ऐसी बाते जान कर किसी के भी लंड ऑर चूत मे एक बिजली की लहर दौड़ जाएगी…. वो फूले नही समाएगा……
वैसे ही मनीषा का हाल था….
उसको शक तो हो गया था जब उसने फ़ोन पे लंड की पिक्स देखी तो…
अगर अशोक ने लंड की पिक्स ना रखी होती तो मनीषा अपनी रियल प्रोफाइल से कभी भी रिप्लाइ नही करती….
उसका लंड मनीषा को जाना पहचाना लग रहा था…. इसलिए उसने मेसेज का रिप्लाइ किया… ऑर एक पॉइंट पे कॉन्वर्सेशन को रोक दिया ताकि कन्फर्म हो जाए कि ये अशोक है या कोई ऑर… अगर कोई ऑर होता तो उसको कहती कि मुझे लंड की ज़रूरत नही है मेरे घर मे है मेरे पति का…… ऑर अगर अशोक ही है… फिर तो अब कॉन्वर्सेशन को हॉट बनाना पड़ेगा मनीषा को…..
अब तो मनीषा उस रात की चुदाई के बारे मे सोच रही थी कि केसे अंजाने मे ये दोनो भाई बेहन एकदुसरे से चुदाई की बातें कर रहे थे…..
मनीषा अपने आप से कहती है कि काश मुझे पहले पता होता कि ये मेरा भाई था तो उस सेक्स चॅट मे ऑर भी मज़ा आ जाता….
जिसे मे अंजान लंड समझ रही थी वो लंड तो मेरे अपने भाई का था……
अगर पता होता तो उसके लंड को मे प्यार से सहलाती ऑर उसको अपने हाथो मे पकड़ के पहले अपनी चूत की गीली पलको से लंड के सुपाडे को रगड़ के लंड के सुपाडे को गीला ऑर चिकना बनाती ऑर फिर अपनी चूत की पलकों को फेला कर लंड बड़े प्यार से अपनी चूत मे लेती…. जब वो मुझे शॉट मारता तो मे भी अपनी चूत उछाल कर उसके लंड पे मारती ऑर उसकी हिप को अपने हाथो से पकड़ के अपनी तरफ दबाती ऑर पूरा लंड अपनी चूत मे ले लेती…..
आआआआआआहह…………..
मनीषा अब मूड मे आ चुकी थी… उसने मोबाइल उठाया ऑर रिप्लाइ किया…..
मनीषा- केसे चुद जाऊ… वो लंड मेरे भाई का है….
मनीषा चाइ बना कर अशोक को जगा कर उसे चाइ देती है ऑर खुद चली जाती है अपने रूम मे….. ऑर वेट करने लगती है अशोक के मेसेज का…..
अशोक फिर मेसेज का रिप्लाइ करता है….
( फ्रॉम नाउ ऑन आइ स्पेल आ आंड म…. आ फॉर अशोक म फॉर मनीषा )
अशोक- लंड ऑर चूत रिश्ते नही मानते हम इंसान रिश्ते को मानते है…..
म- चुप रे चुप… बंद कर ये तेरा इन्सेस्ट स्टोरी का घिसा पिटा डाइलॉग….. अगर लंड ऑर चूत रिश्ते को नही मानते थे तो लंड इतना तंन के खड़ा नही होता था जितना वो अपनी बेहन की चूत के लिए तंन ता है…..
मेरी भी चूत इतनी गीली नही होती थी जितनी वो भाई के लंड के लिए होती है…… तेरे को क्या मालूम… जो कशिश भाई के लंड मे होती है वो कशिश किसी ऑर के लंड मे नही मिलेगी मेरी चूत को…..
चल छोड़ ये बता तेरी बेहन वहाँ है कि नही….?
आ- हाँ है ना मेरी बेहन…
म- तेरा लंड लेने के लायक है कि नही….?
आ- अरे वो तो 17की एज मे ही लंड लेने के लायक हो गयी थी अब तो वो 18 की है….
म- यानी मेरी एज की है…? खेर कभी अपनी बेहन की चूत की प्यास को अपने लंड के पानी से बुझाने का सोचा है….?
आ- सोचा तो बोहोत था पर….. एनीवे तू अपना बता… तेरी सुनता हूँ फिर मे अपनी बताउन्गा…..
म- तू सुन के क्या करेगा…?
आ- अरे यार हम एकदुसरे को हेल्प करेगे ना अपनी अपने भाई बेहन पटाने की….
