हलाला बेटे के साथ – Update 16
हम दोनों नंगे ही पडे थे फिर थोडा सुस्ताने के बाद जब मेरी गर्मी शांत हुई तो मै गिल्टी फील कर रहा था और सोच रहा था की मैने ये क्या कर दिया अपनी ही अम्मी के साथ और अम्मी भी चुप थी उन्हें भी शायद कुछ समझ नही आ रहा था मैने घडी देखी तो 4 बजे थे मैने सोचा सुबह हो गई पता ही नही चला
मैने हिम्मत करके अम्मी से बात की
मै – अम्मी आप ठीक तो हो न
अम्मी की आख मे आंसू थे
मै – अम्मी आप रो रही हो मैने कहा था की नही करते है पर आपने ही मुझे तैयार किया
अम्मी- ऐसा नही है बेटा आंसू इसलिए है की तू मेरा बेटा है पर अभी यह भी एक सच्चाई है की हम अब मिया बीबी है और हमे अपने सारे फर्ज पूरा करना जरूरी है जहाँ तक हम मिया बीबी है और हा अब जब तक हम एक और नए रिश्ते मे बंधे हैं तब तक हमे यह रिश्ता निभाना पडेगा और एक दूसरे के प्रति तन मन से समर्पित होना होगा
मै – पर अम्मी मै आपका बेटा हू उस रिश्ते का क्या मै अपनी अम्मी को तो नही खो सकता न
अम्मी- बेटा जानती हू और नए रिश्ते बनने से पुराने रिश्ते खत्म नही होते और हमारा रिश्ता तो ऐसा है जो कभी खत्म नहीं हो सकता है मै तेरी अम्मी हमेशा रहूंगी और तू मेरा बेटा बस हमे थोडे दिन तक दोनो रिश्तो को बराबर निभाना होगा और तुझे भी जब तक मै तेरी बीबी भी हू तब तक अम्मी और बीबी दोनो तरह से सम्मान और प्यार करना होगा ताकि हमारे इस हलाला का उदेश्य पूरा हो
मै- जी अम्मी मै कोशिश करूंगा
फिर अम्मी ने घडी देखी
अम्मी- अरे 4:30 हो गए वक्त का पता ही नही चला वैसे एक बात बोलूं मेरा शाहिद बडा हो गया है
अम्मी से यह सुनकर मै शरमा गया
अम्मी- बेटा ये तेरा पहली बार था क्या
मै- हा अम्मी आपको कैसे पता
अम्मी – बेटा अम्मी हू तेरी थोडा तो एक्सपिरियंस होगा ही
मै- अम्मी आप इतना चिल्ला रही थी मै तो डर ही गया था की आपको कुछ हो तो नही गया
अम्मी- नही बेटा वो तेरा थोडा ज्यादा ही बडा है न तो इसलिए दर्द हो रहा था
मै- क्या अम्मी नार्मल तो है
अम्मी- अब तुझे क्या बताऊँ चल अब सो जाते है उठना भी है गुड नाइट
मै – हा अम्मी गुड नाइट
फिर हम वैसे ही सो गए और फिर सुबह हुई तो हम एक ही चादर मे नंगे सो रहे थे

फिर अम्मी उठी और नहाने के लिए बाथरूम में चली गई और नहाने लगी
फिर वो टावल मे बाहर आई और मुझे उठाने लगी

अम्मी- शाहिद उठ कालेज जाना है जल्दी तैयार हो जाओ
अम्मी की आवाज सुनकर मै उठा तो देखा अम्मी टावल मे आईने के सामने खडी थी और हमारे कपडे कमरे मे बिखरे पडे थे

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मै- गुड मार्निग अम्मी आप इतनी जल्दी उठ गई अभी तो सोये थे मै थोडा और सो लू
अम्मी- कालेज से बापस आकर सो लेना चल अभी तैयार हो जा तेरा आखिरी प्रक्टिकल है
मै – अरे मै तो भूल ही गया था आप जल्दी से नाश्ता लगा दो मै बस तैयार होकर बाहर आता हू
फिर मै नहाने चला गया और अम्मी कपडे पहनने लगी और सोचने लगी क्या से क्या हो गया कल तक मै फरहान के साथ उनके कमरे में उनकी बीबी थी आज अपने बेटे की बीबी बनकर उसके कमरे मे हू अजीब खेल है नसीब का फिर उन्हें बाहर से फिजा की आवाज आती है
फिजा – अम्मी दरवाज़ा खोलो मै हू मेरे स्कूल का टाइम हो रहा है टिफ़िन रेडी कर दो
अम्मी- तू चल मै आई और जन्नत तैयार होगई है क्या
फिजा- हा अम्मी वो भी तैयार है
अम्मी- चल मै आती हू फिर अम्मी दरवाज़ा खोलकर फिजा के साथ ही चली गई और किचिन मे टिफ़िन लगाने चली गई तो वहा बुआ और मामी नाश्ता बना रही थी
बुआ- ओह भाभी आ गई आप अरे सारी अब तो आप बहु बेगम है हमारी
अम्मी- यह क्या बोल रही है आप जानती है न ये किस लिए हुआ है
बुआ – जानती हू पर जब जो रिश्ता है वो तो निभाना ही पडेगा न और कल रात को आवाज भी बहुत आ रही थी लगता है बहुत जोरदार कार्यक्रम हुआ है लगभग सुबह तक आवाजें आ रही थी
मामी – हा आपा यह तो है रिश्ते तो निभाने पडेंगे ही और अब शाहिद आपका शौहर बी है मानते है बेटा पहले है जो कभी खत्म न ई होगा मगर शौहर भी है अभी तो इस नाते वो अब हमारे जीजाजी है
बुआ- हा बिल्कुल और एक बात समझ नही आई आप तीन बच्चों की मा हो फिर भी इतना तेज चीख रही थी जैसे पहली बार सो इसका मतलब तो यही है की शाहिद का कुछ स्पेशल है
अम्मी- हो गई तुम लोगों की बाते बाद मे बात करे वैसे भी कुछ दिन की छुट्टी है मेरी तो मै गर पर ही हू अभी बच्चो का टिफ़िन लगा दू फिर अम्मी ने सबसे पहले फिजा का टिफ़िन लगा के उसे दे दिया और फिजा स्कूल चली गई
उतने मे मै भी तैयार होकर बाहर आ गया बाहर डेड दादी नानी सब बैठे थे मै डेड को गुड मार्निग कहा और डायनिंग टेबल पर बैठकर अम्मी को आवाज लगाई अम्मी नाश्ता लाओ मुझे लेट हो रहा है
दादी- बेटा अब तुम मुस्कान को नाम लेकर बुलाओ अब वो तुम्हारी बीबी है
मै – दादी वो मेरी अम्मी है और हमेशा रहेगी नए रिश्ते बनने से पुराने रिश्ते खत्म नही होते और बाद मे तो वही रिश्ता रहने वाला है
नाना – पर बेटा अभी जो रिश्ता है वो तो मानना पडेगा न
मै – मान तो रहा हू मगर इसका मतलब ये नही की मै उस रिश्ते को भुला दू जिससे मेरा बजूद है
यह सुनकर सब चुप हो गए और डेड और अम्मी के चेहरे पर सुकून था कि मै अभी भी सम्मान और इज्जत देता है
फिर अम्मी ने मुझे नाश्ता दिया और मै नाश्ता करके अम्मी डेड को बाए बोलकर कालेज चला गया

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