सौतेला बाप – Update 69 | Incest Sex Story

सौतेला बाप - Incest Sex Story
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Update 69

समीर ने उसका हाथ छोड़ दिया ..
थोड़ी देर तक बैठे रहने के बाद लोकेश वहाँ से चला गया..उसका कोर्ट मे कोई केस था ..
उसके जाते ही समीर ने फिर से आँखे भरकर रोज़ी को देखना शुरू कर दिया..
वो बेचारी सकूचाई हुई सी उसके सामने वाली कुर्सी पर बैठी हुई उसके कुछ बोलने का इंतजार कर रही थी ..
समीर :”देखो रोज़ी …मुझे लोकेश ने तुम्हारे बारे मे सब कुछ बता दिया है …तुम्हारे घर के जो हालत है …वो सब मैं अच्छी तरह से जानता हू …अब तुम्हारे घर की पूरी ज़िम्मेदारी तुम पर ही है …इसलिए मैं तुम्हारी सैलेरी 50 हज़ार रुपए रख रहा हू …”
50 हज़ार सुनते ही रोज़ी की आँखे फटने को हो गयी …उसने तो इतने पैसों के बारे मे सोचा भी नही था …लोकेश ने भी उसे बोला था की कम से कम 15-20 हज़ार रुपए तो दे ही देगा, क्योंकि उसके पास पर्सनल सेक्रेटरी के काम का कोई एक्सपीरियेन्स भी नही था …
समीर भी बड़ा चालक था, उसे पता था की ऐसी मिडल क्लास की लड़कियों को कैसे अपने काबू मे किया जाता है ..वो अपने पैसों का रोब दिखाकर उसे शुरू मे ही इंप्रेस करना चाहता था ताकि वो बाद मे उसके हर तरह के काम के लिए तैयार हो जाए ..
उसने कुछ ज़रूरी हिदायतें देकर उसे बाहर जाने को कहा और उसकी सीट भी दिखा दी…और सारे स्टाफ से भी मिलवा दिया..
अपने कमरे मे रहकर वो रोज़ी की हर हरकत को देख पा रहा था…उसकी मोहक सी सूरत को देखकर वो मन ही मन उसको चोदने के सपने देखने लग गया..
पर वो ये काम काफ़ी आराम से करना चाहता था…क्योंकि अभी के लिए उसके पास उसकी गर्म वाइफ जो थी चुदाई के लिए..और साथ ही जवान बेटी भी..जो दिन ब दिन उसके करीब आती जा रही थी..
वो अपने सिर के पीछे हाथ रखकर आराम से सोचने लगा की कैसे-2 वो इस नयी लड़की का शिकार करेगा. एक तरफ तो समीर अपनी नयी सेक्रेटरी को चोदने के सपने देख रहा था…और दूसरी तरफ उसकी बीबी किसी और के लंड के लिये तडप रही थी…यानी विक्की के लिये…और विक्की को ये बात पता थी की ये आंटी तो अब कभी भी उसे चुदवा लेगी, पर साथ ही साथ वो उसकी रसीली बेटी काव्या को चोदना चाहता था, जिसके उपर उसकी नजर काफी समय से थी. और वो काव्या अपने नये पापा समीर के लंड की दीवानी हुई पडी थी , कुल मिलाकर सभी एक दूसरे की गांड के पीछे लाइन लगा कर खडे थे
फ्राइडे को श्वेता सुबह ही काव्या के घर आ गयी…दोनो घंटो तक विक्की नाम की मुसीबत से निपटने की तरकीबे सोचते रहे..पर उनकी समझ मे कुछ भी नही आ रहा था..क्योंकि ज़्यादातर तरकीबो मे श्वेता खुद ही विक्की से चुदने की बाते कर रही थी..पर काव्या ऐसा नही चाहती थी…उसके हिसाब से अगर विक्की ने श्वेता को चोद दिया तो उसको भी एक ना एक दिन वो चोद ही देगा…क्योंकि श्वेता के थ्रू वो काफ़ी ऐसी बातों का पता कर सकता था जिन्हे अगर वो जान जाए तो काव्या का बचना नामुमकिन था.
और फिर सैटरडे भी आ ही गया…काव्या का दिल जोरो से धड़क रहा था..पर अंदर ही अंदर वो रोमांच से भी भर रही थी…और साथ ही साथ उसके अंदर एक अहंकार की भावना भी आ रही थी..अहंकार इसलिए की उसकी जवानी के पीछे अब तक कितने लंड पड़े हुए थे…वो कोई फिल्मी हेरोइन जैसी तो नही थी..पर फिर भी उसके पीछे इतने लोग पड़े है…जैसे विक्की…श्वेता का भाई नितिन…दत्त अंकल..और अब उसके पापा समीर भी उसमे दिलचस्पी लेने लगे हैं…जिनके लंड की खुद दीवानी हुई पड़ी है
और एक ऐसी लड़की के लिए, जो अभी तक ढंग से जवान भी नही हुई है..उसके लिए इतने लोग मचलते है, ये एक एहंकार की भावना का निर्माण करने के लिए काफ़ी है.