म- ऊहह…. ठीक है……
आ- तूने कुछ देर पहले बोला था कि तूने अपनी चूत चटवाई उससे…. इतना कुछ हो गया पर अबतक तेरी चूत को लंड क्यूँ नही मिला…?
म- हम लोग अंजान बनने का नाटक कर के वो मेरे मुँह मे लंड दे देता है या फिर मे उससे चूत चटवा लेती हूँ…..
आ- तो फिर उसका लंड पकड़ के अपनी चूत मे क्यू नही ले लेती…?
म- यार मन तो बोहोत करता है…. मेरे भाई के लंड को अपने हाथ मे लूँ उसे सहलाऊ ऑर उसे चुमू….. उसके लंड के सुपाडे को अपने होंठो पे रगडू…. पर नही कर सकती….
आ- क्यूँ….?
म- मेरा ऑर मेरे भाई का ऐसा मान ना (वी बिलीव ) है कि अगर शर्मो हया छोड़ कर हम लोगो ने रिश्ता तोड़ कर चुदाई करने लगे तो कुछ वक्त बाद मेरी चूत उसके लिए सिर्फ़ एक आम चूत बॅन जाएगी ऑर उसका लंड भी मेरे लिए आम लंड बॅन जाएगा….. आज जितना तड़प रही है मेरी चूत उसके लंड को लेने के लिए फिर शायद इतना नही तड़पेगी…….
म- उपेर से भोली भाली बेहन बनने का नाटक कर के नीचे से भाई का लंड लेना है….. एक बार नही बार बार भैया के लंड को अपनी चूत की गहराइयो (डीप) तक लेना है…. भैया की आखो मे देखते हुवे बोली बेहन बन कर नीचे से भैया का मोटा लंड अपनी चूत मे घुसाए रखना है…..जब मे उनके साथ चिपक के खड़ी रहूं ऑर वो जब मेरे भोले चेहरे को देखे तो भैया को ऐसा लगना ही नही चाहिए कि उसकी उपेर से भोली भाली बेहन नीचे से अपने भाई का लंड ले रही है…….
आ- तेरी बात मे दम है यार…. साला लंड खड़ा हो गया…. लेकिन तू ऐसा करेगी केसे….?
म- तू बताना कि भाई का लौडा केसे लूँ…..
आ- तेरी सिचुयेशन बोहोत ही कॉंप्लिकेटेड है…. ये तो मोके पे चोका मारने वाली बात है… अगर मोका हाथ से गया तो फिर पता नही दुबारा कब मिलेगा तुझे तेरे भाई का लंड…..
म- उसमे भी एक परेशानी है…. मेरा भाई चाहता है कि मे उसके साथ खुल के चुदाई करू….
आ- हाँ यार उसकी भी बात सही है…. अगर चुदाई का पूरा मज़ा ना मिले तो फिर फ़ायदा क्या है….. अगर वो चाहे कि तू उसके उपेर चढ़ के उसके लंड को पकड़ के अपनी चूत मे डाल कर अपने भैया के लंड की राइडिंग करो तो वो फिर केसा होगा…..?
म- अब यार उसने लोलिगम का आइडिया निकाला था ना मुझसे लंड चुसवाने का….? भैया अपने लंड की राइडिंग का भी कोई आइडिया निकाल लेगा….
आ- अरे हाँ… पहले तूने कभी लंड चूसा था….?
म- नही पर पॉर्न मूवी मे देखा है
आ- हो गया सत्या नाश…. लंड मुँह मे लेने का मतलब लंड सिर्फ़ मुँह मे लेकर छोड़ नही देते लंड को अपनी जीब से सहलाना भी पड़ता है ऑर अपने दाटो से भी चबाना पड़ता है…. वरना तेरे भाई को मज़ा नही आएगा…..अगली बार जब भैया का लंड लोगि तो उसे लंड की तरह ही चूसना लॉलिपोप की तरह नही……
म- मुझे याद नही है कि मेने भैया के लंड को केसे चूसा था…. मे तो बस लंड मिलने की वजह से बोहोत खुश थी ऑर चूसे जा रही थी ऑर उसका पानी भी निकाला था अपने मुँह मे….. पहली बार मेने लंड ऑर उसके पानी का स्वाद लिया था वो भी अपने भाई से…. चलो कोई बात नही आगे से ध्यान रखुगी…. अभी अच्छे से मुँह मे लुगी भैया के लंड को……
आ- अच्छा एक बात बता तेरे भाई ने ऐसा क्या आइडिया लगाया था कि तू उसका लंड देखने के बाद भी उसे लॉलिपोप समझ रही थी….?
