ये गलत है(भाई-बहन का प्यार) – Update 7 | Incest Sex Story

ये गलत है(भाई-बहन का प्यार) - Incest Sex Story
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अगली सुबह सोनू के स्कूल की छुट्टी थी…वाल्मीकि जयंती की..इसलिए वो 9 बजे तक सोता रहा…और सोनिया तो थी ही एक नंबर की आलसन, वो भी बेसुध सी होकर सोई पड़ी थी..

सोनू की मॉम कमरे में आई और दोनो को आवाज़ लगाकर उठने को कहा..
सोनिया तो सोई रही पर सोनू को नीचे उठकर जाना पड़ा, वो क्लिनिक के लिए निकल रही थी…
दरवाजा बंद करके वो वापिस आकर सो गया..पर अब उसे नींद नही आ रही थी…
उसके दिमाग़ मे रात वाली बातें एक बार फिर से ताज़ा हो गयी की कैसे उसने अपनी बहन को मास्टरबेट करते हुए देखा…
उसके नंगे जिस्म को इतने करीब से देखा उसने…
उसे डिल्डो का इस्तेमाल करके झड़ते हुए देखा…
और अंत मे जब उसने उसका नाम लेकर वो सिसकारी मारी थी, उसे याद करके सोनू का लंड एकदम तन्ना सा गया… वैसे भी रोज सुबह उसका लंड खड़ा रहता था, पर आज तो कुछ ज़्यादा ही था.

अब उसके दिमाग़ में सिर्फ़ एक ही बात चल रही थी की उस बात को कैसे पूछा जाए…

कुछ देर में वो भी उठ गयी….और गुड मॉर्निंग बोलकर अपनी आँखे मलती हुई बाथरूम में घुस गयी…

वो फ़ौरन उठा और भागकर उसके बिस्तर तक गया…. और जैसा उसने सोचा था, उसके पिल्लो के नीचे उसे वो वाइब्रेटर मिल ही गया…

उसने वो उठा लिया… उसे छूकर और इस कल्पना मात्र से ही की वो उसकी बहन की चूत को ना जाने कितनी बार घिस चुका है, उसके लंड का पारा उपर तक जा पहुँचा…

ना चाहते हुए भी उसके हाथ से डिल्डो का बटन ऑन हो गया…और एक सुरीली सी आवाज़ के साथ वो उसके हाथ में फड़फड़ाने लगा…

उसमे से निकल रही वाइब्रेशन को महसूस करके उसका शरीर गुनगुना उठा….
वो अंदाज़ा लगाने की कोशिश करने लगा की इसे चूत पर लगाकर कैसा फील करती होंगी लड़कियाँ…

पर वो ये सोच ही रहा था की अपने मुँह में ब्रश डाले सोनिया बाथरूम से बाहर निकल आई….
और सोनू के हाथ में अपनी पर्सनल प्रॉपर्टी देखकर वहीं के वहीं जम कर रह गयी…

दोनो की नज़रें मिली, पर कोई कुछ ना बोला…. पूरे कमरे में सिर्फ़ मोटर की गुर्र्रर गर की आवाज़ आ रही थी.

थोड़ी देर बाद जैसे सोनिया को होश सा आया….
वो भागकर बाथरूम में गयी और कुल्ला करके वापिस आई और लपककर उसने वो डिल्डो पकड़ लिया…
पर सोनू भी तैयार था… उसने वो छोड़ा ही नही…
डिल्डो का उपर वाला हिस्सा सोनिया के और नीचे वाला सोनू के हाथ में था…
और उसमे से निकल रही तरंगे दोनो के शरीर को झनझना रही थी..

कुछ देर तक पूरी सिचुएशन को अच्छी तरह से समझने के बाद सोनिया थोड़ी कॉन्फिडेंट सी हो गयी और ऐसी स्थिति में अपने भाई के साथ खड़ी होने के कारण उसकी हंसी निकल गयी.

