हलाला बेटे के साथ – Update 21
फिर अम्मी अस्पताल चली गई और डेड यूएस जाने की तैयारी मामी और बुआ किचिन मै खाना बनाने लगी
मामी- क्या लगता है आपको शाहिद और मुस्कान आपा के बारे मे
बुआ- मुझे क्या लगेगा जो हो रहा है सब दिख ही रहा है अब वो मिया बीबी है और उनके बीच की हर दीवार तो हट गई है मुझे तो यकीन है की दोनों को प्यार हो जाएगा और वो दोनो तलाक नही लेंगे
मामी- ऐसा क्यों
बुआ – आपने सुना नही था क्या सुहागरात वाली रात आवाज एक तीन बच्चों की अम्मी को भी चीखने पर मजबूर कर दे मतलब की शाहिद का बहुत बडा और मोटा है और मुस्कान ने बताया भी तो की उसे इससे पहले इतनी ज्यादा संतुष्टि कभी नही हुई
मामी- पर वो उनका बेटा है
बुआ- अरे चलो मान भी ले की मुस्कान अपने आप को रोक ले मगर शाहिद अभी जवान है और मुस्कान है भी बहुत खूबसूरत तो वो तो पक्का प्यार मे पड जाएगा
मामी- हा सही कसर रही हो बुआ आप
बुआ- बुआ आप और मै तो एक ही उम्र की है
मामी- अगर मुस्कान आपा आपकी बहु बेगम हुई तो और आप मेरे जीजू की बुआ है तो मेरी भी बुआ हुई न
बुआ हँसते हुए – हा सही कहा चलो खाना बनाते है
और दूसरी तरफ मेरे दिमांग में अम्मी के ही ख्याल घूम रहे थे मै सोच रहा था की ये मुझे क्या हो गया है मुझे अम्मी से प्यार और उन्हें बताऊँ या नही समझ नही आ रहा
उतने मे मेरा दोस्त मनु घर आया
मनु- नमस्ते दादी कैसी है आप
दादी- मै ठीक हू मनु
मनु – दादी शाहिद कहा है
दादी – वो कमरे मे है
फिर वो मेरे कमरे मे आया
मनु – क्या कर रहा वे किताब सामने रखकर किन ख्याल मे खोया है
मै- भाई क्या बताऊँ समझ मै नही आ रहा है दिमाग मै कंट्रोल ही नही है पढाई मै दिल नही लग रहा है
मनु – ऐसा क्या हो गया कही तुझे
मै – भाई क्या मतलब
मनु – भाई ऐसा तभी होता है जब प्यार होता है और अभी सिर्फ एक ही जो तेरे साथ है तेरी अम्मी कही तुझे उनसे ही तो नही
मै – हा भाई सही कह रहा है पर मुझे समझ नही आ रहा है क्या करू
मनु – देख भाई है तो गलत मगर तुम दोनों ने निकाह करके सुहागरात भी मना ली है तो अब क्या और अगर ऐसा है तो सोच ले की ये सिर्फ हवस है या सच्चा प
प्यार है
मै – भाई सच्चा प्यार है मगर सोच रहा हू की अगर ऐसा हुआ तो कही मै अम्मी का जो अम्मी वाला प्यार है वो न खो दू
मनु- देख एक काम कर थोडे दिन रूक और अगर फिर बी तुझे यह होता रहे तो कह दे और अबी भी तो तुम दोनों दोनों रिश्ते निभा रहे हो आगे भी निभाते रहना
मै – थैंक्स यार मुझे समझने के लिए और सही सलाह देने के लिए
मनु – चल अब पढाई पर ध्यान दे और आंटी को अब भाभी बोलने की आदत डालनी पडेगी
मै – तू भी न मगर एक बात यार रखना वो मेरी अम्मी भी है तो पहले की तरह इज्जत भी देना
मनु – ठीक है भाई अब पढे
फिर हम दोनों पढाई करने लगे
वहां दूसरे तरफ अम्मी अस्पताल मै काम कर रही थी मगर उनके दिमाग में मेरा ही चेहरा चल रहा था
