लुका छुपी
Update 18
तभी देखता है उसकी मां गिरिजा आमने सामने कुर्सी पर बैठ कर अपने मोबाइल ने कुछ देख रही थी।
जी हां , गिरिजा के पास मल्टीमीडिया एनराइड हैंडसेट था और वह व्हाट्स ऐप वगैरा सब यूज करती थी और उसकी फेसबुक अकाउंट सोनू ने ही बना कर दिया था को कुछ कुछ अपडेट्स देखते रहेगी , इस तरह गिरिजा सिर्फ फेसबुक पर आए हुए वीडियो वगैरह ही देखा करती थी और ज्यादातर उसके फीड पर भक्ति और सात्विक चिज़े ही दिखती थी। इसलिए वो टाइम पास के लिए मोबाइल में अक्सर कुछ न कुछ देखती रही थी।
मित्रो कोरोना काल के पश्चात अधिकांश लोग मोबाइल अडिक्टेड हो चुके हैं इसमें कोई दो राय नहीं है, क्या शहर क्या गांव सभी लोगों का मनोरंजन का साधन मोबाइल ही रह गया है।
सहसा सोनू के दिमाग में एक खुराफात जगा और वह शाम को बाजार से एक सिम कार्ड लाया और अपने ड्यूल सिम में इसे लगाया , अपने नए नंबर की वजह की जानकारी इसने किसी को नहीं दी । और उस नंबर से व्हाट्स app बनाया।
और कुछ खुराफात सोचने लगा , उसका मकसद यह था की कैसे उसके शख्त, गुस्सैल, सहनशील पुजारी मां के मन में वासना का कीड़ा डाला जाए , क्योंकि वह कहानियों और पोर्न देख कर यह तो समझ चुका था की वासना सबको सताती है और अगर गंदी गंदी चीज़ों का दर्शन व्यक्ति के हवस को खूब हवा देती है। इसलिए उसने एक साजिश करने की ठानी ताकि उसे कुछ मजा मिल सके ।
और करीब रात के 10 बज रहे थे और सोनू को पता न क्यों आज कुछ ज्यादा बचैनी हो रही थी , तभी उसे ने एक मैसेज गिरिजा के व्हाट्स app पर कर दिया जिसमे बस “HI” लिख के छोड़ दिया था ।
गिरिजा का मोबाइल से काफी लगाव बन चुका था क्योंकि वही एक सहारा था जिससे वह किसी सहेली, रिश्तेदारों से बात कर अपने दिल को हल्का करती अन्यथा मनोरंजन की दृष्टि से तो वही एक तन्हाई का साथी था , जिसमे वो कई तरह के धार्मिक धारावाहिक के एपिसोड भी देखा करती थी। कभी कभार गलती से कुछ अश्लील फोटो या pop up आ जाता था तो उसी को देख के सांसे ऊपर नीचे करने लग जाती थी ।
जाने अनजाने में मोबाइल में ही कुछ न कुछ ढूंढती रहती थी और जैसे आजकल के लड़के लड़कियों के रील वगैरा देखा करती थी।
उसने अपना मोबाइल के व्हाट्स aap खोला तो उसमे देखा किसी unknown नंबर से HI मैसेज आया है। उसने read कर वैसे ही छोड़ दिया ।
इधर सोनू को ब्लू टिक दिखा और फिर उसने धड़ाक से हिंदी देवनागरी लिपि में लिखा है।
हेलो सुंदरी !!
इस पर गिरिजा ने उस नंबर पर फोन कर दिया सोनू ने उठाया और आवाज बदल कर फुसफुसा कर खुद की ही मम्मी के साथ आंहे भर के बात करने लगा।
गिरिजा ने थोड़ा शख्त आवाज में पूछा कौन हो तुम ?