सोनिया के मुँह से जब हँसी निकली to वो मुस्कुराते हुए बोली : “ओ पागल… पता भी है ये क्या है… बेकार में मेरी चीज़ों पर नज़र ना रखा कर…”

सोनू : “अच्छी तरह से पता है मुझे की ये क्या है….मैं अब बच्चा नही रहा..”

सोनिया का चेहरा थोड़ा शरारती हो उठा…
वो अपनी कमर को मटकाती हुई बड़े ही सेंशुअल स्टाइल में आगे आई और बोली : “अच्छा जी… तो मेरा भाई जवान हो गया है…. उसे सब पता है…. अच्छा तो बताओ… क्या है ये… और क्या यूज़ है इसका…”

वो मज़े लेने के मूड में आ चुकी थी….
उसे अब इस बात की ज़रा भी चिंता नही रह गयी थी की उसके भाई ने इतनी निजी चीज़ पकड़ ली है उसकी…
बल्कि वो अब इस सिचुएशन को एंजाय कर रही थी…

पहले सोनू ने बोल तो दिया था , पर सोनिया के पूछने पर उसकी तो गिग्घी बंद गयी…
पर फिर उसे रात वाली घटना एक बार फिर से याद आ गयी…
उसने मन में सोचा की इस वक़्त अगर चुप रह गया तो वो उससे कभी नही उगलवा सकेगा …
इसलिए यही वक़्त है..

वो बोला : “ये … ये मोटर वाला नकली ”वो” है… और इसे लड़कियाँ … अपनी… अपनी .. टाँगो के बीच..यानी अंदर …. रखकर … मज़ा करती है…”

सोनिया ने जब ये सुना तो हंस-2 कर लोट-पोट हो गयी…. और वो अपने बेड पर गिरकर और अपना पेट पकड़कर हँसती रही…और फिर 2 मिनट बाद जब अपने उपर कंट्रोल हुआ तो बोली : “ओ मेरे भोले भाई…. क्या डेफिनिशन दी है तूने इसकी… कमाल है यार तू भी….. और तू कहता है की तू जवान हो गया है….. हा हा ….. पता नही साक्षी के सामने तू क्या करेगा…. ”

अपनी बहन के सामने चुतिया बनकर इस वक़्त सोनू को गुस्सा तो बहुत आ रहा था पर वो उसे सब सॉफ-2 बताकर ये नही जताना चाहता था की उसे अच्छी तरह से पता है की इस डिलडो को चूत में डालकर मास्टरबेट किया जाता है…

अपनी बहन के सामने उसने इतने गंदे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया वो भी सिर्फ़ इसलिए ताकि अपनी मर्यादा का उलंघन ना करे वो… वरना अभी उसे बता देता की क्या-2 पता है उसे…

पर सोनिया की अगली बात सुनकर उसे खुद की कही हुई बात पर काफ़ी खुशी हुई….

वो बोली : “भाई, लगता है तुझे अभी बहुत कुछ सीखना पड़ेगा… वरना बाहर जाकर तू ऐसी बातें करेगा तो दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर कैसे चल पाएगा… हा हा”

उसकी हँसी अब तक नही रुक रही थी…

पर उसकी बात सुनकर सोनू का दिमाग़ कहीं और ही चलने लगा…. अब उसे लग रहा था की अपनी बहन के सामने ऐसे ही बुढ़ू सा बनकर रहे और देखे की उसकी बहन को सैक्स के बारे में क्या-2 पता है… और वो सब बताने के बहाने शायद वो उसके करीब भी आ जाए और कुछ मज़े करने को मिल जाएँ..

और आज ये सब सोचते हुए पहली बार हुआ था की उसके अंदर के ”भाई” ने ये नही कहा की ”ये ग़लत है”

शायद उसकी वासना ने उसके रिश्ते की रही सही भावना को कुचल दिया था…पर शायद अभी के लिए.

पर जो अभी हो रहा था, उसे सोनू बहुत एंजाय कर रहा था.

