Update 79
रश्मि ने खुद उसे आगे बढ़ने के लिए उकसाया..
अब लोकेश कहाँ रुकने वाला था..उसे तो जैसे हरी झंडी मिल गयी सामने से..
लोकेश : “भाभी…मुझे ये कहना तो नही चाहिए ..पर मुझे आपके बूब्स हमेशा से पसंद है…मेरा मतलब आपके चेहरे के बाद मेरी नज़र हमेशा ही इनके उपर आकर रुक सी जाती है…”
ये कहते हुए भी लोकेश की नज़रें उसके मोटे-2 मुम्मों को निहार रही थी..और उसके खड़े हुए निप्पल को देखकर वो ये भी समझ गया की वो उत्तेजित हो रही है..
रश्मि की तो साँसे ही तेज हो गयी…ऐसे खुलकर उसके बूब्स के बारे मे शायद आज तक किसी ने नही बोला था..
वो कुछ बोल ही नही पाई…और उसकी खामोशी को हाँ मानते हुए लोकेश उसके बिल्कुल करीब पहुँच गया, दोनो के शरीर आपस मे टच हो रहे थे..रश्मि की गहरी साँसे लोकेश के सीने पर गर्मी का एहसास छोड़ रही थी..
और रश्मि की आँखो मे देखते-2 ही लोकेश ने अपने हाथ उपर किए और अपनी उंगलियों को बड़े ही हल्के तरीके से उसके बूब्स के उपर घुमाया…वो उन्हे पकड़ नही रहा था, सिर्फ़ अपनी उंगलियों को धीरे -2 उन पर टच करवा रहा था..
और ये एहसास रश्मि के शरीर मे एक झुरजुरी सी पैदा कर रहा था…उसके मुम्मे ब्रा के हुक तोड़कर बाहर निकलने को अमादा हो चुके थे…उसका मन तो कर रहा था की लोकेश के हाथों के उपर अपने हाथ रख कर उन्हे ज़ोर से दबा डाले, ताकि उसके अंदर से उठ रहे दर्द मे कुछ आराम मिले..
वैसे तो रश्मि की आँखे बंद थी, पर लोकेश की आँखों को अपने चेहरे और शरीर पर वो सॉफ महसूस कर पा रही थी..लोकेश के हाथ उसके उभारों से नीचे उतर कर हल्की थुलथुली कमर पर गयी और इस बार उसने अपनी उंगलियों के उपर दबाव डालकर उसके नाभि वाले हिस्से को हथेली मे दबोच लिया..
”अहहssssssssssssssssssssssssssssss ………. धीरे करो…”
धीरे करो…मतलब करो… ये थी रश्मि की तरफ से एक आख़िरी हाँ ..
लोकेश को भी समझ नही आ रहा था की रश्मि इतनी आसानी से कैसे मानती चली जा रही है…क्या वो शुरू से ही ऐसी थी, क्या वो पहले उसके उपर ट्राइ करता तो वो तब भी ऐसे ही उत्साहित करके उसे आगे बढ़ने देती..पर जो भी था, आज लोकेश को अपनी किस्मत पर नाज़ हो रहा था, क्योंकि ऐसी पटाखा भाभी को चोदने का अवसर जो मिल गया था उसको..
लोकेश ने उसकी नाभि को छोड़ दिया और धीरे-2 अपने दोनो हाथ उपर करते हुए उसने सीधा उसके निप्पल्स को अपनी उंगलियों मे दबोच लिया…सिर्फ़ निप्पल, और कुछ नही..और फिर उन्हे पकड़कर ज़ोर से अपनी तरफ खींच लिया..
दर्द और मज़े की एक जोरदार लहर उसके बदन से निकल पड़ी…और वो सेक्सी तरीके से सिसकारियाँ मारती हुई लोकेश के सीने से जा लगी..
