राजू और बिरजू के रंगीन किस्से – Update 2 | Pariwarik Chudai

राजू और बिरजू के रंगीन किस्से - Pariwarik Chudai Kahani
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गतान्क से आगे……………………

कमला का पेट काफ़ी चर्बी के कारण उठा हुआ था ऐसा नंगा पेट देख कर अच्छे अच्छे तपस्वी मुतने लग जाए, कमला की नाभि इतनी बड़ी और गहरी थी कि किसी भी जवान लंड के टोपे को अगर नाभि मे डाला जाय तो उसका टोपा नाभि मे फिट हो जाए,

राजू – यार बिरजू मा का उठा हुआ पेट देख कितना गदराया हुआ लगता है ऐसा लगता है जैसे 6 माह की गर्भवती हो, सोच बिरजू जब अपनी मा का पेट और नाभि इतनी मस्त और विशाल है तो इसका भोसड़ा कितना फूला हुआ और बड़ा होगा,

बिरजू – अरे अपनी मा के दूध भी कितने मोटे मोटे और बिल्कुल तने हुए है एक एक दूध 5-5 किलो का होगा और निप्पल कितने तने हुए और बड़े बड़े, उस दिन जब हमने मा को हॅंडपंप पर नहाते देखा था तब इसके मोटे दूध और निप्पल देख कर मन करने लगा कि दोनो भाई एक एक दूध को अपने दोनो हाथो से पकड़कर भी दबाएगे तो हमारे दोनो हाथो मे नही समाएगे, और निप्पल तो इतने मोटे मोटे है जैसे बड़े बड़े आकर के बेर होते है, अभी भी इसके दूध मे कितना रस भरा हुआ है,

राजू – अरे बिरजू जब ये कल नहा रही थी तो इसकी जाँघो के पाट देख कर मेरे मूह मे पानी आ गया था ऐसी मोटी मोटी केले के तने जैसे गोरे गोरे जाँघो के पाट को अपने हाथो से मसल्ने और दबाने मे मज़ा आ जाएगा.

बिरजू – चिंता मत कर राजू अब इसके नहाने का टाइम हो रहा है आज फिर हम दोनो इसके मस्ताने नंगे बदन को देख कर लूँगी में ही अपना पानी निकलेंगे,

राजू – बिरजू मुझे तो याद भी नही है की हमने अपनी मा की मासल जवानी का मादक रूप देख देख कर कितनी बार अपना पानी छ्चोड़ा होगा,

बिरजू – अपनी मा की गांड और चूत सूंघने और चाटने का बड़ा मन करता है यार, मा की फूली हुई चूत और मोटी गान्ड की क्या मदमस्त खुश्बू होगी, मैं तो इसको नंगी करके इस पर चढ़ने के लिए मरा जा रहा हू,

और दोनो भाई के काले और मोटे लंड अपनी मा की गदराई जवानी देख देख कर लार टपका रहे थे।

तभी कमला कुछ कपड़े लेकर हॅंडपंप की ओर आ गई, और बिरजू और राजू से – क्यो रे तुम दोनो नही नहाओगे, चलो जल्दी नहा लो फिर हमे जंगल भी चलना है और हॅंडपंप के पास आकर कपड़े रख कर बैठ जाती है और कपड़े धोना शुरू कर देती है।

बिरजू और राजू दोनो के लंड खड़े थे वो दोनो सोच रहे थे कि कैसे लूँगी उतार कर केवल कच्छे मे जाए हमारा मोटा लंड तो खड़ा है,

बिरजू – अरे चल आज अपनी मा को भी अपने मोटे लंड के दर्शन करवा देते है, शायद इसकी भी फूली हुई चूत हमारे काले डंडे को देख कर फड़कने लगे और अगर यह हम दोनो से चुदवा ले तो फिर घर मे ही मोटी गान्ड और चूत का जुगाड़ हो जाएगा और दोनो भाई एक साथ रात भर अपनी गदराई मा को चोद्ते पड़े रहेंगे,

