Reading Mode

मैने उन्हें उपर उठाया और उनके होंठो पर होंठ रखकर उन्हे चूसने लगा…

पहली बार की गयी ये किस्स मुझे किसी और ही दुनिया में ले गयी…

उनके होंठो को चूसते हुए मैं उनके मुम्मो को भी दबा रहा था…

और अपने मुम्मे मसलवाते हुए उन्हे भी काफ़ी मज़ा आ रहा था.

और जल्द ही मॉम पर वो भूतनी सवार हो गयी जो उनसे इतना कुछ करवा चुकी थी…

उन्होने एक ही झटके में मुझे बेड पर धक्का दिया और मेरे उपर सवार हो गयी….

मेरे लंड को पड़कर अपनी चूत के दरवाजे पर फिट किया और किलकरियाँ मारती हुई वो मेरे लंबे से पोल् पर फिसलती चली गयी…

”आआआआआआआआआआआआआहह….सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स…… उम्म्म्ममममममममममममममममममममम….. एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स…… मजा आ गयाआआआआआआआआआअ….”

मॉम की गर्म चूत में घुसकर मेरा लंड भी काफ़ी खुश था…
साला खुशी से फूल कर और मोटा हो गया था वो…

मैने अपने हाथ मॉम के बूब्स पर रखे और नीचे से अपने लंड को उनकी चूत में धक्के मारते हुए उन्हे बुरी तरह से चोदने लगा…

”ओह मॉम ……..यु आर सो हॉट……. आपको पता नही है मैं कब से यही चाहता था….ओह येसससस्स…….. आई एम फीलिंग टू हॉट….. मॉम….आई लव यू मॉम ….आई लव यू ….”

इतना कहते हुए मैने मॉम को नीचे झुकाकर उनके होंठो को चूम लिया…

और बस, यही वो मौका था जब मेरे लंड ने मेरा साथ छोड़ दिया और उसमे से ढेर सारा रस निकल कर मॉम की चूत में जाने लगा….

मॉम भी अपनी चूत के गर्म रस को मेरे लंड के नाम न्योछावर करके हांफती हुई सी, मेरे होंठो को चूसती रही…
और तब तक चूसती रही जब तक उनके शरीर ने ऑर्गॅज़म के झटके देने बंद नही कर दिए…

और अंत में आकर जब हम दोनो की नज़रे मिली तो एक बार फिर से दोनो मुस्कुरा दिए…

तभी पीछे से सोनिया दी की आवाज़ आई : “अपने चक्कर में तुम लोग मुझे तो भूल ही गये….”

मैने और मॉम ने जब नज़र घुमाकर सोनिया की तरफ देखा तो दोनो की आँखे फटी रह गयी…

वो पूरी नंगी होकर, एक चेयर पर बैठकर, अपनी चूत में उंगलिया घुसाकर वो सब देख रही थी और अपनी मूठ मार रही थी…

उसके चेहरे को देखकर सॉफ पता चल रहा था की बिना चुदे वो मानने वाली नही है…
पर मॉम के सामने वो कैसे चुदेगी, ये सबसे बड़ी परेशानी वाली बात थी.

अभी कुछ देर पहले तक मॉम के चेहरे पर जो खुशी थी वो एकदम से गायब हो चुकी थी….
उनकी चूत में जब तक लंड जा रहा था तो वो खुश थी
और जब अपनी बेटी की चूत में वही लंड के जाने की बारी आई तो मॉम के चेहरे ने रंग बदल लिए..

मॉम (थोड़ा गुस्से से) : “ये क्या बोल रही हो सोनिया….ये तुम्हारा भाई है…इसके साथ तुम कैसे…?”