”आआआआययईईईईईईईईईईई … सस्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स … उम्म्म्ममममममम”
और अपने इतने पास देखकर लोकेश से भी सब्र नही हुआ और उसने रश्मि के लाल सुर्ख और गुलकंद जैसे मीठे होंठों को अपने मुँह मे दबोचा और ज़ोर-2 से चूसने लगा..और साथ ही उसके दोनो हाथों ने बाकी की ज़मीन पर कब्जा करके उसके पूरे उभारों को अपनी गिरफ़्त मे ले लिया और उन्हे ज़ोर-2 से दबाने लगा.
ऐसी स्मूच तो उसकी आज तक किसी ने नही ली थी..रश्मि की जीभ को वो अपने दांतो के बीच दबोच कर कभी वो उसके उपर वाले और कभी नीचे वाले होंठ को चूसता, उसका रस निकालता और गटक जाता…ऐसा मीठा एहसास उसे रश्मि से स्मूच तोड़ने की इजाज़त ही नही दे रहा था.
स्मूच करते-2 लोकेश ने रश्मि को किचन की दीवार से लगा दिया और बेतहाशा उसके चेहरे और लिप्स को चूमने लगा..
रश्मि (गहरी साँसे लेती हुई) : “बस करो ना…..समीर आ जाएगा नीचे…आहह”
लोकेश : “पुक्क्कककककच्छ …. पुक्क्कककच …… नही आएगा. ….वो सो रहा है… तुम बस मज़े लो ….”
छोड़ना तो रश्मि भी नही चाहती थी लोकेश को ..
रश्मि : “आआअहह ……. काव्या आ जाएगी ….. अहह ..”
लोकेश : “तुमने ही तो कहा की वो आधे घंटे के बाद आएगी ….. उम्म्म्म …. करने दो ना …. ”
रश्मि : “आआआआआहह … ठीक है … पर जल्दी करना … क्वीकी … बाकी आराम से फिर कभी कर लेंगे … अहह … काव्या आ जाएगी …”
लोकेश : “तो उसको भी तो पता चले, की उसकी माँ कैसी है… सेक्स के मज़े लेने वाली …. एक सेक्स से भरी औरत … सुपर सेक्सी … पुचsssssssssssssssssss ….”
और ये एहसास रश्मि को अंदर तक एक बार फिर से भड़का गया….उसकी खुद की बेटी उसकी चुदाई देखेगी…और वो भी दिन मे दूसरी बार ….पहले अपने बाय्फ्रेंड के साथ और अब अपने बाप के फ्रेंड के साथ …… आआआआआआह ….. कितनी बड़ी रंडी बनती जा रही है वो ………..
और ये सोचते-2 उसने लोकेश के चेहरे को पकड़कर लगभग चूस ही डाला …. इतनी ज़ोर से उसने लोकेश के होंठ चूसे की वो दर्द से बिलबिला उठा …
और बदला लेने के लिए लोकेश ने एक ही झटके मे उसकी टी शर्ट उतार फेंकी …और ब्रा को तो खोलने की भी जहमत नही उठाई …अपनी तरफ इतनी ज़ोर से खींचा की हुक टूट कर दूर जा गिरे और एक ही झटके मे उसके दोनो मुम्मे उछलकर बाहर निकल आए…
लोकेश ने इतने सुंदर और भरे हुए स्तन पहले नही देखे थे…वो कब से उसके मुम्मों को चूसना चाहता था, और आज उसके सामने वो ताजी फसल की तरह लहरा रहे थे…उसने नीचे मुँह किया और बड़ा सा मुँह खोलकर निप्पल के साथ-2 बड़ा सा हिस्सा भी अंदर निगल लिया…जितना की उसके मुँह मे आ सकता था…और जीभ को निप्पल पर रगड़ता हुआ उसे ज़ोर से सक्क करने लगा..