उसने सोच लिया की जो होगा देखा जाएगा…और अपनी माँ के कहे अनुसार एक टी शर्ट और जींस पहन कर तैयार होकर बैठ गयी..
उस दिन समीर जल्दी ही अपने ऑफीस के लिए निकल गया…आख़िर नयी-2 सेक्रेटरी जो आई थी उसके ऑफीस मे..रोज़ी के हुस्न का दीदार करने के लिए वो किसी स्कूल के बच्चे की तरह तड़प रहा था.
समीर के जाते ही रश्मि ने विक्की को फोन कर दिया…और कन्फर्म कर लिया की वो सही समय पर आ रहा है ना.. और उसके बाद वो खुद बाथरूम मे जाकर रगड़ -2 कर नहाने लगी…उसने अपने शरीर से बाल सॉफ किए…अपनी चूत को भी चमकाया…जैसे आज ही विक्की उसकी चूत को चोद देगा…
और फिर पूरी बॉडी पर डियो स्प्रे लगाने के बाद उसने एक सेक्सी सा ब्लाउस ओर साड़ी पहन ली, जिसमे से उसके आधे नंगे उभार सॉफ दिखाई दे रहे थे…माथे पर बिंदिया और माँग मे सिंदूर लगाकर वो इतनी सेक्सी लग रही थी की वो खुद ही अपना ऐसा सेक्सी रूप देखकर शरमा गयी…
उधर विक्की भी थोडा सज संवर कर निकला आज…अपनी शेव बनवा कर और बाल कटवाने के बाद वो भी किसी हीरो जैसा ही लग रहा था..उसने एक वाइट कलर की टी शर्ट पहनी और जान बूझकर दिए गये टाइम 1 बजे के बाद ही वहां पहुँचा..
रश्मि बड़ी ही बेसब्री से उसका इंतजार कर रही थी…जैसे ही बाहर के चोकीदार ने इंटरकाम पर बताया की कोई विक्की नाम का लड़का आया है तो उसने जल्द से जल्द उसको अंदर भेजने के लिए कहा..
उसके आते ही रश्मि ने कहा : “इतनी देर क्यो लगा दी…”
पर विक्की तो उसके हुस्न को देखकर पागल हुए जा रहा था…उसकी नेट वाली साड़ी के नीचे से झाँक रहे उरोजों को देखकर एक पल के लिए तो उसने खुद को चूतिया कहा…क्योंकि ऐसा माल हर किसी की किस्मत मे नही होता…और वो तो खुद ही उसके लंड की दीवानी हुई पड़ी थी…उससे चुदवाना चाहती थी..पर उसको टरका रहा था, ऐसे मे ज़रा भी गड़बड़ हो जाए तो काव्या के साथ-2 विक्की को रश्मि जैसी सेक्स बोंम्ब से भी हाथ धोना पड़ेगा…
उसने बड़ी ही मुश्किल से अपने आप पर काबू किया और बोला : “बस…वो बाल कटवाने मे देरी हो गयी…”
उसने चिकने चेहरे को देखकर रश्मि ने कहा : “तभी आज इतना स्मार्ट लग रहा है. ….”
और फिर उसने बड़े ही बेबाक तरीके से अपने होंठों पर जीभ फेराई..
उसके इशारे को नरंदाज करते हुए वो बोला : “आंटी…काव्या कहाँ है…”
रश्मि : “वो अपने कमरे मे ही है …तुम उपर चले जाओ…सीधे हाथ पर पहला कमरा है उसका…और उसके साथ वाला ही मेरा बेडरूम है…”
अपनी बात कहकर वो खुद ही हंस पड़ी…विक्की भी उसका उतावलापन देखकर हंस दिया..और उपर की तरफ चल दिया.
काव्या के कमरे का दरवाजा खुला हुआ था…थोड़ी देर पहले ही वो सीडियो के उपर खड़ी होकर विक्की और अपनी माँ के बीच की बाते सुन रही थी…और साथ ही साथ अपनी माँ की हरकतें भी नोट कर रही थी..एक बार के लिए तो उसको भी शक हुआ की कही उसकी माँ, विक्की का साथ इसलिए तो नही दे रही की वो खुद उसकी दीवानी हो चुकी है…पर फिर ये सोचकर की ‘भला वो ऐसा क्यो करेगी’, उसने वो विचार दिमाग से झटक कर निकाल दिया.
विक्की के उपर आने से पहले वो सीधा जाकर अपने बेड पर बैठ गयी…और एक बुक हाथ मे लेकर पड़ने का नाटक करने लगी
विक्की : “हाय ….क्या मै अंदर आ सकता हू…”
विक्की को देखकर एक पल के लिए तो काव्या ठिठक सी गयी….क्योंकि उसका ऐसा रूप उसने पहली बार देखा था…इससे पहले तो वो हमेशा गंदे कपड़ो में …बिखरे बालो में ..हल्की दाढ़ी में …सिगरेट फूंकता हुआ ही दिखाई देता था…
पर आज वो इतना सॉफ सुथरा बन कर आया था … जैसा बॉय फ्रेंड लड़की चाहती है…ठीक वैसा ही..
