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मॉम और सोनिया दी के आने से पहले वो अपने घर के लिए निकल गयी…

यहां घर में तो मैं तनवी के साथ मज़े लेने में बिज़ी था
वहीं दूसरी तरफ सोनिया दी ने भी कम मज़े नही लिए मॉम के साथ…

वैसे भी आज सोनिया ने ठान लिया था की वो किसी भी कीमत पर मॉम के दिल की बात उनसे उगलवा कर रहेगी… उसे पता था की उन्हे उकसाया जाए तो वो अपने बेटे के साथ सैक्स करने के लिए तैयार हो ही जाएगी…
वैसे देखा जाए तो ये भी ग़लत ही था
पर सोनिया को अपने उपर पूरा कॉन्फिडेंस था
क्योंकि पहले भी वो इसी तरह के एक ‘ग़लत’ को ‘सही’ करवा चुकी थी
और उसे ये भी पता था की उसमें कितना मज़ा मिलता है.

वो दोनो सीधा एक मॉल में आए और सोनिया ने अपने लिए कुछ जीन्स और टी शर्ट ली..
और मॉम ने अपने लिए 2-3 जोड़े अंडरगार्मेंट्स के लिए..
सोनिया को भी उन्होने एक नया सेट दिलवाया.

दिन का समय था इसलिए मॉल में ज़्यादा भीड़भाड़ नही थी.

सोनिया कोई मौका ढूँढ रही थी ताकि वो अपनी प्लानिंग के अनुसार मॉम से बात कर सके..
और उसे जल्द ही वो मौका मिल गया..

सोनिया ने एक कपल की तरफ इशारा करते हुए कहा : “देखो मॉम , उसकी वाइफ और उस आदमी की उम्र में कितना फर्क है…”

मॉम ने वहां देखा तो बात सही थी….
एक सुंदर सी दिखने वाली औरत के साथ एक काला कलूटा सा, गंजा, अधेड़ आदमी चल रहा था…
दोनो ने हाथ में हाथ लिया हुआ था और सॉफ पता चल रहा था की वो उसका हज़्बेंड है.

मॉम की उम्र में और पापा की उम्र में भी काफ़ी अंतर था, इसलिए वो बात सीधा उनके अंदर तक पहुँच गयी

मॉम : “हम्म्म्म.. आजकल के लोगो को पता नही क्या हो गया है….पता नही क्या देखकर शादी की होगी इस लड़की ने…”

सोनिया : “हाँ….सही कहा…बेचारी रात को कितना तड़पति होगी…. खुद ही अपनी पुस्सी को मसलकर शांत करवाती होगी….”

उसकी बात सुनकर मॉम भी मुस्कुरा दी….
आपस में इतना कुछ करने के बाद उनकी बातो में भी खुलापन आ चुका था..

फिर सोनिया अपनी मॉम के करीब आई और बोली : “मॉम ..सच बताना…क्या आप भी कभी…आई मीन…डू यू ऑल्सो डू ..?”

सोनिया की बात सुनकर मॉम चुप्प सी हो गयी..
और दूसरी तरफ देखते हुए बोली : “मेरी भला ये उम्र है ये सब करने की…मैं क्यों करू ये सब…मेरा पति है..”

सोनिया ने बात बीच में काटी और बोली : “पति अगर ये सब आपको दे पाता तो शायद आप इतनी प्यासी ना रहती जितना मैने महसूस किया था आज…”

वो फिर से चुप्प हो गयी..
शायद उन्हे सोनिया की बात में सच्चाई दिख रही थी..

सोनिया ने उन्हे उकसाया : “या फिर आपमें ही कुछ कमी आ गयी है और आप पापा को रिझाने में कामयाब नही होती आजकल…”

मॉम ने बिफर कर कहा : “उनके बस की कोई बात नही रह गयी है…उनके सामने तू भी नंगी होकर जाएगी ना, तब भी उनका खड़ा नही होगा…”

अपनी मॉम की ये बात सुनकर सोनिया की आँखे फटी रह गयी….
एक ही पल में वो खुद को अपने ही पापा के सामने नंगी खड़ी हुई इमेजिन करने लगी…

मॉम : “तुम्हे जो देखने में इतना आसान लगता है, लाइफ उतनी ईज़ी नही है…बहुत कॉम्पलीकेशन है इसमे… तुम बच्चो की फ़िक्र ना होती तो कब की उन्हें छोड़कर….”

इतना कहते हुए वो सुबकने लगी…
सोनिया ने उन्हे गले लगाकर चुप कराया…
आस पास के सभी लोग रुककर उन माँ बेटी को देखने लगे..

सोनिया : ” आई एम् सॉरी मॉम …. मुझे ये सब नही बोलना चाहिए था… आई केन अंडरस्टॅंड युवर सिचुएशन नाउ…. प्लीज़ आप चुप हो जाओ….”
वो धीरे – 2 चुप हो गयी..

