Update 37
लोकेश के जहन में रश्मि भाभी की तस्वीर दौड़ने लगी, जो थोड़ी देर पहले उसी अवस्था में समीर का लंड चूस रही थी…
उसने रितु के सर को पकड़ा और अपने लंड से उसके मुंह को चोदना शुरू कर दिया..
रहा नहीं जा रहा था उससे , और वो सब करते हुए उसकी आँखे भी बंद थी.
वैसे एक बात है, जो भी लड़की या लड़का सेक्स करते हुए अपनी आँखे बंद कर लेते है, और लम्बी -२ सिस्कारियां लेते है, वो उस वक़्त अपने सामने वाले पार्टनर के बारे में नहीं, बल्कि किसी और ही के बारे में सोच रहे होते है, कोई पुराना आशिक़, कोई क्रश या फिर कोई फेंटेसी …
और यही इस वक़्त लोकेश भी कर रहा था, उसकी आँखों के सामने एक नहीं बल्कि दो-२ तस्वीरें तैर रही थी , माँ और बेटी की..
लोकेश ने रितु को एक टेबल पर बिठाया और उसकी टांगो को खोलकर अपनी खोलती हुई जीभ उसकी चाशनी उगल रही चूत के ऊपर रख दी और अपनी जीभ को घुमा घुमाकर जलेबियाँ बनाने लगा..
”अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म ”
रितु ने लोकेश के सर को पकड़ कर अपनी अंदर ठोंस लिया, जितना अंदर हो सकता था , उतना अंदर …
रितु के अंदर एक आग सी लगनी शुरू हो गयी थी, वो एक ऐसी रंडी थी जो एक बार सुलगने पर बुरी तरह से जलती भी थी और सामने वाले को जलाती भी थी..
और अपनी जलन को महसूस करते ही वो अपने फेवरेट रोल प्ले पर उतर आई , जैसा वो अक्सर पहले भी करती थी , लोकेश और समीर से चुदते वक़्त..
रितु : “ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह पापा …………. अब मत तरसाओ ………आओ न , आपकी बेबी चुदना चाहती है अब ……”
लोकेश भी रोल प्ले में उसका साथ देने लगा
लोकेश : “उम्म्म्म्म्म्म माय डॉल , कम टू पापा ”
और उसने नंगी रितु को अपने गले से लगा लिया और उसकी ही चूत के पानी को उसके होंठों पर रगड़कर उसे पिलाने लगा
ऐसी हालत में तो रितु लोकेश का पेशाब भी पी जाती, ये तो फिर भी उसकी अपनी चूत का रस था, वो अपनी लम्बी जीभ निकाल कर लोकेश के पूरे मुंह को पालतू कुतिया की तरह चाटने लगी
और फिर लोकेश को सोफे पर धक्का देकर वो 69 की पोजीशन पर आ गयी और दोनों एक दूसरे के अंगो को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करने लगे..
आज तो रितु ऐसे चूस रही थी , जैसे वो लोकेश के गन्ने का सारा रस निचोड़कर पी जाएगी..
और लोकेश भी उसकी दोनों जाँघों को पकड़कर उसकी चूत के सागर में अटके उस मोती को अपनी जीभ से कुदर रहा था जैसे उसे बाहर निकल लेना चाहता हो..
उसकी जीभ की कुतरन से रितु बावली हो उठी और अपनी चूत को जोरों से उसके मुंह पर मारती हुई जोर -२ से चीखने लगी..
”ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह येस्स्स्स्स पापा ……… सक ईट , उम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ”
समीर और रश्मि तो सो चुके थे, पर अपनी मुठ मारकर सुस्ता रही काव्या के कानों में जब यस पापा …यस पापा… की आवाज पहुंची तो वो एकदम से उठकर बैठ गयी , कान लगाकर उसने सुनने की कोशिश की तो पता चला की आवाज तो नीचे से आ रही है , उसने जल्दी-२ कपडे पहने और नीचे चल दी, वो भी देखना चाहती थी की ये कौन सी बेटी है जो अपने पापा से चुद रही है..
अपने मम्मी पापा के कमरे के आगे से निकलते हुए उसने सुनने की कोशिश की, पर वहां से कोई आवाज नहीं आ रही थी,..
तभी नीचे से फिर से आवाज आई
”पापा , अब मत तरसाओ …फ़क मी , जल्दी से करो अब ”
वो समझ गयी की आवाज नीचे लोकेश अंकल के रूम से आ रही है , पर ये पापा की बेटी कहाँ से आ गयी..
वो नीचे उतरी तो सीढ़ियों के साइड में बने हुए एक रोशनदान को थोड़ा सा खुला पाकर उसने अंदर झाँका तो हैरान रह गयी ..
लोकेश अंकल एक लड़की के साथ पूरे नंगे थे और दोनों 69 की पोजीशन में एक दूसरे को चूस रहे थे
लड़की को गौर से देखने पर उसे मालुम चला की ये तो होटल की रिसेप्शनिस्ट है, जो उनके स्वागत में फूल और माला लेकर बाहर खड़ी थी , वो समझ गयी की ये उन दोनों का पुराना चक्कर है, और ये पापा-बेटी का रोल प्ले वो सेक्स में मजा लाने के लिए कर रहे है..
वो पहले से ही गर्म थी, उनका नाटक देखकर फिर से गरमाने लगी..
रितु अब पलटकर लोकेश के ऊपर आ गयी और उसके खड़े हुए लंड को अपनी चूत से रगड़ने लगी , लोकेश भी बड़ा शातिर था, वो उसे अंदर नहीं डाल रहा था , बल्कि उसे तरसा रहा था..
रितु : “ओह्ह्ह्ह्ह्ह पापा , मत तरसाओ अपनी लाड़ली को, उसे लेने दो अपने पापा को अंदर ”

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