Update 32
रश्मि को बहुत दर्द हो रहा था, पर उसे पता था कि अब समीर मानने वाला नहीं है, उसने अपने होंठों को दांतों के बीच दबा कर अपने दर्द पर काबू पाने कि कोशिश कि, और इसी बीच समीर के एक और झटके ने उसे ऊपर कि तरफ उछाल दिया, उसके दोनों पैर एक पल के लिए हवा में लटक गए, और जब वो नीचे आये तो उसके भार के साथ-२ उसकी गांड के छेद ने अपने अंदर समीर के लंड को पिरो लिया.
अब समीर का लोड़ा उसकी गांड के पूरा अंदर तक था.
समीर थोड़ी देर तक रुका रहा और उसके कानों और गर्दन को चूमता रहा.
और फिर धीर-२ उसने पीछे से धक्के मारने शुरू कर दिए..
उसका एक हाथ आगे आकर उसकी चूत को भी सहला रहा था
समीर से मिल रहे हर झटके से वो ऊपर तक उचक जाती और फिर नीचे आती, अब उसे भी मजा मिलने लगा था , वो भी ऊपर नीचे उचक कर समीर का साथ देने लगी थी
समीर ने अपना पूरा लंड बाहर खींचा और फिर से उसकी चूत में डाल दिया , और फिर धीरे से निकालकर वापिस रश्मि कि गांड मारने लगा, समीर अपने सिंगल मोबाइल से रश्मि को डबल सिम का मजा दे रहा था और उसके दोनों नेटवर्क कवर कर रहा था .
और ऐसे ही झटके मारते हुए एक जोरदार उछाल के साथ समीर ने अपनी दो दिन कि जमापूंजी रश्मि कि गांड कि गुल्लक में डाल दी..
और फिर उसने धीरे-२ अपना गन्ना बाहर खींच लिया, पीछे-२ उसके गन्ने का रस भी फिसलकर बाहर आने लगा और रश्मि कि जांघो और टांग से होता हुआ नीचे तक पहुँच गया
और किसी पालतू दासी कि तरह रश्मि उसके सामने बैठ गयी और अपने मालिक के लंड को साफ़ करके चमका दिया
पर अभी रश्मि कि शरारते ख़त्म नहीं हुई थी , उसने समीर के लंड को पकड़ा और उसे पकड़कर झील कि तरफ ले जाने लगी
झील में थोड़ी ही दूर एक पत्थर था, वहां पहुंचकर रश्मि ने समीर को उसपर बैठने को कहा, समीर अपनी गांड टिकाकर उस ठंडी चट्टान पर बैठ गया , ठंडी हवा और नीचे से मिल रही चट्टान की ठंडक ने उसके शरीर में झुरझुरी सी दौड़ा दी.
रश्मि के चेहरे पर शरारत के भाव थे…
वो नीचे झुकी और समीर के मुरझाये हुए लंड को पकड़कर अपने मुंह में ले लिया , उसको चूसते हुए बाहर निकाला और फिर अपनी जीभ से उसको चाटने लगी.
”अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह रश्मि sssssssssssssssssssssss ”
यानी उसको मजा आ रहा था.
समीर ने उसके सर पर हाथ रखकर कहा : “अगर अब मैं मना करू तो ….”
रश्मि के चेहरे के भाव बदल गए और वो अपनी आँखे नचाते हुए बोली : “मना कर के तो देखो आज, खा जाउंगी इसको ….”
उसने समीर के खड़े होते हुए लंड को खीरे की तरह लहराते हुए कहा..
बस यही भाव देखकर एक झटके में समीर का लंड पूरी तरह से खड़ा होकर फिर से लहराने लगा.
पर समीर अभी भी जॉली मूड में था..
समीर : “देखो, मैंने अभी – २ अपना माल निकाला है, इतनी जल्दी दोबारा नहीं कर सकता ”.
इतना सुनते ही रश्मि ने एक खूंखार आवाज के साथ उसके लंड और बॉल्स को एक साथ अपने मुंह में ले लिया..
समीर अपना मुंह खोलकर खड़ा हो गया पानी के अंदर.
पर रश्मि ने उसके लंड और टट्टो को नहीं छोड़ा, वो उन्हें चूसती रही, और उनका रस पीती रही..
और जब उसे लगा की अब वो अंदर जाने के लिए पूरी तरह से तैयार है तो वो फिर से समीर को किनारे की तरफ ले गयी, जहाँ गीली मिटटी और हल्का फुल्का पानी था, वहां लेजाकर उसने समीर को नीचे लिटाया और खुद उसके ऊपर सवार होकर अपने मोटे मुम्मे उसके आगे लटका दिए..
समीर ने लपककर उसके दोनों मुम्मे पकडे और उन्हें जोर-२ से दबाने लगा, उसका लंड अपने आप उसकी चूत के ऊपर ठोकरें मारने लगा, रश्मि ने भी अपनी गांड ऊपर नीचे की और बिना हाथ लगाये उसके लंड के टोपे को सही जगह पर लगा दिया, और फिर उसकी आँखों में एक अजीब सा नशा उत्तर आया और उन्हें देखते हुए समीर ने नीचे से अपना लंड वाला हिस्सा ऊपर उचका दिया और एक ही शॉट में उसे गीली चूत के अंदर पहुंचा दिया .

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