और उसकी सोच के अनुसार वही हुआ , सोनिया ने उसे अपने बेड पर बिठाया और बड़े ही प्यार से उसे सैक्स का पाठ पड़ना शुरू किया..

”देखो सोनू… आई नो की हम दोनो भाई बहन है और हमें ये सब बातें एक दूसरे से नही करनी चाहिए… पर कल जो हम दोनो के बीच डिसाईड हुआ था, उसके बाद मुझे लगता है की हम दोनो को एक दूसरे से कुछ भी छिपाना नही चाहिए…”

सोनू किसी लंगूर की तरह सोनिया को एकटक देखता रहा …

वो आगे बोली : “आई डोंट नो की तुम्हे पता है या तुम नासमझी का नाटक कर रहे हो.. पर जितना तुमने बताया है वो इन्फर्मेशन थोड़ी अधूरी सी है… इसलिए मैं उसको पूरा कर देती हूँ …इसे डिल्डो कहते हैं… और इसका इस्तेमाल करके लड़कियाँ मास्टरबेट करती है… और ऑर्गॅज़म का मज़ा लेकर ही उन्हे चैन मिलता है…”

सोनू : “तो इसका मतलब…. कल रात को तुम …. म.. मास्टर …. बेट… कर रही थी …..”

सोनिया का चेहरा गुलाबी सा हो उठा…. और पहली बार सोनू ने उसे शर्माकर अपनी आँखे चुराते हुए देखा…

वो धीरे से बोली : “हम्म्म…”

और फिर अचानक उसने अपनी आँखे गोल कर ली, जैसे उसे कुछ याद आ गया हो या उसने सोनू की चोरी पकड़ ली हो..

सोनिया : “तुम कल रात जाग रहे थे ना…. जब मैं मास्टरबेट कर रही थी….बोलो …. ”

सोनू कुछ नही बोला…. उसने सिर झुका लिया… यानी उसने कबूल कर लिया की वो जाग रहा था..

सोनिया ने अपने दोनो हाथ अपने चेहरे पर रख लिए और ज़ोर से चिल्लाई : ” ओह्ह्ह गॉडsssss ……. मुझे पता था…. कल रात ही पता चल गया था की तुम जाग रहे हो……इट मीन्स….. तुमने…. वो सब होते हुए देख लिया…..”

अब वो खिसिया सी रही थी…. और उसे थोड़ा बहुत गुस्सा भी आ रहा था…

सोनू ने बात संभाली : “नही दी…. वो मैने जान बूझकर नही किया…. मेरी आँख जब खुली तो … तो… शायद तुम सब कर चुकी थी…. पर…”

वो गुरराती हुई उसके करीब आई : “पर…. पर क्या ?”

सोनू सकपका सा गया उसके गुस्से से भरे चेहरे को देखकर…

सोनू : “मैने वो आपको….. लास्ट में .. मेरा नाम लेते हुए सुना…”

सोनिया ने अपना माथा पीट लिया… शायद जिस बात का उसे डर था, वही हुआ था उसके साथ .

अभी तक जो सोनिया मज़े ले रही थी, एकदम से चुप हो चुकी थी..

सोनू : “दी, आपने ही तो कहा था की हम अब दोस्त हैं…. तो आप इस बात पर इतना नाराज़ क्यों हो रही हो…. ”

सोनिया धीरे से बोली : “नही…. नाराज़ नही हूँ मैं…. बट जो कल रात हुआ वो….. वो मेरे बस में नही था…”

सोनू : “देखो दी, मुझे नही पता की आप उस वक़्त क्या सोच रही थी… बट डोंट फील बेड की आपने मेरा नाम लिया था उस वक़्त… या फिर मैने वो सब सुन लिया था….”

वो कुछ नही बोल रही थी…. शायद उसके दिमाग़ में कुछ चल रहा था..

