सौतेला बाप – Update 9 | Incest Sex Story

सौतेला बाप - Incest Sex Story
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Update 9

और श्वेता ने तो सोचा भी नहीं था कि सेक्स करते हुए एक दूसरे के साथ इतने मजे आते हैं, उसने आज तक सिर्फ अपने बी ऍफ़ के साथ शोकिया तौर पर किस्स वगेरह ही कि थी, अपनी ब्रैस्ट और चूत पर तो उसने किसी को हाथ भी नहीं लगाने दिया था
पर आज इतनी तरह से सेक्स कि कार्यवाही देखकर उसके मन कि भी कई शंकाए मिट सी गयी थी..
समीर का लंड अंदर – बाहर होता जा रहा था और अचानक रश्मि को अपने अंदर एक गुबार बनता हुआ महसूस होने लगा और अगले ही पल वो गुबार फूट गया और वो बिलबिलाती हुई सी झड़ने लगी ..
”अययययीईईईईईई अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्हह्हह्हह्हह ”
और उसने अपनी चूत के मुहाने पर चिपचिपा सा द्रव्य छोड़ दिया, उसकी चिपचिपाहट को अपने लंड पर महसूस करके समीर ने भी आखिरी मौका आते ही अपना लंड बाहर निकाला और पिचकारी बना कर उससे रश्मि के शरीर को पूरा रंग दिया
और उसके मुम्मों के गद्दे पर गिरकर गहरी साँसे लेने लगा..
काव्या और श्वेता वहाँ से निकल कर अपने कमरे में आ गए..
पर समीर को पता था कि अभी तो ये शुरुवात है, इतने सालो से जमा कि हुई एनेर्जी से कम से कम तीन – चार बार चोदना था उसे आज रात रश्मि को …
काव्या के कमरे में पहुँचते ही श्वेता ने अपना पायजामा और पेंटी उतार फेंकी और अपनी बीच वाली ऊँगली अपनी चूत के अंदर डाल कर जोर – २ से हिलाने लगी
काव्या आँखे फाड़े उसे देखने लगी
दोनों ने पहले भी कई बार मास्टरबेट किया था और एक दूसरे को बताया भी था कि कैसे और किसे सोचकर वो सब किया, पर एक दूसरे के सामने उन्होंने कभी नहीं किया था, ये पहला मौका था जब काव्या ने श्वेता को ऐसे देखा था, नीचे से नंगी ….
और उसकी सुनहरी चूत को देखकर वो मंत्रमुग्ध सी हो गयी , बिलकुल सफाचट चूत, बिना बालो के उसकी चूत ऐसे लग रही थी मानो चेहरे के होंठ चिपके हो वहाँ , रसीले और मोटे ..
वो बोली : “श्वेता, कुछ शर्म है या नहीं, मेरे सामने ही शुरू हो गयी तू ”
श्वेता अपनी ऊँगली अंदर करते हुए बड़ी मुश्किल से बोली : “यार, मुझसे तो वहाँ सब्र ही नहीं हो रहा था, मास्टरबेट करते हुए मेरे मुंह से चीखे निकलती है वर्ना वहीँ शुरू हो जाती मैं ”
इतना कहते हुए उसने एक जोरदार चीख मारी
”’आआयययययययययीईईईईई स्स्स्स्स्स्स्स्स ”
काव्या : “धीरे चीख पागल , तू तो मरवाएगी मुझे, मम्मी पापा ने अगर सुन लिया तो क्या सोचेंगे ”
तभी उनके कमरे से भी मम्मी कि चीख आयी……
”अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह गोड ……”
और वो भी काफी तेज….
श्वेता (मुस्कुराते हुए) : “ये बात जब वो नहीं सोच रहे तो तुझे क्या जरुरत है ”
उसने अपनी स्पीड और तेज कर दी..

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