सोनिया तो पहले से ही पूरी तैय्यारी के साथ बहस करने के मूड में थी…

वो बोली : “ये मेरा भाई है तो आपका भी तो बेटा है…जब आप इसके साथ सैक्स कर सकती हो तो मैं क्यों नही….? ”

मुझे भी पता था की सोनिया के इस सवाल का कोई जवाब नही होगा मॉम के पास…
फिर भी वो झल्लाई हुई सी आवाज़ में बोली : “वो….वो….मैं कुछ नही जानती…मेरा तो कुछ नही पर तुम्हारी तो अभी शादी होनी है….इसलिए तुम इस दलदल में अभी से मत उतरो…अपनी वर्जिनिटी बचा कर रखो, उपर-2 से थोड़ा बहुत मज़ा जो लेना है वो ले लो…पर नोट….नोट देट ….नो फकिंग…”

सोनिया का चेहरा एकदम से लाल हो उठा…
और मुझे लगा की अब वो एकदम से बोल ही देगी की वो कई दिनों से मुझसे चुदवाती आ रही है….
और यही वक़्त था जब मुझे बीच में कूद कर सारी बात संभालनी थी..

मैं बोला : “ओके मॉम …जैसा आप कहो….हम उपर-2 से ही मज़े ले लेते है….”

इतना कहकर मैने सोनिया दी को आँख मारकर चुप रहने को कहा और जो प्लानिंग मेरे दिमाग़ में आ चुकी थी, उसके अनुसार ही चलने को कहा…

मॉम मेरी बात सुनकर काफ़ी खुश हुई…
उन्हे लगा की मुझे भी अपनी बहन के कुंवारेपन की चिंता है इसलिए मैं ऐसा बोल रहा हूँ
पर वो नही जानती थी की मेरे दिमाग़ में इस वक़्त क्या चल रहा है…

मैं बिना कोई वक़्त गँवाए सोनिया दी की तरफ बढ़ गया….
और उनके करीब जाते ही वो मुझपर किसी लोमड़ी की तरह झपट पड़ी और मुझे दबोच कर बेड पर लिटा दिया….
और अपना नंगा शरीर मुहसे रगड़ती हुई ज़ोर-2 से मुझे स्मूच करने लगी…
ऐसा लग रहा था जैसे उसपर कोई भूतनी चड गयी है जो मेरा रेप करके ही मानेगी…

मेरी नज़रें मॉम की तरफ भी थी…
जो बड़े ही चिंता भरे चेहरे के साथ हम दोनो के प्यार का खेल देख रही थी…
कुछ ऐसी ही किस्स मॉम ने कुछ देर पहले मेरे साथ भी की थी पर उस वक़्त वो एंजाय कर रही थी…
सच कहा है किसी ने, ये जेलीसी औरत के मूड का सत्यानाश कर देती है…
यही शायद मॉम के साथ भी हो रहा था अभी…
उन्होने शायद मेरे उपर अपना ही हक्क समझ लिया था अभी तो और शायद इसलिए सोनिया दी के बीच में आने से उनका मूड खराब सा लग रहा था…

और शायद उसी जेलीसी में आकर उन्होने चुदाई ना करने की बात कही थी हम दोनो भाई बहन के बीच…
भले ही उनका लॉजिक अपनी जगह सही था पर वो उस काम के लिए मना कर रही थी जो वो खुद कुछ देर पहले तक कर रही थी…

पर मेरे दिमाग़ मे जो चल रहा था उसके बाद तो मॉम ने खुद ही बोलना था की कर लो जो करना है…

सोनिया दी की चूत में जो खुजली हो रही थी उसे दूर करने के लिए वो मेरे मुँह पर आ बैठी और चूत को मेरे मुँह पर बुरी तरह से रगड़ने लगी…

मॉम के लिए तो ये सब शॉक जैसा था और वो ये नही जानती थी की ये घुड़सवारी सोनिया दी पहली बार नही कर रही है…
मेरे मुँह पर चूत रखकर तो उन्होने ना जाने कितनी बार मुझे सुबह नींद से जगाया था…

मैं भी सोनिया दी के नर्म कुल्हो को दबाता हुआ, अपनी जीभ को लंड की तरह तन्ना कर उनकी कसावट भरी, आग उगलती, रस से भरी चूत को चोदने लगा..

