Update 98
काव्या को अपनी गोद में भर कर विक्की ने अपने उपर खींच लिया और पीछे की तरफ होकर वो बेड पर लेट गया. काव्या ने अपनी दोनो टांगे उसके लंड के दोनो तरफ फेला दी और धीरे से अपनी गांड नीचे करते हुए उसके लंड को अपनी चूत के दरवाजे पर लगाया…
यही वो लम्हा था जिसका विक्की ने न जाने कितने सालों से इंतजार किया था..
आज उसकी गली की वो अल्हड़ सी लड़की, जिसके पीछे वो आवारा कुत्ते की तरह घूमता था, उसे छेड़ता था, उसे चोदने के सपने देखता था, वो पूरी नंगी हो कर उसके उपर लेटी थी और उसके लंड को अंदर लेने की कोशिश कर रही थी.
विक्की की नज़रों के सामने एक मिनट के अंदर ही पहले की पूरी लाइफ घूम गयी जिसमें ना जाने कितनी बार उसने काव्या की चूत लेने की सोची थी. आज उसका वो खवाब सच होने जा रहा था, और अपने ख्वाब को सच होता देख कर वो कुछ ज़्यादा ही आवेश मे आ गया और उसने काव्या के दोनो चूतड़ों पर हाथ रखे और गुर्राया: “आज मिली है तू मुझे… इतने सालों के इंतजार के बाद… अब देख मैं तेरी चूत का क्या हाल करता हूँ … आज तेरी चीखें ना निकलवा दी तो मेरा भी नाम विक्की नही…”
उसके हिंसक रूप को देख कर एक पल के लिए तो काव्या सहम सी गयी क्योंकि जो दबाव उसने उसकी गांड के उपर लगाया था उसे महसूस करके ही वो समझ गयी की आज उसकी कैसी चुदाई होने वाली है. पर अगले ही पल ऐसे रफ़ तरीके से चुदाई करवाने के ख़याल से ही उसमे रोमांच सा भर गया. उसने एक इंग्लीश मूवी में देखा था जब एक लड़का जबरदस्त तरीके से लड़की की चुदाई करता है, पहले तो वो लड़की बड़ा छटपटाती है पर बाद में वो जिस तरीके से उस वाइल्ड सेक्स को एंजाय करती है उसे देख कर काव्या की चूत तब पानी छोड़ गयी थी… और आज विक्की के हाथों वैसी ही चुदाई की कल्पना मात्र से ही उसकी चूत एकदम से पनिया गयी… और उसमे से पानी बाहर की तरफ गिरने लगा जो नीचे खड़े हुए लंड के उपर जाकर गिरा..
वो भी उसको उकसाने के लिए बोली: “अबे, जा ना… बड़े देखे है तेरे जैसे … मेरी चीखे निकलवाने के लिए फौलाद का लंड चाहिए… समझा?”
बस इतना बहुत था, विक्की के अंदर के जानवर को पूरी तरह से जगाने के लिए… उसने आव देखा ना ताव और उसकी गांड को नीचे की तरफ से ज़ोर से धक्का मार कर उसने अपना खड़ा हुआ लंड एक ही झटके में पूरा का पूरा उसकी गीली चूत में उतार दिया…
ऐसा लगा जैसे कोई मूसल किसी पानी से भरे ग्लास में जाकर फंस गया हो…. क्योंकि लंड के अंदर जाने से उसकी चूत से निकल रहे पानी की छींटे छपाक की आवाज़ के साथ बाहर की तरफ उछल आये …
और साथ ही निकली काव्या के मुँह से वो दर्द भरी और मज़े से भरपूर चीख, ”आआआआअहह! उम्म्म्म ओह विक्की … साले जानवर …. धीरे कर कमीने….”
