सौतेला बाप – Update 35 | Incest Sex Story

सौतेला बाप - Incest Sex Story
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Update 35

वो मन ही मन सोच रहा था की ये वाक़या ना जाने क्या रंग बिखेरेगा उसकी जिंदगी में…
रश्मि ने उसके बाद समीर से कोई बात नहीं की, वो अपना मुंह फुला कर दूसरी तरफ मुंह करके लेटी रही , उसकी हिम्मत अपनी बेटी के सामने जाने की भी नहीं हो रही थी , समीर ने भी उसके साथ बात करने की कोई कोशिश नहीं की, वो भी उसके साथ ही जाकर सो गया
दूसरी तरफ, काव्या की आँखों के सामने अभी तक उसकी माँ ,समीर का लंड चूसते हुए दिख रही थी. किस तरह से वो उसके सामने दासी की तरह बैठी थी, समीर के लम्बे लंड को मुंह में लेकर चूस रही थी, और उसकी मलाई को भी कैसे चपर -२ करके खा गयी, पूरी रंडी लग रही थी उसकी माँ उस वक़्त..
और उसकी माँ का ये रूप देखकर काव्या भी हैरान थी, उसने सोचा भी नहीं था की सेक्स के मामले में वो ये सब भी करती होगी, पर पिछले कुछ दिनों में जो उसने देखा था, उसे देखकर तो उसकी सारी धारणाएं ही बदल गयी थी अपनी माँ के बारे में, वो आजकल की लड़कियों की तरह ही सेक्स की दीवानी थी, लंड चूसने में और अपनी चूत चुस्वाने में उसे बड़ा मजा आता था, और चुदवाते हुए चीखने में भी उसका कोई जवाब नहीं था, काव्या की सोच में पहले उसकी माँ एक कंजरवेटिव औरत थी, पुराने ज़माने की औरतों की तरह, जो सिर्फ टाँगे पसार कर , बिना किसी फोरप्ले के , चुदाई करवाती थी, पर दो-तीन बार उन्हें देखने के बाद काव्या को पता चला था की वो कितना गलत सोचती थी अपनी माँ के बारे में, वो सेक्स का मज़ा लेने में सच में उसकी माँ थी …
वैसे होना भी यही चाहिए, औरत चाहे बीस साल की हो या चालीस की, चुदाई के समय उसे रंडी जैसा बिहेव करना चाहिए, ऐसा करने में उसे भी मजा आएगा और उसके पार्टनर को भी..
और काव्या को समझ में आ रहा था की ये सब उसकी माँ किस वजह से कर रही है ……..
समीर की वजह से.
क्योंकि जहाँ तक उसे याद है, समीर से शादी के बाद ही ऐसे चेंज आये है उसकी माँ में, कहाँ तो वो पहले उसके सामने कपडे बदलने में भी शर्माती थी, और आज ऐसे खुले में नंगी होकर समीर का लंड चूस रही है.
कितना बदल दिया है उसके सौतेले बाप ने उसकी माँ को , और सौतेले बाप समीर का नाम आते ही उसकी सोच का रुझान उसकी तरफ चल दिया..
उसके सामने समीर का बलिष्ट शरीर और उसकी टांगो के बीच लटकता लम्बा लंड लहराने लगा, और उसके बारे में सोचते ही उसकी खुद की टांगो के बीचो बीच एक टीस सी उभर आई..
और उसके हाथ लहराकर अपने आप वहां पहुँच गए , और उसे वहां पर गीलापन देखकर आश्चर्य बिलकुल भी नहीं हुआ.
एक ही दिन में दो-२ लंड देखकर ऐसा गीलापन तो स्वाभाविक ही था , पहले लोकेश अंकल का और फिर अपने नए बाप का..
काव्या ने अपना तकिया अपनी टांगो के बीच फंसाया और उसके ऊपर उलटी होकर लेट गयी..
और फिर उसके ऊपर लेटकर ऐसे हिलने लगी, जैसे तकिये की चुदाई कर रही हो , आगे पीछे हिलकर वो उसके ऊपर अपने पूरे शरीर को झुलाने लगी …हिलाने लगी ….
आँखों के सामने कभी लोकेश अंकल नाव पर नंगे बैठे हुए अपना लंड मसलते हुए दीखते और कभी समीर झील के किनारे खड़ा होकर अपना लंड चुसवाते हुए दिखता..
और वो सब सोचते-२ कब उसकी चूत ने तकिये को गीला कर दिया, उसे भी पता नहीं चला, बस उसके मुंह से गर्म साँसे निकल रही थी , जिसकी तपन उसे अपने चेहरे पर भी महसूस हो रही थी..
अपनी आँखों में रंग बिरंगे सपने बुनते-२ कब उसे नींद आ गयी उसे भी पता नहीं चला.
और ग्राउंड फ्लोर पर अपने आलिशान कमरे में घुसते ही लोकेश ने अपने सारे कपडे उतार फेंके और अपने लंड को बुरी तरह से मसलने लगा…

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