सोनू ने कहा ” अजी मैं तो बस परवाना हूं और अक्सर अनजाने नंबर पर रोज कॉल करते रहता हूं, और आप जैसी सुंदरी का DP जब दिखता है। तो खुद को रोक नहीं पाता हूं।
लड़के की इस बात पर गिरिजा को यकीन होने लगा और अचानक उसने थोड़ा ऐंठ के कहा “अच्छा तो लफंगे हो, बड़े बड़े वाले लफंगे लगते हो ।
इस पर सोनू ने कहा “जी बड़ा वाला तो हू , नीचे से भी काफी बड़ा हूं।
गिरिजा एक लंबी चौड़ी महिला थी। हर चीज चौड़े चौड़े थे उसके , और बड़ा और चौड़ा शब्द उसे अपना सजातीय लगता है, क्योंकि गिरिजा जैसी घोड़ी को किसी मारियल पिद्दी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते उसकी क्षुदा पूर्ति एक बड़े लंबे चौड़े चीज से ही हो सकता है।
इसलिए वो थोड़ा भीतर से गुदगुदा गई।
और फिर उसने पूछा की नीचे से बड़ा मतलब फिर सोनू ने कहा वो मैं आपको व्हाट्स app पर चैट पे भेज दूंगा।
इस पर गिरिजा ने थोड़ा धीरे से कामुक स्वर में पूछा “कहां के रहने वाले हो” सोनू ने जवाब दिया और शहर का नाम बताया जो जौनपुर ही था, जो पास में ही 20 किलोमीटर के अंतराल पर सबसे बड़ा शहर था जहां पर सभी लोग मुख्य मार्केटिंग करते हैं।
गिरिजा ने सारी बाते उस लड़के की सही सही समझ ली , उसे लगा की कोई मनचला लड़का है wrong number के बहाने मुझ तक पहुंच गया है।
और वह इस बात को लेकर आश्वश्त थी की कुछ भी हो जाए उसके चारित्र पर कोई दाग लग ही नहीं सकता क्योंकि पहले से ही ऐसा चरित्र के मामले में क्रेज है गिरिजा का की कोई अगर इसके बारे में कहे भी तो कोई यकीन ही नहीं कर सकता । एक तो गिरिजा खुद को हमेशा से एक ही भाव में रहते हुए आई है और खुद को ऐसा रखती है जिससे पवित्रता और सात्विकता की झलक हमेशा बरकरार रहती थी। लेकिन जब वह साड़ी खोल नहाने को जाति तब गिरिजा को उसके सही जवानी का पता चलता है , बदन ऐसा मखमली और गदरायी की कोई 80 साल का बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाए ।
लेकिन वह कहते हैं ना जिस चीज को लेकर हम जितने आश्वस्त और लापरवाह रहते हैं अक्सर वही कांड हो जाता है।
यह बात सटीक बैठ रही थी गिरिजा की मनोदसा के साथ ।
और फिर उसने फोन पर सोनू से कहा ” तुम्हारी उम्र क्या है”
सोनू ने कहा बिलकुल सही सही बताया – 24 वर्ष
गिरिजा – “तुम जानते हो भी तुम्हारी मां की उमर की हूं मैं” ।
सोनू– अजी आप मुझे न ही बताए तो ठीक है मैं तो बस आपकी आवाज की गर्मी में छिपी जवानी दिख गई है।
गिरिजा ” मन में सोचते हुए की काफी मैच्योर लगता है ” और फिर बनावटी गुस्से में आकर बोलती , ज्यादा दिल्लगी न करो और दुबारा कॉल न करना । और कॉल कट कर दी।
कॉल काट कर गिरिजा अपने बिस्तर पर आ गई और अंगड़ाई लेते हुए पूरे बदन को टाइट कर जंभाई लेने लगी। उसका बदन टूट रहा था , दरअसल उसके बदन की रगड़ाई होनी मांग रही थी लेकिन अपनी भावनाएं से लड़ते हुए खुद को दबा कर रख रही थी।
तभी उसके व्हाट्स एप पर एक मैसेज आता है जिसमे एक मस्त विकराल रूप धारण किए एक लंड का इमेज होता है। जो सोनू का खुद का होता है।
गिरिजा जैसे वह मैसेज देखती है उसकी सांसे अटक जाती है क्योंकि उसने आज तक इतना मस्त लुभावना लंड नहीं देखा था , 20 वर्षों से तपस्वनी की भांति जिंदगी जीते हुए भी उसके मन के भीतर एक एक टीस हमेशा से बनी हुई थी जिसे वह काबू में कर एक संयासिनी की जीवन जी रही थी।
