ये गलत है(भाई-बहन का प्यार) – Update 33 | Incest Sex Story

ये गलत है(भाई-बहन का प्यार) - Incest Sex Story
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कुछ देर जब सोनू और साक्षी खाना खा रहे थे तो चाँदनी वहां आ गयी और सीधा आकर साक्षी के गले से लग गयी..

और उसके कान में बोली : “थॅंक्स ए लॉट स्वीटी, आज तुम्हारी वजह से मुझे इतना मज़ा मिला… एन्ड यू आर वेरी लक्की , ही इस सेविंग हिज़ वर्जिनिटी फॉर यू , अच्छे से एंजाय करना…”

शायद वो सोच रही थी की वो लक्की लड़की साक्षी ही है..

चाँदनी की बात सुनकर साक्षी भी मुस्कुरा दी, शायद ये सुनकर की सोनू ने अंदर जाकर उसकी चूत नही मारी, उसे कुछ ज़्यादा ही खुशी हो रही थी.

वो काफ़ी देर तक उनसे बाते करती रही, रह-रहकर वो सोनू को भी देखे जा रही थी और उसे इशारों-2 में छेड़ भी रही थी..

सोनू एक बात तो जान ही चुका था की उसकी चुदाई की लिस्ट में चाँदनी ने अपना नाम लिखवा लिया है.

डिन्नर करने के बाद वो दोनो बाहर आ गये, गाड़ी उन्होने रिज़ॉर्ट की बैक साइड में बनी पार्किंग में खड़ी की थी, जो शायद एक खाली खेत था.

वहां उस वक़्त काफ़ी अंधेरा था, गाड़ी के पास पहुँचते ही साक्षी ने सोनू को कस कर पकड़ लिया और उसे एक जोरदार स्मूच दे डाली…

सोनू भी एकदम से मिले इस उपहार को पाकर हैरान रह गया लेकिन बाद में वो उसका साथ देने लगा.

करीब 2 मिनट बाद जब किस्स टूटी तो सोनू ने पूछा : “ये किसलिए था ??”

साक्षी ने मुस्कुराते हुए बड़े प्यार से कहा : “बस…ऐसे ही….आज बहुत प्यार आ रहा है तुमपर…”

प्यार तो उसे भी आ रहा था उसपर…

सोनू ने आस पास देखा, घुपप अंधेरा था और काफ़ी सुनसानियत थी वहां पर..
वो दोनो कार में जाकर बैठ गये और अंदर से लॉक कर लिया और एक बार फिर से एक दूसरे को पकड़ कर बुरी तरह से चूमने लगे..
ऐसा लग रहा था जैसे वो दोनो एक दूसरे को खा ही जाएँगे.

सोनू ने साक्षी की साड़ी का पल्लू खोलकर उसने नीचे गिरा दिया और उसके बूब्स पर टूट पड़ा…
ब्लाउस के उपर से ही उन्हे दबा-दबाकर उनके मुलायमपन का भरपूर मज़ा ले रहा था वो..

साक्षी ने खुद ही अपने ब्लाउस के हुक्स खोल कर अपनी जवानी के दरवाजे खोल दिए…
अंदर एक सेक्सी सी ब्रा पहनी हुई थी उसने जिसे नीचे करने में सोनू को एक पल भी नही लगा और जैसे ही उसके बेर से सजे कश्मीरी सेब सामने आए वो एक गहरी साँस लेकर उनपर टूट पड़ा और अपने पैने दांतों से कुतर -2 कर उसके सेबों को खाने लगा…

”आआआआआआआआआआआआअहह ओह माय हीरो….सक्क इट हार्ड…..”

