गतान्क से आगे……………………
कमला राजू का लंड मुठियाते हुए आह कितना मोटा डंडा लेकर घूमता है रे तू, मा तू भी तो इतनी मोटी गंद लेकर मटका मटका कर चलती है तेरी मोटी गंद देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाएगा, कमला तुझे इतनी पसंद है मेरी गंद, और देखेगा राजू हाँ मा एक बार और दिखा दे ना, कमला वही झुक जाती है और अपना घाघरा उँचा करके अपनी कमर पर टांग देती है अपनी मा की इतनी बड़ी नगी गंद और पीछे से खुली हुई चूत की मोटी मोटी फांके देख कर राजू अपने आपको रोक नही पता है और अपना हाथ अपनी मा की मोटी गंद और चूत मे फेरता है जिससे कमला सिहर जाती है, आह बेटे क्या कर रहा है, तभी राजू अपना मूह अपनी मा की उठी हुई मस्तानी गंद पर लगा कर पागलो की तरह उसकी गंद और फूली हुई चूत की फांको को अपनी लंबी लंबी जीभ निकाल कर चाटने लगता है, कमला की चूत पानी पानी हो जाती है और वह सीसियती हुई घोड़ी बनी अपने बेटे से अपनी मोटी गंद और चूत को चटवाने लगती है राजू अपने दोनो हाथो से अपनी मा की गंद और चूत की मोटी मोटी फांके फैला फैलाकर चूत के छेद जो कि बिल्कुल गुलाबी नज़र आ रहा था को कस कस कर चाटने लगता है, तभी उधर से बिरजू आता है और वह दूर से ही ये नज़ारा देख लेता है और दबे पाँव उनके पास आकर धीरे से राजू के कंधे पर हाथ रखता है राजू पीछे पलटकर बिरजू को अपने होंठो पर उंगली रख कर चुप रहने का इशारा करता हुआ हटता है और बिरजू को चाटने को कहता है बिरजू अपनी मा की मोटी गंद और फैली हुई मोटी मोटी चूत की गदराई फांके देख कर झट से अपना मूह अपनी मा की मोटी गंद और मस्तानी चूत मे लगाकर चाटने लगता है, कमला घोड़ी बनी सिसकिया लेती हुई ओह ओह ओह बेटा ऐसे ही ओह ओह आह आह, करीब आधे घंटे तक अपनी मा की मोटी गंद और चूत को चॅटा, कमला कम से दो बार मूत चुकी थी और अब उसके पैर दर्द करने लगे थे तभी वह सीधी हो गई और जब उसने बिरजू को देखा तो तू कब आया बेटे, अरे मा तेरी चूत और गंद मैं भी 20 मिनिट से चाट रहा हू, मेरा लंड देखेगी और फिर दोनो भाई ने अपने अपने लंड अपनी लूँगी से बाहर निकाल लिए, अपने दोनो बेटो के मोटे लंड देख कर कमला की चूत फिर से पानी छ्चोड़ने लगी, और उसने दोनो के लंड को अपने हाथो से पकड़ कर अपने मूह से पीने लगी और दोनो भाई कराहने लगे, कमला बारी बारी से दोनो का लंड चूसने लगी लगभग 20 मिनिट तक कमला दोनो का लंड चूस चूस कर लाल कर चुकी थी, दोनो भाई मा बस कर तेरे मूह मे निकल जाएगा, कमला निकाल दे बेटे मेरे मूह मे ही निकाल दे और फिर दोनो भाई अपना माल अपनी मा के मूह मे ही निकालने लगे और कमला दोनो का रस चाट चाट कर पूरा पी गई, दोनो भाई एक दम सुस्त होकर वही बैठ गये, फिर कमला ने कहा चलो अब तुम दोनो खाना खा लो फिर तीनो ने मिलकर खाना खाया, खाना खाने के बाद बिरजू ने कहा मा अपनी चूत खोल कर हमे दिखा ना, कमला अरे बेटा अभी काम कर लेते है फिर घर चल कर तुझे मैं पूरी नंगी होकर अच्छे से अपनी चूत और गंद दोनो दिखाउन्गि, फिर तीनो ने फटाफट कुच्छ और लकड़िया काटी और फिर गत्था बना कर अपने सर पर लाद कर घर आ गये,
शाम को दोनो भाई पुलिया पर बैठे दारू पीते हुए बीड़ी के
कस लगा रहे थे, यार राजू आज हम मा को चोदेन्गे कैसे,
