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Update 101

इन बातों को नज़रंदाज़ करते हुए उसने अपनी जीभ से रोज़ी के गांड के छेद की आयलिंग करनी स्टार्ट रखी. धीरे-2 रोज़ी को भी एक अजीब सी जलतरंग महसूस होने लगी थी अपनी गांड के अंदर.
रश्मि के हाथ से एक खड़ा हुआ लंड निकल गया था. वो उठी और बेड के दूसरी तरफ चल दी, जहाँ विक्की लेटा हुआ था और उसके लंड को रोज़ी घोड़ी बन कर चूस रही थी. वो उसकी तरफ आई और 69 की पोज़िशन में उसके उपर लेट गयी. और ऐसा करते ही उसका चेहरा भी रोज़ी के करीब आ पहुँचा जो विक्की के लंड को चूस रही थी… दोनो ने आँखो-2 में इशारा किया और मुस्कुरा दी… और फिर दोनो मिल कर विक्की के लंड पर जीभ चलाने लगी.
पूरे कमरे में सड़प-2 की आवाज़ें गूँज रही थी – विक्की के मुँह की आवाज जो रश्मि की रसीली चूत को चूस रहा था, रश्मि और रोज़ी के मुँह की आवाज जो उसके ओज़ार को अपनी लार और जीभ से नहला रही थी, समीर के मुँह की आवाज जो रोज़ी की संकरी गांड को अपनी गीली जीभ से भिगो कर अपने लंड के लिए तैयार कर रहा था … और साथ में गूँज रही काव्या और लोकेश की सिसकारियाँ.
लोकेश तो एक नई-नई जवान हुई हसीना को चोद कर फूला नही समा रहा था … एक ऐसी कच्ची कली, जो अभी कुछ दिन पहले ही चुदना सीखी हो, उसकी चूत का मज़ा अलग ही है. वो उसके उभरे नितम्बों को हाथों में भर कर, उसके मम्मों को चूसता हुआ, नीचे से दनादन धक्के मार रहा था, ”आआआआह … ऊऊऊऊह … इस्स्स्स्स … आह काव्या, … कितनी टाइट है … उम्म्म्म … बहुत मज़ेदार है तेरी चूत!”
लोकेश के करारे धक्को से काव्या का नन्हा जिस्म बुरी तरह से हिचकोले खा रहा था … पर एक बात उसने नोट की थी … भले ही इन बड़े लोगो में जवान लंड जैसा जोश नही होता पर असली मज़ा यही देते हैं … इनका धक्के मारने का स्टाइल … इनका चूमने और चूसने का तरीका जवान लड़को से अलग ही होता है … आख़िर इतनी चूतें रगड़ने का एक्सपीरियन्स भी तो होता है इन के पास.
समीर अब उठ खड़ा हुआ. उसने अपने लंड पर ढेर सा थूक लगा कर उसे रोज़ी की गांड पर टिका दिया … दर्द की कल्पना करते हुए रोज़ी ने विक्की के लंड को चूसना छोड़ दिया और वो समीर के धक्के की प्रतीक्षा करने लगी … और वो धक्का आया भी … तजुर्बेकार समीर ने अपनी पूरी ताकत लगा कर धक्का नही मारा. वो अपने लंड को उसकी गांड में इत्मीनान से एक-एक इंच अन्दर खिसका रहा था … गांड मारने का सही तरीका यही है, ये वो अच्छी तरह से जानता था … और लंड घुसाते हुए वो सामने लगे शीशे में रोज़ी के चेहरे के एक्शप्रेशन देख रहा था. उसका मुँह खुला का खुला रह गया … ऐसा लग रहा था जैसे पीछे से उसके जिस्म में कोई मूसल दाखिल हो रहा है. दर्द और मज़े का मिला जुला मिश्रण था उसके चेहरे पर, लेकिन मुँह से कोई आवाज़ नही निकल रही थी. पूरे दो मिनट की मेहनत के बाद समीर की जांघें रोजी के चूतादों से टकरायीं … और तब जा कर उसके मुँह से सिसकारी फूटी, ”आआआआह … समीर सर … ऊऊऊऊऊऊह … उम्म्म्म … येस्स्स्स … मज़ा आ गया सच में … आप सही कहते थे … यहां का मज़ा अलग ही है … आssssह!”
