हलाला बेटे के साथ – Update 19
नानी नाना और मामा के जाने के बाद मामी हमारे साथ ही रूक गई फिर अम्मी दोपहर का खाना बनाने लगी वैसे जब अम्मी हास्पीटल जाती है तो नौकरानी दोपहर का खाना बनाती है मगर अगर अम्मी घर मे है तो वही करती है वो डाक्टर जरूर है मगर एक घरेलू औरत भी है वो किचिन मे खाना बना रही थी और फिजा और मामी उनकी मदद कर रही थी
फिजा – अम्मी डेड थोडा चुप चुप हो गए हैं सुबह जल्दी अस्पताल चले जाते है और रात मे लेट आ रहे है लगता है आपकी और भाई की शादी का उन्हें बहुत दुख हुआ है
अम्मी- बेटा क्या कर सकते है न मेरे हाथ में कुछ है न तेरे डेड या शाहिद के हाथ मे
फिजा – हा अम्मी पर उनको देखकर थोडा दुःख होता है
अम्मी- कुछ दिन की बात है बेटा
फिजा- ठीक है अम्मी
मामी- फिजा अब जब तक शाहिद और आपा मिया बीबी है तब तक रिश्ते बदल गए है जैसे तो तुम अम्मी के रिश्ते से शाहिद को अब्बू कहो या शाहिद के रिश्ते से आपा को भाभी
फिजा – पर क्यू भाई तो खुद अम्मी को अम्मी ही कह रहे है
मामी- वो इन दोनों का निजी मामला है कि यह अपना पुराना रिश्ता को पहले रखकर रहे है मगर बाकी को तो यह करना ही पडेगा
अम्मी- भाभी पर यह तो मेरी बेटी है इसे भी जो रिश्ता निभाना है निभाने देना चाहिए फिजा तू डा पढाई कर ये सब मैंने कर लूंगी और तू इन सब मे मत पड
फिर फिजा अपने कमरे में चली गई
अम्मी- क्या भाभी तुम भी कुछ भी बच्ची से कह रही हो
मामी- सही तो कह रही हू अम्मी जान और शाहिद की दादी ने कल यही कहा है कि जो रिश्ते अभी है उसे निभाना पडेगा बाद मे जो होगा फिर होगा
अम्मी- पर इससे बहुत असमंजस की स्थिति पैदा हो जाएगी
मामी- कुछ नही होगा और जो हो चुका है उसके सामने ये तो कुछ नही है वैसे एक बात बोलूं शाहिद से शादी के बाद आपका चेहरा खिल गया है और एक अलग ही चमक आ गई है मै आपसे छोटी हू मगर आप तो जन्नत की उम्र की लग रही हो

अम्मी को पता नही मगर अचानक हल्की सी शरम आ जाती है
अम्मी- कुछ भी बोल रही हो यह सिर्फ एक रस्म है फिर तो वही रहेगा
मामी- मगर अभी सच्चाई यह है की आप दोनों मिया बीबी हो और आपके बीच सुहागरात मे शारीरिक संबंध भी हो चुके है और आपकी आवाज सुनकर लग रहा था की आपको बहुत संतुष्टि मिली होगी क्योंकि जो मर्द एक तीन बच्चों की अम्मी की चीख निकाल दे तो उसका समान तो काफी जोरदार होगा और अगर आप सिर्फ एक औरत की तरह सोचेगी तो आपको अहसास होगा की कितना सुकून और आनंद है शाहिद के साथ आप एक और त की तरह सोचो और बताओ की शाहिद कैसा मर्द है और आपको मजा आया की नही
फिर अम्मी ने थोडा सोचा और बोली – ऐसा नही है भाभी शाहिद एक भरपूर मर्द है और उसका वो भी बहुत ज्यादा बडा और मोटा है और सच कहूँ तो मुझे ऐसी संतुष्टि कभी नही हुई शाहिद के डेड का भी अच्छा खासा है मगर शाहिद तो कुछ ज्यादा ही है मै बता नही सकती उफ्फ्फ पर ये भी सच्चाई है की वो मेरा बेटा है और मै उसको बहुत प्यार करती हू अम्मी की तरह और वो भी मुझे बहुत सम्मान करता है तो यह सब बेकार की बात है ।
मामी- मगर अब आप दोनों एक रिश्ते मे हो और आपको वो सब करना है अगर इस बीच आपको या उसको या दोनों को एक दूसरे से प्रेमी वाले लगाव या मिया बीबी वाला प्यार हो गया तो क्या होगा क्योकि आप तो फिर भी सम्भाल लोगों पर अगर शाहिद को हो गया तो
अम्मी- ऐसा कुछ नही होगा और तुम डराओ मत
मामी- मै डरा नही रही मगर बस यह कह रही हू की ऐसा कुछ भी होता है तो मै आपके साथ हू और कभी ऐसा हो तो आप मुझसे खुलकर बात कर सकती हो आखिर हम दोस्त भी तो है
अम्मी- हम्म ठीक है
उतने मै बुआ आ गई और बोली क्या बात हो रही है भाभी नन्द मे
अम्मी- कुछ नही बस ऐसे ही
