सौतेला बाप – Update 11 | Incest Sex Story

सौतेला बाप - Incest Sex Story
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Update 11

उसके स्तन भले ही छोटे थे पर गांड का भराव बिलकुल सही हुआ था, चिकने और भरवां चूतड़ देखकर श्वेता अपने आप को रोक नहीं पायी और उन्हें मसल-मसलकर मजे लेने लगी
उसकी कुंवारी चूत पर हलके फुल्के बाल थे , जिन्हे देखकर श्वेता बोली : “कावी डार्लिंग, मैंने तुझे एक बार पहले भी समझाया था न कि इसे हमेशा साफ़ रखा कर”..
उसकी बात का काव्या ने कोई जवाब नहीं दिया, क्योंकि इस वक़्त उसकी चूत में जो आग लगी हुई थी वो उसके बारे में ही सोच रही थी..
श्वेता ने अपनी चूत से निकली ऊँगली को उसकी चूत पर फेराया , जिसे महसूस करते ही काव्या अपने पंजो पर खड़ी होकर सुलग उठी और एक हलकी सी चीख उसके मुंह से भी निकल आयी..
”आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उम्म्म्म्म्म्म्म्म ”..
श्वेता के चेहरे पर मुस्कान तैर गयी..
और अगले ही पल बिना किसी वार्निंग के श्वेता ने वही ऊँगली उसकी चूत के अंदर घुसेड़ दी .
काव्या ने अपनी आँखों को फैलाते हुए, अपने मुंह को गोल करते हुए, एक हुंकार भरी और अपने दोनों हाथों से श्वेता के हाथ को थाम लिया और अपने पंजो पर खड़ी होकर गहरी-२ साँसे लेने लगी.
उसने आज तक इतनी अंदर तक अपनी ऊँगली भी नहीं धकेली थी, डर के मारे कि कहीं उसकी सील न टूट जाए, और आज श्वेता ने कितनी बेदर्दी से उसकी चूत के अंदर अपनी ऊँगली डाल दी है, कहीं कुछ हो न जाए..
ऐसा सोचते हुए उसने धीरे-२ उसके हाथ को बाहर कि तरफ खींचा, और उसकी ऊँगली को गोर से देखने लगी.
श्वेता समझ गयी कि उसके मन में क्या चल रहा है.
वो बोली : “अरी पागल, इतनी सी ऊँगली डालने से कुछ नहीं होता, उस झिल्ली को तोड़ने के लिए लंड चाहिए लंड …… समझी ”.
काव्या ने धीरे से सर हिलाया और उसकी ऊँगली को फिर से अपनी चूत के मुहाने पर रखकर खुद ही अंदर धकेल दिया , और इस बार जब वो ऊँगली रगड़ खाती हुई अंदर तक गयी तो उसका रोम रोम पुलकित हो उठा , ऐसी फीलिंग उसे आज तक नहीं हुई थी, परम आनंद , जिसे शब्दो में बयां नहीं किया जा सकता.
उसकी चूत के अंदर ऊँगली डालने के बाद श्वेता ने दूसरे हाथ कि ऊँगली अपने अंदर डाल ली और एक ही लय में दोनों हाथ हिलाने लगी.
श्वेता : “ऐसे सिर्फ आँखे बंद करने से कुछ नहीं होगा, तू किसी के बारे में सोच, ऐसे किसी लड़के के बारे में, किसी हीरो के बारे में जिसके लंड को तू इस समय अपने अंदर महसूस करना चाहती है, और मेरी ऊँगली को वही लंड समझकर मजे ले बस ”.
बंद आँखों के पीछे काव्या ने काफी कोशिश कि पर ऐसा कोई भी इंसान उसकी सोच में नहीं आया जिसके बारे में सोचकर वो इस पल का मजा ले सके , उसने तो आजतक किसी के बारे में ऐसा नहीं सोचा था और ना ही किसी के लंड कि तरफ कभी देखा था, पर आज तो उसने अपने समीर पापा का लंड देख लिया, पहली बार लंड देखा और वो भी अपने बाप का , और उनके लंड के बारे में सोचते ही काव्या के शरीर में एक अजीब सी ऐठन आने लगी और वो श्वेता कि ऊँगली को समीर पापा का लंड समझ कर उसके ऊपर लहराने लगी..
और मजे कि बात ये थी कि श्वेता भी समीर के लंड के बारे में ही सोचते हुए मास्टरबेट कर रही थी.
और साथ वाले कमरे में रश्मि समीर का लंड सच में लेकर मजे कर रही थी.

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