सोनिया ने मूड चेंज करने के मकसद से कहा : “और वैसे भी, अब आपको अपने पति की क्या ज़रूरत है… मैं हूँ ना… उयू केन टेक माय सर्विसेज एनी टाइम ….”

मॉम : “हाँ …पर तुम भी तो छुट्टियों के बाद चली जाओगी… फिर से मैं अकेली…”

सोनिया : “तभी तो बोल रही थी मैं मॉम ….सोनू को पकड़ो…वहां से ही आपको असली मज़ा भी मिलेगा और मेरे जाने के बाद तक मिलेगा…”

पिछली बार की तरह इस बार मॉम के चेहरे पर कोई गुस्सा नही आया..
सोनिया के लिए इतना बहुत था..

वो आगे बोली : “और वैसे भी, ऐसा करके आप कोई ग़लत काम नही करोगी, बल्कि उसपर एहसान ही होगा ये…”

मॉम : “वो कैसे ??”

सोनिया : “मैने देखा है उसको…सोते हुए बेचारा अपना मसलता रहता है…. और मॉर्निंग में तो उसका बुरा हाल होता है…एकदम कुतुब मीनार की तरहा खड़ा होता है…और बाथरूम में भी अक्सर उसके माल के निशान दिखते रहते हैं ”

मॉम ने थोड़ा गुस्से में कहा : “वो तुम्हारा भाई है…और तुम उसके बारे में ऐसा बोल रही हो…”

सोनिया : “मॉम , भाई वो अपनी जगह है, और ये सब देखकर मैं अपनी आँखे तो बंद नही कर सकती ना…”

मॉम ने सकुचाते हुए पूछा : “तो क्या तुमने कभी….उसके साथ…आई मीन … तुम्हारे मन में भी क्या उसके लिए कुछ है ??”

सोनिया : “मॉम, मैं आपसे झूट नही बोलूँगी…वो सब देखकर सच में मुझे कुछ – कुछ होता है… अगर वो मेरा भाई ना होता ना…तो कसम से…मैं कब का उसके कुतुब मीनार को अपने ताज महल में घुस्वा चुकी होती…”

अपने भाई के साथ हुई चुदाई को उसने बड़ी सफाई से छुपा लिया..

मॉम की आँखे गोल हो गयी ये सुनकर और उनकी हँसी भी निकल गयी : “एक नंबर की बेशरम हो गयी है तू… हॉस्टल जाकर भी नही सुधरी तू…”

सोनिया : “बेशरम होने का ठेका क्या सिर्फ़ मर्दो ने ले रखा है क्या… मॉम, मैं तो कहती हूँ की आ जाओ मेरे साथ,हम दोनो मिलकर दिखा देंगे इस दुनिया के मर्दो को की एक औरत जब बेशरम बनती है तो क्या-2 कर सकती है…कितना मज़ा ले सकती है”

मॉम ने उसे घूरते हुए कहा : “मैं देख रही हूँ की आजकल तुम उड़ने के लिए कुछ ज़्यादा ही फड़फडा रही हो… इरादे क्या है तुम्हारे…”

सोनिया : “कुछ नही मॉम, मैं तो बस तुम्हे खुश देखना चाहती हूँ … और कुछ नही…”

मॉम : “अपने ही बेटे के साथ रीलेशन बनाकर… नही…ये नही हो पाएगा मुझसे…मैं नही कर सकूँगी ये…”

सोनिया : “अर्रे…आपको कौन बोल रहा है कुछ करने को…मैं हूँ ना… मैं आपकी हेल्प करूँगी…”

मॉम : “पर तुम्हे कैसे पता की वो भी मान ही जाएगा…हो सकता है की वो मना कर दे..उसके लिए भी तो ये सब करना ग़लत होगा ना…”

‘ये ग़लत होगा’ वाली बात सुनकर सोनिया को एकदम से सोनू याद आ गया…
और मन ही मन वो हंस दी…
और सोचने लगी की ये सोनू और मॉम एक तरह का ही सोचते है…
वो भी अगर उनकी तरह सोचने वाली होती तो यहां तक ना पहुँच पाती..

सोनिया अब तक ये बात अच्छे से समझ चुकी थी की उसकी मॉम को सोनू के साथ कुछ करने के लिए तैयार है…
और यही मौका था उसके लिए अपनी बात को भी मनवाने का…

वो बोली : “मॉम , वो आप मुझपर छोड़ दो…हम दोनो जुड़वा है, और मैं जानती हूँ की उसे क्या पसंद है और क्या नही… मैं सिचुएशंस ही ऐसी क्रियेट करूँगी की वो मना कर ही नही पाएगा… पर मेरी भी एक शर्त है…”

मॉम : “शर्त….वो क्या ?”

सोनिया एक सैक्सी सी स्माइल लाते हुए बोली : “वो ये की जब आप सॅटिस्फाइ हो जाओगे तो मुझे भी मौका दोगे…”

मॉम का चेहरा एक बार फिर से पहले की तरह गुस्से वाला हो गया..