”आआआआआआआआआआआआहह यसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स……. और अंदर डालो भाई….अपनी जीभ को…….मेरी चूत में …आआआआआआआआआहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स…. यही पर…….ऑश हाआँ…..यही है वो…..इट्स माय क्लिट भाई…..खा जा इसको……निचोड़ ले…..अपने मुँह में …आआआआआआअहह”

मॉम का चेहरा देखने लायक था जब उन्होने अपनी प्यारी बेटी के मुँह से ये सब सुना तो….
वो जब चुद रही थी तब तो कुछ बोल ही नही पाई थी….
और सोनिया तो बिना चुदे ही इतना कुछ बोले जा रही है….

वैसे एक बात है
चुदाई के समय बोलने वाली लड़कियां या लड़के, चुदाई के मामले में, दूसरो से काफ़ी आगे होते है…

और शायद ये इस वक़्त मॉम भी फील कर रही थी…
उन्हे तो सोनिया में एक होने वाली चुदक्कड़ नज़र आने लगी थी….
अभी तो उसकी उम्र कुछ भी नही है…जैसे-2 ये जवान होगी पता नही क्या -2 गुल खिलाएगी…

मॉम को कुछ दिन पहले की वो बाते भी याद आ रही थी जब उन्होने और सोनिया दी ने मेरे नींद में होने का फायदा उठाया था…
वो तो सिर्फ़ सोनिया दी को ही पता था की मैं जाग रहा हूँ पर उसके बावजूद उस वक़्त मॉम ने सोनिया दी को कुछ नही कहा था जब वो भी उन्ही की तरह मेरे साथ नींद में मज़े ले रही थी…
शायद उस वक़्त आँखो की शर्म नही थी…

पर जो भी था, मॉम की इस हालत को देखकर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था…

और आता भी क्यो नही…
मॉम के बाद अपनी बहन के नंगे शरीर के साथ जो मज़ा मिल रहा था मुझे उसका कोई मुकाबला ही नही था.

मैने सोनिया को घुमा कर 69 की पोज़िशन में कर दिया और उसकी रस टपकाती चूत को अपने मुँह में भरकर ज़ोर-2 से चूसने लगा…

”आआआआआआआआययययीीईईईई मेरे भाई…………………… क्या बात है…….. कहाँ से सीखा ये सब…… उम्म्म्मममममममममममममम सच में ….बहुत मज़ा आ रहा है…..”

सोनिया ने अपनी तड़पति हुई आवाज़ में ये सब कहा और फिर मेरे खड़े हुए लंड को अपने मुँह में डालकर सही मायने में 69 की पोज़िशन को सार्थक करने लगी….
जिसमे दोनो पार्ट्नर्स सिर्फ़ चूसम चुसाई करते है, कोई बातचीत नही…

और यही वो पल था जब मॉम का हाथ एक बार फिर से अपनी चूत की तरफ सरक गया…

और वो भी अपनी क्लिट को अपनी उंगली के बीच दबोच कर रगड़ने लगी…

शायद उन्हे अब पछतावा हो रहा था की उन्होने ये सब मज़े क्यो नही लिए मुझसे…

वैसे ग़लती उनकी भी नही थी..
इतने दिनों से जो कुछ भी मॉम और मेरे बीच चल रहा था उसके बाद तो लंड को एक ही झटके में लेना बनता ही था…

मैने एक उंगली अचानक सोनिया दी की गांड के छेद में उतार दी और वो घोड़ी की तरह हिनहीना उठी…

”आआआआआआआआआआआआहह भाईईईईईईईईईईईईईईईई…………. उम्म्म्ममममममममममम….”

और फिर मैने उंगली की जगह अपनी जीभ उतार दी उसी छेद में ….
ये तो ऐसा था जैसे सोने पे सुहागा….

भले ही गांड के छेद से ऑर्गॅज़म का कोई डाइरेक्ट कनेकक्षन नही था, पर वहां जीभ जाते ही उसकी चूत से ढेर सारा लावा निकल कर मेरी छाती को भिगोने लगा….