और दोनो भाई अपनी अपनी जगह से उठ कर हॅंडपंप के पास आकर पानी भरने लगे और वही अपनी मा के सामने खड़े हो गये, कमला अपने कपड़े धो चुकी थी

कमला ने बिरजू और राजू से कहा – लाओ तुम्हारी बनियान और लूँगी भी दे दो धो देती हू,

तब दोनो भाइयो ने अपनी अपनी बनियान और लूँगी खोल दी अब तक उनका लंड थोड़ा ढीला पड़ चुका था,

कमला ने उनकी लूँगी और बनियान धो दी और दोनो मुस्टांडो को कहा – अब खड़े क्या हो चलो जल्दी से नहा लो

और अपनी चोली के हुक खोलने लगी और जैसे ही उसने अपने दोनो हाथ उठाकर अपनी चोली खोली उसके मोटे मोटे पपीते एक दम से बाहर आ गये अपनी मा के मोटे मोटे पपितो और गदराए उठे हुए पेट देखाकर बिरजू और राजू का लंड एक दम से खड़ा हो गया और कमला की नज़र अपने दोनो बेटो के मोटे मोटे लंबे डंडे पर पड़ी तो उसका मूह खुला का खुला रह गया क्यो कि दोनो भाई अपनी नंगी मा को देख कर अपने लंड को खड़ा होने से रोक नही सके और उनका लंड फुल अवस्था मे आकर झटके मारने लगा कमला एक तक बड़े गोर से उन दोनो के मोटे डंडे को देखे जा रही थी, तभी दोनो भाई जल्दी से पालती मार कर बैठ गये और अपनी मा की मोटी चुचियो और उठे हुए पेट को देखते हुए उसका चेहरा देखने लगे जो कि उनके मोटे लंड के दर्शन से लाल हो चुका था

तभी कमला ने देखा कि दोनो भाई अपनी मा के गदराए बदन को घूर रहे है तो वह अपने बेटो के चेहरो को देख कर कि कैसे अपनी खुद की मा को अधनंगी देख कर इनका लंड खड़ा हो गया है, उसके चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान आ गई,

कमला को चुदे हुए एक जमाना बीत गया था मनोहर लाल अपनी जवानी मे ही शराब के प्रति समर्पित हो गया था इस लिए वह कमला की जवानी को केवेल सुलगा कर छोड़ चुका था और कमला अपनी फूली चूत की प्यास अपने मन मे दबा कर ही अपनी जिंदगी गुजारने लगी थी, पर आज कुछ ऐसा हुआ था कि अपने दोनो हत्ते कत्ते बेटो के मोटे झूलते हुए लंड को देख कर उसकी फूली हुई चूत मे कुछ कुलबुलाहट सी होने लगी थी, और वह अपना संयम खोने लगी थी, ना चाहते हुए भी उसका हाथ एक बार अपनी चूत को घाघरे के उपर से थोड़ा खुरेदने के लिया चला गया और दोनो भाई उसकी इस हरकत को देख कर उसके मन की स्थिति को भाँप चुके थे उनका मोटा लंड बैठे उए भी उनके कछे मे तंबू की तरह तना हुआ था, और वह बिना कमला की परवाह किए अपने शरीर पर साबुन मलते हुए अपनी मा की मोटी मोटी गदराई चुचियो को देख देख कर मज़ा ले रहे थे, कमला की नज़रे अपने बेटो के मोटे लंड पर बार बार जाकर टिक जाती थी और वह भी अपने आप को रोक ना सकी और अपने गोरे गदराए बदन पर पानी डाल कर अपनी मोटी चुचियो पर साबुन लगा कर उन्हे कस कस कर रगड़ने लगी

और अपनी चुचियो को अपने हाथो से दबा दबा कर कहने लगी – सारा दिन झाड़ फुक कर कर के कितना मैल शरीर पर जमा हो जाता है, और अपने हाथो को उठा कर अपनी बगल मे हाथ फेरने लगी,

राजू और बिरजू ने जब अपनी मा की बालो से भरी बगल देखी तो उनका लंड झटके दे दे कर हिलने लगा, दोनो भाई साबुन लगाते लगाते बीच बीच मे अपने लंड को भी मसल देते थे जो कि कमला की चूत से पानी बहाने के लिए काफ़ी था,

