रंडियो का घर – Update 52 | Incest Story

रंडियो का घर - Incest Adultery Sex Story
Reading Mode

अध्याय 52
सोफे में बैठा हुआ मैं अपनी ही सोच में पड़ा हुआ था ,की दरवाजा खुला और काजल अंदर आयी वो बहुत ही गुस्से में लग रही थी ,

मेरे हाथो में स्कोच का एक पेग था,

“तुम्हे जरूरत क्या थी देव वँहा जाने की “

मैं खामोश रहा और एक सिप लगाई

“बोलो अब चुप क्यों हो ,जब सह नही सकते तो दूर ही क्यो नही रहते,वँहा बैठे रो रहे थे और यंहा बैठे हुए दारू पी रहे हो ..अब बोलो भी “

ऐसा लगा जैसे वो अब तब रोने ही वाली हो, मैं खड़ा हुआ और उसे अपने सीने से लगा लिया ..

“मैं वँहा तुम्हे देखकर उत्तेजित हो गया था काजल मुझे माफ कर दो तम्हारे और ठाकुर के फोरप्ले का मैं आनन्द उठाने लगा था,मैं इसी ग्लानि से भर गया…”

उसने मुझे खुद से दूर किया और मेरी आंखे में झांका वो अब मुस्कुरा रही थी

“तुम सच में उत्तेजित हो गए थे”

“हा”मैंने मासूमियत में सर हिलाया

वो जोरो से मेरे गले से लग गई

“वाओ यानी तुम जब तक नही झड़े तब तक तुम्हे सब कुछ अच्छा लगा “

मैं फिर से सर हिलाया

वो बहुत ही खुस हो गई

“यानी तुम तैयार हो बस इतना करना की अब की बार झड़ना नही “

मैं आश्चर्य से उसकी ओर देखने लगा

“मैं आज ही ठाकुर को फिर से बुलाती हु ,तुम तो जानते हो होंगे की उसने मुझे एक गिफ्ट दिया था “

मैं बिल्कुल ही शॉक हो गया

“तुम पागल हो गई हो नही नही मैं ये नही कर सकता “

उसने प्यार से मेरे गालो को किस किया

“मेरी जान तुम तो ये पहले भी कर चुके हो “

हम दोनो ही थोड़ी देर तक चुप थे और एक दूसरे की आंखों में देखते रहे

“मैं जानती हु ये कितना डरावना हो सकता है लेकिन मुझे उम्मीद है की तुम इसे इन्जॉय करोगे ,सोचो आज तो तुम्हे पता नही था की मैं क्या करने वाली हु .लेकिन अगर ये तुम्हारी इजाजत से हो तो बात ही कुछ और होगी..”

काजल की बातो से मेरे दिल से खून निकल गया था

मैं कैसे अपनी बीवी को किसी दूसरे का बिस्तर गर्म करने की इजाजत दे सकता था

“ये मैं कैसे कर सकता हु “मैं भड़क गया

“तुम ही ये कर सकते हो देव “

“आखिर कैसे “

मैं चिंतित था

“बस तुम कह दो की हमारे बीच का प्यार इससे कम नही होगा मैं दुनिया के साथ सो सकती हु अगर तुम कहो “

मैं बौखला गया था

“तुम तो वैसे भी सो रही हो और उसके मजे भी ले रही हो ,क्या मैंने ये नही देखा था की तुम कैसे सिहर रही थी क्या तुम्हारे मजे से लिए गए हुए सारे सिसकियां मैने नही सुनी है ,मैं जानता हु की तुम मजे ले रही थी और मैं ये भी समझने लगा हु की तुम अपने मजे के लिए मुझे cuckold की ओर धकेल रही हो …”

मैं गुस्से में तमतमा गया था

“मतलब है की तुम्हे ये नही लगता की मैं तुमसे प्यार करती हु “

वो भी भड़क गई थी

“नही नही लगता की तुम मुझसे प्यार करती हो ,तुम तो अपने बदले और जिस्म की आग में जल रही हो और इसमें तुमने ना सिर्फ मुझे घसीटा है बल्कि मेरी बहनों को भी घसीट लिया ,क्या मुझे ये नही पता की निशा की इस हालत की जिम्मेदार भी तुम ही हो “

मेरे मुख से निकले कड़वे शब्द उसके सीने को छलनी करने लगे थे

“तूम अपनी बहनों के बारे में सोच रहे हो देव ,तुम जो की खुद ही अपनी बहन के साथ सोता है …”

मैंने एक जोर का तमाचा उसके गाल में लगा दिया और एक गहरा सन्नाटा कमरे में छा गया था

मेरी आंखों से आंसू की बूंदे निकल गई ये पहली बार था जब मैंने काजल को मारा था ,उसका गोरा चहरा लाल हो चुका था

वो मुझे भरे हुए नयनो से देख रही थी …

“क्या ये सच नही देव की तुम मोहनी और शाबनम के साथ भी सो चुके हो”

मैं सन्न रह गया ,

“और ये भी क्या सच नही की अगर तुम्हे मौका मिले तो तुम दूसरी लड़कियों के साथ भी सो सकते हो …”

हा जो काजल ने कहा था वो सच में बिल्कुल ही सच था

“देव जब तुम इसमें मजा ले सकते हो तो मैं क्यो नही बस इतनी सी बात तुम मुझे बता दो “

मैं फिर से चुप हो गया

“तुम पैसे और पावर के लिए ये सब कर रही हो “

मैं धीरे ही सही लेकिन बोल पाया

“हा हा हा “वो जोरो से हँसी

“अगर मजे के साथ साथ ये भी मिलता है तो क्या गलत है “

तार्किक रूप से उसकी बात भी सही थी

“लेकिन तुम मेरी पत्नी हो और मैंने जो भी किया वो तुम्हारे बाद किया जब मुझे पता चला की तुम ऐसा करती हो ,शुरुवात तुमने की थी,और तुमने मुझसे झूठ बोला “

“कौन सा झूट देव “

“यही की …….यही की …”

मैं बुरी तरह से कांप गया मुझे कोई झूट याद ही नही आया था

“लेकिन ये धोखा तो था ,तुमने झूट नही कहा लेकिन तुमने मुझे कुछ बतलाया भी तो नही था …….”

वो मुझे देख कर हँस रही थी मानो मुझे चिढ़ा रही हो

“देव मेरी जान तुम सच में भोले हो “

मैं सच में पगला गया था

“मैंने तुम्हे धोखे में रखा था लेकिन अब तो मैं तुम्हे सब बता रही हु …अगर वफ़ा है तो इतना करना की मेरा साथ दो “

“किस बात का साथ चुदवाने का “

वो फिर से खिलखिला उठी

“हा चुदवाने का ,दूसरे से चुदवाने का तुम्हारी परमिशन के साथ “

उसकी आवाज में एक गुस्सा साफ झलक रहा था

उसने अपना बेग उठा लिया और वो बाहर जाने लगी

“मैं वही जा रही हु अपना गिफ्ट ठाकुर से पहनने …तुम्हे अगर देखना है तो आ जाना ,और हा एक चीज और मुझे बहुत मजा आने वाला है ठाकुर का लंड बहुत ही बड़ा है तुमसे भी बड़ा…”

वो गुस्से में जाते जाते दरवाजे को जोर से बंद कर गई और मैं बस यही सोचता रहा की अब क्या करू ………..

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply