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मैने सोनिया दी को उपर खींचकर उन्हे चूमना चाहा पर वो अपने फेवरेट टॉय को छोड़ने के लिए राजी हि नही हुइ ।

वो अपनी कड़क चुचियो से मेरी जाँघों को ड्रिल कर रही थी और मेरे लंड को मुंह में लेकर बुरी तरह से चूस रही थी, ऐसे लग रहा था जैसे वो मेरे लंड से निकले माल से ही नाश्ता करने का मूड बना चुकी थी ।

और जब वो ऐसा नाश्ता कर सकती है तो मुझे भी वैसा नाश्ता करने मे भला क्या प्रोब्लम होनी थी ।
मुझे भी उनकी चूत की प्यास एक्दम से जग गयी और मैने सोनिया के नंगे बदन को अपने उपर घड़ी की सुइ की तरह घुमाते हुए उसकी चूत को अपने मुंह पर लाकर रोक लिया, 69 की पोजीशन में ।

चूत को अपने चेहरे के उपर लाकर मुझे ये एह्सास हुआ कि वो कितनी बुरी तरह से रिस रही है
ऐसा लग रहा थ जैसे मेरे चेहरे के उपर कोइ शहद का छत्ता लाकर रख दिय हो, जिसमें से बून्द-२ करके शहद बाहर निकल रहा था । और जब शहद दीखता है तो मुन्ह में पानी आ ही जाता है
मैने अपनी जीभ निकाली और टूट पड़ा उस शहद की दुकान पर.

वो कहते है न पहली धार कि शराब का कोइ मुकाबला नही है, झूट होता है वो सब
मेरे अनुसार तो सुभह -२ चूसी गयी चूत के रस का कोई मुकाबला नही है.

ऐसा रसीलापन निकलकर बाहर आता है कि मुंह पूरा भर जाये पर चूत का रिसना बन्द न हो ।

मैने 69 कि पोजीशन में अच्छी तरह से दीदी को दबोच कर उन्हे चूसना शुरु कर दिया
वो भी मेरे खड़े हुए लंड को मुंह में ले रही थी ।
रात को इसी चूत के अन्दर मैने लंड को पेला था , और उसी वजह से आज सोनिया दी की चूत की शक्ल बदली – 2 सी लग रही थी


मेरी जीभ भी कुछ ज्यादा अन्दर तक जा रही थी , जो मुझे काफी सुखद एह्सास दे रही थी.

सोनिया की क्लीट तक मै अब अच्छे से पहुँच पा रहा था
उसे मुंह में डालकर दान्तो से जब मैने चुभलाया तो वो जल बिन मछली कि तरह तड़प उठी….. पर मैने उनकी चूत के दाने को मुन्ह से नही निकलने दिया ।
चूत मारने के बाद के फायदे काफी अच्छे दिखायी दे रहे थे ।
फेले हुए छेद में मेरी जीभ बिना रोक टोक के अन्दर बाहर हो रही थी ।

अचानक दीदी कि चूत में से एक फेमिलिअर सुगन्ध और स्वाद निकलने लगा और मै समझ गया कि वो अपनी दौड़ के अन्तिम पड़ाव पर है
वो मेरे लंड को भी उतनी ही तेजी से चूस रही थी जितनी तेजी से वो अपने ओर्गस्म के करीब पहुँच रही थी
वो झड़ते वक़्त मुझे पीछे नही छोड़ना चाहती थी

और हुआ भी वैसा ही, जैसे ही एक गर्म पानी कि बौछार मेरे चेहरे पर आकर टकराई, मेरे लंड ने ढेर सारी गोलियां स्टेनगन की तरह निकालनी शुरु कर दी
एक के बाद एक कई गोलियां दीदी ने अपने मुन्ह में समेट ली और एक ही सांस में उसे गटक कर अन्दर ले गयी

मै भी भला कहा पीछे रहने वाला था, मैने भी उनके शहद कि एक्-२ बून्द को चूस लिया ।
इतने कीमती रसायन को मै कैसे व्यर्थ जाने देता ।

और फिर वो निधाल सी होकर वपिस मेरी तरफ पलट कर आयी और हम दोनो ने अपने गीले मुन्ह एक दूसरे के हवाले करके रही सही चिकनाई को भी सफाचट कर दिया ।

फिर वो अपनी चहकती हुइ आवाज में बोली : “चल न भाई, आज साथ में नहाते है , मजा आयेगा ।”

