हलाला बेटे के साथ – Update 12
यहा दूसरी तरफ डेड अपने कमरे मे सोच नही पा रहे थे और टेंशन में सोच रहे थे की मुझसे यह क्या गलती हो गई परसो वो होगा जिसे मै सपने में भी नही सोचा था मेरे बेटे और बीबी की शादी पता नही दोनों पर क्या बीत रही होगी दोनों को एक साथ 8सुहागरात कैसे ये मैने क्या कर दिया पूरा परिवार को खराब कर दिया परसो मेरा बेटा अपनी अम्मी के साथ बिस्तर पर शौहर की तरह और मेरी बीबी उसकी बेगम मेरे कारण मुस्कान को यह दिन देखना पड रहा है
ऐसे ही सोचते सोचते पापा को नींद आ गई और वो सो गए
अगले दिन सुबह अम्मी रोज की तरह जल्दी उठकर नाश्ता बनाने लगी और मामी आ गई
मामी – अरे दीदी आप क्यू कर रही हो मै हू न आपका निकाह है और शाम को मेहंदी है आप जाईए आराम कीजिए घर मे बहुत लोग है काम करने के लिए
अम्मी- भाभी रोज की आदत है तो करूंगी ही न और आप रहने दीजिए मै कर लूंगी
मामी – अरे कुछ दिन तक आप आराम कीजिए हम है न फिर तो आप ही को करना है
बुआ- हा भाभी ठीक कह रही है ये
उतने मे फिजा किचिन मे आई
अम्मी- तेरा भाई उठा की नही
फिजा- नही अम्मी वो सो रहे है
अम्मी- जा उठा दे उसको कालेज जाना है आज उसकी एक और प्रक्टिकल है
फिजा- मै नही जा रही मुझे डाट के भगा देंगे
बुआ- क्या उसके अभी एक्साम चल रहे है
अम्मी- एक्साम नही प्रक्टिकल एक्साम तो अगले महीने के शुरू मे है आप लोग नाश्ता बनाए मै उसे उठा कर आती हू
फिर अम्मी मुझे उठाने के लिए मेरे कमरे में आई उतक मै सो रहा था मगर मेरा लंड चड्डी के अंदर एकदम खडा था और एक तंबू बनाए हुए था मेरा लंड का साइज 10 इंच लंबा और 4 इंच मोटा था