सोनू अपनी तरफ से उसे कॉन्फिडेंस फील कराने के लिए कुछ ना कुछ बोले ही जा रहा था..

”देखो दी, वो सब कई बार मेरे साथ भी होता है…. कभी साक्षी के बारे में तो कभी किसी और लड़की के बारे में सोचकर मैने भी कई बार मास्टरबेट किया है… एक बार तो अपनी मेम के बारे में सोचकर भी किया था… ऐंड आई नो की वो सब करते हुए किसी का नाम लेने में कितना मज़ा आता है…”

सोनिया ने उसकी तरफ देखा… और बोली : “पर कभी एक भाई को बहन के बारे में या बहन को भाई के बारे में सोचकर करते हुए नही देखा होगा ना… पर पता नही क्या चल रहा था मेरे मन में उस वक़्त… मैने लाख कोशिश करी की अपनी क्लास के किसी फ्रेंड के बारे में सोचू , या किसी हेंडसम टीचर के बारे में … या फिर कोई और… पर पता नही कैसे लास्ट में सिर्फ़ तुम्हारे बारे में ही सोचकर मुझे कुछ हो गया …और.. और ”

इतना कहकर वो चुप हो गयी….

सोनू समझ गया की शायद उसने ये सब जान बूझकर नही किया है…
कल से दोनो के बीच जो चल रहा था, कहीं ना कहीं सोनिया के दिमाग़ में वही सब रह गया होगा,
इसलिए आख़िरी वक़्त में झड़ते हुए सोनू का नाम निकल गया था उसके मुँह से…

सोनू ने माहौल को हल्का करते हुए कहा : “ओके दी… चलो छोड़ो ये सब… जो हुआ सो हुआ… अब इसके बारे में बात नही करते…. मुझे इस बात से कोई फ़र्क नही पड़ता… सो भूल जाओ कल रात की बात…. एन्ड मेरे साथ बाहर चलो, और ये भी बताता हूँ की कल साक्षी के साथ मैंने क्या किया ”

सोनिया एकदम से खुश हो गयी…. वो भी साक्षी के बारे में जानना चाहती थी, उसे शायद इस बात की भी खुशी थी की उसके भाई को इतना सब होने के बाद भी कोई फ़र्क नही पड़ रहा था… पर ये सिर्फ़ सोनू ही जानता था की उसे कितना फ़र्क पड़ रहा है… कितना पड़ चुका है….और आगे कितना पड़ने वाला है.
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दोनो नीचे आ गये… घर में उनके अलावा कोई नही था..

सोनिया किचन में जाकर दोनो के लिए नाश्ता बनाने लगी, सोनू किचन काउंटर के बाहर पड़ी चेयर पर बैठा था.

सोनिया : “चल बता जल्दी से… क्या-2 हुआ कल …”

सोनू के दिमाग़ में अभी तक कल रात वाला डिल्डो घूम रहा था…
और कुछ देर पहले हुई खुल्ली बातचीत से उसके अंदर की झिझक काफ़ी हद तक ख़त्म हो चुकी थी.

सोनू : “वैसे तुम्हे इतना इंटेरेस्ट क्यो है मेरे और साक्षी के बारे में जानने के लिए…”

सोनिया : “बस…ऐसे ही…”

वो आँखे चुरा रही थी…
और सोनू अच्छी तरह से जानता था की वो ऐसा तभी करती है जब वो झूट बोल रही होती है..

सोनू : “ओके … तो सुनो…. कल हमने किस्स किया..”

उसने एक ही बार में वो बोल दिया, जो कल तक उसने किसी को भी ना बताने की अंदर ही अंदर कसम खाई थी.

वो आमलेट बनाती-2 पलट कर उसे हैरानी से देखने लगी..

और बोली : “वाव…. नोट बेड…. पहले ही दिन…. सही है….”

वो अपनी आँखे बंद करके एक पल के लिए अपने भाई को किस्स करते हुए इमैजिन करने लगी

और एक बार फिर से घूम कर नाश्ता बनाने में जुट गयी.

