सौतेला बाप – Update 31 | Incest Sex Story

सौतेला बाप - Incest Sex Story
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Update 31

रश्मि जानती थी कि ऐसी बातें करके वो समीर को और भी ज्यादा उत्तेजित कर सकती है, उसकी उत्तेजना और मर्दानगी को बढ़ाने के लिए उसने समीर से कहा : “आप मेरी चूत मारोगे और मैं मारने दूंगी, ऐसा हर बार तो होगा नहीं, मेरा काम तो हो चूका है, मैं अब आपको अपनी चुदाई नहीं करने दूंगी ”.
उसकी आँखों में एक शरारत भी थी, जिसे समीर देख भी पा रहा था और उसकी बातों को समझकर वो जान भी गया था कि वो ऐसा क्यों कह रही है.
उसने उसके बालों को पकड़ा और बोला : “अगर तुम मुझे मना करोगी तो मुझे तुम्हारे साथ जबर्दस्ती करनी पड़ेगी ”..
रश्मि : “करके दिखाओ ”
उसने जैसे चेलेंज किया समीर को ..
रश्मि के इतना कहते ही समीर ने उसे बालों से पकड़ते हुए ऊपर उठाया और उसके एक हाथ को पीछे कि तरफ मोड़ते हुए उसे एक तरफ चलने को कहा..
वो एक हाथ से उसके बाल और दूसरे से उसकी बाजू को पकड़कर उसे जानवरों कि तरह चलाता हुआ एक पेड़ के पास तक ले आया और उसे पेड़ के तने से चिपका कर खड़ा कर दिया, उसके नाजुक -२ मुम्मे और खड़े हुए निप्पल, पेड़ के कठोर तने से पीसकर रगड़ खा गए और रश्मि के मुंह से एक दर्द भरी सिसकारी निकल गयी.
समीर उसके नंगे बदन से लिपटकर खड़ा हो गया और उसकी उभरी हुई गांड पर अपने लंड को रगड़कर अपनी जीभ से उसकी कमर को चाटने लगा.
और फिर वो थोडा सा झुका और उसकी टांगों को खोलकर अपने लंड के लिए जगह बनायीं और अपनी उँगलियों में ढेर सारी थूक लेकर अपने लंड पर लगायी और उसे रश्मि कि चूत पर रखकर नीचे से ऊपर कि तरफ एक जोरदार धक्का दिया.
रश्मि को ऐसा लगा कि उसके पीछे से कोई मिसाइल अंदर घुस गयी है, उसने अपनी टाँगे और भी फेला दी, और थोडा और झुककर समीर के लंड को पूरी तरह से अपने अंदर ले लिया.
दोनों के मुंह से सिस्कारियां निकल रही थी.
”चोदो मुझे समीर …ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऐसे ही …येस्स्स्स्स उम्म्म्म्म्म्म्म अंदर तक डालो, फाड़ डालो मेरी चूत को …… अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह समीईईर अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ”
अपनी बीबी को किसी रंडी कि तरह बर्ताव करता हुआ देखकर समीर पर जैसे कोई भूत चढ़ गया, वो अपने लंड को पूरा बाहर निकालकर फिर से अंदर डालने लगा और हर बार पूरा लंड अंदर बाहर महसूस करके रश्मि को भी बहुत मजा आ रहा था.
अचानक उसने अपने पुरे लंड को बाहर ही निकाल लिया , रश्मि पर भी अब तक दूसरे ओर्गास्म का नशा चढ़ने लगा था , वो अपनी गांड पीछे करती हुई उसके लंड के लिए तड़प उठी और बोली : “डालो न, जल्दी से अपना मोटा लंड, मेरी चूत में उम्म्म्म्म्म्मा ”
पर समीर के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था.
उसने अपने लिसलिसाते हुए लंड को उसकी गांड के छेद पर रखा और अंदर धकेलने लगा..
रश्मि के पूरे शरीर के रोंगटे खड़े हो गए, वो कसमसाई और धीरे से बोली : “नहीईईईइ …… वहाँ नहीं ….”
ये शायद पहली बार था जब उसने समीर को किसी काम के लिए मना किया था, और बॉस को ये बात पसंद नहीं आयी, उसने उसके मुंह पर हाथ रखा और उसकी बोलती बंद कि और एक जोरदार झटके से अपने लंड को और अंदर धकेल दिया
रश्मि के मुम्मे पेड़ के तने से रगड़ खाते हुए ऊपर कि तरफ उछल गए.

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