ऐसा लग रहा था जैसे उसने सूसू कर दिया हो…
पर असल में वो था उसकी चूत से निकला गरमा गरम ऑर्गॅज़म का रसीला पानी…

मेरे होंठ हरकत में आए और उन्होने उस रस को समेट कर निगलना शुरू कर दिया….
ये ठीक वैसा ही था जैसे गन्ने की मशीन के नीचे मैने अपना मुँह लगा दिया हो….
मीठा और रसीला रस उस मशीन से निकल कर सीधा मेरे मुँह में जा रहा था…

और उस रस का अपनी चूत से त्याग करती हुई सोनिया, बुरी तरह से चिंघाड़ रही थी…

”आआआआआआआआआआआआआआहह…………..ओह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स……….. उम्म्म्ममममममममममममममममममम…….. ओह बैबी……..सककककक इट……….सब पी जाओ……अहह”

और सारा रस पीकर जब मेरी नज़रें मॉम की तरफ गयी तो उनका बदहवासी वाला रूप देखकर मैं डर सा गया….

उनके हाथ अपनी चूत पर जोरो से चल रहे थे….
उनकी आँखे डबडबायी हुई थी….
होंठ फड़क रहे थे और उनमें से कुछ शब्द निकलकर मेरे कानों तक आ रहे थे…

वो बोल रही थी….’साला ……ऐसे मज़े मुझे क्यो नही दिए……अब लूँगी…सारे मज़े……एक साथ……अहह………चाटेगा अब तू….मेरी चूत भी….और ….और….गांड भी……अहह…..मेरा राजा बेटा……अहह सोनू….”

और ये सब बुदबुदाते हुए वो मेरे करीब आई और मेरा हाथ पकड़ कर अपनी चूत पर रख दिया…..

”आआआआआआआआआअहह……..ये भी जल रही है दोबारा……..कर दे इसको भी शांत……अहह….”

पर अब मुझे पता था की क्या करना है….

यही वो वक़्त था जब मुझे मॉम के साथ सौदा करना था..

मैं बोला : “मॉम ..ट्राइ तो अंडरस्टॅंड….जैसा आप फील कर रही हो अभी….वैसा ही सोनिया दी भी कर रही है….देखो ज़रा इनकी हालत….फकिंग की इनको ज़्यादा ज़रूरत है….प्लीज़ अगर आप कहो तो…इनके साथ मैं …कर लू…”

मॉम ने एक बार फिर से कहा : “नही सोनू……एक बार बोल दिया ना….नही तो नही….और जितने मज़े इसने लेने थे, ये ले चुकी है….अब मेरी बारी है….चल जल्दी आ….देख ज़रा…क्या हाल हो रहा है मेरा …..जल्दी से मुझे शांत कर…”

मैं भी दृढ़ स्वर में बोला : “नही मॉम …पहले सोनिया दी….वरना आप भी नही….फ़ैसला आपका है…”

मॉम तो मेरी बात सुनकर हैरान रह गयी….
उन्हे तो ऐसा लग रहा था जैसे उनके गुलाम ने उनका कोई हुक्म मानने से मना कर दिया हो…
पर मेरे चेहरे पर आए भाव देखकर वो समझ गयी थी की मई सीरियसली ये सब बोल रहा हूँ …

अब थोड़ा बहुत बचा हुआ काम सोनिया दी को भी करना था…

वो अपनी नंगी छातिया मॉम की पीठ से रगड़ती हुई बोली : “मॉम ….मान भी जाओ ना…..अपनी लाइफ की पहली फकिंग मुझे अपने भाई से मिले, इससे अच्छा भला क्या हो सकता है….वैसे भी हॉस्टिल में अपनी पुसी में केंडल्स और फिंगर डाल-डालकर अपने कुंवारेपन की झिल्ली तो कब की खो दी है…ऐसे में अगर भाई का लंड अंदर जाएगा तो क्या फ़र्क पड़ जाएगा….प्लीज़ मॉम …ट्राइ तो अंडरस्टॅंड….करने दो ना….”

