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सोनू के झटकों की वजह से सोनिया के मुँह से सिसकारिके साथ-2 दर्द भी उभर रहा था..

”उफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ आआआआआआआअहह…… सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स….. धीरे कर……. ध्ीएरए…..”

सोनू को लगा की शायद सोनिया को ज़्यादा ही तकलीफ़ हो रही है, इसलिए उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया…

वो किसी ज़ख्मी नागिन की तरहा फुफ्कार उठी..

”वापिस डाल उसे….वापिस डाल जल्दी….. डोंट टेक इट बेक सोनू….. जस्ट फक्क मी……”

सोनू तो एक पल के लिए डर ही गया….
पर सोनिया अब इस मोड़ पर आकर वापिस नही जाना चाहती थी…
वो चाहती थी की ये जो दर्द है एक ही बार में मज़े में बदल जाए..
ये जो झिझक है एक ही बार में निकल जाए…
ये जो ग़लत है एक ही बार में सही हो जाए…
क्या पता फिर उन दोनो में ये सब करने की हिम्मत कभी आ पाए या नही.

इसलिए जो होना है वो आज ही हो जाने दो…

सोनू ने एक बार फिर से जोरदार धक्के के साथ अपना लंड सोनिया की चूत में पेल दिया…
और इसी झटके ने एक ही बार में उन दोनो भाई बहन के रिश्तों को लीन लिया…
दोनो एक हो गये..
अंदर तक…

सोनू का लंड पूरा का पूरा अंदर घुस चुका था…

वो बेड पर पड़ी हुई कसमसा रही थी
दर्द से और मज़े से छटपटा रही थी
पर अब सोनू उसकी कोई भी बात सुनने को राज़ी नही था..

वो उसकी चूत में अपने लंड को जोरदार तरीके से पेलने में लगा था

अचानक सोनू ने अपना लंड उसकी चूत से एक बार फिर से निकाल लिया…
सोनिया की तो ऐसी हालत हो गयी जैसे उसके अंदर से उसकी जान निकाल ली हो किसी ने…
वो छटपटा उठी…

और वो सोनू को फिर से लंड अंदर डालने को बोल पाती, इससे पहले ही सोनू ने अपनी बलशाली बाजुओं का प्रयोग करते हुए उसकी गांड को हवा में लहराया और उसकी चूत को उपर तक लाकर अपने मुँह से लगा लिया…
सोनिया का सर अभी तक बेड पर ही लगा हुआ था…
और उसकी चूत सोनू के मुँह में ऐसी फंसी हुई थी जैसे बाज ने कोई गिलहरी दबोच ली हो…

अपनी चूत में लंड के बदले सोनू की गर्म जीभ का एहसास पाकर वो जल बिन मछली की तरह छटपटा उठी और उसी की तरह अपना पूरा बदन लहराते हुए इस अजीबोगरीब पोज़ में अपनी चूत की चुसवायी अपने भाई से करवाने लगी…

भले ही लंड के मुक़ाबले जीभ की लंबाई उतनी नही थी पर मज़ा उसमें भी वही मिल रहा था….

और उसी मज़े को महसूस करते-2 सोनिया ने एक जोरदार धक्का देकर अपनी भाई को बेड पर चित्त कर दिया…
अब उसके उपर चड़ने की बारी सोनिया की थी…
उसने सोनू के चेहरे को दबोचकर अपने बूब्स के नीचे दबा लिया और उसके लंड को अपनी चूत पर लाकर धीरे-2 पीछे खिसकने लगी…

”उम्म्म्ममममममममममममम….. ओफफफ्फ़ सोनू……. माई लव……… मज़ा आ रहा है……. इट्स सो गुड….. ये हमने पहले क्यो नही किया…… काश…..ये हमारी नज़र में ….पहले ही सही होता….अहह…. कितना मज़ा मिस किया हमने……. ..पर …अब …और नही…..अब तो मुझे…ये मज़ा….रोज चाहिए….रोज….जब तक….मैं यहां हूँ ….तब तक…..रोज…..अह फकक मी नाउ…..फक्क मी यू बास्टर्ड …..”

और अपनी बहन का हुक्म मानकर सोनू ने उसकी गांड को दोनो हाथों में भरकर अपने लंड को उसकी चूत के हाइवे पर पूरा उतार दिया और फूल स्पीड पर उसे चोदने लगा…..

चोदने का ये सिलसिला करीब आधे घंटे तक चलता रहा..
कभी सोनू उपर आता तो कभी सोनिया…

कभी वो उसे घोड़ी बना देता और कभी उसकी चूत को चूस लेता….