म- उस वक्त लाइट बंद हो गयी थी ऑर मे कॅंडल जलाती उससे पहले ही भैया ने पूछ लिया लौडा चुसोगी…. आइ मीन लॉलिपोप….. मे समझ गयी थी कि आज भैया का लंड चूसने मिलेगा…. मेने भी कॅंडल नही जलाई ऑर सोफा पे मुँह खोल के भैया का लंड का मूभ मे आने का वेट करने लग गयी……
आ- ओह्ह…. ऑर तूने क्या आइडिया लगाया था अपनी चूत चटवाने का अपने भैया से….?
अब मनीषा को मोका मिला था अपने भाई को उसकी दिल की बात बताने का…..
म- मेने परदा उतारने का बहाना कर के स्टूल पे चढ़ गयी थी ऑर भैया स्टूल पकड़े खड़े थे….. भाई ने चूत चाट कर मज़ा तो दिया…. ऑर भी मज़ा आता था अगर मेरा भाई मेरी चूत को फैला कर मेरे दाने को बाहर निकाल के उसपे अपनी जीब घुमाई होती तो ऑर मज़ा आता…..
साला बातों बातों मे पता ही नही चला कब टाइम निकल गया
चल यार राज बाइ बाद मे बात करती हूँ मुझे रात का खाना बनाने की भी तैयारी करनी है…..
ओर फिर दोनो ऑफलाइन हो जाते है…..
ऑर फिर मनीषा घर का काम करने लग जाती है……..
खाना पीना हो जाने के बाद दोनो भाई बेहन हॉल मे बैठे थे ऑर दोनो अपने अपने मोबाइल मे लगे पड़े थे…. ऑर साथ ही साथ टीवी भी देख रहे थे….. उन्होने लाइट ऑफ कर दी थी ऑर ज़ीरो वॉट का बल्ब चालू कर के रखा था…
अशोक को राज की प्रोफाइल मे ऑनलाइन देख के मनीषा उसे मेसेज करती है…..
म- लगता है आज मेरा फेवोवरिट शो नही चलेगा…. :-(
आ- कॉन्सा…..?
म- ब.ब.एल.डी.
आ- ये साला कॉन्सा शो है….? पहली बार नाम सुना है..
म- बहना ने भैया के लंड आ दर्शन पयो……
आ- हाहाहा….. तेरा भाई तुझे लंड दिखाता है क्या…?
म- दिखता क्या… मेरे सामने लंड को मसल कर ऑर टाइट कर के मेरी चूत की आग को बढ़ा देता है…..
आ- कर क्या रहा है तेरा भाई….?
म- मोबाइल मे कुछ कर रहा है… लगता है मूड बना रहा है बाद मे लंड के दर्शन करवाएगा…..
आ- तू अपनी चूत दिखाएगी तभी तो तेरे भाई का लंड खड़ा होगा….
म- उसने तो देखी है….
आ- तो फिर मुझे भी दिखाना…?
म- ये लो…
आ- एम्म्म….. नाइस तुम्हारी चूत तो भाई के लंड के लिए तरस रही है… बिचारी को तुम्हारे भाई का लंड खिलाओ….
ऑर फिर मनीषा की चूत मे खुजली उठती है…. वो जानती थी कि अशोक ही राज है ऑर उसने अभी अभी अपनी चूत की पिक्स सोफा पे बैठ के निकाल के उसको सेंड की थी… वो लंड लेने की तमन्ना जाहिर करने लगी अशोक से ऑर कहती है……
मनीषा- भैया अभी मेने दिव्या को अपनी पिक्स दिखाई वो बोल रही है कि तुम सुख गयी हो तुम्हारे भाई अशोक को बोलो केला खिलाने को…..
अशोक का भी मन मचल गया क्यू कि वो जानता था कि उसने दिव्या को नही उसको अपनी चूत की पिक्स भेजी है… ऑर अशोक ने जब उसकी चूत के उपेर कॉमेंट्स किए तो उसको मस्ती सूझी इसलिए वो मुझसे इनडाइरेक्ट्ली लंड माँग रही है……
अशोक भी उसका इशारा समझ कर अपने लंड को मसल्ते हुए कहता है….
अशोक- अरे दीदी जब बोलो तब तुम्हारी फुद्दि ( चूत इन पंजाबी ) मे डाल दूँगा लन ( लंड इन पंजाबी )
अशोक को पता था कि वो इन वर्ड्स का मतलब समझ गयी होगी कि फुद्दि ऑर लन क्या है….
