रंडियो का घर – Update 49 | Incest Story

रंडियो का घर - Incest Adultery Sex Story
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अध्याय 49
काजल मेरी काजल ,आंखे बंद किये ना जाने कीस दुनिया में खो गई थी ,उसे देखकर एक बार तो मूझे चक्कर ही आ गया,मैं वही था जो कुछ दिनों पहले उसे मारने का प्लान कर रहा था ,आज उसकी इस कुर्बानी ने मुझे फिर से याद दिलाया जो वो मुझे बोला करती थी ,

‘मैं तुम्हारी ही रहूंगी देव चाहे शरीर किसी और के पास ही क्यो ना रहे लेकिन रूह तलक बस तुम्हारी ही रहूंगी ‘

मेरी आंखे भीग गई थी और मैं सिसक रहा था ,मेरा हाथ अभी भी काजल के हाथो में था,वो ऑपरेशन थिएटर मुझे काटने को दौड़ रहा था ,

‘कितना पागल था तू देव जो अपनी जान की वफादारी पर उसके प्यार पर शक किया ‘

मेरे दिल से बार बार यही बात निकल रही थी मैं बैठा बैठा अतीत की यादों में खो गया था ,3 महीने पहले जब मैंने काजल की जासूसी का फैसला किया था शायद वो मेरे जीवन का सबसे बेकार फैसला था,काजल मुझे सब कुछ तो बताना ही चाहती थी ,वो तो ये भी चाहती थी की मैं उसे दूसरे के साथ देखकर भी एन्जॉय करू ..

हा एक पति के लिए ये कितना कठिन था ये मैं और वो दोनो ही जानते थे लेकिन वो भी अपने जिद में थी और मैं भी …

वो दिन जब मैं हरिया से फोन कर उसके फार्महाउस में आने की बात कही मैंने उसे एक जॉब का आफर दिया था ,मुझे पता था की काजल और ठाकुर वही मिलने वाले है ,ठाकुर उसे कोई गिफ्ट देने वाला था पता नही वो क्या था,

हरिया को भी ये बात पता थी की 12 बजे के करीब खान का दोस्त इंस्पेक्टर ठाकुर वँहा आने वाला था,उसने इसी बात के कारण मुझे मना कर दिया लेकिन मैं उससे इतममिन से बात करना चाहता था…

मैं फॉर्महाउस में था ..

“सर जी आप मेरी बात नही समझ रहे है वो बड़े ही खतरनाक लोग है ‘

उसकी बात सुनकर मैं मुस्कुरा उठा

“अच्छा ये बताओ क्या यही लड़की उनके साथ आती है “मैंने उसे काजल का फ़ोटो दिखाया वो चौक गया

“इस रांड का फ़ोटो आपके पास कैसे “

रांड मेरे दिल में एक जलन सी उठी मेरे ही सामने साला मेरी ही बीवी को रांड बोल रहा था

“बस जानता हु ,तुम्हे जॉब चाहिए ना “

वो घबरा गया था

“मेरी लाश पर मैं जॉब का क्या करूँगा आप कौन हो ,और आप मुझसे क्या करवाना चाहते हो ,सर जी मुझे तो लगा था की आप एक शरीफ इंसान हो इसलिए आपकी मदद करने की सोची लेकिन आप की नियत तो मुझे साफ नही लग रही है ..वो लोग मुझे और मेरे पूरे परिवार को मार देंगे ..”

वो बहुत ही डरा हुआ लग रहा था ,हो भी क्यो ना उसे खान और ठाकुर के बारे में कुछ तो पता ही रहा होगा

“एक चीज का ईमानदारी से जवाब देना,क्या खान और ठाकर तुम्हारी बीवी पर गंदी नजर नही डालते “

वो सन्न रह गया .उन्होने तो कई बार उसे पैसे भी ऑफर किये थे लेकिन वो शरीफ महिला थी ..