उसे देखकर अम्मी की नजर ठहर गई और और सोचने लगी शाहिद तो बडा हो गया है इसका तो चड्डी के अंदर कितना बडा लगा रहा है मेरा बेटा तो मर्द बन गया है कल जब मेरी शादी हो जाएगी तो मै कैसे
हाय मै क्या सोच रही हू और फिर अम्मी मुझे उठाने लगी
अम्मी- शाहिद उठ कालेज का टाइम हो गया है जल्दी उठ लेट हो जाएगा
मै अचानक उठा और अम्मी को देखकर गुड मार्निग अम्मी
अम्मी- गुड मार्निग बेटा चल उठ नाश्ता करके कालेज चले जा जा नहा के आ जा
उतने मे मेरी नजर मेरे खडे लंड पर पडी तो मै छुपाने लगा और जल्दी से बाथरूम मे चला गया और अम्मी बाहर मै बाथरूम में मै नहाते हुए सोच रहा था की कही अम्मी ने मेरा लंड तो नही देखा और फिर मन से आवाज आई की कल तो देखना ही तो क्यों शरमा रहा हू और यह तो सच है की कल तुझे यह करना ही पडेगा चाहे तू कुछ भी कर ले
फिर मै तैयार होकर कालेज चला गया
कालेज में मेरे दोस्त- भाई मुबारक हो कार्ड आया है की तेरी शादी है तूने बताया नही
मै – अबे मजाक नही कर कार्ड पडा नही क्या ठीक से की किससे शादी है
मनु- अबे सारी भाई मजाक कर रहे थे मगर ये हुआ कैसे तेरी अम्मी की शादी तेरे साथ परसो तो तेरी अम्मी और डेड की सालगिरह थी और कल तेरी अम्मी के साथ शादी कोई प्रथा है क्या तुम्हारे यहा की इतने साल की शादी के बाद औरत की शादी बेटे से होती है
मै – अबे फिर मजाक
मनु- सारी भाई पर यह हुआ कैसे
मै – भाई तुम लोगो के जाने के बाद जब डेड आए तो अम्मी बहुत गुस्से में थी तो वो लडाई शुरू हो गई और इतनी बडी गई की तलाक बोल दिया डेड ने तीन बार और बदकिस्मती से मौलवी भी मौजूद था तो फिर उसने कहा की अगर फिर से अम्मी और डेड को शादी करनी है तो अम्मी की शादी किसी और से करके उससे तलाक कराना होगा जिसे हलाला कहते है
मनु- अबे तेरे पैरंट्स डाक्टर होकर यह सब मानते है
मै- अबे मानते नही है पर दादी मानती है और समाज में रहना भी है और बहने भी है उनकी शादी भी करनी है इसलिए करना पड रहा है
मनु – मैने तो सुना है की शादी पूरी तरह से निभाना पडती है और पति पत्नी की तरह सब करना पडता है
मै – हा पता है
मनु- तो तू कर पाएगा अपनी अम्मी के साथ सब कुछ
मै – भाई वही तो मुसीबत है पता नही क्या करू और अगर नही करता हू तो फिर सब बेकार
मनु- भाई दिल से उस वक्त निकाल देना की तेरी अम्मी है और सोच की एक खूबसूरत औरत है वैसे भी तेरी अम्मी बहुत खूबसूरत है मै तो कहता हू करके देख बहुत अच्छा लगेगा और उससे खूबसूरत तुझे मिले भी नही
मै – पर
मनु- पर बर छोड़ और अभी पढाई पर ध्यान दे बाकी जो होगा उसके साथ करते जाना मै तो कहता हू बहता जाना
मै – हम्म देखते है
फिर मै क्लास मे चला गया
यहा घर पर सब शादी की तैयारी में लगे थे
मामा- अब्बा जान सारे कार्ड बट गए है और हाल भी बुक हो गया है साथ ही सब काम हो गए मेहंदी वाली को भी बोल दिया है शाम को आ जाएगी
नाना- ठीक है
दादी- समधि साहब आप देख लेना कुछ छूटे नही
नानी- आप फिक्र मत करिए रिहाना जी सब हो जाएगा
दादी- जन्नत बेटी तेरी अम्मी कहा है
आपा – वो किचिन है
नानी- इसे आज भी काम की पडी है जा उह
से भेज
फिर आपा अम्मी को बाहर भेजी तो दादी- मुस्कान कुछ दिन यह सब नही करो
नानी- हा बेटी शाम होने मे थोडा सा टाइम बचा है जाओ तैयार हो जाओ
फिर अम्मी अपने कमरे की तरफ जाने लगी तो रास्ते में डेड मिल गए
डेड- सारी मुस्कान मेरी वजह से
अम्मी- आप क्या बार बार माफी मांग रहे है गलती तो मेरी भी थी न अब जो हो गया सो हो गया अब जो हो रहा ।ऐ उसे देखना है मुझे तो शाहिद की टेंशन है बेचारे को क्या करना पड रहा है
डेड – हा इतनी कम उम्र में यह सब करना पड रहा है
अम्मी- चलिए मै तैयार होकर आती होकर आती हू
डेड – ठीक है
फिर अम्मी तैयार होकर बाहर आ गई और मै भी कालेज से आ गया और अपने कमरे मे चला गया
बाहर सब लोग आ गए और मेहंदी का कार्यक्रम शुरू हो गया और सब मेहंदी लगवाने लगे फिर अम्मी को मेहंदी लगने लगी
दादी- इसे अच्छी सी मेहंदी लगा दो
मेहंदी वाली- जी माजी पर नाम क्या लिखना है
यह सुनकर मै सोचने लगी की कल की बात है मेरे हाथों में शाहिद के डेड खा नाम था और आज मेरे बेटे का
मेहंदी वाली – क्या नाम लिखू
दादी- शाहिद लिखो
फिर अम्मी के हाथ में मेरा नाम लिखकर एक बहुत खूबसूरत सी मेहंदी लगा दी गयी

और सबने अम्मी को मुबारकबाद दी और बाकी सबने भी मेहंदी लगवाया फिर रात हो गई और सबने खाना खाया और दादी ने कहा की सब कल जल्दी उठकर काम मे लग जाना दोपहर का टाइम है निकाह के लिए तो सब जाकर सो गए और मै छत पर जाकर बैठ गया और सोचने लगा की कल क्या होगा उतने मे अम्मी भी आ गई
मै – उठ कर अम्मी आप यहा सोई नही
अम्मी- तू भी तो नही सोया है
मै- वो तो
अम्मी- जानती हू क्या सोच रहा है मै भी वही सोच रही हू कल हमारी शादी हो जाएगी और हमे एक शौहर बेगम की तरह रहना होगा और वो सब करना होगा जो वो करते है
मै- हा अम्मी पर मै आपके साथ कैसे
अम्मी,- देख बेटा जब हमने इसे करने का फैसला कर ही लिया है तो करना तो पडेगा मगर हमे अपनी मर्यादा का भी ध्यान रखना होगा ताकि बाद मे तलाक के बाद हम फिर से नार्मल लाइफ जी सके
मै- अम्मी आपको लगता है वो सब होने के बाद कुछ नार्मल रह पाएगा
अम्मी- जानती हू पर कोशिश तो कर सकते है न
मै – ठीक है अम्मी पर आप वादा करो की कुछ भी हो मगर आप मुझसे अपने बेटे होने और आप अम्मी होने का अधिकार कभी नही खत्म होने दोगी आप हमेशादी मेरी अम्मी रहोगी
अम्मी- आखिर मे आंसू आ गए

और बेटा कभी नही तू हमेशा मेरा बेटा रहेगा और मै तेरी अम्मी
मै- अम्मी आप रोओ मत जाओ और सो जाओ
अम्मी- ठीक है तू भी चल सो जा तेरे को टेंशन नही लेना है नही तो पढाई पर असर पडेगा फिर हम अपने अपने कमरे मे चले गए

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