सब कुछ शांत होने के बाद उसे खुद पर शर्म आ रही थी…उसने जल्दी-2 अपने कपड़े ठीक किए और पानी डालकर अपने गुनाहों को सॉफ किया..
बाहर आया तो उसकी लाइफ का और भी बड़ा झटका उसका इंतजार कर रहा था..
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अब आगे
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सोनिया नीचे आ चुकी थी…और वो सिर्फ़ एक शर्ट में थी…
शर्ट में यानी, सिर्फ़ शर्ट में ….
नीचे कुछ नही पहना हुआ था उसने…
उसकी गोरी-2 टांगे हिप्स तक नंगी होकर अपनी छटा चारों तरफ बिखेर रही थी… इधर-उधर चलने से उसे उसके अंडरवीयर की झलक मिल रही थी जिसे पहन कर अभी कुछ देर पहले तक वो अपने कमरे में पोज़ बना रही थी…और उपर जो शर्ट पहनी हुई थी, उसके नीचे भी उसने कुछ नही पहना था…उसकी नन्ही ब्रेस्ट के उपर चमकते हुए निप्पल सॉफ देख पा रहा था वो…और वो बड़ी ही बेफिक्री से किचन के काउंटर पर खड़े होकर जूस पी रही थी..
हालाँकि अभी एक मिनट पहले ही सोनू ने अपनी बहन को पूरा नंगा देखा था…और उसी को याद करके वो अभी बाथरूम में मुठ्ठ मारकर निकला था… पर बाहर निकलने के बाद उसे इस सैक्सी अंदाज में देखकर उसके अभी-2 झड़े लंड में फिर से कसावट का एहसास होने लगा…
वो अपने लंड को अपने हाथ से दबा कर फुसफुसाया : “ये लड़की तो मरवाएगी मुझे…”
वो ऐसा कर ही रहा था की सोनिया की नज़र उसपर पड़ी….और वो जूस पीते-2 रुक गयी…. उसने तो सोचा भी नही था की सोनू घर आ चुका है…उसे शायद डुप्लीकेट चाबी वाली बात नही पता थी..इसलिए शायद इतनी बेफिक्री से और ऐसे कपड़ों में आराम से पूरे घर में डोलती फ़िर रही थी..
पर एक पल के लिए आए उसके चेहरे के एक्शप्रेशन अगले ही पल गायब भी हो गये और उसने मुस्कुराते हुए सोनू से कहा : “अरे भाई….तू कब आया…. पता ही नही चला….”
वो तो ऐसे बात कर रही थी जैसे उसे कुछ फ़र्क ही नही पड़ रहा था… पर उसे क्या पता था की उसे ऐसी हालत में देखकर सोनू पर क्या बीत रही है….या शायद पता था !
सोनू झिझकता हुआ सा किचन की तरफ आया और वहां पड़ी एक चेयर पर बैठ गया…सोनिया ने उसके लिए भी जूस डाल दिया..सोनू भी जूस पीते हुए अपनी बहन को और करीब से देखने लगा..
पर उसकी नज़रें सोनू पर भी थी, वो अपने भाई की नज़रों की चुभन को सॉफ महसूस कर पा रही थी और ऐसा करते हुए उसके चेहरे पर एक शरारती स्माइल भी थी..
“क्या देख रहे हो सोनू….सब ठीक है ना….”
सोनिया की ये बात सुनकर वो हड़बड़ा सा गया…उसके मुँह में गया जूस एकदम से बाहर निकल आया… सोनिया ने जैसे उसकी चोरी पकड़ ली थी , उसकी ऐसी हालत देखकर सोनिया की हँसी निकल गयी और वो खिलखिलाकर हंस पड़ी..
सोनू की समझ में नही आ रहा था की उसे हुआ क्या है…
कुछ देर बाद जब वो हंसी थमी तो वो बोली : “ओह्ह्ह माय गॉड ….आई कांट बिलिव इट…. मेरा भाई मुझे चेक आउट कर रहा था….. हा हा ”
सोनू एकदम से बौखला सा गया….वो बोला : “अर्रे…. न…. नही तो…. ऐसा कुछ नही है…. वो तो मैं बस……आई वाज़ जस्ट….”
बेचारे से बोला ही नही गया….और उसे ऐसे हकलाता हुआ देखकर वो एक बार फिर से हंस पड़ी..
”हा हा …. ओ मेरे भोले भाई…… तुमसे तो झूट भी नही बोला जाता….”
और फिर अचानक उसके चेहरे पर गम्भीरता वाले एक्शप्रेशन आ गये और वो ग्लास को काउंटर पर रखकर उसके पास आकर खड़ी हो गयी….सिर्फ़ 2 फुट की दूरी पर…अब तो सोनू और भी करीब से उसके उठे हुए निप्पल के इंप्रेशन देख पा रहा था…और उसकी टाँगो की चिकनाई देखकर ऐसा एहसास हो रहा था जैसे वो काँच की बनी है…एकदम स्मूथ और गोरी-गोरी…
सोनिया : “तुम्हारे कहने का मतलब ये है की तुम मुझे नही देख रहे थे….क्या मैं हॉट नही हूँ …. ऐसे देखकर तुम्हे कुछ नही हो रहा क्या….”
एकदम से अपने उपर ऐसा प्रहार होता देखकर उसकी तो सिट्टी पिटी गुम हो गयी…. ये कैसा सवाल पूछ रही है उसकी बहन… जिसका जवाब वो ना तो हाँ में दे सकता है और न ही ना में ..