घर पर शीला भी है, राजू एक काम करते है आज शीला के साथ
तू सो जा आज मैं मा को चोद लेता हू कल मैं शीला के साथ सो
जाउन्गा और तू मा को चोद लेना, बिरजू हाँ ये ठीक रहेगा पर
मैं चाहता था कि हम दोनो मा को एक साथ चोदे तभी तो मा
को मज़ा आएगा एक लंड से तो उसकी पूर्ति संभव नही है मा
को तो जब तक हम दोनो तरफ से नही ठोकेगे तब तक उसे
मस्ती ही नही आएगी, तभी उन्हे दूर से कोई आता हुआ दिखाई
दिया, पर थोड़ा अंधेरा होने की वजह से साफ साफ नही दिख
रहा था और फिर दोनो उसे आते हुए देखने लगे जब वह
कुछ पास आई तो दोनो उसे देख कर चौक गये वह कोई और
नही सुधिया काकी थी,
क्यो रे कामीनो एक बार चूत मे आग लगा
दी अब क्या अपनी मा पे चढ़ते हो जो सुधिया की याद नही आती,
मैं आमो के पीछे जा रही हू जल्दी से तुम दोनो अपनी दारू
ख़तम करके उसी तरफ़ आ जाओ, बिरजू क्यो काकी आज ज़्यादा खुजली हो
रही है क्या, कमिने खुजली वाला कीड़ा अंदर डाल चुका है तो
अब खुजली नही होगी तो क्या होगा चल जल्दी आ मैं जा रही हू और
सुधिया काकी अपनी मोटी मोटी गंद मतकते हुए पुलिया के
पीछे की ओर के आम के पेड़ की ओर चल दी.
दोनो भाई जल्दी से अपनी दारू ख़तम करके सुधिया काकी के पास
जा पहुचे और दोनो ने उसे अपनी बाँहो मे आगे और पीछे
से दबोच लिया, एक उसकी मोटी गंद और चूत को अपने हाथो मे
भर रहा था तो दूसरा उसके मोटे मोटे दूध को दबोच रहा
था, हाय काकी तेरी गंद बड़ी मोटी है, काकी मुझसे मोटी तो तेरी
मा की गंद है तो क्या उसे भी ऐसे ही अपने हाथो से मसलेगा,
बिरजू अरे काकी मेरी मा अगर अपनी गंद हमसे मसळवती है तो
हमे मसल्ने मे क्या लगेगा हम तो उसकी भी चूत और गंद
फाड़ देंगे जैसे तेरी फाडी थी,
अरे लोडो जब तक किसी भोसड़ी की गंद दस बीस बार फाड़ ना दो उसे मज़ा नही आता तुम दोनो मेरी गंद फाड़ फाड़ कर लाल कर दो वैसे तुम दोनो बहुत अच्छा चोद्ते हो कही तुम घर पर अपनी मा पर तो नही चढ़ते हो एक बार उस पर चढ़ कर देखो बड़ा मज़ा देगी बहुत कसी कसाई गंद है साली की
बिरजू काकी का घाघरा उठा
कर उसकी चूत और गंद को दबोचता हुआ अरे काकी हमारी एसी
किस्मत कहाँ कि हमे गंद और चूत घर मे ही चोदने को मिल
जाए आ अबे उंगली मत कर अब सीधे लंड डाल दे, तभी बिरजू
काकी को थोड़ा झुका कर उसकी चूत मे पीछे से अपना लंड एक
ही झटके मे अंदर तक पेल देता है, सुधिया काकी आह
शाबाश बेटा राजू तू मेरी चुचिया कस के दबा रे, राजू काकी
की चुचिया को कस कस कर मसल्ने लगता है, और बिरजू उसकी
चूत कूटने लगता है, आह आह ओह ओह और तेज मार बिरजू फाड़ दे
बेटा अपनी काकी की चूत और मार आह आह और दे कस के दे और
तेज हाँ हाँ ऐसे ही आह आह, सुधिया काकी आम के पेड़ के तने को
पकड़े हुए झुकी झुकी बिरजू का लंड कस कस कर अपनी चूत मे
लेने लगती है, करीब 10 मिनिट के लगातार तगड़े धक्को के
साथ ही बिरजू झाड़ जाता है और जैसे ही अपना लंड काकी की चूत
से बाहर निकालता है, राजू अपना लंड उसकी चूत मे फसा कर
एक तगड़ा झटका मारता हैऔर सुधिया काकी अकड़ जाती है, राजू
एक उंगली सुधिया काकी की गंद मे डाल कर उसे चोदने लगता है
राजू धीरे धीरे लेकिन गहरे धक्के मारने लगता है और
सुधिया काकी अपना पानी रोके चुद्ती रहती है, और फिर जब