उसने कुछ और पूछा ही नही…
अभी कुछ देर पहले तक तो वो साक्षी का नाम सुनकर काफ़ी एक्साईटीड हो रही थी…अब एकदम से क्या हो गया उसे..

सोनू को अंदर ही अंदर कुछ महसूस हुआ
उसे लगा शायद सोनिया को ये बात सुनकर ज़्यादा अच्छा नही लगा है,
कही …. उसे… अंदर ही अंदर….
जलन तो नही हो रही…
साक्षी से…….

और इस बात की पुष्टि करने का सिर्फ़ एक ही तरीका था…

उसे और जलाया जाए..

सोनू : “पता है सोनी, हमारे स्कूल में एक लड़की है…. एंड शी इस बोम्बशेल… उसे देखकर हर लड़के का यही मन करता है की बस एक बार ये मिल जाए…”

उसने अपनी बात अधूरी छोड़ दी…
सोनू ने नोट किया की वो उसकी बात को कान लगाकर सुन रही है..

सोनू आगे बोला : “वो अपने बी एफ के साथ बिल्डिंग के पीछे की तरफ गयी…और वहां जाकर उसके साथ मस्ती करने लगी…”

ये कहकर वो रुक गया.

जब कुछ देर तक सोनू नही बोला तो वो झल्ला कर बोली : “अब आगे भी बोलेगा की क्या हुआ..”

सोनू को इस वक़्त बहुत मज़ा आ रहा था.

सोनू : “हाँ , बता तो रहा हूँ …साक्षी उस वक़्त मेरे साथ ही थी…हम दोनो भी उनके पीछे-2 गये…और वो सब करते हुए उन्हे देखने लगे…”

सोनिया ने ऐसी नज़रों से उसे देखा जैसे पूछ रही हो की ‘क्या देखा, ये भी तो बता’

सोनू (मंद-2 मुस्कुराते हुए) : “हमने देखा की वो ना… वो दोनो…. एक पेड़ के नीचे जाते ही…. एक दूसरे को…. उम्म्म… लिपट गये…. और …. और लीप तो लीप किस्स करने लगे…”

वो कुछ ज़्यादा ही आराम से और डीटेल में सब बातें बता रहा था….
सोनिया भी अपना काम छोड़कर उसकी तरफ घूम गयी और आँखे फाड़कर अपने भाई के मुँह से पहली बार ऐसी बाते निकलते हुए देखने लगी….
आज तक यही सोनू इस तरह की बातों से बचता फिरता था…
एक ही दिन में वो उससे इतना ओपन हो गया था की अब खुलकर अपने स्कूल की बातें उसे मज़े लेकर सुना रहा था.

वो फ्रूट्स छिल रही थी, और तिरछी नजरों से अपने भाई को भी देख रही थी

सोनिया : “फिर….?”

सोनू : “फिर उसके बी एफ ने उसकी शर्ट के बटन खोले… और उसकी….. बूबी को चूसने लगा…”

बूबी सुनकर सोनिया की हँसी निकल गयी…. और बोली : “ओ पागल, वो बूबी नही बूब्स होते हैं….”

सोनू : “हाँ , पता है…. पर उसके बिल्कुल छोटे-2 से थे…. बिल्कुल इतने से….”

सोनू ने उंगलियों को मोड़कर गोल सी शेप बनाई…उसे देखकर एक बार फिर से वो हंस दी

और बोली : “चाहे वो इतने हो या मेरे जितने , वो बूब्स हि कहलाएँगे… समझा….आगे बोल..”

सोनू ने हाँ में सिर हिलाया…कल स्टार्ट हुई सैक्स क्लास आज फिर से शुरू हो चुकी थी..

सोनू : “फिर….साक्षी ने भी मुझे पकड़ लिया… शायद उन्हे देखकर उसे भी जोश चढ़ गया था… और कल रात जो मैसेज था वो भी उसे याद आ गया…. और…. आई लव यू बोलकर उसने मुझे ज़ोर से किस्स कर लिया…”

सोनिया : “वाउ…. सो रोमांटिक …..”