रश्मि तो सिसक पड़ी लोकेश के इस प्रहार से…..वो अपने पंजों के उपर खड़ी थी और उसकी चूत वाला हिस्सा लोकेश के खड़े हुए लॅंड से टच कर रहा था..और साथ ही लोकेश का एक हाथ उसकी गांड पर भी था जो उसे अपने लंड पर ज़ोर से दबाव भी डलवा रहा था..ऐसे मे रश्मि सिवाए सिसकने और मचलने के कुछ भी नही कर पा रही थी…उसने लोकेश के बालों को पकड़ कर उसके मुँह को दूसरे मुम्मे की तरफ मोड़ा और अपने दूसरे हाथ से पूरे मुम्मे को पकड़ कर उसके मुँह के अंदर ठूस दिया…और दूसरे के साथ भी लोकेश ने वैसा ही बर्ताव किया जो पहले के साथ किया था…वो किसी जन्मों के प्यासे वहशी की तरह उसकी छातियों का अमृत निचोड़ रहा था..रश्मि को भले ही दर्द हो रहा था पर उसमे मिल रहे मज़े के आगे वो दर्द भी उसे मंजूर था…
रश्मि आहें भरती हुई अपनी दोनो छातियाँ लोकेश से चुस्वा रही थी…टाइम कम था इसलिए वो जल्द से जल्द सब कुछ करना चाहती थी…उसकी नज़रें सीडियों की तरफ भी थी..की कहीं समीर नीचे ना उतर आए. पर लोकेश जानता था की वो एक बार और रोज़ी की सेक्सी चूत ले रहा होगा… और जब तक वो उपर उसकी ले रहा है वो नीचे उसकी बीबी की तो बजा ही सकता है… और वैसे भी लोकेश अंदर से ये बात अच्छी तरह जानता था की अगर समीर ने उसे अपनी बीबी के साथ ये सब करते हुए देख भी लिया तो वो कुछ नही कहेगा क्योंकि सेक्स के मामले मे वो खुलकर मज़े लेने वाला इंसान है… वो खुद भी ऐसे मज़े लेता है और अपनी बीबी को भी ऐसे सेक्स करने के लिए वो मना नही करेगा.. पर ये बात वो खुलकर रश्मि को नही बोल सकता था… वैसे भी ऐसे डर कर सेक्स करने में जो मज़ा है वो छुप कर करने में कहाँ…
रश्मि को शायद जल्दी थी…वो लोकेश से अपने मुम्मे बड़ी मुश्किल से छुड़वा कर नीचे बैठ गयी और खुद ही उसकी जीप खोल कर उसके लंड को बाहर निकाल लिया…अभी कुछ देर पहले रोज़ी ने लोकेश के लंड को बुरी तरह से चूसा था इसलिए वो काफ़ी गीला था…रश्मि ने समझा शायद उत्तेजना की वजह से और काफ़ी देर से बंद रहने की वजह से वो पसीने से नहा गया है…उसने अपनी लंबी जीभ निकालते हुए उसके लंड को अपने मुँह मे भरा और जोरों से चूसने लगी… इस बार अपने पंजों पर खड़े होने की बारी लोकेश की थी… लोकेश को तो ऐसा एहसास हो रहा था की जैसे उसने अपना लंड गन्ने का रस निकालने वाली मशीन में डाल दिया है… वो किसी मशीन की तरह उसके गन्ने का रस निकालने मे लगी थी और उसे चूसकर पी रही थी..
उसकी नज़रें अभी भी सीडियों की तरफ ही थी..उसने लंड को चूसते – 2 लोकेश की पेंट भी नीचे खिसका कर उतार दी…उपर से लोकेश ने अपनी टी शर्ट को उतार फेंका…अब वो नंगा ही खड़ा था रश्मि के सामने..
लोकेश के लंड को पूरी तरह से खड़ा करने के बाद वो उसके लंड को पकड़कर सोफे की तरफ ले गयी..और अपनी जीन्स को जल्दी से नीचे खिसका कर पेंटी समेत निकाल फेंका..और नंगी होकर सोफे पर लेट गयी….इतनी जल्दबाज़ी तो उसने आज तक नही दिखाई थी सेक्स करने के लिए ..