सुधिया काकी ज़ोर ज़ोर से कराहने लगती है तो राजू अपने लंड की
स्पीड बढ़ा देता है उसकी जंघे सुधिया काकी की मोटी जाँघो
से टकराती है और एक भयानक साउंड जंगल मे गूंजने
लगता है, और फिर बिरजू सुधिया काकी की चूत मे अपनी पिचकारी
मारने लगता है और सुधिया काकी की चूत भी पानी पानी हो जाती
है. तीनो थकान के मारे वही बैठ जाते है, दोनो
सुधिया काकी से लिपटे हुए उसके गदराए बदन को सहलाते
हुए बिरजू काकी तुझे चोद कर तो सचमुच मज़ा आ जाता है,
बेटा तुम दोनो बहुत मस्त चुदाई करते हो जो भी तुमसे एक बार
चुदवा लेगी वह बार बार तुम्हारा ही लंड चाहेगी, एक बार अपनी
मा को अपना अपना लंड खोल के दिखा दो वह तुम्हारे लंड को
खाने के लिए पागल हो जाएगी, उसकी चूत और गंद भी काफ़ी
मस्त है तुम दोनो मस्त हो जाओगे, पर काकी अपनी मा को कैसे
चोदे कही नाराज़ हो गई तो, सुधिया अरे कमिनो जैसे मुझे
बाँध के चोदा था वैसे ही अपनी मा को बाँध के पूरी नंगी
कर दो और फिर उसकी खूब कस के चूत मारो अगले दिन से वह
खुद ही तुम्हारा लंड अपनी चूत मे लेने को मचल जाएगी,
तभी उन्हे अपनी मा की आवाज़ सुनाई दी जो खाना खाने के लिए
दोनो भाइयो को आवाज़ लगा रही थी, बिरजू और राजू खड़े हो
गये और फिर सुधिया भी अपना घाघरा ठीक करती हुई जाओ
तुम्हारी रंडी तुम दोनो का लंड लेने के लिए आवाज़ लगा रही है
और फिर तीनो घर की ओर चल दिए.
राजू और बिरजू खाना खाकर बैठे रहते है और अपनी मा जो कि
घर की साफ सफाई कर रही होती है उसकी मोटी मोटी गंद को
घूरते रहते है और बीच मे अपना लंड मसल्ते रहते है,
लेकिन उन्हे पता नही होता है कि शीला दूसरे कमरे के खुले
हुए दरवाजे की आड़ से दोनो की इस हरकत को देख लेती है, शीला
मन मे सोचती है कि उसके दोनो भाई चूत के कितने भूखे
है अपनी मा को भी नही छ्चोड़ रहे है वह सोचने लगती है कि
ये दोनो मा को भी चोदना चाहते है, यह सोच कर उसका दिल
भी धड़कने लगता है कि मा इतनी गदराई हुई है कैसे कूद कूद
के अपनी मोटी गंद मरवाएगी और कैसी लगेगी चुद्ते हुए,
और फिर बाहर आकर बिरजू को इशारे से दूसरे रूम मे बुलाती
है, जैसे ही बिरजू उठ कर जाता है राजू अपनी मा के पास जाकर
उसकी झुकी हुई मोटी गंद पर हाथ फेरने लगता है, कमला
बेटे थोड़ा इंतजार कर अभी शीला देख लेगी, राजू अपनी मा के
मोटे मोटे दूध को दबोच कर अरे मा देख लेने दो शीला को
हम दोनो भाइयो ने उसकी चूत और गंद खूब मारी है अगर
वह देख भी लेगी तो कोई फ़र्क नही पड़ेगा, कमला अच्छा चल
मैं जल्दी से बिस्तेर लगा देती हू, ठीक है मा मैं शीला और बिरजू
से कह देता हू कि मैं मा के पास ही उनके पैर दबाने के लिए जा
रहा हू शीला तू बिरजू के साथ ही सो जाना और राजू दूसरे कमरे
मे जाकर देखता है कि शीला बिरजू की गोद मे बैठी थी और
बिरजू उसकी मोटी मोटी चुचियो को कस कस दबा रहा था, राजू
अरे तुम दोनो मज़े करो मैं मा के पैर दबाने जा रहा हू और
वही सो जाउन्गा शीला तू यही सो जाना, शीला ठीक है भैया, और
फिर राजू बाहर आ जाता है, बिरजू शीला के रसीले होंठो को
चूस्ता हुआ उसकी कठोर बड़ी बड़ी चुचियो को दबाने लगता है
तब शीला पानी जंघे खोल कर अपना घाघरा कमर तक चढ़ा
लेती है और बिरजू उसकी मोटी मोटी जाँघो और उसकी फूली हुई चूत
को सहलाने लगता है, शीला अच्छा भैया एक बात पुंच्छू, बिरजू