सोनिया : “मॉम , ट्राइ टू अंडरस्टॅंड…ऐसा करने से घर की बात घर में ही रह जाएगी…सोचो, मैं अगर अपने हॉस्टल में रहकर..किसी और लड़के के साथ ये सब कर लूं तो यहां बैठकर आपको क्या पता चलेगा…और किसी के थ्रू पता भी चला तो उसमे बदनामी आप की भी होगी..ऐसा करने में किसी को कुछ पता नही चलेगा…”

मॉम ने शक्की नज़रों से उसे देखते हुए कहा : “मुझे तो लग रहा है की ये सारा खेल तो अपने लिए खेल रही है… तेरा असली मकसद खुद उसके साथ मज़े लेना है…”

अब सोनिया भला मॉम से क्या बोलती…
वो जिस मज़े की बात कर रहे थे वो तो वो पिछले 15 दिनों से ले रही थी…
और 2 दिन पहले अपनी चूत की सील भी सोनू से टुड़वा चुकी थी वो…
पर ये सब मॉम को बोलकर वो उन्हें और गुस्सा नही दिलवाना चाहती थी..

वो बड़ी ही नटखट आवाज़ में बोली : “मॉम, मैं आपके भले के लिए सोच रही हूँ और आप मुझपर ही शक कर रहे हो… मैं तो बस बहते पानी में हाथ धोने की बात कर रही थी…और आई थिंक इसमें आपको कोई प्राब्लम नही होनी चाहिए…”

मॉम अब तक पूरी बात को समझ चुकी थी और अपनी लाइफ का एक बड़ा डिसीसन भी ले चुकी थी…
और वैसे भी, अपने ही बेटे के साथ सैक्स करने की बात सुनकर वो कुछ ज़्यादा ही रोमांचित हो रही थी…
उनकी चूत का बुरा हाल हो रहा था…
वो ऐसे टपक रही थी जैसे उनकी चूत का नल खोल दिया हो किसी ने…

वो बोली : “ओके ..ओके …ठीक है…पर अभी के लिए जल्दी से लू की तरफ चलो…इट्स अर्जेंट…”

सोनिया भी मुस्कुरा दी…
वो समझ गयी थी की उसकी बाते सुनकर मॉम गर्म हो गयी है…

और उसी गर्म लोहे पर हथौड़ा मारने, वो भी उनके पीछे-2 लपक ली..

लेडीज़ वॉशरूम में घुसते ही मॉम ने सोनिया को वही खड़ा रहने को बोला और सीधा एक केबिन में घुस गयी और अपनी सलवार खोलकर उन्होने अपनी पेंटी को देखा…

उसका हाल देखकर वो खुद पर ही शर्मिंदा हो गयी…
ऐसा गंद तो उन्होने आज तक नही मचाया था…
उनकी कच्छी बुरी तरह से गीली हुई पड़ी थी…

और वो पहनने की हालत में बिल्कुल भी नही थी..
उन्होने उसे निकाल कर साइड में पड़े डस्टबिन में डाल दिया और बाहर खड़ी सोनिया से बोली : “सोनी बेटा, ज़रा अंदर आओ…”

सोनिया तो जैसे इसी बात का इंतजार कर रही थी…
वो झट्ट से अंदर घुस गयी…
वैसे भी पूरे बाथरूम में उनके सिवा कोई और लेडी नही थी..

अंदर घुसते ही उसने डस्टबिन में पड़ी मॉम की कच्छी देखी और अपनी हँसी रोक नही पाई वो

”हा हा….. अपने बेटे के बारे में सोचकर ये हाल हुआ है तो जब उसके साथ फकिंग करोगी तो हमारा घर डूब ही जाना है आपकी मलाई में…..”

मॉम फिर से शरमा गयी….
वो बोली : “अब ये पहनने की हालत में नहीं है , जरा वो नयी पेंटी निकाल कर दे मुझे ”

उन्होने सोनिया के हाथ से अंडरगार्मेंट्स वाला पैकेट लेना चाहा तो उसने हाथ पीछे कर लिया…

और आगे बढ़कर उसने अपना दूसरा हाथ सीधा अपनी मॉम की चूत पर रख कर ज़ोर से दबा दिया..

एक तो पहले ही उनकी हालत खराब थी
उपर से सोनिया की इस हरकत ने आग में घी का काम किया…
वो ज़ोर से सीसीया उठी…

”आआआआआआआआआहह सोनी बैबी……. ये क्या कर रही हो….”

सोनिया ने मॉम को चूमते हुए कहा : “मैं देखना चाहती हूँ की भाई के बारे में सोचकर आपकी पुस्सी कितनी गर्म हुई है….”

आज वो अपनी मॉम की चूत की गर्मी में अपनी कच्ची जवानी को पूरी तरह से पका लेना चाहती थी.

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