लंड का वह मदमस्त रूप लुभावना और आकर्षक सुपाड़ा देख कर उसका ईमान डोल गया और मुंह खुला का खुला रह गया। इतने में वह मैसेज डिलीट हो गया । गिरिजा राहत की सांस ली, क्योंकि वैसे गंदे मैसेज उसके मोबाइल में कोई देख ले तो क्या सोचेगा , अच्छा हुआ की मैसेज डिलीट हो गया ।
वह मन में यही सब सोच रही थी की लड़का लफंगा तो है लेकिन मुझसे काफी दूर का है और हम दोनो एक दूसरे के लिए अनजान हैं, और समझदार भी लगता है इसीलिए तो उसने तस्वीर दिखा कर डिलीट भी कर दी।
इसी उधेड़बुन में थी तब तक एक और वीडियो का मैसेज आया।
जिसमे एक मां बेटा का सम्भोग बंद कमरे में दिखा रहा था , जिसमे एक प्रौढ़ महिला किचन में काम कर रही थी और पीछे से उसका बेटा उसके साथ खेल रहा था और तभी महिला अपनी पिछवाड़ा थोड़ा झुक कर और पीछे कर दी और लड़का उसके साड़ी को ऊपर उठा कर उसकी नंगी गांड़ को चूमने चाटने लगा और फिर अपना लंड डाल कर चोदने लगा ।
उफफ्फफ्फ hyiiiiiiiiiii isshhhhh ” गिरिजा की तो मानो उस वीडियो देखने के बाद होश ही न रहा और उसके पूरे बदन में झुरझुरी होने लगी और काफी वर्षों बरस के बाद उसके चूत का अगला हिस्सा फड़फड़ा उठा और झिंझिनी सी होने लगी।
अब उसे आव देखा न ताव और अपने बदन पर की साड़ी को निकाल कर ऐसे फेंकती है जैसे वह मन ही मन कह रही हो की “काफी दिनो तक मेरे बदन को ढकने का काम किया है इस कपड़े ने लेकिन आज मैं खुद नंगा होना चाहती हू और मुझसे आज दूर हो जाओ ”
साड़ी को एक तरफ फेंक ब्लाउज और पेटीकोट में आते हुए पूरे पलंग पर एक अजब किस्म का खुमारी छा जाती है और गिरिजा के कमरे की एक एक चीज काम भाव में डूबने लगती है, जैसे मानो कमरे के प्रत्येक चीज यह देख खुद कामुक हो उठी की जो औरत वर्षो बरस खुद को योगिनी की भांति रखी थी आज ऐसा कौन सा जादू मंत्र हो गया जिससे यह गजकामिनी काम रस में उतर चुकी है।
तभी सोनू इधर परेशान था की अब क्या होगा , उसने कमोतेजना के आवेश में ऐसा कर तो दिया था , लेकिन साथ में उसे डर भी लग रहा था क्योंकि उसने सिर्फ अपनी मां का गुस्सैल और सख्त रूप ही देखा है। उसके भीतर की कामरूप आज तक उसने नहीं देखा था।
सोनू को इच्छा होती है की चल के कुछ जायेज़ा लेते हैं की उसकी मां क्या कर रही है।
तभी वह उसके कमरे के तरफ जाता है और देखता है की कमरा भीतर से बंद है परंतु गिरिजा का कमरा आज तक कभी भीतर से बंद नहीं होता था । यह देख सोनू और बैचैन हो उठा और अंदर का दृश्य देखने को लालायित हो उठा और एक तरीका जो काफी आसान था बाहर आंगन के तरफ जा कर कमरे के भीतर खिड़की में बने एक छिद्र से देखा जा सकता है लेकिन इसमें रिस्क यह था की कोई भी यह देख समझ जायेगा की सोनू अपने मां के कमरे में रात को क्यों झांक रहा है। और कुछ यूं माजरा देखता है
और सामने अपनी सख्त गुस्सैल मां की मदमस्त जवानी देख कर अपना लंड निकाल खिड़की के पास ही हिलाने पर मजबूर हो जाता है उसे अपनी मां की बदन के नशे में यह भी भान न हुआ की कोई देखेगा तो क्या होगा ।