रश्मि की चूत भी अब कुलबुलाने लगी थी. वो पलट कर एक बार फिर से विक्की के लंड पर सवार हो गयी. उसकी चूत तो विक्की के लंड को पहचानती थी, इसलिए बिना किसी इंट्रोडक्षन के उसके लंड को निगल गयी … और रश्मि उसके लंड पर कूदने लगी … ठीक वैसे ही जैसे काव्या कूद रही थी लोकेश के लंड पर.
समीर भी अब अपनी लय में आ चुका था … पहले हलके-हलके और फिर ज़ोरदार धक्कों से वो रोज़ी की गांड मार रहा था.
कमरे में एक साथ तीन जोड़ों के बीच घमासान चल रहा था. मर्दों के मुँह से तो ज़्यादा आवाजें नहीं निकल रही थीं पर लड़कियों ने पूरे कमरे को सर पर उठा रखा था … तीनो में जैसे कम्पीटीशन चल रहा था की कौन धक्के खाते हुए ज्यादा चीखती है.
काव्या: “आआआआआआह येस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स अंकल … और ज़ोर से … आssssssह … कमाल का चोदते हो आप, अंकल … बिल्कुल पापा की तरह … उन्होने भी ऐसे ही चोदा था मुझे … आह … सच में … कमाल का लंड है आपका … और पापा का भी!”
रोज़ी ने भी उसकी हाँ में हाँ मिलाई : “येस्स काव्या … सही कहा … सर का लंड सच में जबरदस्त है … आई केन फील इट … इन माई बेली! आआआआह! बड़ा जबरदस्त चोदते है ये दोनो … आह!”
रश्मि: “इन दोनो के साथ-2 विक्की भी जबरदस्त है … उम्म्म्म … क्या लंड है इसका … सुबह से इतनी मेहनत कर चुका है … फिर भी डटा हुआ है! आह … कितना मज़ा दे रहा है … मन करता है सुबह शाम चुदवाउ इस से … आह … चोद साले … ज़ोर से मार … और जोर से … हाँ … ऐसे … आआआआआआआह!”
और इतना कहते-2 वो झड़ने लगी … और फिर झड़ती ही चली गयी … काव्या और रोज़ी ने भी देर नही की … उनका भी काम हो गया था … और फिर तीनो गहरी साँसे लेने लगी.
अब तीनो मर्दों ने एक दूसरे को देखा और आँखो ही आँखो मे इशारा करके सबने अपने लंड एक साथ बाहर निकाल लिए. वे खड़े हो गये और उन्होंने तीनो को अपने सामने बिठा लिया. तीनों अपने-2 लंड को मुठियाने लगे … वे तीनो समझ गयी की अब उनके उपर लंड-रस की बारिश होने वाली है … और फिर बारिश शुरू हो गयी … पहले लोकेश के लंड से … उसके माल की धार सीधे काव्या के चेहरे पर गिरी … उसकी आँखो पर … बालों पर … और बाकी की 2-4 पिचकारियाँ उसने रोज़ी और रश्मि की तरफ मारीं.
समीर ने भी ऐसे ही किया … पहले अपनी सेक्रेटरी को भिगोया और फिर अपनी बेटी और बीबी को.
विक्की सबसे आख़िर मे झड़ा … और रश्मि के चेहरे को पोतने के बाद उसने काव्या और रोज़ी को अपने गर्म माल से सज़ा दिया.
उसके बाद सभी बेड पर गिर कर सुसताने लगे.
चुदाई का ऐसा नंगा नाच आज से पहले किसी ने नही देखा था … और अब यह चलते ही जाना था … और चला भी.
पूरी रात सब मर्द पार्टनर्स को बदल-बदल कर चोदते रहे. पता नही कहाँ से इतनी ताकत आ रही थी सब मे. पर आज की रात को वो यादगार बना देना चाहते थे. लड़कियाँ भी मज़ा लूटने में पीछे नहीं रहीं.
और उस दिन के बाद ऐसा अक्सर होने लगा. जिसका जिसे चोदने का मन करता वो उसे चोद लेता. लड़कियाँ भी जिस से चुदवाना चाहतीं, उससे चुदवा लेती.
इस तरह काव्या, रश्मि और समीर की जिंदगियां खुशगवार हो गईं.

समाप्त

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