उसकी आँखो में चमक थी…. पर सोनू उसमें ये देखने की कोशिश कर रहा था की वो पहले जो उसे फील हुआ था, वैसा कुछ है या नही… पर उसे कुछ महसूस नही हुआ… वो नॉर्मल सी ही लगी… शायद उसका ही वहम था पहले..

और इतनी सारी बातें उसने खुलकर अपनी बहन से कर ली थी, जिसके बारे में उसने सोचा तक नही था….
बूब्स, किस्स और ना जाने क्या-2…
ऐसा तो कोई भाई अपनी बहन को नही बताता…और ना ही कोई बहन अपने भाई को
पर वो सब उसे बताते हुए सोनू को मज़ा बहुत आया था…
और उसे खुद ही अंदर से बहुत फ्री-2 सा फील हो रहा था…
जैसे उसने ये बात अपनी बहन को नही बल्कि किसी लंगोटिया यार को बताई हो..

वो ये सब सोचता हुआ मंद-2 मुस्कुरा रहा था.

और उसे ऐसा करते देखकर सोनिया ने उससे पूछा : “क्या बात है… आजकल बड़ा मुस्कुराता रहता है… क्या चल रहा है तेरे दिमाग़ में इस वक़्त…”

उसने अपने हाथ में लिया चाकू उसकी तरफ लहरा कर पुछा, जैसे ना बताने पर उसे मार ही डालेगी

सोनू : “कुछ नही दी… बस यही सोचकर मुस्कुरा रहा था की आपसे ये सब शेयर करके कितना अच्छा लग रहा है… आई थिंक मुझे आपमें एक अच्छा दोस्त मिल गया है…”

सोनिया ने ये सुना और घूमकर बाहर आई और उसे ज़ोर से हग कर लिया….

और बोली : “मैं तो हमेशा से तेरी दोस्त थी, बस तूने ही कभी दिल खोलकर बातें नहीं की.. ”

दोनो काफ़ी देर तक एक दूसरे को पकड़कर एक दूसरे की पीठ सहलाते रहे…
वैसे भी सोनू को उसकी बिना ब्रा की पीठ पर हाथ फेरने में बहुत मज़ा आ रहा था..

उसने उसकी पीठ पर दबाव डालकर उसे और ज़ोर से अपनी तरफ खींचा, और तब उसे उसके बूब्स अपनी छाती पर महसूस हुए… और उसके निप्पल्स की चुभन को महसूस करके उसे एक ही पल में पता चल गया को वो तन कर खड़े हैं… और उनका एहसास होते ही उसका दिमाग़ घूमने सा लगा… वो कल साक्षी और आज सोनिया वाली हग को कंपेयर करने लगा… और उसे जवाब भी एक पल में मिल गया..

उसकी बहन की हग उसे ज़्यादा उत्तेजित कर रही थी.

एक तरफ तो वो भाई बनकर ऐसी बातों की निंदा करने में कभी पीछे नही हटता था, पर उसके अंदर का शैतान जब उसके भाई पर भारी पड़ जाता है तो वो बेचारा कुछ कर ही नही पाता..

कुछ सोचकर वो तुरंत उससे अलग हो गया…
और उसने सोनिया की आँखो में देखने की कोशिश की… पर वो एक बार फिर से शरमा रही थी अब…
एक बार फिर से उसे ये लगने लगा की जो कुछ देर पहले तक वो सोच रहा था , कहीं वो सही तो नही था.

ये सब उसे आने वाले दिनों में पता चलने वाला था… अभी तो पूरा महीना पड़ा था.

पर सबसे पहले तो उसे आज की रात का इन्तजार था, क्योंकि वो देखना चाहता था की सब बातें जानने के बाद आज रात वो मास्टरबेट करेगी या नही.

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