कमला ने अब अपनी दोनो जाँघो को थोड़ा फैला कर अपने घाघरे को घुटनो की जड़ो तक चढ़ा कर अपनी गोरी गोरी पिंदलियो और गदराई जाँघो पर साबुन लगाना शुरू कर दिया, दोनो भाई का मन कर रहा था कि अपनी मा को यही लिटा कर उसके नंगे बदन पर चढ़ कर उसे अभी चोद दे, बीच बीच मे कमला अपने घाघरे को जो कि दोनो जाँघो के बीच उसकी चूत के पास सिमट गया था अपनी चूत पर दबा कर अपनी जाँघो को अपने दोनो बेटो को दिखा दिखा कर रगड़ रही थी, फिर अपनी जाँघो पर जब उसने पानी डाला तो उसकी गोरी मोटी मोटी जंघे चमकने लगी,

तभी कमला ने कहा – अरे राजू ज़रा मेरी पीठ तो रगड़ दे, राजू अच्छा मा कहता हुआ खड़ा हो गया और उसका मोटा डंडा उसकी मा के सामने तन गया जिसे कमला देख कर सिहर गई और उसकी चूत बहने लगी,

राजू जल्दी से अपनी मा की नंगी पीठ के पीछे अपने दोनो पैरो के पंजो पर बैठ कर अपनी मा की गोरी पीठ को बड़े प्यार से सहला सहला कर उसकी जवानी का मज़ा लेने लगा,

कमला – अरे बेटा थोड़ा तगड़ा हाथ लगा कर मसल बड़ा मैल हो जाता है पीठ पर,

राजू अपनी मा की पीठ से बिल्कुल लिपट कर तगड़े तरीके से उसकी पीठ पर हाथ फेरने लगा और उसका खड़ा लंड उसकी मा की कमर पर चुभने लगा, अपने बेटे के मोटे लंड की इतनी गहरी चुभन को महसूस करते ही कमला का हाथ अपने बस मे नही रहा और एक बार फिर उसने अपने हाथो के पंजो से अपनी चूत को दबोच लिया,

राजू अपनी मा की पीठ रगड़ता हुआ उसके बगल तक अपना हाथ भरने की कोशिश करने लगा जिससे कमला ने अपने हाथो को थोड़ा फैला दिया और राजू अपनी मा की उठी चुचियो को भी साइड से महसूस करने लगा,

कुछ देर की पीठ रागड़ाई के बाद कमला ने कहा – चल अब जल्दी से नहा लो बेटा फिर हमे जंगल भी चलना है

और कमला खड़ी होकर अपना नाडा खोलने लगी और फिर मग से पानी भर कर अपने बेटो के सामने अपने घाघरे के अंदर एक दो मॅग पानी डाल कर घाघरे के उपर से खड़े खड़े अपनी चूत को एक दो बार मसला और फिर दूसरा घाघरा उठा कर अपने सर से डाल कर भीगा हुआ घाघरा छोड़ दिया, दोनो भाई नीचे बैठे होने के कारण दोनो को दो सेकेंड के लिए अपनी मा की कमर से लेकर पेरो तक पूरी नंगी चूत, मोटी जंघे सब कुछ एक पल के लिए उनकी आँखो के सामने आ गया और अपनी मा की ऐसी गदराई जवानी और फूली हुई चूत देख कर उनके लंड झटके मारने लगे,

कमला दोनो के चेहरे देखकर थोड़ा मुस्कुरई और फिर कपड़े उठाने के लिए जैसे ही झुकी उसकी मोटी गान्ड दोनो के मूह से सिर्फ़ 4 इंच की दूरी पर थी जिसे दोनो आँखे फाड़ फाड़ कर देख रहे थे तभी कमला ने अपना हाथ अपनी गान्ड के पीछे लाकर अपनी गुदा को अपनी चारो उंगलियो से रगड़ा जैसे गीली गान्ड का पानी पोछ रही हो और कपड़े उठा कर खड़ी होकर अपने घर के दरवाजे की ओर चल दी, कमला द्वारा अपनी गान्ड के छेद का पनी पोछने के कारण उसका घाघरा उसकी मोटी गान्ड की दरार मे फस गया और वह अपने बड़े बड़े मोटे तरबूज से चूतड़ मतकाती हुई अपने दरवाजे की ओर जाने लगी,