काव्या ने कुछ नही कहा और फिर से अपनी बुक मे कुछ पड़ने की कोशिश करने लगी..
विक्की अंदर आकर उसके पास बैठ गया, वो तो जब से इस घर मे आया था, वहाँ की भव्यता देखकर हैरान हुआ जा रहा था..और काव्या के कमरे मे घुसकर उसके ठाट बाट देखकर भी उसका वही हाल था..
विक्की ने जब देखा की काव्या कुछ ज़्यादा ही भाव खा रही है तो वो सीधा मुद्दे पर आ गया
वो बोला : “लगता है तुम्हे मेरा यहा आना सही नही लगा..ठीक है…मैं वापिस जाता हू…अब सीधा तुम्हारे बाप से ही बात करूँगा…और उन्हे सब सच-2 बता दूँगा..”
इतना कहकर वो पलटकर जैसे ही जाने लगा…काव्या उछलकर बेड से कूदी और भागकर उसने विक्की का हाथ पकड़ लिया और उसे अंदर खींचने लगी
काव्या : “अरे…तुम तो नाराज़ हो गये…”
विक्की ने भी ये मौका नही छोड़ा…आज पहली बार काव्या के शरीर ने छुआ था उसको….ऐसा रेशमी एहसास तो उसे आज तक नही हुआ था..उसने काव्या की कमर पर हाथ रखकर उसे अपने सीने से लगा लिया…और दोनो के चेहरे एक दूसरे के बिल्कुल सामने आ गये..काव्या ने तो एकदम से ऐसे बर्ताव की उम्मीद भी नही की थी..दोनो की साँसे आपस मे टकराने लगी..
काव्या तो हमेशा से ही महकती रहती थी…पर आज विक्की के मुँह से भी माउथ फ्रेशनर की अच्छी सी महक आ रही थी…जिसे सूँघकर काव्या पर एक खुमारी सी चढ़ रही थी.
विक्की कुछ देर तक तो उसके भोले से चेहरे को देखता रहा और फिर अचानक बिना किसी वार्निंग के उसने उसके गुलाबी होंठों को चूम लिया…और ये सब इतना जल्दी हुआ की जब तक वो उसको धक्का देती, वो एक स्मूच भी कर चुका था उसके होंठों पर…
काव्या चिल्लाई :”ये क्या बदतमीज़ी है…यू बास्टर्ड ….तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे चूमने की…”
विक्की ने भी अपना रंग दिखाया : “ज़्यादा मत बोल तू अब…तूने ही मुझे यहा बुलाया है…और तू तो जानती है की मेरे दिल मे तू कब से बसी हुई है…और अब तो तूने खुद अपने घर पर ऐसे-2 झूट बोल रखे है की तुझे भी पता है की उन्हे जान कर तेरे माँ-बाप पर क्या असर होगा …अब तूने मेरा नाम ले ही लिया है तो मेरा भी तो हक बनता है ना कुछ वसूल करने का…”
और इतना कहकर वो भद्दी सी हँसी हँसने लगा..
काव्या समझ गयी की वो फँस चुकी है…पर जैसा की उसने और रश्मि ने सोच रखा था, उसने सीधा विक्की से पूछा : “आख़िर तुम चाहते क्या हो…”
विक्की की नज़रें उसके शरीर पर घूम गयी…काव्या ने शरमाते हुए अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया..
विक्की ने ये मौका भी नही छोड़ा और वो सीधा जाकर उसकी उभरी हुई गांड से लिपट गया…और अपने हाथों को उसने उसके पेट पर रख कर उसके जिस्म को अपने से सटा लिया.
काव्या का शरीर काँप उठा..पर इस बार उसने विक्की को कुछ नही कहा…
विक्की का लंड उसकी गांड पर दबाव बनाकर अपनी हालत का आभास करा रहा था.
ऐसी गद्देदार गांड का अनुभव विक्की ने भी अपनी लाइफ मे पहली बार किया था…वहा पर लगते ही वो किसी बावले सांड़ की तरह उसकी गांड पर अपने लंड का दबाव डालने लगा.
काव्या ने कसमसाते हुए फिर से कहा : “बोलो विक्की….तुम चाहते क्या हो …”
इस बार विक्की ने उसके कानो मे अपने होंठों को फँसाया और फुसफुसाते हुए कहा : “मैं तुझे नंगा करके तेरे ही बेड पर चोदना चाहता हू….तेरी चुचियो को चूसकर उसमे से सारा रस निकालना चाहता हू…तेरे पूरे बदन को अपनी जीभ से चाटकर तुझे चखना चाहता हू…तेरी चूत को अपने होंठों से चूसकर तेरा सारा रस पीना चाहता हू…और अपने लंबे लंड से तेरी चूत रॅफ तरीके से मारकर अपना सारा माल तेरे अंदर ही निकालना चाहता हू…और तेरी ये गांड ..इसको तो रात भर मारकर अंदर ही लंड को छोड़कर तेरे से लिपट कर सोना चाहता हू…”

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