ऐसा करते -2 जब उनसे सहन करना मुश्किल हो गया तो आख़िर में जाकर सोनू के ऑर्गॅज़म ने उसके लंड पर दस्तक दे ही दी…

और अपनी समझदारी का परिचय देते हुए सोनू ने एंड मूमेंट पर अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और उसकी चूत के दरवाजे पर जोरदार तरीके से अपने रस की बौछार कर दी..

लंड से निकली पिचकारियों ने उसकी गुफा को ऐसे ढक दिया जैसे अभी-2 वहां स्नोफॉल हुआ हो….
कुछ पिचकारियाँ उपर तक जाकर उसके स्तनों के पर्वत को भी भिगो गयी…
और अंत में आकर जब उसने आख़िरी बूँद को भी लंड से निचोड़कर अपनी बहन के नाम कुर्बान कर दिया तो वो साइड में लुढक गया…

और वही दूसरी तरफ सोनिया अपने उपर सफेद रस की चादर लिए एक अलग ही खुशी में सराबोर होकर मुस्कुराए जा रही थी..

अपनी लाइफ की इस पहली खुशी को वो हमेशा के लिए समेत कर रख लेना चाहती थी….
उसने अपनी नर्म उंगलियों से उस रस को पूरे शरीर पर रगड़ -2 कर क्रीम की तरह मल लिया..
उसे अपनी उंगलियों से समेट कर चूसा भी…
और उसके बाद बाथरूम में जाकर वो गर्म पानी से नहाई भी…
वापिस आकर वो ऐसे ही आकर सोनू से लिपट कर सो गयी.

सोनू उसके नंगे जिस्म को सहलाता हुआ अपनी लाइफ में आने वाले रंगीन दिनों के सपने देखने लग…
क्योंकि अब वो झिझक हट चुकी थी जो उसे दूसरो को चोदने से रोक रही थी.

अग्ले दिन संडे था और मोम्-डेड दोनो ही देर तक सोते थे इसलिए इन दोनो को भी जल्दी उठकर कपड़े पहन्ने का डर नही था ।

सोनु तो आराम से घोड़े बेचकर सो रहा था
उसकी लाइफ रियल में ही नही बल्कि सपनों में भी बदल चुकी थी
पहले उसे सपने आया करते थे कि वो किसी लड़की को नहाते हुए देख रहा है, पर आजकल सपनों मे वो लड़की उसके साथ नहा रही होती थी ।

पहले वो किसी को किस्स करने के सपने देखा करता था और अब उसे सपने में ही बुरी तरह से स्मूच किया जाता था और पहले वो लड़कियों के बारे मे सोच कर सपने में भी मुट्ठ मारा करता था और अब उसके लंड को सपनों में भी चूसा जाता था ।
और सभी सपनों में एक ही समानता थी कि अब वाले सभी काम सिर्फ उसकी बहन ही कर रही होती थी ।
सपनों में भी उसने पूरा कब्जा जमाया हुआ था ।

आज भी सपने में सोनिय उसका लंड चूस रही थी

एक मीठा सा एह्सास उसके पूरे शरीर में दौड़ रहा था कि उसके घोड़े को वो प्यार कर रही है ।

लेकिन ये एह्सास सपने से कुछ ज्यादा ही था , क्योंकि अपने लंड पर गीला एह्सास मिलते ही उसने आँखे खोल दी और अपनी आशा के अनुरूप उसकी बहन सोनिया घोड़ी बनकर उसका लंड चूस रही थी ।

दोस्तो, ये एक ऐसी फीलिंग थी जिसका कोई और मुकाबला नही है
सुभह उठकर जब आपके लंड पर नर्म और गर्म होंठों का शिकन्जा मिल जाये तो पूरा दिन ठंडक से भरा निकलता है ।

मैने मुस्कुराते हुए उसके रेश्मी बालो को सहलाया और प्यार से उसे गुड मोर्निग बोला
वो भी मेरे लिसड़े हुए लंड को मुन्ह से निकालकर, अपना पप्पी फेस बनाकर बोली : ”गुड मोर्निग सेक्सी, मुझे लगा जब तक तुम सो रहे हो मै ब्रुश कर लेती हूँ ”

इतना कहकर उसने मुस्कुराते हुए एक बार फिर से मेरे कड़क लंड को मुन्ह में भर लिया फिर लंड के सुपाडे को अपने मोती जैसे दान्तो पर घिस्स कर वो ब्रुश करने का नाटक करने लगी ।
मुझे ये देखकर काफी अच्छा लगा कि वो गन्दे समझे जाने वाले काम कितने मजे लेकर कर रही है ।

लड़कियों कि ऐसी बातो पर ही तो हम लड़कों को इतना प्यार आता है

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