वो सोच रही थी की क्या हो गया है पूरे दिन उनके मुंह से मेरा नाम आ रहा था वो परेशान थी की क्या हो गया है ऐसे ही पूरा दिन निकल गया और वो घर आ गई फिर वो कमरे मे आई
मै – आ गई अम्मी
अम्मी- हा बहुत दिन बाद अस्पताल गई बहुत बिजी रही मगर
वो कहने वाली थी की उन्हें मेरी यार आई पर वो चुप हो गई
मै- हा अम्मी आखिर आप शहर की बडी डाक्टर मे से एक है मगर मुझे आपकी आज बहुत यार आई
अम्मी- ओह बेटा वैसे मै भी तेरे बारे मे सोच रही थी की क्या कर रहा होगा वैसे क्या किया दिन भर पढाई की या यहा वहा घूमता रहा
मै – घर पर ही था और पढाई भी करी मनु आता था
अम्मी- ओह चल मै थोडा कपडे चेंज कर लेती हू फिर वो बाथरूम में गई और नहा कर कपडे बदलकर बाहर आई
दूसरी तरफ
दादी- फिजा जा अपने भाई और भाभी को बुला ला खाना खाने के लिए
फिजा – जी दादी
फिर फिजा हमारे कमरे मे आई और बोली
भाई चलो दादी बुला रही है आप दोनों को
अम्मी- हा चलते है तू पहले अंदर आ और बता इतनी सेड क्यू है और पढाई कैसी चल रही है
फिजा – दादी ने आपको भाभी कहने को कहा है पर कैसे आप अम्मी हो हमारी और भाई तो निकाह के बाद बी आपको अम्मी कहते फिर हम क्यों नही
अम्मी- देख फिजा मै भी मजबूर हू मुझे भी तो बुरा लग रहा है की मेरे बच्चे मुझे अम्मी नही कह पा रहे और मुझे तो खुद जन्नत को आपा कहना पड रहा है पर क्या कर सकते है तेरी दादी का हुक्म मानना ही पडेगा न और तेरे भाभी कहने से कुछ नही होगा रहेगी तो तू मेरी बेटी ही तो तू फिक्र मत कर और खुश रहा कर और पढाई पर ध्यान दे
फिजा- ठीक है अम्मी ओ भाभी
फिर हम बाहर आ गए और खाना खाने बैठ गए
दादी- कैसा रहा दिन बहु बेगम
अम्मी- अच्छा रहा अम्मी जान
दादी- फिर वही मै अब तेरी भी दादी हू तो वही कह
अम्मी- माफ कीजिएगा आदत है ठीक है दादीजान
फिर बुआ- बहु बेगम भाई जान ने कुछ फाइल दी है तुम्हें देने को
अम्मी- हा वो कुछ जरूरी काम की फाइल होगी शाहिद के डेड ने बताया था
फिर सबने खाना खाया और अम्मी थक गई थी तो वो अपने कमरे मे चली गई फिर थोड़ी देर बाद मै भी कमरे गया अम्मी पलंग पर बैठ कर कोई बुक पढ रहो थी वो बहुत खूबसूरत लग रही थी
मै उनके बगल मै बैठ गया और
अम्मी- ओह आ गया
मै- हा अम्मी
अम्मी- कुछ सोच रहा है कुछ कहना है
मै – कुछ नहीं अम्मी बस आप बहुत खूबसूरत लग रही हो
अम्मी- अच्छा जी ये तो पहले भी कहता था
मै – मगर अब आप और भी खूबसूरत लग रही हो मैने आप से ज्यादा खूबसूरत औरत नही देखी
अम्मी- कुछ भी ( अम्मी को अहसास हुआ की शायद मै उनकी तरफ आकर्षित हो गया हू मतलब मुझे भी उनके प्यार हो गया है और वो सोचने लगी कुछ हो सकता है )
मै – अम्मी क्या हुआ मै सही कह रहा हू दिल कर रहा है आपको देखता ही रहूँ
ये सुनकर अम्मी को थोडी शरम सी महसूस हुई
अम्मी- चल कुछ भी सो जा कल मुझे भी जल्दी अस्पताल जाना है फिर हम सो गये मगर अब दोनो को अहसास हो गया था की दोनो तरफ आग लगी है