 दोनो भाई का हाल बहाल हो चुका था और दोनो अपनी मा के मटकते मोटे गदराए मसल चूतड़ों और उसमे फँसे उसके घाघरे और उसकी मोटी दरार को देख कर बर्दाश्त नही कर सके और अपना लंड हिलाने लगे और घर के अंदर तक कमला के मोटे मोटे मटकते चूतड़ों को देख देख कर अपना पानी छ्चोड़ने लगे, दोनो भाई अपनी मा के मोटे चूतड़ों को देख कर तबीयत से झडे और फिर एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते हुए यार आज तो मज़ा आ गया , और फिर नहा कर तैयार होकर अपनी लूँगी पहनकर अपनी मा के साथ जंगल की ओर कुल्हाड़ी और रस्सिया लेकर चल पड़े.

आगे आगे कमला अपने भारी भरकम मोटे मोटे चूतड़ हिलाती चल रही थी और पीछेपीछे उसके दोनो बेटे राजू और बिरजू चले जा रहे थे, दोनो की कातिल निगाहे अपनी मा की मस्तानी लचकति गान्ड पर थी और चलते चलते उनकी लूँगी से उनके डंडे सीधे खड़े नज़र आ रहे थे, कमला उनके जस्ट आगे थी इसलिए दोनो कुछ बोल नही रहे थे लेकिन अपनी मा के मस्ताने चूतड़ों को देख देख कर दोनो मंद मंद मुस्कुराते हुए, उनकी नज़रे एक दूसरे से बखूबी बाते कर रही थी, वह दोनो अपनी मा के मसल चूतड़ों को देखने मे इतना खोए हुए थे कि उन्हे यह भी नही पता चला कि कमला ने पीछे मूड कर उनकी नज़र कहाँ है देख लिया था और साथ ही दोनो के मोटे लंड जो लूँगी के अंदर सर उठाए खड़े है उन्हे भी देख चुकी थी.

आज जबसे कमला ने अपने दोनो बेटो के लंड को देखा तब से उसकी चूत भी एक तगड़े लंड के लिए तड़पने लगी थी, इसीलिए कमला को अपने दोनो बेटो द्वारा उसकी मोटी गंद को देखने पर एक अनोखा आनद प्राप्त हो रहा था और वह मन ही मन खुश होती हुई अपनी मोटी गान्ड को जनभुज कर और मतकाते मतकाते चलने लगी, उसकी इस तरह की थिरकन और मटकते चूतड़ों को देख कर दोनो भाई रस से भरे जा रहे थे और उन्ही अपनी मा घाघरे के होते हुए भी नंगी नज़र आ रही थी और दोनो चलते चलते अपने मोटे लंड को मसल्ते जा रहे थे, कमला बीच बीच मे अपने दोनो बेटो को उसकी गान्ड देख देख कर लंड मसलते देखने पर वह मस्त होने लगी और उसकी चूत भी काफ़ी सारा पानी छ्चोड़ने लगी और उसे अपनी गान्ड देख कर अपने बेटो के लंड मसल्ने की हरकत ने सनसना दिया था और वो जानबूझ कर चलते हुए अपनी गान्ड मे खुजली करने लगी जिसे देख कर एक पल को तो राजू और बिरजू को लगा कि अभी पकड़ कर अपनी मा को पूरी नंगी करके यही चोद देते है,