उसने लोकेश की कमर मे हाथ डालकर उसे अपनी तरफ खींचा और अपनी बहती हुई चूत के उपर लंड का सिरा लगाते ही और तेज़ी से उसे अंदर खींच लिया…और सरर- सररर करता हुआ लोकेश का पठानी लंड उसकी रसीली चूत में फिसलता चला गया..
”आआआआआआआअहह …. येसस्स्स्स्स्स्स्स्सस्स …… ओह येसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स ……..”
रश्मि को सुबह वाली विक्की की चुदाई याद आ गयी….विक्की एक जवान लड़का था..पर लोकेश के आगे वो भी फीका था..क्योंकि एक तो लोकेश के मोटे लंड और दूसरे उसके एक्सपीरियेन्स की वजह से वो काफ़ी जानदार चुदाई कर रहा था उसकी…
रश्मि की दोनो टाँगो को उपर की तरफ फोल्ड करके वो हर झटका इतने ज़ोर से मारता की वो उपर तक उछल जाती…और अंदर तक जाने के बाद वो नीचे झुक कर उसके मम्मे ज़रूर चूसता ..और ये तरीका रश्मि को बड़ा ही पसंद आ रहा था…
लोकेश भी काफ़ी देर से उत्तेजित था, रोज़ी ने उसके लंड को काफ़ी देर तक चूसा था…और रश्मि का भी लगभग यही हाल था…इसलिए ज़्यादा टाइम नही लगा उन दोनो को झड़ने के करीब पहुँचने मे…और लोकेश ने अपने दोस्त की बीबी की चूत में जोरदार झटके मारे और आखिरी वक़्त में अपने लंड को बाहर निकाल कर उसके नंगे शरीर पर सफ़ेद रंग की बारिश कर दी
.
”आआआआआआअहह भाभी ……………….. मैं तो गया ………….. अहहsssssssssssssssssssssssssssssss ”
रश्मि भी जोर -२ से हुंकारते हुए अपने जिस्म पर पड़ती बारिश को महसूस करते हुए झड़ने लगी : “आआआ आआआआअहह ……. मैं भी गयी …………… उउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म”
और दोनो गहरी साँसे लेने लगे..
अब लोकेश को दिक्कत लग रही थी की कैसे रोज़ी का आभास दिलाए बिना उसे घर से बाहर निकाला जाए…
वो एकदम से बोला : “भाभी …. मुझे लगता है की उपर से कोई नीचे आ रहा है … शायद समीर जाग गया है…”
इतना सुनते ही रश्मि की फट कर हाथ मे आ गयी…. लोकेश ने जल्दी से उसके कपड़े समेट कर उसके हाथ में दिए और बोला : “आप एक काम करो…वो कोने वाले बाथरूम में चले जाओ…और नहा कर ही बाहर निकलना…बोल देना वॉटर पार्क का पानी सॉफ नही था इसलिए घर आते ही नहाने लग गयी…तब तक मैं समीर को संभाल लूँगा..”
इतना कहते -2 वो अपना अंडरवीयर और पेंट पहन चुका था…और रश्मि के बाथरूम में जाने से पहले उसने टी शर्ट भी पहन ली थी.
और रश्मि के अंदर जाते ही वो उपर की तरफ चल दिया…पर बीच मे ही समीर उसे रोज़ी के साथ नीचे आता हुआ दिखाई दिया..
समीर के चेहरे पर हल्का गुस्सा था …लोकेश ने सोचा कहीं उसे शक तो नही हो गया या कहीं उसने कुछ देख तो नही लिया…
लोकेश : “जल्दी करो , भाभी अभी नहाने के लिए बाथरूम में गयी है, रोज़ी को जल्दी से बाहर निकालो ”
समीर : “पता है मुझे, इसलिए मैं इसे लेकर नीचे आ गया”