और वही हिलाते हुए झड़ जाता है और aaaaahhhhh mummuyyyyy जैसे करता है। परंतु हुआ वही जिसका डर था, यह करते हुए माला ने देख ली क्योंकि उसनेआंगन में अचर्रसुखने को डाला था जो उठाना भूल गई थी इसलिए वह अपनी अचार लेने आई थी और देखती है उसका अपना साग भतीजा लंड निकाल अपनी ही घर में अपनी मां के कमरे में झांक के हिलाते हुए आह्ह्ह्ह्ह की आवाजे निकाल रहा है, माला को तो जैसे लगा की उसके ऊपर बिजली गिर गई है और वह वही अपने सर पर हाथ रख कर बैठ गई , उसने यह सपने में भी नहीं सोचा था की भ्याभिचार , अनाचार हमारे घर तक पहुंच चुका है और एक सगी मां को देख कर उसका बेटा अपना लंड हिला कर पानी निकाले जा रहा है।
इधर माला जब यह देखती है तो क्रोध में आग बबूला हो जाती है और एक डंडा उठा कर उसके पास जाने को होती ही है की उसके भतीजे का मस्त जवान सुंदर सा बिकराल लंड देख कर उसका मुंह खुला का खुला रह जाता है और मन में सोचती है जिस सोनू को हम इतना शरीफ और मासूम समझते थे वह इतना बड़ा हो चुका है । और फिर सहसा वह दीवार के सहारे छुप के कर सांसे ऊपर नीचे करने लगती है । और मन में सोचती है यह लड़का बुरी संगत में बिगड़ चुका है और जब यह अपनी मां को देख कर ऐसी हरकत कर सकता है तो मेरे और मेरी बेटियो पर तो इसकी नजर अवश्य होगी , ऐसा सोचते हुए वह थोड़ा चिंतित हो जाती है साथ ही उसके मन में एक गुदगुदी भी होने लगती है की आखिर घर का लड़का है और जवान होंठ है , और इतने सख्त अनुशासन में रहने के बावजूद वह खुद को रोक नहीं सका ।
और यह सोच वह भी थोड़ा कामुक हो जाती है और ऐसे आंगन में जाने लगती है जैसे उसने कुछ देखा ही नहीं हो और फिर अचानक सोनू को उसके आने की धमक सुनाई देती है और सोनू की हालत पंचर हो जाती है और तुरंत वहां छुप कर वही खड़ा हो जाता है।
इधर माला को ज्ञात हो जाता है की सोनू वही छुपा हुआ है , उसके मन में एक खुराफात जगता है क्योंकि अनाचार का एक स्वभाव होता है वह बायरस की भांति फैलने लगता है और वह बायरास सोनू से होते हुए माला में प्रवेश कर चुका होता है ।
माला ने कुछ देर आंगन में रात के अंधेरे में ही चहलकदमी करने लगती है और अपनी गांड़ को और ऐंठ कर पीछे के तरफ निकाल कर चलने लगती है अचानक वह आंगन में नाली के पास रूक जाती है, और कुछ सोचते हुए अपनी गांड़ को खजाने लग जाती है।
यह देख सोनू की आंखे चौड़ी होने लगती है क्योंकि उसका पहला crush उसकी चाची ही थी और उसे सोच कर वह काफी दफा अपना पानी निकाल चुका है, और फिर अपना लंड निकाल कर उसे सहलाते हुए माला की हरकत देखने लगता है।
माला इधर उधर झांकने का नाटक करती है और उस तरफ भी मुंह कर के देखती है जिधर सोनू छुपा खड़ा था और माला का चेहरा इधर घुमत्रुहुए देखते ही सोनू तुरंत और पीछे होकर छुप जाता है। इसका पता माला को लग जाता है की सोनू मुझे ही देख रहा है और वह छुपने की कोशिश कर रहा है।
तभी माला को जोश चढ़ने लगता है और वह अपनी साड़ी अपने कमर तक उठा लेती और अपनी गांड़ सोनू के तरफ कर रात के अंधेरे में अपने ही आंगन में अपने भतीजे के तरफ अपनी लहराती मस्तानी गांड़ का यौवन का नजारा दिखाने लगती है।
सोनू की तो जैसे लॉटरी लग गई और मन में सोचने लगा ” भले ही मेरी चाची और मां खुद को शरीफ , पवित्र और सती सावित्री बनती है लेकिन दोनो अंदर से बिलकुल कामुक देवियां हैं।
और फिर माला बैठ कर अपनी चूत सहलाते हुए मूतने लगती है और बीच में एक आआआआह्हह्ह करते हुए आवाज भी निकलती है । सोनू को जैसे ही आवाज उसके कानो में गई वह फिर से अपना लंड निकाल जोरदार तरीके से हिलाने लगता है






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