थोड़ी देर तक किस्स करते रहने के बाद सोनिया अपने भाई के कंधे पर सिर रखकर लेट गयी.
काफ़ी देर तक चुप रहने के बाद वो बोली : “सोनू…अगर आज तनवी फकिंग के लिए बोलती तो क्या तुम कर लेते…?”
ये बात उसने सोनू की तरफ देखे बिना कही थी…
इसलिए वो देख नही पाई की उसके चेहरे पर कैसे एक्शप्रेशन आए पर उसने महसूस ज़रूर कर लिया क्योंकि सोनू के दिल की धड़कन अचानक बढ़ गयी…
और क्योंकि उसका सिर सोनू के दिल के बहुत करीब था , उसे अपने कानो में धाड़-2 की आवाज़ें सॉफ सुनाई दे रही थी..
वो बोला : “आई डोंट थिंक सो…. आई थिंक ना तो वो और ना ही मैं उसके लिए अभी रेडी हैं…”
ये जवाब सुनकर वो मुस्कुरा दी…
उसने अपना खिला हुआ चेहरा उपर उठाया और बोली : “अगर तूने हाँ बोलना था तो मैने तेरी जान ले लेनी थी अभी…अच्छा हुआ जो ये समझदारी वाली बात कही…यही तो हमारे बीच भी डिसाइड हुआ था वरना हम तो कब के….”
इतना कहते हुए उसने अपने होंठ एक बार फिर से सोनू के होंठों पर रख दिए… और इस बार लिप्स को चूसने की पावर कुछ ज़्यादा ही थी…
सोनू बेचारा डर सा चुका था…
वो ये बात तो जान ही चुका था की उसकी बहन की वो कभी भी मार सकता है, पर खुद ही इस खेल के एहम नियम बनाकर वो उन्हे तोड़ने की ग़लती नही करना चाहता था…
और वैसे भी उसे डर सिर्फ़ और सिर्फ़ एक ही बात का था की ऐसे में अगर वो प्रेग्नेंट हो गयी तो क्या होगा..
उसकी मॉम तो डॉक्टर है, उन्हे पता चलते देर नही लगेगी की उनकी बेटी ने क्या गुल खिलाया है…और पापा तो उसकी हड्डिया तोड़ डालेंगे…इसलिए ये काम वो ना तो सोनिया के साथ कर सकता था और ना ही तनवी या साक्षी के साथ..
और बात और आगे ना बड़े, इसके लिए उसे खुद ही नियंत्रण में रहना होगा…सोनिया से एक उचित दूरी बनाकर रखनी होगी…जैसी वो शुरू से ही सोचता आया था.
इसलिए वो पलटकर दूसरी तरफ मुँह करके सो गया…और सोनिया को भी अपने बेड पर जाकर सोने को कहा…
भले ही सोनिया का कुछ करने का मन नही था पर वो आज सोनू के साथ सोने के लिए ही उसके बेड पर आई थी…पर उसके एकदम से बदले व्यवहार को देखकर वो अचम्बित रह गयी…और वो भी बिना कुछ बोले अपने बेड पर जाकर लेट गयी..
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ऐसे ही सोचते-2 दोनो को कब नींद आ गयी पता हि नही चला.
सुबह सोनू की नींद अलार्म से खुली तो स्कूल जाने के लिए वो झट्ट से खड़ा हो गया…
और हमेशा की तरह सबसे पहले उसे सोनिया का ख्याल आया और उसने उसके बेड की तरफ देखा, कल की तरह आज भी वो अपनी सुध बुध खोए, नन्हे कपड़ो से अपने जिस्म की नुमाइश करती हुई , बेसूध होकर सो रही थी..
पर सोनू ने उसकी तरफ ना देखना ही सही समझा और जल्दी से नहाने के लिए बाथरूम में घुस गया…
आने के बाद भी उसने जल्दी-2 अपने कपड़े पहने और बाहर निकल गया…
उसकी मॉम किचन में ही थी, लंच लेकर वो उन्हे बाइ बोलता हुआ बाहर निकल गया..