सोनिया दी ने बड़ी चालाकी से अपनी झिल्ली फटने का इल्जाम बेचारी केंडल्स पर लगा दिया ।

मैं : “हन मॉम ….प्लीज़….एन्ड आई प्रोमिस की उसके बाद आपको मैं दुनिया का वो मज़ा दूँगा जो किसी भी किताब या बी ऍफ़ मूवी में भी नही देखा होगा किसी ने….प्लीज़ मॉम …”

इतना बहुत था, मॉम को पिघलाने के लिए…

वो बोली : “ओके ….तुम कहते हो तो यही सही…..बट ….आई वॉंट तो हेव ए फन अलोनगविद यू …..ओके …”

मॉम बड़ी चालाक थी…
उन्हे अच्छे से पता था की एक बार तो मैं झड़ ही चुका हूँ , सोनिया की चुदाई के बाद दोबारा तैयार होने में पता नही कितना टाइम लगेगा…
इसलिए वो सोनिया दी के साथ ही अपने मज़े लेना चाहती थी….

और इसमें ना तो मुझे और ना ही सोनिया को कोई प्राब्लम थी…

और अब वक़्त आ गया था मेरे लंड का सोनिया दी की चूत में जाने का…
और वो भी मॉम की प्रॉपर पर्मिशन के साथ…

सोनिया बेड पर लेट गयी और मैं उसकी टाँगो के बीच आ गया…

मॉम सामने से आई और उन्होने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया ताकि वो चिकना हो सके…
और फिर उन्होने सोनिया की चूत भी चूसी, अब दोनो तरफ की पार्टी तैयार थी….
मॉम ने बड़े प्यार से मेरे लंड को पकड़कर सोनिया दी की चूत पर रखा और बोली : “शाबाश बेटा….अब धीरे-2 अंदर डालना….वरना इसे तकलीफ़ होगी….”

मैं मन ही मन हंस दिया….
और सोनिया भी….

मैने ठीक वैसे ही किया जैसे मॉम ने कहा था….

लंड को चूत पर रखा और उसे धीरे-2 अंदर खिसकाने लगा…

सब कुछ वैसे ही हो रहा था जैसा मॉम चाहती थी…
पर सोनिया को ऐसे लंड लेने में मज़ा नही आ रहा था..

वो ज़ोर से चिल्लाई : “ऐसे नही भाई……एक ही झटके में अंदर डालो…..डालो ना….”

और इससे पहले की मैं कुछ समझ पाता, सोनिया ने मेरे कुल्हो पर अपनी टांगे रखकर, मुझे अपने उपर पूरा खींच लिया….
और मेरा लंड दनदनाता हुआ सा उनकी चूत में घुसता चला गया….

”आआआआआआआआआआआआआआआआआहह ओह एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स………. उम्म्म्ममममममममममममम”

एक ही पल में मेरा पूरा का पूरा लंड जड़ समेत सोनिया की चूत में था….
मैं सोनिया के उपर लेटा हुआ उसकी चूत से आ रही वाईबरेशन को महसूस कर रहा था…

और मॉम आश्चर्य से अपनी बेटी के इस कारनामे को देखकर बड़बड़ा रही थी

”ये आजकल की लड़किया बड़ी डेयरिंग बाज है…..मैं तो अपने फर्स्ट टाइम में 2 घंटे तक डरती रही थी….और ये….है भगवान…पता नही क्या होगा इसका…”

अब सोनिया का जो होना था वो तो हो ही चुका था…

मैने उसकी आँखो में देखा और उसमे मुझे एक अलग ही तरह की चमक दिखाई दी…
विजय की चमक …
जैसे कह रही हो की
‘देख लो भाई…जैसा मैने कहा था वो कर दिया है…मॉम को तुमसे चुदवा भी दिया और उनके सामने खुद भी चुद रही हूँ ….मानते हो ना मुझे….’

बस….
उसके बाद तो मैने उसके हिलते हुए मुम्मे पकड़ कर जोरों से उसकी चूत चोदनी शुरू कर दी….

इसी बीच मॉम भी अपनी टांगे फेला कर सोनिया के चेहरे पर बैठ गयी

बड़ा ही सैक्सी सीन था , मेरे सामने मेरी माँ और बहन,दोनों मजे ले रही थी थी…
बहन की चूत में तो मेरा लंड था जो अब मॉम की चूत में जाने के लिए निकल चुका था…

मैने अपना गीला लंड लेजाकर मॉम की चूत पर रखा और उन्होने भी ठीक वैसे ही मुझे अपने उपर खींचा जैसे सोनिया दी ने खींचा था…

घपप्प की आवाज़ के साथ मेरा तुर्कमानी लंड मॉम की चूत में घुसता चला गया..