बुआ- बहु बेगम खाना बन गया हो तो लगा दो सब इंतजार कर रहे है ।
अम्मी- आप चलिए मै लाती हू
फिर बुआ चली गई और
मामी- देखा जो तुम्हें भाभी कहती थी अब नए रिश्ते से बुला रही है
अम्मी- हम बाद मे बात करते पहले सबको खाना द दे
फिर अम्मी और मामी खाना लेकर आई और सबको खाना दिया और सबने खाना खाया फिर शाम हो गई और दादी ने सबको बुलाया और सब आ गए
दादी देखो सब अब जब शाहिद और मुस्कान की शादी हो गई है तो अभी के लिए सब रिश्ते थोडे बदल गए है तो अब हमे जब तक ये शौहर बेगम है तब तक इन्हें इनके मौजूदा रिश्ते से पुकारने और मानना होगा
आपा – मतलब
दादी – मतलब की अब मुस्कान तुम्हारी और फिजा की अम्मी नही है बल्कि तुम्हारे भाई की बीबी और तुम्हारी भाभी है
जन्नत- क्या बात कर रही हो दादी यह तो थोडे दिन के लिए है तो यह सब क्या है और शाहिद खुद अम्मी को अम्मी कहता है
दादी वो उसका निजी मामला है हम उन दोनों के बीच नही बोल सकते वो मिया बीबी है मगर जब तक यह रिश्ता है तब तक तो निभाना ही होगा और अब से तुम दोनो मुस्कान को भाभी कहोगी
अम्मी- पर अम्मी जान
दादी- देखो मै तुम दोनों के बीच नही बोल रही मगर बाकी घर की मुखिया मैंने ही हू और मै शाहिद की दादी हू तो तुम्हारी भी अभी दादी हू और जन्नत और फिजा तुम्हारी नन्द तो जन्नत को तुम अब आपाजान कहना क्योंकि वो शाहिद की बडी बहन है
अम्मी- पर अपनी बेटी को कैसे
फिजा- हा अम्मी को भाभी कैसे भाई को डेड क्यू नही
दादी क्योंकि बाप का धाम चलता है इसलिए और तेरे डेड है अभी
जन्नत- पर जब इन दोनों का तलाक हो जाएगा तब तो फिर से ये हमारी अम्मी बन जाएगी तब
दादी – तब कह लेना मगर अभी जो रिश्ता है वो निभाओ यह मेरा हुक्म है
मै – पर दादी कैसे
दादी- देख तू अपनी अम्मी को अम्मी कहता मै कुछ नही कही पर घर मै क्या होगा वो मै तय करूंगी
और फरहान अभी मुस्कान तुम्हारी बहु है तो थोडा लहजा रखना और दूरी बनके रखना
डेड – दुःखी मन से – जी अम्मी
दादी – और तुम भी मुस्कान
फिर सब अपने अपने काम मे लग गए
मै – मामी एक गिलास पानी दोना
मामी- अरे जीजाजी मै अब आपकी मामी न ई भाभी हू क्योंकि मै आपा की भाभी हू और आप मुझे जब तक यह है भाभी ही कहे ।
मै – पर आप मामी हो मेरी
मामी अभी नही अब मै आपकी सलहज हू
मै सोचने लगा की यह क्या हो रहा है अम्मी और मेरे नए रिश्ते से सब कुछ बदल गया फिर मै – ठीक है भाभी पानी दे दो
फिर मामी ने मुझे पानी दिया और और मै अपने कमरे मे सोने चला गया वहा अम्मी पहले ही पलंग मे बैठकर कुछ काम कर रही थी
मै – क्या कर रही हो अम्मी
अम्मी – कुछ नहीं एक पेसेट की रिपोर्ट देख रहो हू उसका आपरेशन करना है दोनों दिन बाद
मै – ओह
फिर अम्मी ने फाइल रख दी और वोली क्या हुआ कुछ कहना है
मै- हा अम्मी ये दादी ने अब क्या नया शुरू कर दिया आपा और फिजा आपकी नन्द वो आपको भाभी कहे और आप आपा को आपा और डेड आपके ससुर और दादी को आप दादी और मै मामी को भाभी
क्या हो रहा है ये
अम्मी – बेटा हम अपने मै जो करे कर सकते है मगर घर की मुखिया वो है तो घर के नियम वो ही बनाएगी क्या कर सकते है हम
फिर मै अम्मी के कंधे मे सर रखकर बैठ गया और बाते करना लगा
अम्मी- बेटा देख जो भी हो आखिर यह भी सच है की अभी हम एक रिश्ते मे बंधे हैं तो निभाना ही पडेगा पर तू फिक्र मत कर और अपनी पढाई पर ध्यान दे
मै – पर अम्मी हम जो कर रहे है वो गलत तो नही है न
अम्मी- कुछ गलत है मगर हम मिया बीबी है यह सच है तो हमे एक दूसरे को वो सब देना होगा जो जरूरी है
मै- कोशिश करूंगा अम्मी
अम्मी- चल अब सो जा
कल मुझे अस्पताल भी जाना है फिर अम्मी सो गई और मुझे नींद नहीं आ रही थी