जिस तरह उसकी बेहन उससे उसका लंड माँग रही थी अपनी प्यासी चूत के लिए उसी तरह अशोक भी उससे जता रहा था कि उसके भाई का लंड तैयार है तू बस चूत को फैला के लंड माँग……
मनीषा बोली बनती हुई अपने भाई से पूछती है….
म- भैया ये फुद्दि ऑर लन क्या है….?
आ- फुद्दि मतलब मुँह आइ मीन माउत…. ऑर लन मतलब केला…..
म- ऊहह….. तो फिर भैया कब दे रहे हो मेरी फुद्दि मे लन….? ( अपने पैरो को फैला के उसकी फटी हुई सलवार मे से उसकी चूत दिखाते हुए ) देखो ना भैया कितनी भूखी है मेरी फुद्दि….
जब अशोक उसकी तरफ देखता है तो वो अपना मुँह दिखाने लगती है पर अशोक का ध्यान तो उसकी चूत पे था…..
मनीषा भी अपने मन मे कहती है
म- हाँ भैया एकदम सही जगा देख रहे हो यही भूखी है….
अशोक अपनी बेहन की चूत को देखते हुए…..
आ- तेरी फुद्दि तो लार टपका रही है लन का नाम सुनके….
म- अरे भैया अब क्या बताऊ मेरी फुद्दि मे तो पानी आ गया लन खाने के नाम से पूरी गीली हो चुकी है……
दोनो भाई बेहन सेक्सी सेक्सी बाते कर के एकदुसरे की चोदने की इच्छा बढ़ा रहे थे… वो लोग इतने खो गये थे अपनी अपनी इच्छा जाहिर करने मे कि शरमाना भी छोड़ छाड़ के बस वहाँ का महॉल को हॉट बनाने लग गये थे….. उन लोगो को तो बस एकदुसरे की लंड ऑर चूत को हॉट बाते कर के गरम करना था….
जिस तरह मनीषा अपने पैरो को फेला कर अपने भैया से लंड माँग रही थी ऑर अपने भाई से उसकी चूत की तड़प उसे बता रही थी तो अशोक से भी रहा नही गया…. ऑर उसने कहा…
आ- पता है मलयालम मे क्या बोलते है मुँह ऑर केले को….?
म- नही….
आ- मुँह को चूत ऑर केले को लंड बोलते है….
मनीषा भोली बनते हुए…
म- ये लंड ऑर चूत नाम सुना सुना सा लग रहा है….. ये तो हिन्दी वर्ड है शायद….
आ- पता नही शायद होगा… पर मलयालम मे केले को लंड बोलते है…..
मनीषा भी मोहोल को गरम बनाने के लिए वो ऑर सेक्सी बाते करने लगी ऑर अपने भाई को उकसाने लगी……
म- ओहफ़ो भैया बस भी करो….. कब्से लंड लंड कर रहे हो साला मेरी…….. वो क्या कहते है मलयालम मे….?
अरे हाँ याद आया (चूत)…. कब्से लंड लंड कर रहे हो मेरी चूत लंड का नाम सुन सुन कर पानी छोड़ने लगी है…. एक बार लंड डाल दो ना मेरी चूत मे….
दोनो भाई बेहन के लंड ऑर चूत इतने तड़प उठे थे कि वो खुल कर लंड ऑर चूत की बाते करने लगे…..
ऐसा नही था कि वो लोग को इन लंड ऑर चूत का मतलब नही पता था…. वो दोनो अच्छे से जानते थे….
भूख के मारे जेसे मुँह मे पानी आता है वो उसको हटा कर अपनी चूत की प्यास को खुल के बता रही थी…. उसका भाई भी समझ रहा था कि आंजान बन के उसकी बेहन उसकी चूत की ही भूख की बात कर रही है…..
अशोक भी आंजान बन कर उस मोहोल का फ़ायदा उठाते हुए कहता है…..
आ- अरे दीदी तुम्हे मे मेरा लंड खिलाउन्गा ना तब जा के तुम्हारी चूत की भूख मिटेगी….
म- तेरा लंड…? तूने लंड उगाया है क्या…?
आ- ऐसा ही कुछ समझ लो…. :-) मेरा लंड मोटा ऑर तगड़ा भी है….
म- फिर तो भैया तुम्हारा लंड एक ही बार मे पूरा चूत मे ले लुगी…. जबतक मेरी चूत तुम्हारे लंड का पूरा स्वाद नही ले लेती तबतक मे तुम्हारे लंड को अपनी चूत मे से नही निकालुगी………
आ- उसके बाद क्या उगल दोगि….?
