का क्या होगा और  अम्मी बी डर गई

डेड- माफ कीजिएगा मौलवी साहब मे गुस्से में बोल गया कुछ कीजिए हमारे परिवार को बचा लीजिए

अम्मी- जी मौलवी साहब रहम करिए

मौलवी- एक रास्ता है अगर तुम दोनों फिर से शादी करना चाहते हो तो तुम्हें हलाला करना होगा

हलाला का नाम सुनकर दादी डेड और अम्मी सहम गए

डेड- हवाले पर

मौलवी- यही एक रास्ता है वरना तुम दोनों अलग हो जाओ और  मुस्कान को रह घर छोडकर जाना होगा

दादी- नही मौलवी साहब ऐसे तो हमारा परिवार बिखर जाएगा

हलाला का नाम सुनकर अम्मी की आखिर मे आंसू आ गए और वो रोने लगी

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मै- अम्मी आप क्यू रो रही हो और  यह क्या बात सो रही है

डेड – तुम लोग अंदर जाओ

आपा – पर डेड

डेड- मैने कहा न

फिर हम अंदर चले गए

मौलवी- देखो तुम्हारे पहचान मे कोई भरोसेमंद इंसान हो जो यह करे तो बता दो उसके साथ मुस्कान का निकाह करा देंगे और  कुछ दिन बाद बो तलाक दे देगा तो तुम दोबारा शादी कर सकते हो

दादी- ऐसा भरोसेमंद इंसान कहा मिलेगा मौलवी साहब

मौलवी- फिर एक रास्ता है की तुम बडे मौलवी साहब के साथ निकाह कराकर कुछ वक्त उनकी बीबी रहो फिर तलाक के बाद तुम शादी कर लेना

डेड  – पर कैसे कर सकते है वो तो बूढ़े और अगर उन्होंने तलाक नही दिया तो

मौलवी- देखो वरना दो ही रास्ते हैं एक की तुम किसी अपने पहचान वाले के साथ निकाह कराओ या मुस्कान को भूल जाओ और  अलग हो जाओ  तुम्हारे पास दो दिन का वक्त है फिर मुस्कान को यहा से जाना होगा और निकाह के बाद पूरी तरह से बीबी का फर्ज परा करना होगा बरना निकाह पूरा नही होगा तो जो भी करना सोच समझकर करना मै चलता हू तुम्हारे जबाब का इंतजार रहेगा

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