कमला थोड़ी थोड़ी देर मे अपनी गान्ड के छेद मे खुजली करती हुई अपनी मोटी गान्ड ऐसे मटका रही थी जैसे कह रही हो कि आजा और मेरी गान्ड मे लंड डालकर मुझे चोद दे. जब कमला और उसके बेटो ने घर के सामने वाली पुलिया पार कर ली तब फिर आम के बगीचे शुरू हो गये, तब कमला नीचे गिरे हुए आमो को उठाने के लिए जानबूझ कर झुकती और अपनी मोटी गान्ड अपने बेटो को दिखा दिखा कर मज़े ले रही थी, आम का बगीचा क्रॉस करते ही थोड़ा जंगल शुरू हो गया और तभी कमला के पैरो मे कोई काँटा चुबा जिससे वह आह करती हुई झुक कर काँटा निकालने लगी दोनो भाई ऐसे मोके की हमेशा तलाश मे रहते थे उन दोनो ने झट से अपनी मा की मोटी गान्ड पर हाथ फेरते हुए क्या हुआ मा,

कमला – अरे कुछ नही बेटा ज़रा काँटा चुभ गया, कमला झुकी हुई काँटा निकाल रही थी और दोनो भाई प्यार से अपनी मा के चूतड़ सहला रहे थे, घाघरा बिल्कुल पतला होने के कारण राजू ने बड़े प्यार से पीछे से अपनी मा की फूली हुई चूत को अपने पूरे पंजे से सहलाते हुए -निकला मा, और कमला – सी आह अभी नही निकला रे, जब कि काँटा निकल चुका था तभी राजू ने चूत से हाथ हटाया तो बिरजू ने इस बार अपना पूरी हथेली को सीधे अपनी मा की पूरी फूली हुई चूत पर रख कर दबाकर पुंच्छा – नही निकल रहा क्या मा, तब तक कमला की चूत से पानी आ गया और उसके घाघरे से लगता हुआ बिरजू के हाथो मे लग गया, और कमला सीधी होकर चल दी, तब बिरजू अपने हाथ पर लगे पानी को सूंघने लगा और राजू को भी सूँघाने लगा, कमला ने अपने दोनो बेटो को अपनी चूत का पानी सूंघते देख लिया और उसकी चूत बुरी तरह लंड खाने के लिए फड़फड़ाने लगी.

कमला की बुर गीली हो चुकी थी उससे रहा नही जा रहा था, इतने साल की चुदास अचानक अपने दोनो बेटो के मोटे लंड को देख कर उसकी बुर पानी ही पानी फेक रही थी.

जब जंगल मे थोड़ा आगे पहुचे तो कमला ने कहा बेटा मुझे बहुत जोरो की पेशाब लगी है, यह सुन कर दोनो मस्त हो गये,

कमला बेटा यहाँ कही जगह दिख नही रही है तुम दोनो एक काम करो उधर मूह घुमा लो तो मैं पेशाब कर लू, अच्छा मा, और उन दोनो ने अपना मूह दूसरी ओर घुमा लिया कमला जानती थी कि ये दोनो मूड कर ज़रूर देखेंगे इसलिए उसने जानबूझ कर उन दोनो की तरफ पीठ करके बड़े आराम से खड़े खड़े अपना पूरा घाघरा अपनी कमर तक उठा दिया, और दोनो भाइयो ने जल्दी से अपना सर घुमा कर जैसे ही देखा उनका मूह खुला का खुला रह गया उनकी मा पूरी नंगी थी उसके मोटे मोटे फैले हुए भारी चूतड़ और लंबी लंबी और काफ़ी ज़्यादा गदराई मोटी मोटी जाँघो को थोड़ा फैला कर कमला धीरे धीरे अपनी गान्ड पीछे की ओर निकाल कर बैठने लगी, उसकी गान्ड का गहरा मोटा छेद और पूरे एक बीते का फूला हुआ भोसड़ा और भोस्डे की फटी फांको के बीच गुलाबी कलर का बड़ा सा छेद देख कर दोनो के लंड झटको पर झटके मारने लगा और लूँगी पूरी तन कर खड़ी हो गई, और उनकी मा अपने भारी भरकम चूतड़ों को फैलाकर मूतने बैठ गई।