अब सिसकारिया मारने की बारी मॉम की थी..

”आआआआआआआआआअहह बेटा……… शाबाश…………….ओफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़…… क्या लंड है रे तेरा…… कसम से ……मुझे तो खुद पर ही नाज़ हो रहा है….की …की…ऐसा बेटा पैदा किया है…..अहह…..उम्म्म्मममममममममम……चोद बेटा…अपनी माँ को चोद ….ज़ोर ज़ोर से चोद ………”

सोनिया अब घोड़ी बन गयी और अपनी गांड लहरा दी मेरी तरफ….

मेरा लंड निकल कर उसकी गांड-हवेली की तरफ चल दिया…
और इस बार मैने अपना लंड उसकी चूत की बजाए गांड में पेल दिया….
वो तो अच्छा हुआ की मॉम अभी तक लेटी हुई थी, उन्हे यही लग रहा था की मैं सोनिया की चूत मार रहा हूँ डुग्गी स्टाइल में …
पर असल में वो अपनी गांड मरवाई का मज़ा ले रही थी…

सैक्स ही सैक्स फैल चुका था पूरे कमरे में ….

और उस कमरे में एक के बाद दूसरे और फिर से पहले छेद में अपना लंड पेल रहा था…
आज की डेट में शायद मेरे से खुशकिस्मत लड़का कोई और नही था पूरी दुनिया में जिसे अपने घर में पूरा प्यार मिला था…
अपनी माँ का…
अपनी बहन का…
स्कूल में अपनी गर्लफ्रेंड साक्षी का …
और बोनस के रूप में अपनी बहन की सहेली तनवी और चाँदनी…

कुल मिलाकर जब से सोनिया दी हॉस्टिल से वापिस आई थी , तब से लेकर आज तक मुझे भी नही पता था की मैं कितनी बार चूत मार चुका हूँ …
और अब ये सिलसिला तो हमेशा के लिए चलने वाला था..

सोनिया दी के हॉस्टिल चले जाने के बाद मॉम के साथ और बाहर साक्षी और तनवी के साथ..

और ये सब करके मैने एक बात तो सीख ली थी अपनी लाइफ से की हर वो बात जो सिद्धांतो के हिसाब से ग़लत होती है, उसे करने के बाद वो उतनी ग़लत नही रहती जितना की हम सोच लेते है…

इसलिए अब मेरी लाइफ में सब सही है….

कुछ भी ग़लत नही है.

और मैं अपनी इस लाइफ को अच्छे से एंजाय कर रहा हूँ …..और करता रहूँगा.

**************
समाप्त
***************

दोस्तो , इसी अपडेट के साथ मैं अपनी इस कहानी को यही ख़त्म कर रहा हूँ …
आशा करता हूँ की आप सभी को ये कहानी पसंद आई होगी.

मुझे पता है की मेरे ज़्यादातर दोस्त कहानी को और आगे ले जाने की बात करेंगे, पर मेरे हिसाब से इस कहानी के माध्यम से जो मैं दर्शाना चाहता था वो सब दर्शा चुका हूँ , इसके बाद जो भी होगा, वो सब रिपीट स्टोरी की तरह चलेगा..

आपका प्यार बना रहा तो जल्द ही एक और कहानी स्टार्ट करूँगा, जिसपर मैने लिखना स्टार्ट भी कर दिया है…
जब तक उस कहानी का ढाँचा तैयार होता है तब तक के लिए आप ”लालाजी” वाली कहानी का मज़ा लीजिए..

मेरा अपने सभी रेग्युलर रीडर्स से अनुरोध है की कहानी का सार निकालकर अपने हिसाब से इस कहानी का एक प्रॉपर फीडबेक दीजिए ताकि अपनी आगे आने वाली कहानियों में मैं कुछ सुधार ला सकू.

आपका अपना

अशोक

Please complete the required fields.