म- अरे भैया… मेरा बस चले तो मे तुम्हारा लंड अपनी चूत से ही ना निकालु……तुमने इतने प्यार से लंड को उगाया है भला उसे मे केसे उगल दुगी….? मे तो तुम्हारे लंड को अपनी चूत मे डाल कर लंड को अपनी चूत मे रगड़ रगड़ के पूरा स्वाद लुगी… ऑर फिर उसे फ्रीज़ मे रख दुगी ताकि तुम्हारे लंड को अपनी चूत मे लेके रोज थोड़ा थोड़ा स्वाद ले सकूँ…..
आ- ओह तो तुम मेरा लंड अपनी चूत मे लोगि ऑर उसको खाओगी नही रगड़ के उसका रस निकाल कर पी जाओगी…..
म- एकदम सही कहा………
अब अशोक ऑर मनीषा के पास कुछ बचा नही था बात करने के लिए……. वो दोनो चुप हो गये ऑर फिर कुछ सेकेंड्स बाद मनीषा ने राज आइ मीन अशोक को मेसेज किया…..
म- सॉरी यार भाई से बात कर रही थी इसलिए तुझे रिप्लाइ नही कर पाई…..
आ- इट्स ओके… क्या बोल रहा था तेरा भाई…?
म- यू वन’ट बिलीव इट… अभी अभी मेने अपने भाई को अपने दिल की बात कही……
आ- क्या कहा…?
म- मेने भैया से कहा… भैया अपना लंड डालो ना मेरी चूत मे….
( अशोक को याद आता है कि उसकी बेहन ने पहले मेसेज मे कहा था कि वो अपने भाई का लंड देखना चाहती है… तो अशोक अपना लंड बाहर निकाल के अपने हाथ मे पकड़ के सहलाता है… ज़ीरो बल्ब की रोशनी मे भी उसका लंड चमक रहा था )
आ- साची….? कंग्रॅजुलेशन्स यार फाइनली तुझे तेरे भाई का लंड मिल गया….. लेकिन यार बोहोत जल्दी चुद गयी तू अपने भाई से…. घर मे कोई है क्या…?
म- नही घर मे कोई भी नही है ऑर मे चुदि भी नही हूँ…. अभी भी मेरी चूत वेट कर रही है भैया के लंड के लिए…..
आ- कुछ समझ नही आ रहा यार..?? तूने अपने भैया को बोला अपनी चूत मे लंड डालने के लिए ऑर तेरे घर मे कोई है भी नही फिर भी वो तुझे नही चोद रहा….. किसका वेट कर रहा है तेरा भाई…?
म- आक्च्युयली उसने मुझे कुछ देर पहले कहा था कि मलयालम मे मुँह को चूत बोलते है ऑर केले को लंड…. तो मेने भी कह दिया कि भैया तो फिर डाल दो ना लंड मेरी चूत मे….. :-)
आ- हाहाहा…. ट्रिक तो अच्छी है पर प्रॅक्टिकली तो ये मुमकिन नही है ना… वो सच मे तेरी चूत मे अपना लंड तो नही डालेगा ना….?
म- लेकिन अपने भैया से मेरी चूत के लिए उसका लंड माँगते हुए जो मज़ा आ रहा था वो उंगली करने मे भी नही आता…. उसको भी मूठ मारने से ज़्यादा मज़ा आया होगा जब उसने अपनी बेहन के मुँह से सुना था कि भैया अपना लंड मेरी चूत मे डालो ना….
आ- ऊहह ऐसा क्या…? फिर तो तेरी चूत को एक लंड की ज़रूरत होगी….? चाहो तो मेरा लंड ले सकती हो…. :-)
म- अबे तेरी चुदाई की वजह से ही तो हम दोनो भाई बेहन एकदुसरे से चुदाई करना चाहते है वरना ये कभी मुमकिन नही होता था……
आ- वो केसे….?
म- कुछ दिन पहले मेने अपनी फेक प्रोफाइल निशा हॉर्नी से तुझसे सेक्स चॅट किया था… नेक्स्ट डे सुबह को मे कपड़े सूखा रही थी बाल्कनी मे तब मेरे भाई ने मुझे पीछे से पकड़ लिया ऑर अपना मोटा लंड मेरी गान्ड मे धँसा दिया था…. अगर उस रात तूने मुझे चोदा नही होता तो दूसरे दिन मे हमारी चुदाई की बाते याद नही करती ऑर नही मेरा मन लंड के लिए तरसता ऑर ना मे अपने भाई का लंड इतनी देर तक अपनी गान्ड मे धसे रहने देती….

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.