जाते-2 उसकी माँ ने बताया की आज उन्होने क्लिनिक से ऑफ लिया है और उन्होंने सोनिया के साथ शॉपिंग करने जाना है.
स्कूल पहुँचकर पहले उसकी मुलाकात साक्षी से और फिर तनवी से हुई…
पर दोनो से उसने ढंग से बात नही की…
कल रात की बात उसे परेशान कर रही थी…
उसके मन में जो डर था, प्रेग्नेंट करने वाला, उसने उसके दिमाग़ की घंटी बजा रखी थी.
ऐसे ही दोनो को अवॉयड करते-2 आख़िरकार साक्षी ने उसे एक पीरियड के बाद पकड़ ही लिया..
साक्षी : “ओये हीरो…क्या हुआ…इतने भाव क्यों खा रहा है…ढंग से बात क्यो नही कर रहे..”
सोनू : “अर्रे, नही यार, ऐसा कुछ नही है…वो तो बस, तबीयत ठीक सी नही थी…इसलिए…”
साक्षी : ” ओके ….फिर ठीक है, अच्छा सुनो, कल तुम्हे मेरे साथ एक फंक्शन में चलना है…”
सोनू : “मैं…तुम्हारे साथ…कहाँ ?”
साक्षी : “यार, वो मेरी एक फ्रेंड है, चंचल, उसके बड़े भाई की शादी है…कई बार बोल चुकी है वो आने के लिए…मैने मॉम को तो बोल दिया है की मेरी दूसरी फ्रेंड्स भी जा रही है, पर ऐसा कुछ है नही, क्योंकि मैं तुम्हारे साथ वहां जाना चाहती हूँ …”
सोनू के दिमाग़ में हिसाब किताब शुरू हो चुका था, कैसे जाएगा, क्या पहनेगा,घर पर क्या बोलेगा ..
वो बोला : “वो तो ठीक है, बट मेरे साथ ही क्यों ..तुम अकेली भी तो जा सकती हो ना…या अपने छोटे भाई को ले जाओ साथ…और तुम अपनी फ्रेंड चंचल को क्या बोलोगी मेरे बारे में, की ये किसे साथ ले आयी”
साक्षी बड़े प्यार से उसकी तरफ देखते हुए बोली : “यार, वो क्या है ना, कल मैने उसे तेरे बारे में सब बोल दिया था…तो तब से वो..तुझसे मिलना चाहती है…समझा करो ना…मना मत करो प्लीज़…”
सोनू : “मैं मना नही कर रहा पर वो मुझसे क्यो मिलना चाहती है…?”
साक्षी : “यार, होता है हम लड़कियो के बीच ऐसा ही… एक दूसरे के बोयफ़्रेंड् से मिलकर अलग ही मज़ा आता है… और सुनो, तुम्हे भी मज़ा आएगा, बड़ी सैक्सी है चंचल…”
उसने जब आँख मारते हुए ये बात कही तो सोनू ने उसके प्रोग्राम पर मोहर सी लगा दी और बोला : “ठीक है, तुम कहती हो तो मैं चल पड़ूँगा…”
तभी पीछे से आवाज़ आई : “कहाँ चलने की बात हो रही है…?”
तनवी ने हंसते हुए साक्षी से कहा : “अर्रे, घबरा क्यो रहे हो…आई एम् युवर फ्रेंड…कही जा रहे हो तो मुझसे छुपाने की क्या ज़रूरत है…इसलिए बता तो सकते ही हो ना…”
सोनू बेचारा लाख इशारे करता रह गया पर साक्षी ने उसकी तरफ देखे बिना ही सारी बात उसे सुना डाली
तनवी : “वाव…ये तो बहुत अच्छी बात है…तुम्हे ज़रूर जाना चाहिए सोनू…एंजाय करोगे….”
और उसे आँख मारती हुई वो अपनी क्लास की तरफ चल दी..और साक्षी से नज़र बचाकर उसने जाते-2 एक फ़्लाइंग किस्स भी की.
बेचारा सोनू सिर पीटकर रह गया, उसे डर था की कहीं वो ये बात सोनिया को ना बोल दे क्योंकि उसे शायद इस तरह से साक्षी के साथ जाना सही ना लगे…
इसलिए जैसे ही स्कूल की छुट्टी हुई,वो तनवी को ढूँढने लगा और जल्द ही वो उसे क्लास से निकलते हुए मिल गयी…वो उसके साथ घर की तरफ चल दिया.
तनवी ने ही बात शुरू की : “मज़े है यार तेरे तो…कल तो मेरे साथ-2 सोनिया के साथ भी मज़े कर लिए…”
उसने ये बात थोड़े गुरूर के साथ कही थी, यानी वो इसके लिए अपना एहसान जता रही थी सोनू पर..
सोनू भी उसके हाथ को पकड़कर , उसे मक्खन सा लगता हुआ बोला : “थेंक्स ए लॉट, ये सब तुम्हारी वजह से ही पॉसिबल हुआ…एंड यस , कल बहुत मज़ा आया था…”
तनवी ने अपनी नन्ही छातियाँ और बाहर निकाल ली और बोली : “एनीथिंग फॉर यू माय डार्लिंग…अभी तो और भी मज़े दिलाऊंगी ..और दूँगी भी…”
ये कहते हुए उसने अपने रसीले होंठों को दांतो तले भींच दिया…उसका रस टपककर रसभरी की तरह बाहर गिर पड़ा..
सोनू कुछ देर तक उसे देखकर मुस्कुराता रहा और फिर असली बात पर आया : “अच्छा सुनो….ये जो बात आज हुई…मेरे और साक्षी के बीच, उसके बारे में प्लीज़…”
”सोनिया को ना बताना….पता है मुझे….” तनवी ने उसकी बात बीच मे काटते हुए ये कहा, वो ज़रूरत से ज़्यादा होशियार बनने का नाटक कर रही थी..
इसलिए सोनू ने चुप रहना ही ज़रूरी समझा…
बेकार में वो सोनिया वाली बात को लंबा खींचकर अपने रिश्तों की असली सच्चाई उसे नही दिखाना चाहता था.
पर तनवी के दिमाग़ में कुछ चल रहा था, वो बोली : “पर इसके बदले तुम्हे मेरे साथ भी एक डेट पर चलना पड़ेगा..”
सोनू : “डेट पर ?”
तनवी : “हाँ , ये भी तो एक डेट ही है,जहा तुम साक्षी के साथ जा रहे हो…ऐसे ही एक दिन मेरे साथ भी चलना..ओके ..”
उसने भी मुस्कुराते हुए ओके कहकर बात वहीं ख़त्म कर दी…
और ऐसे ही चलते-2 वो घर के करीब पहुँच गये.. और एक दूसरे को बाइ कहकर अपने-2 घर की तरफ आ गये.
उसे पता था की वो दोनो शॉपिंग से जल्दी नही आने वाली, इसलिए उसने खाना गर्म किया और खाने के बाद आराम से टीवी देखा, फिर अपने रूम में जाकर सो गया और आख़िर में फिर से आकर टीवी देखने लगा.
शाम को करीब 8 बजे वो लोग वापिस आए…
दोनो के हाथ शॉपिंग बैग्स से भरे हुए थे…
उनकी मॉम डिन्नर की तय्यारी करने लगी और सोनिया उसे समान दिखाने लगी…
सोनू ने नोट किया की कुछ बेग्स उसने उसे नही दिखाए, वो समझ गया की उनमे शायद लांजरी होंगी…
और अपनी मॉम के सामने वो उसे दिखाना नही चाहती थी.
इसलिए उसने भी उन बेग्स के बारे मे कुछ नही कहा… पर वो नही जानता था की आज रात के लिए सोनिया ने क्या प्लान किया है.