वो लगभग उसी अंदाज में अपने मोम्मे चुस्वा रही थी जैसे चाँदनी ने चुस्वाए थे अभी कुछ देर पहले…

अब तक सोनू को इस बात का अच्छे से पता चल चुका था की हर बूब को चूसने मे अलग मज़ा मिलता है…
कोई मीठा होता है, जैसे उसकी बहन सोनिया का है…
कोई हल्का खट्टापन लिए हुए जैसा की चाँदनी का था…
कोई तो मिक्स फ्रूट जूस जैसे स्वाद देते है जैसे की तनवी के है
और अब ये साक्षी के बूब्स जो इस वक़्त बियर जैसा स्वाद दे रहे थे उसे…

साक्षी ने सोनू की पेंट की जीप खोलकर एक ही झटके में उसके लॅंड को कान पकड़ कर बाहर खींच लिया…

उत्तेजना इतनी अधिक बढ़ चुकी थी उसमे की उसे साँस लेने में भी मुश्किल हो रही थी…

सोनू का लंड बाहर निकलते ही वो उसपर टूट पड़ी…
और सोनू एक हाथ कार के स्टेयरिंग पर और दूसरा उसके सिर पर रखकर,आँखे बंद करके एक जोरदार सिसकारी मारते हुए अपना लंड चुसवाने लगा…

ये वही लंड था जो कुछ देर पहले चाँदनी की गांड में जाकर हाहाकार मचा रहा था
और अब उसी लंड को साक्षी चूस रही थी…
सोनू को अपने लंड पर अभिमान सा हो रहा था इस वक़्त, उसी की बदौलत वो ये सब मज़े ले पा रहा था..

कुछ देर तक उसके लंड को चूसने के बाद वो फिर से उपर आई और अपनी छातियों को एक बार फिर से सोनू के हवाले कर दिया..
सोनू ने उसके निप्पल्स को एक-2 करके जब चूसा तो उसने सोनू के सिर को पकड़ कर ज़ोर से अंदर दबा लिया और उछलकर उसकी गोद में आ गयी…
उसकी साड़ी बुरी तरह से अस्त-व्यस्त सी हो चुकी थी पर उसे शायद अब उसकी चिंता नही रह गयी थी
उसने साड़ी को पकड़ कर पेटीकोट समेत उपर खींच लिया और अपनी चूत को सीधा उसके खड़े लंड पर रखकर दबा दिया…

ये तो अच्छा था की उसने इस वक़्त पेंटी पहनी हुई थी वरना सोनू तो क्या उसके फरिश्ते भी आज उसके लंड को साक्षी की चूत में जाने से नही रोक सकते थे…

साक्षी के चेहरे पर उत्तेजना के भाव सॉफ देखे जा सकते थे
वो इस वक़्त चुदने के लिए बुरी तरह से फड़फड़ा रही थी…
हालाँकि वो भी अभी तक कुँवारी थी पर ना जाने आज क्यो वो सब कुछ करने पर आमादा थी…
उसकी गोद में बैठी हुई साक्षी आगे-पीछे होकर अपनी चूत पर उसके लंड की रगड़ का आनंद ले रही थी..

”ओह… बैबी……. निकालो मेरी पेंटी को ……..आई एम डायिंग तो टटेक यू इनसाइड….आआआआआआआआअहह डू इट नाउ……”

एक ही दिन में चुदाई का दूसरा ऑफर मिलने से सोनू की हालत पतली हो गयी….
चाँदनी को तो उसने ये कहकर की, वो किसी स्पेशल के लिए ये सब बचाकर रख रहा है, टरका दिया था.
पर अब साक्षी को वो भला क्या बोले…
वो तो इस वक़्त खुद को वही स्पेशल वन समझ कर उसके उपर आ चढ़ी थी.