जिसे सुन कर पास बैठी रश्मि भी मस्ती में आकर अपनी चूत को ऐसे मसलने लगी जैसे उसे रगड कर अंदर से जिन्न निकालेगी…
पर विक्की अब कहाँ मानने वाला था…. उसने तो अपना मुँह उसके मम्मे पर लगाया और उसे चूसते हुए नीचे से उसकी चूत के अंदर अपना लंड ठोंकने लगा. काव्या का पूरा शरीर उसके तेज झटकों से बुरी तरह से हिल रहा था… ऐसे झटके तो अभी तक महसूस नही किए थे उसने एक हफ्ते की चुदाई में …. समीर के बाद नितिन ने और उसके बाद उस राह चलते आदमी ने भी उसकी चूत बड़े आराम से मारी थी… पर ये विक्की तो साला एकदम से पागल निकला… जानवरों की तरहा झटके मार रहा है… पर एक बात उसने नोट की, हर झटके से जो घर्षण उसकी चूत की अंदरुनी दीवारें महसूस कर रही थी, उसमे उसे ज्यादा आनंद मिल रहा था, तेज झटकों से उन दीवारो को मिल रही रगड़ाई भी जोर से हो रही थी, जो उसे अंदर से असली मजा दे रही थी
पर ऐसा ही तो वो खुद चाहती थी…. ऐसा ही कुछ तो काव्या ने उस इंग्लीश मूवी में देखा था, और अब ठीक वैसा ही अपने साथ होता देखकर वो खुशी से पागल हो उठी… और उसने विक्की के बालों को खींचकर अपने स्तनों से उसके मुँह को छुड़वाया … और उसके होंठों और पूरे चेहरे को अपनी जीभ से किसी पालतू बिल्ली की तरह से चाटने लगी… और ऐसा करते हुए उसने अपने मुँह की लार से उसके चेहरे को भिगो भी डाला…
और अपने मुँह पर उसकी जीभ की पुताई करवा कर विक्की और जंगली हो उठा और उसने अपनी उंगली पीछे की तरफ लेजाकर उसकी गांड में पेल डाली… वो चिहुंक उठी …. और साथ ही साथ उसके शरीर में एक अजीब सी तरंग भी दौड़ गयी… वो ये भी समझ गयी की जब उसकी गांड की बारी आएगी तो ऐसा ही एहसास महसूस करेगी वो… पर अभी के लिए तो वो अपनी चूत के अंदर पिलाई करवा कर ही खुश थी…
काव्या ने उसके सिर को नीचे दबा कर एक बार फिर से उसके उपर उछलना कूदना शुरू कर दिया…
पर अचानक विक्की उसको गोद में लिए-2 ही खड़ा हो गया… शायद वो किसी अलग एंगल से उसको चोदना चाहता था अब… उसकी भुजाओं में इतनी ताक़त थी की काव्या को गोद में लेने के बाद भी वो उसे हवा में ही कुछ देर तक चोदता रहा… काव्या भी उसके गले में बाहें डालकर अपनी टांगे फेलाए हुए हवा मे लटकी कुतिया की तरह उसके लंड को अंदर बाहर ले रही थी…
और ऐसे ही चोदते-2 विक्की ने उसे बेड पर पटक दिया और उसे घुमा कर डोगी स्टाइल में कर दिया और फिर उसकी फेली हुई गांड को देखते-2 उसकी चूत के छेद पर एक बार फिर से अपने गीले लंड को लगाया और पहले जैसा तेज धक्का मारकर अंदर दाखिल हो गया … घोड़ी बनी हुई काव्या का शरीर एक बार फिर से उसके सतरंगी झटके से हिल कर रह गया..
पर पिछली बार की तरह वो इस बार भी सिर्फ़ सिसकारियाँ मारकर रह गयी..
”आआआहह …. ओह येसस्स्स्स्स्स्सस्स… विकी … चोद मुझे ….. ऐसे ही ……. ज़ोर से …………… अपने लंबे लंड से ……. अंदर तक उतर जाओ मेरी चूत के …………. अहह … येसस्स्स्स्स्स्स्सस्स …..”
और विक्की ने फिर से अपनी रेलगाड़ी उसकी चूत की पटरी पर दौड़ा दी..
काव्या ने बेड पर बिछी चादर को पकड़कर अपना बेलेन्स बनाना चाहा पर झटके ही इतनी तेज थे की बेचारी को ढंग से झुके रहने का भी मौका नही मिल रहा था… हर झटके से वो बेड पर फ्लेट सी होकर लेट जाती और फिर वापिस अपनी गांड हवा में उभारकर घोड़ी बनती.. अगले झटके से फिर से धराशायी होकर नीचे गिर जाती… ऐसा करते-2 करीब 5 मिनट हो गये और इन 5 मिनटों में ना जाने वो कितनी बार झड़ी, वो भी नहीं जानती.
सामने उनकी चुदाई की रासलीला देख रही रश्मि से सब्र नही हो रहा था… वो सोच रही थी की ऐसे तो ये पूरा दिन लगा रहेगा फिर भी झड़ेगा नही… इसलिए विक्की को उत्तेजना के शिखर तक ले जाने के लिए वो भी मैदान में कूद पड़ी..