उसका सर झुक गया

“क्या तुम्हारा खून नही खोलता ,क्या पैसे की इतनी अहमयत है की तुम अपना ईमान भी बेच दोगो “

मेरी बाते उसके सीने में तीर सी चुभने लगी थी

“मैं कर भी क्या सकता हु,और वो लोग ज्यादा झेड़ते नही ,मैं अंजू (हरिया की बीवी ) को उनके पास भेजता भी नही “

“अगर किसी दिन भगवान ना करे की वो लोग दारू के नशे में हो और अपनी तलब का शिकार अंजू को बना ले तो क्या करोगे “

वो दंग सा मुह फाड़े मुझे देख रहा था उसे भी पता था की ये भी हो सकता है और वो कुछ भी नही कर पायेगा

“ऐसा कैसे हो सकता है अभी तक तो ऐसा नही हुआ “

“नही हुआ या तुम्हे पता नही है ,हो सकता है की उन्होंने अंजू के साथ जबरदस्ती की कोशिस की हो लेकिन अंजू ने अपनी मजबूरी के कारण तुम्हे कुछ भी नही बतलाया हो ….”

कुछ देर के लिए शांति छा गई थी ,उसकी नजर जमीन को देख रही थी और वो कई सोचो में गुम था,मैं उसकी मजबूरी समझता था वो ये नॉकरी छोड़कर नही जा सकता था ,क्योकि बाहर के दुनिया इससे भी खतरनाक थी …

“तुमने ही तो मुझे बतलाया था ना की उन्होंने अंजू को ऑफर किया था ,लेकिन अंजू ने मना कर दिया था …ये बात क्या अंजू ने तुम्हे तुरंत ही बता दी थी …”

वो चुप था

“ये बात भी तो उसने तब ही बताई जब तुमने उसे उनके पास गिलास ले जाने को कहा था ,है ना “

हरिया ने मुझे पहले ही सब कुछ बता दिया था और मैं जानता था की वो अपने परिवार से बहुत ही प्यार करता है ..

उसने हा में सर हिलाया

“देखो हरिया तुम्हारी और मेरी कंडीसन एक ही है ,जैसे तुम उन लोगो से डरे हुए हो वैसे ही मैं भी डरा हूं ,जैसे तुम मजबूर हो वैसे ही मैं भी मजबूर हु ,क्यो ना इन लोगो को ही खत्म कर दिया जाए “

वो चौक कर मुझे देखने लगा

“खत्म करने का मतलब मारने से नही है ,आर्थिक रूप से खत्म करने की बात है,उनका पावर खत्म किया जा सकता है ,”

वो समझ नही पा रहा था की वो क्या करे

“और इसमें तुम्हारा भी फायदा होगा “

उसने मुझे ध्यान से देखा

“कैसा रहेगा अगर ये फॉर्महाउस ही तुम्हारा हो जाए ,”

वो फिर से चौका

“मैं ये कर सकता हु तुम्हे बस मेरी थोड़ी सी मदद करनी होगी ,तुम्हे और तुम्हारे परिवार को कुछ भी नही होगा इसकी मैं गारेंटी ले सकता हु क्योकि उन्हें कभी पता ही नही चलेगा ,और मैं अगर पकड़ा भी गया तो डरो नही मैं तुम्हारा नाम नही लूंगा ,वो मेरा कुछ भी नही बिगड़ सकते डोंट वरी ,तुम अपने और अपने परिवार के लिए ये करो मेरा साथ दो ,मुझे यंहा आने जाने दो ,तुम्हारी पत्नी ,तुम्हरे पिता और तुम्हारे बेटे को भी इसके बारे में नही पता चलेगा ,तुम फिक्र मत करो ,”

फॉर्महाउस बहुत ही बड़ा था और सच में यंहा अगर कोई लाश भी लाके गाड़ दे तो किसी को पता नही चलेगा …

उसने हा में सर हिलाया उसकी सहमति का मतलब था की अब ये फॉर्महाउस मेरा ही था …मैं यंहा जब चाहे आकर जो चाहे कर सकता था …मैं खुसी से उसे देखा और पहली पगार के रूप में 2 हजार का एक नोट उसकी ओर बढ़ाया ..