सोनू : “पर…पर ये तुम मुझसे क्यो पूछ रही हो….. और ऐसी ड्रेस में … क्यो…. तुम घूम रही हो घर में …”
उसने बोल तो दिया पर अंदर ही अंदर वो जानता था की अपनी बहन को ऐसी ड्रेस में देखकर उसे कितना मज़ा आ रहा है…
वो फिर से हकला गया…उसका गला चॉक हो गया
“देखो….दी….ये…मेरा मतलब… मॉम या डेड देखेंगे तो वो क्या बोलेंगे….”
सोनिया : “और तुम…. तुम्हे तो बुरा नही लग रहा ना…”
सोनू : “वो…मैं ….. आई मीन….. मुझे क्यों ….”
वो मुस्कुरा दी और बोली : “वही तो…..देखो भाई, मुझे तो अपने होस्टल में ऐसे ही रहने की आदत है… ज़्यादा कपड़ो में ना तो मैं घूम सकती हूँ और ना ही सो सकती हूँ …. इंफेक्ट वहां तो मैं न्यूड ही सोया करती थी….वो तो तुम्हारी वजह से मुझे यहाँ थोड़ा डिसेंट होकर रहना पड़ रहा है….वरना…”
उसने बात अधूरी छोड़ दी…पर जितनी बात कही थी,उसे सुनकर सोनू का मुँह खुला का खुला रह गया..
सोनिया तो उसके बाद शुरू ही हो गयी बोलना
”देखो यार… तुम्हारे और मेरे बीच में ये सब फॉरमेलिटीस नही होनी चाहिए…आई मीन भाई बहन टाइप की…. जस्ट बी माय फ्रेंड…. मेरे दोस्त बनकर रहो ना… ऐसे हर बात पर , हमारे रिश्ते की, सोसायटी की या मॉम डेड की दुहाई देना बंद करो…. उन सबसे मुझे कोई मतलब नही है…. तुम मेरे भाई हो… मेरी लाइफ के सबसे करीब तुम हो …. और तुम्हारे साथ मैं वैसे ही रहना चाहती हूँ जैसे मैं खुद के साथ रहती हूँ …. वो सब बाते , जो मैं अंदर ही अंदर खुद से किया करती हूँ ,मैं चाहती हूँ की तुम उन्हे सुनो… अपनी सुनाओ… तुम्हारे और मेरे बीच किसी भी बात को लेकर ना लड़ाई हो, ना मनमुटाव हो और ना ही परदा हो…”
उसकी ऐसी बातें सुनकर वो अचंभित सा रह गया…. वो इस वक़्त ऐसी बातें कर रही थी जैसे कोई प्रवचन दे रही हो… और अंदर ही अंदर वो सब सोनू को बहुत अच्छा लग रहा था..
पर फिर भी सोनू ने कहा : “पर….ये … ये ग़लत है दी…”
वो एकदम बिफर सी गयी ‘ये ग़लत है’ सुनकर….
वो लगभग चिल्लाती हुई बोली : “क्या ग़लत है… बोलो…. हम बचपन मे एक दूसरे के साथ ऐसे ही रहा करते थे ना, तब ठीक था, अब ग़लत क्यों ?..सिर्फ़ बॉडी से ऐसे रिश्ते होते है क्या…हमारी बॉडी अब वैसी नही रही तो हमारे नज़रिए फ़र्क में आ जाएगा क्या ?… वो ग़लत नही है क्या ??…. अपने भाई को एक दोस्त मानने की बात कर रही हूँ , ये ग़लत है क्या ?… डेम इट … हम सैक्स नही कर रहे और अगर कर भी रहे होते तो दुनिया में किसी से डरने की ज़रूरत नही है हमें…”
सोनू फटी आँखो से उसे देखता रह गया…
सोनिया : “ओह….आई एम सॉरी… ये लास्ट वाली लाइन के लिए, आई थिंक ये कुछ ज्यादा हो गया …. बट ट्राइ टू अंडरस्टॅंड सोनू…. इन खोखले रीति रिवाजों और रिश्तों के जंजाल में फंसकर अपनी लाइफ को हेल मत बनाओ…. मैने देखी है ओपन लाइफ… हॉस्टिल लाइफ…. वो जिंदगी जीने के बाद इस तरह घुटन भरी जिंदगी मुझसे नही जी जाएगी….”
उसके मासूम से चेहरे को देखकर और उसके अंदर चल रहे अंतर्द्वंद को समझकर सोनू का दिल पसीज गया…. वो उसके साथ वाली चेयर पर बैठ गया और अपनी एक बाजू उसके पीछे से लेजाकर उसे अपनी तरफ खींच लिया और उसे अपने सीने में समेट कर हग कर लिया… और बोला : “आई एम सॉरी दी…. आई थिंक तुम सही कह रही हो…. हमें इन सब बातों की चिंता नही करनी चाहिए…”
उसकी बात सुनकर सोनिया का चेहरा खिल उठा…वो उछल पड़ी और बोली : “सच…. वाउ …. मुझे खुशी है की तू मेरी बात समझता है…”
सोनू : “यस … मैं तो समझ गया … पर माँ – पापा …. उनके सामने भी क्या तुम ऐसे ही …”
सोनिया : “पागल है क्या….. मुझे माँ का लेक्चर नही सुनना, वरना वो तो मुझे कल ही वापिस बुला लेंगी…. और मैने तो अभी कॉलेज लाइफ भी देखनी है वहाँ की….”
वो जैसे कहीं खो सी गयी…. सोनू समझ गया की वो इस वक़्त खुली आँखो से आने वाली लाइफ के सपने देख रही है…
और सपने तो सोनू भी देखने लग गया… जो बातें सोनिया ने कही थी, उनके बारे में सोचकर उसके दिल मे गुदगुदी सी हो रही थी… और वो जानता था की अब उसकी लाइफ में बहुत कुछ बदलने वाला है…