और अपनी बेटी की चुदाई कर रहे विक्की की बगल में जाकर उसे स्मूच करते हुए उसके बदन को सहलाने लगी…
एक तरफ काव्या की नरम चूत और दूसरी तरफ रश्मि के गर्म होंठ… वो रश्मि के होंठों को चूसता हुआ उसके मम्मे भी दबा रहा था और साथ ही साथ काव्या की चूत भी मार रहा था..
और रश्मि का आइडिया जल्द ही रंग लाया…. विक्की के लंड ने जल्द ही जवाब दे दिया और वो ज़ोर से चिल्लाया..
”आआआआआआआअहह काव्या ……………..आई एम कमिंग …………..”
काव्या तो करीब 3 बार झड़ चुकी थी… इसलिए उसे कोई चिंता नही थी… पर वो विक्की के रस को अपने मुँह में लेना चाहती थी, क्योंकि रिसोर्ट में जबसे उसने विक्की के लंड का रस चखा था तबसे वो उसकी दीवानी हो गयी थी. वो भी चिल्लाई..
”विक्कीईईईईईईईईईईईईईईई….. मेरे मुँह में निकालना….. प्लीज़…… मेरे मुँह में …..”
और आख़िर के 5-6 झटके जोरों से मारने के बाद एकदम से विक्की ने अपना लंड बाहर खींचा और उसी पल काव्या भी पलट कर उसके सामने बैठ गयी… और विक्की ने अपने हाथ से मसलते हुए अपना गाड़ा और मीठा रस काव्या के मासूम से चेहरे पर बिखेरना शुरू कर दिया… कुछ उसके खुले हुए मुंह में गया और बाकी उसके गालों और आँखों पर.
ऐसा लग रहा था जैसे काजू बरफी का गाड़ा घोल काव्या के चेहरे पर आ गिरा है जिसे वो धीरे-2 अपनी उंगलियों में समेट कर चाटती चली गयी..
और फिर अच्छी तरह से उसके लंड को चूसने के बाद काव्या और विक्की उसी बेड पर गिर कर अपनी साँसे संभालने की कोशिश करने लगे..
पर अपनी साँसे संभाल रहा विक्की बेचारा ये नही जानता था की रश्मि की गिद्ध जैसी नज़रें अब उसके मुरझाए हुए लंड पर आकर टिक गयी है. जिसे वो जल्द से जल्द अपने लिए तैयार करके वही करवाना चाहती थी जिसके लिए वो कब से तरस रही थी … यानी अपनी चुदाई.
विक्की नही जानता था की उसके साथ क्या होने वाला है. वो आँखे बंद किए चुदाई के बाद की थकावट उतार ही रहा था की अचानक उसे अपने लंड पर कुछ गीला सा महसूस हुआ और जैसे ही उसने झटके से आँखे खोलकर देखा तो पाया की उसके लंड को रश्मि चाट रही है. और ऐसा करते हुए उसके चेहरे पर जो उत्तेजना और हिंसा के भाव थे वो साफ़ दर्शा रहे थे की अपनी बेटी की चुदाई देखकर उसकी क्या हालत हुई है … और अब वो विक्की की क्या हालत करने वाली है.
अब उसके अंदर हिम्मत तो ज़रा भी नही बची थी पर बेचारा क्या करता … मर्द था इसलिए उसको झटक कर चूसने से मना भी नही कर सकता था. उसने बेमन से उसके सिर पर हाथ रखा और उसे अपना लंड चूसते हुए देखने लगा.
वो अपनी लंबी सी जीभ निकाल कर बड़े ही आराम से उसके लंड का अगला छेद चाट रही थी और उसमे से बूँद-2 करके निकल रहा उसका वीर्य पीने मे मस्त थी.
कभी वो अपनी जीभ नीचे तक ले जाती और उसकी बॉल्स को भी चूस डालती और उन्हे निचोड़ कर ऐसे मसलती की विक्की के मुँह से कराह निकल जाती.
”आआआहह ऊऊऊऊओह आंटी ……………….. धीरे …………. इनको फोड़ दोगी तो मज़े कैसे लोगी?”
रश्मि मुस्कुरा दी और आराम से उसकी बॉल्स को रगड़ने लगी. पर कुछ देर बाद फिर से अपने उसी हिंसक मूड में आ कर बेदर्दी से चूसने और मसलने लगी उसे.
अब ऐसी चुदास की मारी औरतों को जितना भी समझा लो, रहेंगे ढाक के तीन पात ही. विक्की ने भी बिना कुछ बोले अपने लंड को उसके हवाले कर दिया कि कर ले जो करना है … आख़िर वो भी देखना चाहता था की उसे इतना तरसाने के बाद वो किस हद तक मज़े दे सकती है उसे.
दूर बैठी काव्या भी अपनी माँ के इस रूप को देखकर कुछ नया सीखने का प्रयास कर रही थी. आज तक उसने जितनी बार भी लंड चूसा था ये उससे अलग था. ऐसा उसने आज तक नही देखा था.
वो थोड़ा करीब आ कर बैठ गयी ताकि आराम से अपनी माँ की लंड-चूसन की प्रक्रिया को देख सके. रश्मि ने मुस्कुरा कर काव्या को देखा और आँखो का इशारा कर के उसे और पास आने को कहा ताकि वो उसकी मदद कर सके और विक्की का लंड जल्दी खड़ा हो जाए ताकि वो भी उसके पठानी लंड का स्वाद ले सके.
काव्या को और क्या चाहिए था. नयी-2 चुदवाना सीखी लड़कियों में यही ख़ासियत होती है. उन्हे जब भी मौका मिलता है वो चुदाई का मज़ा लेने से नही चूकती … और यहाँ तो काव्या का पसंदीदा खेल चल रहा था, लंड चुसाई का … तो वो भला क्यों पीछे हटती.
वो भी अपनी माँ के साथ विक्की की टाँगो के पास जाकर बैठ गयी. उसने भी अपना मुँह विक्की के लंड पर लगाया और उसे चूसने लगी. नीचे से रश्मि उसकी बॉल्स को चूस रही थी. विक्की तो अपने आप को इस दुनिया का सबसे खुशकिस्मत इंसान समझ रहा था … सैक्सी माँ-बेटियाँ दोनो इस वक़्त उसके लंड की सेवा जो कर रही थी.
और देखते ही देखते विक्की का लंड एक बार फिर से पहले की तरह लहलहाने लगा. विक्की को तो खुद भी विश्वास नही हुआ की वो इतनी जल्दी दोबारा कैसे तैयार हो गया.
पर सामने जब ऐसी हसीन चूसने वाली हो तो मुर्दे का लंड भी खड़ा कर दे … ये तो फिर भी जवान का जीता-जागता लंड था. उसको दोबारा खड़ा कर के काव्या ने बड़े प्यार से अपनी माँ से कहा: “लो माँ, आपके लिए हथियार तैयार है. शुरू हो जाओ अब.”
रश्मि के चेहरे पर मुस्कान तैर गयी. उसने विक्की को धक्का दे कर बेड पर गिरा दिया और उसके उपर 69 की पोज़िशन में सवार हो गयी. उसे खुद की चूत को भी तो तैयार करवाना था. वो चाहती थी की उसकी चूत से निकल कर फेली हुई चिकनाई विक्की अपने मुँह से चाट कर साफ़ कर दे ताकि लंड को अंदर घुसाने में ज़्यादा तकलीफ़ हो … जी हाँ, ज़्यादा तकलीफ़. अगर चूत ऐसी ही चिकनी रही तो लंड कब अंदर घुस जाएगा वो भी नही जान पाएगी. इसलिए वो चाहती थी की उसके लंड का एक-2 इंच वो अंदर जाता हुआ महसूस करे. इतने दिनों के इंतजार के बाद वो यादगार तरीके से चुदवा कर मजे लेना चाहती थी.
विक्की तो समझा था की अब वो सीधा उसके लंड पर चढ़ जाएगी. पर जब वो पलट कर उसका लंड चूसने लगी और अपनी चूत को उसके चेहरे पर लहराया तो वो भी बिना कोई सवाल किए अपने काम पर लग गया. क्योंकि वो पहले भी उसकी चूत को चाट चुका था और उसका स्वाद उसे काफ़ी पसंद आया था. अपनी जीभ से उसकी चूत को चाट-चाट कर वो उसमे से निकल रहा पानी पीने लगा … और रश्मि उसके लंड को अपनी थूक से भिगो कर फिर से चुदाई के खेल के लिए तैयार करने लगी.