“नही साहब ये सब नही चाहिए ,बस जो आपने कहा वो हो जाए तो मेरी जिंदगी सफल हो जाए “

पहली बार मैंने हरिया के आंखों में लालच देखा था ,मैं उस साधारण से भोले इंसान को लालची नही बनाना चाहता था लेकिन क्या करू मेरी भी तो मजबूरी थी ….

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12 बज चुके थे और ठाकुर पहले से ही आ चुका था वो बेचैनी से इधर उधर घूम रहा था वो पहले से ही 3-4 पैक दारू के पी चुका था,उसने आते ही सोफे में एक बड़ा सा गिफ्ट के रैपर में पैक कोई समान रखा था ,पता नही वो काजल को क्या देने वाला था,वो घड़ी देखता तो कभी मोबाइल …

ठाकुर को देखते ही मुझे समझ आ गया था की आखिर काजल इसमें इतना इंटरेस्ट क्यो ले रही है ये वही इंस्पेक्टर था जिसने मुझे और काजल को अजीम से मिलवाया था ,तो वो खान का दोस्त भी है और साथ ही काजल के चाहने वालो में से एक भी ,वो अभी जेल का जेलर था और अजीम से संपर्क बनाने में काजल का सबसे बड़ा हथियार …

मैंने हरिया से बंगले की पूरी डिटेल ले ली थी ,मुझे पता था की वो कौन सा कमरा यूज़ करते है ,और कहा से उन्हें देखा जा सकता है ,कैसे उनकी बाते सुनी जा सकती है,मैंने कुछ माइक्रोफोन वँहा लगा दिए थे ताकि मुझे कम से कम आवाज तो सुनाई दी ,देखने का भी जुगाड़ हो गया था..

वक्त ऐसे लग रहा था की बहुत ही धीमी गति से बढ़ रहा है वही मेरी और ठाकुर की दिल की धड़कने जरूर बढ़ी हुई थी …

आखिर वो समय आ ही गया जब काजल आयी ,आज उसने काले रंग की साड़ी पहने हुई थी ,उसे देखकर एक बार मेरा दिल जोरो से धड़का कहा मेरी नाजुक सी कोमल सी काजल और कहा ये काला भैसा ..

उसके मादकता से कोई भी मर्द दीवाना हो जाए तो ये भी कम ही था,

मैं नजर गड़ाए हुए उन दोनो को देखता रहा ..

उसे देखकर ठाकुर का मुह खुला का खुला ही रह गया ,काजल मुस्कुराते हुए आयी और सीधे ठाकुर के गले से लग गई ,

“ओह ठाकुर साहब आपको ज्यादा इंतजार तो नही करना पड़ा “

ठाकुर ने पहले तो अपना थूक गटका …उसे मानो यकीन ही नही हो रहा था की इतनी सुंदर लड़की भी दुनिया में होती है ,

काजल का हर एक अंग उसकी साड़ी से झांक रहा था ,वो दूध सी गोरी और मसलता से भरपूर थी ,मुझे तो कभी कभी अपनी ही किस्मत पर यकीन नही होता था की ऐसी लड़की जिसे पाने को दुनिया दीवानी हुई घूमती है मेरे बिस्तर में रोज ही रहती है ..

उस काली साड़ी में से उसका यौवन और भी निखर कर आ रहा था ,

वो आकर सीधे ठाकुर के गले से लग गई ,उसके तने हुए स्तन ठाकुर के चौड़े सीने में गड़े,वो एक भैस जैसा ही दिख रहा था और काजल के उज्ज्वल जिस्म के आगे तो उसका कालापन और भी ज्यादा खिल रहा था ,

ठाकुर तो मानो स्वर्ग में ही था,और इसे देखकर मेरी झांटे सुलग रही थी ,

मादरचोद साला …मेरे मुह से अनायास ही निकल गया

लेकिन ठाकुर भी उसके सौन्दर्य को देखकर डर रहा था,क्योकि जितना लालच हो उतना खोने का डर भी तो होता है,

वो कोई भी कदम जल्दबाजी में नही बढ़ाना चाहता था ,

“तुम्हारे लिए तो जिंदगी भर इंतजार कर सकता हु “

उसने बड़े ही रोमांटिक अंदाज से कहा ,काजल मुस्कुरा उठी

“सो स्वीट “ठाकुर का चहरा खिल गया हो भी क्यो ना ,साला मादरचोद …

काजल अंदर आयी और सोफे में बैठ गई

“वाओ ठाकुर जी अपने मेरे लिए गिफ्ट लिया है ,वाओ “

वो ऐसी चहकी जैसे कोई बच्ची हो

“हा जान सिर्फ तुम्हारे लिए लेकिन मैं चाहता हु की तुम मेरे लिए इसे पहनो “

काजल ने शरारत भरे नजरो से उसे देखा ,अच्छा तो ये साला ठरकी मेरे जान के लिए कोई कपड़ा लाया है ..

“ठाकुर साहब आप जानते हो ना खान साहब को पता लगेगा तो …”

काजल ने ऐसे कहा जैसे की वो तो राजी है लेकिन खान का डर है

“तुम फिक्र क्यो रही हो वैसे भी तुम उसकी बीवी तो हो नही और मैं भी उसका हर काम इसीलिए करता हु क्योकि तुम कहती हो वरना मैं खान के उल्टे सीधे काम करता क्या “

अच्छा तो वो काम के बदले मेरी पत्नी की लेना चाहता था …साला मादरचोद ..

मैं मन ही मन उसे गालियां तो दे रहा था लेकिन मैं भी उत्तेजित हो रहा था की आखिर उसने ऐसे कौन से कपड़े लाये है जिसे वो काजल को पर्सनली पहना कर देखना चाहता था ..

काजल उसकी बात सुनकर मुकुराई

“वो तो ठिक है लेकिन फिर भी मैं हु तो खान साहब की ही गुलाम ..”

काजल का चहरा मुरझा गया ,अब वो सच में मुसझाया था या वो एक्टिंग कर रही थी वो कहना कठिन था ..

“अरे तुम ऐसा क्यो सोचती हो मैं हु ना ,तुम्हे गुलाम से मालिकिन बना दूंगा “

ठाकुर उसके पास जाकर बैठ चुका था और काजल भी उसके कंधे में अपना सर ठिका चुकी थी ,मैं जले हुए दिल से ये सब देख रहा था की कैसे मेरी बीवी उस अधेड़ से काले और बदसूरत आदमी को अपने हुस्न के जाल में फंसा रही थी ,वो कितना आगे जा सकती है ये सोचकर ही मैं रोमांचित हो जा रहा था ,मैं सांसे रोके हुए देख रहा था …

“हम्म्म्म लेकिन आप तो ठहरे खान साहब के दोस्त आप मेरी मदद क्यो करेंगे आपको तो बस मेरी जवानी ही चाहिये …”

काजल ने अब भी उदास सा मुह ही बनाया था

ठाकुर ने मौका देख कर उसके कंधे पर अपना हाथ फिरना शुरू कर दिया था,साला मादरचोद ..

काजल उसके और भी करीब आ गई और उससे लिपट ही गई

“अरे मेरी जान तुम्हे किसने कह दिया की मैं उसका दोस्त हु ,वो साला मुझसे अभी तक कई गैरकानूनी काम करवाता रहा बदले में मुझे क्या मिला ????ये नॉकरी???

कितनी सेलरी मिलती होगी मुझे और ऊपरी कमाई भी कुछ नही ,जब भी उसके मतलब का काम होता है साला मुझे वही ट्रांसफर करवा देता है ,लेकिन अब मेरे पास तुम हो और तुम ही उसके किस्मत की चाबी हो क्यो ना हम दोनो ही मिलकर उसके गांड में लात मारे और मेरे पावर और तुम्हारी काबिलियत के बदौलत हम दोनो ही उसके सर पर पैर रखकर निकल जाए “

काजल के चहरे में फिर से मुस्कान खिल गई,लेकिन उसने खुद को सम्हाल लिया

“ये आप क्या कह रहे है आप तो उनके दोस्त है ना “

ठाकुर के चहरे मे मुसकान और भी गाढ़ी हो गई

“तुम्हे क्या लगता है तुम जो अजीम के साथ कर रही हो खान को बिना बताए वो मुझे नही मालूम …मैं जानता हु की तुम्हारी नजर खान के जयजात पर है लेकिन तुम उसे अकेले तो नही हड़प सकती तुम्हे मेरी जरूरत तो होगी ही ,”

अब काजल के चहरे में मुस्कान साफ साफ दिखाई देने लगी

“मैं जानती थी की तुम बहुत ही होशियार हो इसीलिये तो मैंने तुम्हे चुना “

दोनो ने ही एक दूसरे को मुस्कुरा कर देखा ,वो आप से तुम में उतर चुकी थी

“और मैं भी जानता था की तुम बहुत चालाक हो इसलिए तो तुम्हे यंहा बुलाने की हिमाकत कर गया “

दोनो यह खिलखिला कर हंसे

“तो एक जाम हो जाए “

ठाकुर उठकर दो ग्लास में शराब भर लाया था,अब खान का पुराना राजदार काजल का दोस्त बन चुका था और अब काजल को अपनी अदाओं से उसे अपना दीवाना बनाना था ..

वो जाम अपने हाथो में लेकर उसके जाम से टकराई

“ये जाम हमारी दोस्ती के नाम “काजल कुटिलता से मुस्कुराई

“और साथ ही खान की बर्बादी के नाम “

ठाकुर भी मुस्कुरा रहा था ,दोनो ही एक ही सांस में पूरा पैक पी गए और एक दूसरे को देखने लगे ,मेरे दिल में बस एक ही बात आ रही थी …..साला मादरचोद ..

मैं इसके सिवाय और सोच भी क्या सकता था ,

उसने अपना हाथ काजल के कमर पर रख दिया

“अब तो आप हमारी दोस्त बन चुकी है तो ये गिफ्ट स्वीकार करे और साथ ही हमारी शर्त भी “

“क्या शर्त “

“यही की इसे हम अपने हाथो से आपको पहनना चाहते है “

काजल खिलखिलाई और मेरा गांड सुलग गया..

“अच्छा देखे तो जनाब हमारे लिए क्या लाये है “

काजल ने गिफ्ट को खोला

“यू नॉटी …इसे पहनना चाहते है आप ,हम तो आपको बड़ा ही शरीफ समझ रहे थे और आप तो “

काजल गुस्सा तो नही थी लेकिन बड़े ही मादक अंदाज में और मादकता भरे हुए शिकायत के अंदाज में ठाकुर को देख रही थी …

“तुम्हारे जैसी हसीना को देखकर कोई मर्द कब तक शरीफ रहेगा ,और ये तो मेरा सपना था की मैं तुम्हे ये अपने हाथो से पहनाऊँ …”ठाकुर ने बड़े ही शायराना अंदाज में कहा और साथ ही ऐसे कहा जैसे काजल से रिक्वेस्ट कर रहा हो ..

मैंने नजरे गड़ाई की आखिर वो गिफ्ट था क्या ,मुझे काले रंग का ही कुछ दिखाई दिया ,

काजल ने उसे उठाया ,

“इसे पहनने का सपना देख रहे थे जनाब “वो मुस्कुराई लेकिन मेरा सब कुछ जल गया

‘साला मादरचोद ‘मैं फिर से बुदबुदाया

काजल के हाथो में काले रंग की एक झीनी सी पतली पेंटी थी ,शायद एक ब्रा अभी भी गिफ्ट के पैकेट में रखा था ..

दोनो ही एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे लेकिन मेरी हालत बहुत ही गंभीर थी ………..

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