मैं : “तुम मरवाओगी एक दिन्, ये जो भी हुआ है न हमारे बीच्, सिर्फ हमारे लिये ही सही है, दुनिया और मोम्-डेड कि नजर में वो अभी भी गलत ही है और हमेशा रहेगा, इसलिए ऐसी कोइ भी हरकत करने से पहले हमेशा सोच लेना कि पकड़े गये तो इन सब से भी हाथ धोना पडेगा ।”

वो प्यार से मेरी नाक को मरोड़ते हुए बोली : “ओ मेरे डरपोक लवर, कभी -२ रिस्क लेने में जो मजा आता है, उसका कोइ मुकाबला नही होता, चल न, मेरी शुरु से ही फेंटेसी है कि मै शावर में नहाते हुए फकिंग करवाऊ ।”

उसकी बात सुनकर, सोनिया के नंगे बदन को देखते हुए, मेरे अभी -२ झड़े लंड ने एक करारा झटका मारा

साली पहले नही बोल सकती थी कि शावर में करवाने का मन है, सीधा वही जाकर झड़ लेता, अब इतनी थोड़ी सी देर में दोबारा खड़ा करने में कितनी परेशानी होगी, इस बात को भला ये लड़कियां क्या जाने ।

पर फिर भी, अपने पुराने रिकॉर्ड देखते हुए और अपने लंड पर भरोसा करते हुए मैने उसकी बात मान ली और हम दोनो भाई बहन उठकर एकसाथ बाथरूम में घुस गये ।

इस बात से अन्जान कि नीचे ठीक उसी वक्त मोम की नींद खुल चुकी है

और आने वाले खतरे से बेखबर सोनिया शॉवर के नीचे जाकर खड़ी हो गयी और गर्म पानी बूँद – 2 करके उसके नंगे बदन से फिसलकर नीचे गिरने लगा

वो दोनो बेफिक्री से अपनी जवानी का मजा लेने में लगे थे

सोनु ने अपने दोनो हाथो से उसके कड़क बूब्स को मसलना शुरु कर दिया ।
सोनिया ने लंड को पकड़ कर फिर से उमेठना शुरु कर दिया क्योंकि अंदर आने के बाद तो उसी की पर्फोर्मन्स पर सब निर्भर था और जब ज्यादा अकड़न मह्सूस नही हुइ तो वो नीचे बैठ गयी और लंड को एक बार फिर से मुंह में लेकर चूसना शुरु कर दिया ।

सोनु भी आँखे बन्द करके अपनी लंड चुसवाई का मजा लेने लगा ।

दोनो के चेहरो पर एक अलग ही खुशी थी पर ये खुशी कितनी देर रहने वाली थी,इसका इन दोनो को अन्दाजा नही था।

लंड चुस्वाने का सबसे बड़ा फायदा यही है की वो तत्काल सर्विस की तरह जल्दी रिजल्ट दे जाता है
मेरे लंड ने भी यही किया, सोनिया दी ने जब चपर-२ करके मेरे लंड को पूरा अंदर तक लेकर चूसा तो मेरे लंड का आकार देखते ही देखते पूरा निखर आया
अपने लंड की ऐसी क्विक सर्विस मैंने आज तक नहीं देखि थी
और वैसे भी जब ऐसी लंड चूसने वाली बहन हो तो उसे खड़े होने में ज्यादा टाइम नहीं लगता है
पर अंदर डालने से पहले मैं भी उसकी चूत को रंवा कर देना चाहता था ताकि मेरे लंड को भी अंदर घुसने में तकलीफ न हो…

मैं नीचे बैठ गया और उसकी चूत की फांके फैला कर उसमे अपनी जीभ घुसा दी
वो मचल उठी..
पर मैने उसे छोड़ा नही बल्कि अपने दाँत उसकी चूत के होंठों पर गाड़ कर उसे और ज़ोर से दबोच लिया…
और एक हाथ से उसकी चूची को दबाते हुए मैने दूसरे हाथ की 2 उंगलियाँ उसकी चूत में उतार दी…

उपर शावर चल रहा था, जिसका पानी उसके बदन को नहलाते हुए मुझपर पड़ रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी मीठे झरने का पानी पी रहा था…
उपर के पानी के साथ मिलकर , सोनिया दी की चूत का पानी एक अलग ही मिठास उत्पान कर रहा था, मैने चपर -2 करके उस मिठास को निगलना शुरू कर दिया..

वो चीखती हुई सी आवाज़ में बोली : “आआआआआआआआआहह सोनुउऊुुउउ….. मार डालोगे तुम मुझे…… उफफफफफफफफफ्फ़….. फककककक………”

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