हाँ बोल, शीला भैया आपको औरतो मे सबसे ज़्यादा क्या अच्छा
लगता है, बिरजू शीला की मोटी मोटी गंद को अपने हाथो मे
भरता हुआ बोलता है मोटी मोटी गंद मुझे बहुत अच्छी लगती
है, शीला तुम्हे सबसे अच्छी गंद अपने गाँव मे किसकी
लगती है बिरजू शीला की चूत मे दो उंगलिया डाल देता है और एक
उंगली उसकी गंद के छेद मे डालता हुआ, मुझे सबसे अच्छी
गंद अपनी बहन की लगती है, शीला और किसकी अच्छी लगती है,
बिरजू अपनी सुधिया काकी की गंद भी मुझे बहुत पसंद है,
शीला तो फिर तुम्हे अपनी मा की गंद भी बहुत अच्छी लगती
होगी ना, बिरजू शीला की ओर देखते हुए, ऐसा क्यो पुंछ रही है
तू, शीला क्यो की मैने तुम दोनो को मा की गंद को घूर घूर
कर अपना लंड मसल्ते देखा था, बिरजू शीला के पेट को अपनी
ओर करके उसको अपनी छाती से चिपकाते हुए हाँ शीला मा की
गंद बहुत जबरदौस्त है मैं क्या करू जब मा की मोटी गंद
देखता हू तो मेरा लंड अपनी लूँगी फाड़ कर बाहर आने की
कोशिश करने लगता है, शीला तो क्या तुम मा को भी चोदना
चाहते हो, बिरजू शीला की दोनो मोटी जाँघो को फैला कर उसकी
चूत मे अपना लंड सेट करके उसकी चूत मे अपना मोटा लंड
फसा देता है शीला आह करते हुए बिरजू से पूरी चिपक जाती
है, और उसके मोटे लंड को अपनी चूत मे पूरा उतारते हुए उसे
अड्जस्ट करने लगती है, बिरजू शीला के रसीले होंठो को अपने
मूह मे भर के चूस्ता है और उसकी मोटी गंद दबाते हुए
शीला मा को पूरी नंगी करके चोदने का मेरा बड़ा मन करता
है, मा इतनी गदराई चूत है की उसको पूरी नंगी जो भी द्देख ले
उसका देखते ही पानी च्छुत जाए, शीला तुमने मा की छूट देखी
है, बिरजू अरे देखी क्या उसकी चूत को सूँघा भी है और बिरजू
खड़ा होकर शीला को खड़े खड़े अपने लंड पर टांग लेता है,
शीला भैया कैसी है मा की चूत, बिरजू एक दम कचोड़ी जैसी
फूली हुई और उसकी चूत की फांके का कटाव और फैलाव इतना
मस्त है कि देखते से ही उसकी गुलाबी बुर मे अपना मूह डालने
का करने लगता है, शीला और मा की गंद कैसी है, बिरजू मा की
गंद देख कर सीधे मन करता है कि इसको कुतिया बना कर
इसकी मोटी गंद मे इतने तगड़े शॉट अपने लंड के मारू कि पूरी
गंद मार मार के लाल कर डू, शीला बिरजू के जिस्म से चिपकी हुई
थी तभी बिरजू शीला को नीचे उतारता है और उसको पूरी नंगी
कर देता है और उसको झुका कर उसकी चूत को पीछे से चोदने
लगता है और उसकी मोटी गंद को सहलाते हुए उसकी गंद के
छेद मे उंगली डालने लगता है, शीला आह आह हाँ भैया ऐसे
ही थोड़ा और तेज से चोदो भैया, भैया तुम मा को कैसे
चोदोगे क्या वह तुमसे चुदवा लेगी, बिरजू अरे मा की चूत तो
मेरा लंड खाने के लिए तड़प रही है, और बिरजू अपनी मा की
फूली हुई चूत याद करके शीला की ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर
देता है, शीला आह आह ओह ओह हाँ हाँ ऐसे ही हाँ भैया और ज़ोर
से और तेज खूब चोदो खूब चोदो अपनी बहन को और अभी
तुम्हे अपनी मा को भी चोदना है, खूब कस्के चोदना भैया
मा को उसकी चूत और गंद फाड़ देना खूब नंगी करके उसकी
गंद मारना भैया, और फिर शीला झाड़ जाती है बिरजू भी उसकी
चूत तेज तेज चोद्ता हुआ झाड़ जाता है, और दोनो बिस्तेर पर लेट
जाते है और एक दूसरे से चिपक जाते है,
क्रमशः…………..