पर एक बार फिर से सोनू ने वही कहा : “नही डियर…अभी नही…इट्स नोट द राईट टाइम….आंड नोट ए सेफ प्लेस…”

और कोई होता तो ऐसी हालत में ऐसा एक्सक्यूज़ देने की जुर्रत भी ना करता
एक प्रेमी प्रेमिका के लिए इससे अच्छा मौका तो कोई और हो ही नही सकता था…
आस पास कोई भी नही था…
बाहर से भी अंदर का कुछ देखा नही जा सकता था…
पर फिर भी सोनू के अंतर्मन से जो आवाज़ आ रही थी वो सुनकर उसने साक्षी को भी अपने लंड से मिलने वाली पहली चुदाई से वंचित कर दिया…
और सबसे बड़ी बात ये थी की अभी भी वो खुद नही जानता था की वो ये सब क्यो कर रहा है…
तनवी के लिए या सोनिया के लिए…
पर साक्षी को मना करके वो उसे उन संभावित नामो की सूची से निकाल चुका था जिसके साथ वो पहली चुदाई करना चाहता था.

साक्षी को भी उसकी बात सही लगी की ये जगह सही नही है…
वैसे भी ये उसकी पहली चुदाई थी
ऐसे एक छोटी सी कार में बैठकर वो इस यादगार लम्हे को जल्दी में जीना नही चाहती थी…
पर उत्तेजना का ज्वार ही ऐसा चड़ा हुआ था उसपर की वो ऐसा करते हुए कुछ सोच ही नही पाई..

पर एक बात तो थी
अपनी चूत पर पहली बार एक लंड की दस्तक महसूस करके उसकी चूत के दरवाजे खुद ही बोल रहे थे की अब तो रहा नही जाता …
आने दो इस बांके लंड को अंदर…
टूट जाने दो हमें
और
ले लो मज़ा जिंदगी की उस हसीन सौगात का
जिसे लोग चुदाई कहते है.

साक्षी ने अपने प्यारे सोनू के चेहरे को पकड़ कर एक बार फिर से अपने होंठों से लगा लिया और उसके लिप्स को किसी बंगाली रसगुल्ले की तरहा चूसने लगी…
आज सच में उसे सोनू पर बहुत प्यार आ रहा था.

वो जान चुकी थी की अभी के लिए चुदाई तो पॉसिबल नही है
पर इस वक़्त चुदाई से कम कुछ भी करने मे उसका दिल नही मान रहा था…
इसलिए वो वही करती रही जो अभी तक कर रही थी…
यानी अपनी पेंटी से ढकी चूत को उसके नंगे लंड पर रगड़ कर मज़ा.

ऐसा करते हुए वो ज़ोर-2 से सिसकारियाँ भी मार रही थी…
आज से पहले सोनू ने किसी भी लड़की को इतना अधिक उत्तेजित नही देखा था…

सोनू के लंड का निचला हिस्सा इस वक़्त उसकी चूत की फांकों के बीच बुरी तरह से फँसा हुआ था
और वो साक्षी के अनार दाने की मसाज करके उसे उसकी लाइफ के सबसे शक्तिशाली ऑर्गॅज़म के करीब ला रहा था…

साथ ही साथ वो उसके कश्मीरी सेब पर लगे दाने को भी अपने दाँतों से चबा रहा था…
उसकी गोरी -2 छातियों को अपने दाँत और जीभ से चूसकर उसपर टैटू बना रहा था.

और जल्द ही सोनू की इन सभी कलाकारीयों को अपनी चूत और छातियों पर महसूस करके वो बुरी तरह से चिल्लाती हुई झड़ने लगी…

”आआआआआआआआआआआआआआअहह मेरी ज़ाआाआआआन् …..फ़आआआआअक्कककककककक…… अहह….. आई एम कमिंग…….. आयी एम् कमिंग डार्लिंग…….”

और सोनू ने सॉफ महसूस किया की उसकी पेंट का अगला हिस्सा बुरी तरह से गीला कर दिया है उसने…

वो गहरी साँसे लेती हुई उसके उपर ओंधी होकर गिर पड़ी…..
और बाद में सोनू ने उसे बड़े प्यार से दूसरी सीट पर बिठा दिया..

सोनू ने एक टावल लेकर उसे गीला किया और अपनी पेंट सॉफ की…
वो अभी भी साथ वाली सीट पर आधी नंगी होकर सोनू को बड़े प्यार से देख रही थी…

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