दोनो भाई अपनी फटी फटी आँखो से अपनी मा की मोटी मोटी गान्ड को देखकर अपना अपना लंड लूँगी से निकाल कर मसल्ने लगे उनका मोटा काला लंड 10 इंच के लंबे और 3 इंच के मोटे डंडे जैसे खड़ा था, दोनो भाई अपनी मा की मस्तानी गोरी गान्ड देखकर पागल हो गये उन्होने इतनी मोटी और मस्तानी गंद पूरी नंगी आज तक नही देखी थी, घाघरे के उपर से जितनी बड़ी गान्ड उनकी मा की नज़र आती थी उससे डबल उसके विशाल चूतड़ नंगे होकर उन्हे नज़र आ रहे थे

तभी कमला की फूली हुई चूत से एक मोटी धार एक सीटी की आवाज़ के साथ निकलने लगी जिसे देख कर दोनो भाई के तोपो का रंग लाल हो गया और दोनो अपने लंड को तेज़ी से झटके मारने लगे, करीब 2 मिनिट तक कमला आराम से बैठी मुतती रही फिर जब खड़ी हुई तो अपने घाघरे से अपनी चूत दोनो जांघे फैलाकर थोड़ा झुक कर पोछने लगी और फिर दोनो भाइयो ने अपना सर वापस पीछे घुमा लिया,

कमला मंद मंद मुस्कुराते हुए चलो बेटा मैने पेशाब करली,

तभी बिरजू बोला – मा हमको भी पेशाब करना है आप भी अपना मूह उधर घुमा लो, तो कमला ने कहा ठीक है बेटा कर लो

और दोनो भाई जानबूझ कर थोड़ा सा मुड़े ताकि उनकी मा उनके लंड को आराम से देख सके और अपना सर नीचे झुककर दोनो ने जब अपने खड़े काले काले लंड बाहर निकाले तो कमला उनका लंड देखती ही रह गई, उसकी आँखे फटी की फटी रह गई क्यो कि उसने भी अपने जीवन मे इतने मोटे और बड़े लंड कभी नही देखे थे अपने सामने एक नही दो दो मोटे काले डंडे और उस पर बड़ा सा कत्थे रंग का सूपड़ा देख कर कमला के मूह मे पानी आ गया और उसकी बुर अपने बेटो के मोटे काले लंड देखकर फड़कने लगी, दोनो भाई अपनी मा के लाल हुए चेहरे को देखने लगे, और अपने अपने लंड को वापस अपनी लूँगी मे च्छूपा लिया, कमला ने जल्दी से अपना मूह आगे की ओर किया तब दोनो भाई अपनी मा के पास पहुच कर दोनो ने एक एक हाथ से अपनी मा के चूतड़ों को हाथ लगा कर आगे की ओर धकेलते हुए कहा – चल मा हम पेशाब कर चुके,

जब दोनो ने अपनी मा के मोटे मोटे चूतड़ों को छुआ तो दोनो ही सिहर गये यह ऐसा एहसास था जैसे कोई जबरदस्त कसी हुई गान्ड की औरत सिर्फ़ साडी पहने हो और उसके चूतड़ों को सहलाओ तो कैसा एहसास होता है, क्योकि उनकी मा ने केवेल घाघरा पहना था और घाघरे का कपड़ा काफ़ी चिकना और पतला था

कमला चलते हुए अपने बेटो के सामने अपनी गान्ड ऐसे मटका कर चल रही थी जैसे अभी अपनी गान्ड मरवा लेगी, दोनो भाइयो के मोटे लंड बैठने का नाम नही ले रहे थे और उनकी मा उन्हे नंगी नज़र आ रही थी और वह दोनो बड़े गोर से अपनी मा के मस्ताने चूतड़ों को देखते हुए उसकी गान्ड के पीछे चले जा रहे थे, जंगल पहूचकर दोनो भाइयो ने अपनी अपनी लूँगी को अपनी जाँघो तक मोड़ कर बाँध लिया और पेड़ पर चढ़ कर सुखी सुखी टहनिया काटने लगे, कमला नीचे बैठ कर लकड़िया समेटने लगी, करीब दो घंटे तक लकड़िया काटने के बाद कमला ने कहा अब तुम दोनो नीचे आ जाओ और खाना खा लो।

क्रमशः……….

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